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July 04 दो पेट्रोल पंप की मशीनें सील एक अन्य के खिलाफ भी प्रकरणदो पेट्रोल पंप की मशीनें सील एक अन्य के खिलाफ भी प्रकरण ग्वालियर 3 जुलाई 09। विभिन्न अनियमिततायें मिलने पर नगर के दो पेट्रोलपंप की मशीनें सील कर दी गईं हैं। साथ ही एक अन्य पेट्रोल पंप के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी के निर्देशानुसार जिला आपूर्ति नियंत्रक के नेतृत्व में गये दल को छापामार कार्रवाई के दौरान इन पेट्रोल पंप पर अनियमिततायें मिली थीं। जिला आपूर्ति नियंत्रक श्रीमती ज्योतिशाह नरवरिया ने बताया कि शुक्रवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के छापामार दल द्वारा सबसे पहले सिंहपुर रोड मुरार स्थित माँ पेट्रोलियम पंप का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पता चला इस पंप की यूनिट द्वारा पेट्रोल की लगभग 20 मिली. कम मात्रा दी जा रही है। इस अनियमितता पर पंप की मशीन सील कर दी गई है। इसी तरह ट्रान्सपोर्ट नगर स्थित एक्सप्रेस हाइवे फ्यूलिंग सेंटर पर स्पीड डीजल यूनिट से 20 मिली. डीजल कम प्रदाय करते पाया गया। इस पंप की यूनिट भी सील कर दी गई है। साथ ही म प्र. बाँट एवं माप नियम 1985 के तहत प्रकरण भी बनाये गये हैं। रायरू स्थित इन्द्रा ऑटोमोबाइल की जांच भी दल द्वारा की गई। निरीक्षण में पंप पर डीजल एवं पेट्रोल का स्टॉक नहीं पाया गया। यहाँ गत 21 जून से डीजल पंप एवं 8 जून से पेट्रोल पंप बंद था। पंप मालिक द्वारा गत 26 मई 09 के बाद इंडियन ऑयल कंपनी से डीजल व पेट्रोल नहीं मंगाया गया। इस प्रकार बिना सूचना पंप बंद रख कर डीजल पेट्रोल आपूर्ति बाधित करने के कारण इस पंप के खिलाफ मोटर स्प्रिट एवं हाई स्पीड डीजल ऑयल अनुज्ञापन तथा नियंत्रण आदेश के तहत प्रकरण पंजीबध्द किया गया है। इस जांच दल में सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री रसिक मोहन श्रीवास्तव, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री अवधेश पाण्डेय तथा नाप तौल निरीक्षक आदि शामिल थे।
July 03 कलेक्टर परिसर में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापितकलेक्टर परिसर में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापितग्वालियर एक जुलाई 09। मानसूनी वर्षा, संभावित बाढ़ व अतिवृष्टि से बचाव के मकसद से कलेक्ट्रेट परिसर में एहतियात बतौर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिला कलेक्टर ने इस आशय के आदेश जारी कर दिये हैं। यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत रहेगा। नियंत्रण कक्ष की स्थापना 30 सितम्बर 09 तक की अवधि के लिये की गई है। कलेक्ट्रेट कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार अधीक्षक भू अभिलेख श्री सी बी. प्रसाद को नियंत्रण कक्ष का प्रभारी बनाया गया है। नियंत्रण कक्ष में दूरभाष क्रमांक 0751-2446232 पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही अधीक्षक भू अभिलेख श्री प्रसाद के मोबाइल फोन 94251-17062 पर भी संपर्क किया जा सकता है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के सुचारू संचालन के लिये सुबह, दोपहर, शाम एवं रात्रिकालीन पारियों में पृथक-पृथक अधिकारी व कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। साथ ही रिजर्व में भी कर्मचारी तैनात किये गये हैं।
सुनवाई दिनांकों के लिये अब पक्षकारों को भटकने की जरूरत नहींसुनवाई दिनांकों के लिये अब पक्षकारों को भटकने की जरूरत नहीं प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री संवत्सर द्वारा जिला न्यायालय में स्वागत एवं पूछताछ कक्ष का शुभारंभ ग्वालियर एक जुलाई 09। जिला न्यायालय में पक्षकारों व अभिभाषकों को प्रकरणों के सुनवाई दिनांक सहित अन्य जानकारी के लिये अब इधर -उधर भटकने की जरूरत नहीं रहेगी। यह सब जानकारियां उन्हें एक ही कक्ष में बिना कठिनाई के मिल जायेंगी। इस मकसद से जिला न्यायालय परिसर में स्वागत एवं पूछताछ कक्ष शुरू हो गया है। इस कक्ष का शुभारंभ आज उच्च न्यायालय की ग्वालियर खण्डपीठ के प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री सुभाष संवत्सर ने माँ सरस्वती की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर किया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री ए के. मिश्रा, जिला न्यायाधीश सतर्कता श्री आई एस. श्रीवास्तव, सी जे एम. श्री संजीव अग्रवाल व जिला न्यायायलय के रजिस्ट्रार श्री आर के जैन सहित अन्य न्यायाधीशगण तथा जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री डी के. कटारे व सचिव श्री रामविलास शर्मा समेत अन्य अभिभाषकगण मौजूद थे। स्वागत एवं पूछाताछ कक्ष के शुभारंभ के पश्चात प्रशासनिक न्यायाधिपति श्री सुभाष संवत्सर ने कहा कि जिला न्यायालय परिसर में स्वागत एवं पूछताछ कक्ष की स्थापना एक अच्छी पहल है। इससे आम पक्षकार को अब आसानी से अपनी तारीख के बारे में पता लग सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वागत कक्ष में सुनवाई दिनांकों सहित अन्य जानकारी अपडेट बनी रहे इसका पूरा ध्यान रखा जाये। जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री ए के. मिश्रा ने बताया कि जिला न्यायालय में दस्तावेजों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य भी जारी है। यह कार्य पूर्ण होते ही स्वागत एवं पूछताछ कक्ष में सुनवाई की तारीखों सहित अन्य जानकारियां और भी जल्दी मिल सकेंगीं। उन्होंने बताया कि जिला न्यायालय में कौन से कोर्ट किस कक्ष में संचालित हैं, पक्षकारों को इसकी भी जानाकरी यहीं से मिल सकेगी।
स्कूल खुलने के पहले ही दिन कलेक्टर द्वारा विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण, 6 शिक्षकों की वेतनवृध्दि रोकी, बालिकाओं ने की हायर सेकेंडरी स्कूल की मांगस्कूल खुलने के पहले ही दिन कलेक्टर द्वारा विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण 6 शिक्षकों की वेतनवृध्दि रोकी ग्वालियर एक जुलाई 09 । शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने ''स्कूल चलें हम'' अभियान को सफल बनाने एवं स्कूल खुलने के पहले दिन से ही छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने आज जिले के अनेक विद्यालयों का भ्रमण कर शिक्षक व छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का जायजा लिया । उन्होंने इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के कार्य के प्रति लापरवाह 6 शिक्षकों की वेतन वृध्दि रोकने के निर्देश दिये । कलेक्टर ने जितने विद्यालयों का निरीक्षण किया वे सभी आज खुले हुये थे । भ्रमण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा एवं परियोजना अधिकारी श्री विजय दुबे भी उनके साथ थे । कलेक्टर श्री त्रिपाठी ने आज जिले की मुरार जनपद पंचायत के ग्राम गणेशपुरा, सोनी, बिजौली, जनारपुरा, स्यावनी तथा इकहरा का भ्रमण कर प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिये कि विद्यालयों में दर्ज संख्या के अनुसार छात्र-छात्राओं की उपस्थित सुनिश्चित की जाये । साथ ही शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों का सर्वे तत्काल कर उनको भी विद्यालय लाया जाये। गांव के सभी बच्चे स्कूल जायें, यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि गांव का कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित नही रहे । श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिये कि शिक्षक बच्चों को अच्छे संस्कार दें, उन्हें साफ-सुथरा रहना सिखायें तथा शासन द्वारा बालिकाओं को प्रदाय किये गये निर्धारित गणवेश में ही विद्यालय आने को कहा जाये । उन्होंने विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया तथा पंजी में दर्ज शत प्रतिशत बच्चों की उपस्थित पर बल दिया, ताकि परीक्षा परिणाम बेहतर लाया जा सके । उन्होंने कार्य के प्रति लापरवाह 6 शिक्षकों की वेतनवृध्दि रोकने के निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिये । जिन शिक्षकों की वेतन रोकने के निर्देश दिये उनमें गणेशपुरा प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक श्री राजराम मौर्य की दो, माध्यमिक विद्यालय सोनी के सभी तीन शिक्षकों की एक-एक, शासकीय प्राथमिक बालक विद्यालय बिजौली के शिक्षक श्री रामदास गोयल की दो तथा इकहरा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री सैयद याकूब की दो वेतन वृध्दि रोकने के निर्देश दिये । श्री त्रिपाठी ने विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन का भी निरीक्षण किया और बच्चों से भोजन के बारे में पूछा । इस संबंध में बच्चों ने बताया कि भोजन में उन्हें दाल, रोटी व सब्जी मिलती है । इस दौरान सोनी, जुनारपुरा एवं स्यावनी ग्राम के विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाले स्व-सहायता समूह की शिकायत मिलने पर वर्तमान समूह को बदलकर अन्य समूह का गठन कर भोजन तैयार कराने के निर्देश दिये । इस दौरान उन्होंने बच्चों से पुस्तक वितरण तथा ग्रामीणों से स्कूल नियमित खुलने एवं शिक्षकों के नियमित आने की जानकारी ली । निरीक्षण के दोरान उन्होंने प्राथमिक विद्यालय गणेशपुरा परिसर का फर्श पक्का करवाने, माध्यमिक विद्यालय बिजौली में एक ही शिक्षक है वहां ग्राम सोनी के विद्यालय के अतिशेष दो शिक्षकों को भेजने की व्यवस्था करने, इकहरा विद्यालय परिसर में मुरमीकरण करने, बाउंड्रीवाल बनवाने तथा पानी की निकासी के लिये नाली बनवाने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को दिये । ग्राम गणेशपुरा में उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र, पशु औषद्यालय, निर्माणाधीन किचिन शेड एवं गांव की सीसी रोड देखी । आंगनबाड़ी के संबंध में उन्होंने निर्देश दिये कि जो बच्चे दर्ज हैं उन सभी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाये । इसके लिये सहायिका घर-घर जाय और बच्चों को लेकर आये । उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रकरणों की भी जानकारी ली । साथ ही गांव में नंदनवन फलोद्यान योजना के तहत किये गये कार्य का मूल्यांकन कर भुगतान करने के निर्देश सीईओ को दिये । विद्यालय की निर्माणाधीन किचिन शैड के संबंध में सरपंच को निर्देश दिये कि कार्य शीघ्र पूर्ण करायें अन्यथा उनके विरूध्द कार्यवाही की जायेगी । पशु औषद्यालय के एव्हीएफओ को कलेक्टर ने उपलब्ध वेक्सीन को पशुओं को समय से लगाने के निर्देश दिये । उन्होंनें गांव की सीसी रोड का अवलोकन भी किया ।
बालिकाओं ने की हायर सेकेंडरी स्कूल की मांग शिक्षा लोगों में जागरूकता लाने का मूलमंत्र है। इसे साबित किया ग्राम गणेशपुरा की आठवीं पांस बालिकाओं ने । इन बालिकाओं ने कलेक्टर से गांव में हायर सेकेंडरी तक स्कूल खुलवाने की पूरी दृढ़ता से मांग की । कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी आज ग्राम गणेशपुरा में विद्यालय के निरीक्षण के लिये पहुंचे । निरीक्षण के पश्चात जब वे गाड़ी में बैठकर अन्य गांव की ओर जा रहे थे, तो गांव की आठवीं पास बालिकओं ने उनकी गाड़ी को रोक लिया तथा कहा कि गांव में आठवीं तक स्कूल हैं एवं आगे की पढ़ाई के लिये लड़कियों को दूसरे गांव में जाना पड़ता है । इसलिये ग्राम गणेशपुरा में ही हायर सेकेंडरी स्कूल खुलवाया जाये । इस पर श्री त्रिपाठी ने कहा कि आप तो पांच ही लड़कियां हैं , तो बालिकायें बोली हम 5 नहीं पूरे गांव की लड़कियां आठवीं से आगे की पढ़ाई करने के लिये दूसरे गांव जाती है । बालिकाओं की इस बात पर कलेक्टर ने गांव में हायर सेकेंडरी स्कूल खुलवाने का आश्वासन देकर बालिकाओं के चेहरे खुशी से भर दिये।
महापौर ने शहरी नवीनीकरण मिशन में ग्वालियर को शामिल किये जाने के लिये केन्द्र सरकार को धन्यवाद दियामहापौर ने शहरी नवीनीकरण मिशन में ग्वालियर को शामिल किये जाने के लिये केन्द्र सरकार को धन्यवाद दिया ग्वालियर दिनांक 01.07.2009- महापौर विवेक नारायण शेजवलकर द्वारा ग्वालियर नगर को जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन जे.एण्ड.एन.यू.आर.एम. के विस्तार में शामिल किये जाने के लिये केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी को धन्यवाद दिया है। श्री शेजवलकर ने आज केन्द्रीय विकास मंत्री को एक फैक्स भेजकर केन्द्र सरकार को ग्वालियर शहर को इस योजना में शामिल करने के लिये धन्यवाद प्रेषित किया। उन्होंने अपने फैक्स भेजकर लेख किया है कि ग्वालियर शहर इस योजना में शामिल हो इस हेतु ग्वालियर की अनेकों सामाजिक, व्यवसायिक संस्थाओं यथा चैम्बर ऑफ कॉमर्स, लॉयन्स क्लब इत्यादि तथा शहर के जनप्रतिनिधियों द्वारा गत अनेक वर्षों से प्रयास किये गये थे। 18 दिसम्बर 2005 को माननीय प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी ग्वालियर प्रवास पर उपस्थित हुये थे, उस समय भी ग्वालियर के जनप्रतिनिधि जिनमें ग्वालियर के समस्त पूर्व महापौर तथा मंत्रीगण भी शामिल थे हमें उनसे ग्वालियर को इस योजना में शामिल किये जाने हेतु निवेदन किया था। श्री शेजवलकर ने माननीय प्रधानमंत्री को भी अपना वादा पूरा करने के लिये धन्यवाद दिया है। नगर निगम महापौर विवेक नारायण शेजवलकर द्वारा ग्वालियर शहर के विकास के लिये लागू किये गये इस मिशन में प्रभारी कार्यवाही करवाने के लिये ग्वालियर चंबल अंचल के सांसदों सर्वश्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अशोक अर्गल एवं नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रभात झा का भी धन्यवाद ज्ञापित किया है कि उनके द्वारा ग्वालियर शहर के विकास के लिये केन्द्र में पुरजोर वकालत कर ग्वालियर को शहरी नवीनीकरण मिशन में शामिल कराया। म0प्र0 शासन के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी एक धन्यवाद पत्र भेजकर महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने इस मिशन की पैरवी के लिये धन्यवाद देते हुये लेख किया है कि विगत 12 जनवरी 2006 को ग्वालियर के जनप्रतिनिधियों तथा व्यापारिक संस्थाओं प्रतिनिधि मण्डलों के निवेदन पर आपके द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जवाहरलाल नेहरू, शहरी नवीनीकरण मिशन में शामिल किये जाने का अनुरोध किया गया। उसी का परिण्ााम है कि आज हमारे सारे प्रयास फलिभूत हुये हैं। श्री शेजवलकर ने कहा कि शहरी नवीनीकरण योजना में ग्वालियर के शामिल हो जाने से ग्वालियर शहर में विकास के नये रास्ते खुलेंगे तथा ग्वालियर का औद्योगिक विकास भी होगा तथा ग्वालियर की आधारभूत संरचना में लाभदायी परिवर्तन आयेंगे।
July 01 क्षेत्र की विकास योजना सभी को साथ लेकर बनेगी-नरेन्द्र सिंह तोमरक्षेत्र की विकास योजना सभी को साथ लेकर बनेगी-नरेन्द्र सिंह तोमर Narendra Singh Tomar”Anand” and Rajesh Singh Sikarwar -राजनैताओं को लोकोपयोगी सेवाओं का निजी उपयोग बर्दाश्त नही - बिजली संकट का समाधान जुलाई-अगस्त में संभव -4 जुलाई को होगी शहर विकास पर खुली चर्चा मुरैना 30 जून 09 आज शहर के प्रतिष्ठित राजश्री होटल में पत्रकारों की खचाखच भरी सभा में पत्रकारों से चर्चा करते हुये मुरैना-श्योपुर क्षेत्र के सांसद श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि आज लोकसभा चुनाव के उपरान्त स्थानीय पत्रकारों से मेरी पहली मुलाकात हो रही है। और यहा से भाजपा को विजयी बनाने में सभी का सहयोग व समर्थन प्राप्त हुआ है, जिसके लिये मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से एवं स्वयं अपनी ओर से सभी का हार्दिक धन्यवाद देता हूँ। विशेष रूप से सभी पत्रकार बन्धुओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ। श्री तोमर ने बताया कि आगामी 4 जुलाई को प्रदेश के स्थानीय स्वशासन एवं नगरी विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर मुरैना आयेगे। और पत्रकारों से भी चर्चा करेगें। तथा नगरीय विकास पर सभी से खुली चर्चा करेगें। जिससे नगर के विकास का ब्लू प्रिन्ट बन सके। श्री तोमर ने कहा कि 6 जुलाई से पं.श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जन्म दिवस से भाजपा का सदस्यता अभियान भी शुरू होगा तथा भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण भी किया जायेगा। अंचल में व्याप्त बिजली संकट पर पत्रकारों द्वारा प्रश्न पूछे जाने पर श्री तोमर ने बताया कि पानी नही बरसने से पैदा हुये संकट के कारण वर्तमान बिजली समस्या पैदा हो गयी है। और जुलाई अगस्त के महीने तक इस समस्या का निदान हो जायेगा। ईश्वर की कृपा रही तो अच्छी जल वर्षा के उपरान्त भरपूर बिजली उपलब्ध हो सकेगी। कुछ राजनैतिक बाहुबलियों द्वारा सरकारी लोकोपयोगी सेवाओं जैसे सरकारी हैण्ड पंम्पों में सीेधे मोटर लगाकर अपने घरों में निजी इस्तेमाल किये जाने पर श्री तोमर ने कहा कि कोई भी राजनैतिक दल या बाहुबली या राजनेता इस प्रकार का कृत्य करता है तो वह अक्षम्य है और सामाजिक अपराधी है। मैं इस की निंदा करता हूँ। जब समर्थ लोग गरीबों के हक जैसे पानी पर डाका डालते है तो ईश्वर का भी हृदय काँप जाता है। किसी को भी ऐसा नही करना चाहिये। संसदीय क्षेत्र के विकास और उन्नति की योजना के सम्बन्ध में श्री तोमर ने कहा कि क्षेत्र के विकास का अनेक पहलुओं और आयामों के संदर्भ में समुचित सुगठित व सुनियोजित परियोजना तैयार की जानी आवश्यक है। इसके लिये सभी पत्रकारों, बुद्धिजीवीयों एवं समाज के सभी वर्गो को साथ बिठालकर चर्चा की जायेगी और पत्रकारों को साथ ले जाकर पूरे क्षेत्र का ब्लू प्रिंन्ट तैयार किया जायेगा एवं क्षेत्र में फै ली विरासतो, ऐतिहासिक संपदाओं का राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में ख्यातिकरण एवं उनका संरक्षण व पर्यटकीय महत्व प्रतिपादन हेतु व्यापक योजना बनाई जायेगी। बेरोजगार नौजवानों को उचित रोजगार प्राप्त हो तथा काम के अवसर मिले जिससे वें पथ से न भटके इस बात पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष क्षेत्रीय सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर के अलावा जिला अध्यक्ष नागेन्द्र तिवारी, कृषि उद्योग विकास निगम के अध्यक्ष मुंशीलाल, केदार यादव, गजराज सिंह सिकरवार, डा. जितेन्द्र चतुर्वेदी, वरिष्ठ अभिभाषक रामस्वरूप गुप्ता महेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हमीर पटेल,महिला मोर्चा अध्यक्षा श्रीमती सुमन कुशवाह, श्रीवल्लभ डण्डोतिया सहित पार्टी संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे।
June 30 बेवसाइट का बिजली पानी सप्लाई पूरी तरह बन्द, पिछले 60 घण्टे से नहीं है बिजलीबेवसाइट का बिजली पानी सप्लाई पूरी तरह बन्द, पिछले 60 घण्टे से नहीं है बिजली समाचार अपडेशन - खेद सूचना हमें खेद है कि मुरैना म.प्र. में चल रही पिछले एक माह से बिजली कटोती विगत चार पाँच दिन से पूरे दिन और रात की बिजली कटोती में बदल जाने के कारण समाचार अद्यतन नहीं हो पा रहा है । विद्युत व्यवस्था सही होने या प्रशासनिक परिवर्तनों के बाद पूर्ववत अद्यतन किया जा सकेगा । अभी शहर मुरैना में 27 जून से वेबसाइट ग्वालियर टाइम्स के गांधी कालोनी मुरैना स्थित कार्यालय की बिजली सप्लाई का फीडर पूरी तरह अलग करके केवल वेबसाइट के कार्यालय के आसपास बिजली और पीने का पानी सप्लाई पूरी तरह बन्द कर दी गई है पिछले करीब 60 घण्टे से वेबसाइट कार्यालय क्षेत्र में बिजली पानी पूरी तरह बन्द होने के कारण अब अपडेट संभव नहीं है, परिणामत: भिण्ड, मुरैना और ग्वालियर के कुछ समाचार जो कि मुरैना के गांधी कालोनी कार्यालय से किये जाते हैं अब अपडेट होना संभव नहीं हैं अन्य कार्यालयों व अन्य शहरों से होने वाले अपडेट यथावत जारही रहेंगे । हमारा वायदा है हम अपनी पूर्व घोषित बनिया प्रशासन और भ्रष्टाचार तथा आपराधिक मामलों सम्बन्धी खबर अवश्य प्रकाशित करेंगे । अभी वेबसाइट कार्यालय की बिजली पानी सप्लाई मुरैना में पूरी तरह बन्द कर दिये जाने से समाचार अद्यतन संभव नहीं है ।
June 28 नव नियुक्त राज्यपाल श्री ठाकुर का 30 जून को शपथ ग्रहण समारोहनव नियुक्त राज्यपाल श्री ठाकुर का 30 जून को शपथ ग्रहण समारोह Bhopal:Saturday, June 27, 2009 मध्यप्रदेश के नव नियुक्त राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर मंगलवार 30 जून, 2009 को प्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में पूर्वान्ह 11.50 बजे से अपरान्ह 12.20 बजे तक आयोजित किया जायेगा। नव नियुक्त राज्यपाल श्री ठाकुर 30 जून को सुबह 10 बजे जेट एयरवेज के विमान से भोपाल विमानतल पर पहुचेंगे।
मुरैना को मिले 3 लाख रूपये, पेयजल व्यवस्था के लिये चार जिलो को 31.75 लाख रूपये आवंटितमुरैना को मिले 3 लाख रूपये, पेयजल व्यवस्था के लिये चार जिलो को 31.75 लाख रूपये आवंटित Bhopal:Saturday, June 27, 2009 राज्य शासन ने धार, बुरहानपुर, मुरैना तथा छिन्दवाड़ा जिलो में पेयजल परिवहन कार्यो के लिए द्वितीय किश्त के रूप में 31 लाख 75 हजार रूपये राशि का आवंटन प्रदान किया है। राहत आयुक्त म.प्र. द्वारा जारी आदेश के अनुसार इसमें से धार जिले को 12 लाख 25 हजार रूपये, बुरहानपुर को एक लाख 50 हजार रुपये, मुरैना को तीन लाख रुपये और छिन्दवाड़ा जिले को 15 लाख रूपये की राशि आवंटित की गई है। इस राशि का उपयोग सूखा, पेयजल संकट आदि समस्याओं से निपटने के बारे में जारी स्थाई दिशा-निर्देशों तथा आपदा-राहत निधि के मानदंडों के अनुसार करने की हिदायत दी गई है। जारी निर्देशों के अनुसार पेयजल परिवहन कार्य में जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जायेगा। यह कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जायगा और इसमें ठेकेदारों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
आरोपियों की गिरफ्तारी में आनाकानी, थाना प्रभारी निलंबित, एस.डी.ओ.पी. पर भी शिकंजा, गृह मंत्री की कार्रवाईआरोपियों की गिरफ्तारी में आनाकानी, थाना प्रभारी निलंबित, एस.डी.ओ.पी. पर भी शिकंजा, गृह मंत्री की कार्रवाई Bhopal:Saturday, June 27, 2009
धार जिले के धरमपुरी में एक युवती के अपहरण और बलात्कार को लेकर ढिलाई पुलिस अफसरों पर भारी पड़ गई। युवती ने आज अपनी माँ के साथ राजधानी में गृह मंत्री श्री जगदीश देवड़ा से भेंट कर उन्हें आपबीती सुनाई। श्री देवड़ा ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लेकर धरमपुरी के थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करवा दिया। उन्होंने इसी सिलसिले में मनावर के एसडीओपी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। सात दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने की डेडलाइन तय की गई है। धरमपुरी की श्रीमती तोताबाई अपनी पुत्री बबली और दामाद के साथ आज गृह मंत्री श्री देवड़ा से यहां मिली थीं। उन्होंने बताया कि जनवरी, 2008 में उनकी पुत्री बबली का अपहरण हो जाने पर स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। पीड़िता द्वारा पुलिस को निरंतर संदिग्ध लोगों के बारे में बताये जाने के बावजूद पुलिस ने उसकी अनदेखी की। घटना के कोई डेढ़ वर्ष बाद लड़की के मिलने पर पुलिस ने जैसे-तैसे लड़की के साथ षड़यंत्रपूर्वक अपहरण एवं बलात्कार करने वाले इकबाल, नानसिंह और कालिया आदि कुल पांच आरोपियों के खिलाफ हाल ही में 6 जून को मामला तो पंजीबध्द किया, लेकिन आज तक वह किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। पहली नजर में पूरे घटनाक्रम में पुलिस की विभिन्न स्तरों पर लापरवाही साफ झलकने पर गृह मंत्री ने पुलिस महानिदेशक और एडीजी (एजेके) को संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये। पुलिस मुख्यालय ने इसके बाद तत्काल कार्रवाई अंज़ाम दी। गृह मंत्री श्री देवड़ा ने पुलिस प्रशासन को चेताया है कि लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुध्द कठोर कार्रवाई करने में राज्य शासन देरी नहीं करेगा।
रोज खुलेंगीं कण्ट्रोल: राशन दुकानों संबंधी आदेश जारीरोज खुलेंगीं कण्ट्रोल: राशन दुकानों संबंधी आदेश जारी Bhopal:Saturday, June 27, 2009 राज्य शासन ने मध्यप्रदेश खाद्य सामग्री वितरण नियंत्रण आदेश 1960 के खंड-4 के अनुसरण में बनाई गई मध्यप्रदेश खाद्य पदार्थ सार्वजनिक नागरिक पूर्ति वितरण स्कीम 1991 के पद 7 में उल्लेखित प्रावधानों के अंतर्गत राशन दुकानों के खुलने के दिनों को लेकर हाल ही में नया निर्णय लिया है। इसके अनुसार प्रदेश के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानें प्रत्येक माह के प्रत्येक सप्ताह में साप्ताहिक अवकाश के केवल एक दिन तथा शासन द्वारा घोषित सार्वजनिक अवकाश के दिनों को छोड़कर प्रत्येक दिन निर्धारित समय पर खोली एवं बंद की जायेंगी। इसके आदेश गत दिवस जारी कर दिये गये हैं। इस बारे में निर्णय का दृढ़ता एवं गंभीरता से परिपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। राज्य शासन द्वारा पूर्व में जारी आदेश इस आदेश के जारी होने के दिनांक से निरस्त कर दिये गये हैं।
बड़े नगर निगमों में हो सकता है स्वयं का निजी सुरक्षा बलबड़े नगर निगमों में हो सकता है स्वयं का निजी सुरक्षा बल Bhopal:Saturday, June 27, 2009 प्रदेश के बड़े नगर निगमों में स्वयं का निजी सुरक्षा बल हो सकता है। यह सुरक्षा बल विषम परिस्थितियों में पुलिस बल को सहयोग करेगा। साथ ही निगम सम्पत्ति की सुरक्षा में भी इसकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उक्त सुझाव आज यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में उनके निवास पर आयोजित एक बैठक में आया। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने उक्त सुझाव को अच्छा बताते हुए लागू करने की मंशा जाहिर की।
दक्षिण- पश्चिमी मानसून म.प्र. में छाया ग्वालियर चम्बल में भी आहटदक्षिण- पश्चिमी मानसून म.प्र. में छाया ग्वालियर चम्बल में भी आहट Southwest Monsoon Covers Vidarbha region According to the latest observations by the India Meteorological Department, the Southwest monsoon has further advanced today, the 27th June 2009, into entire Vidarbha, remaining parts of Talengana, some more parts of Madhya Pradesh, Chhattisgarh and Orissa. The northern limit of monsoon passes through (Lat. 23.0°N / Long. 60.0°E and Lat. 23.0°N / Long. 65.0°E), Bhuj, Baroda, Indore, Hosangabad, Rajnandgaon, Cuttack, Balasore, Bankura and Gangtok. This indicates that the conditions are favourable for further advance of southwest monsoon over some more parts of Madhya Pradesh, Chhattisgarh and Orissa and remaining parts of West Bengal & Sikkim and some parts of Bihar, Jharkhand and East Uttar Pradesh during next 2- 3 days. Current Meteorological Conditions are as follows: · An off shore trough at mean sea level extends from north Konkan coast to Kerala coast. · An upper air cyclonic circulation in middle Tropospheric levels over west central Bay of Bengal. · An upper air cyclonic circulation in lower levels over north Chhattisgarh and neighbourhood. · Fairly widespread to scattered rainfall has occurred over west Madhya Pradesh, Chhattisgarh, south Orissa, Vidarbha and Telangana.
June 27 हम अमन चाहते हैं जुल्म के खिलाफ, फैसला गर जंग से होगा तो जंग ही सहीनर्रा रहे मीडिया का टेंटुआ ऐंठा, बिजली पानी पूरी तरह बन्द, ग्वालियर चम्बल में कोहराम 19 घण्टे तक चैलेन्ज के साथ ठोक के बिजली कटौती, पानी सप्लाई अपने आप ही बन्द हम अमन चाहते हैं जुल्म के खिलाफ, फैसला गर जंग से होगा तो जंग ही सही ! ग्वालियर/ भिण्ड/ मुरैना/ श्योपुर 16- 27 जून 09 , सरकार से पंगा यानि खुलेआम दंगा ! ग्वालियर चम्बल संभाग में पिछले 1 जून से की जा रही अंधाधुन्ध अघोषित कटौती पर जहाँ आम जनता और वकीलों ने सड़को पर उतर कर आन्दोलन तथा विरोध प्रदर्शन के जरिये भारी भभ्भर मचा रखा था वहीं मीडिया दनादन और धुऑंधार बिजली कटौती के खिलाफ खबरें लगाने में जुटा था ! अंतत: सरकार को जो करना था वह उसने कर डाला, भारत की दो कहावत बड़ी मशहूर हैं एक तो - काला बामन गोरा ..... इसका मतलब और अर्थ म.प्र. वासी इस समय भली भांति समझ रहे हैं दूसरी भैंस पूंछ उठायेगी तो का करेगी.....गोबर ! यानि जित्ती ज्यादा से ज्यादा बिगाड़ने की ताकत होगी बस उत्ता ही बिगाड़ेगी ! ग्वालियर चम्बल वाले इन दिनों इन कहावतों से रोजाना दो चार हो रहे हैं ! बदला बदला बदला, बदला लेना केवल चम्बल वालों का प्रायवेट हक ही नहीं बल्कि सरकार भी इस हक से परिपूर्ण है ! नर्रा रहे मीडिया और आन्दोलन कारीयों को आखिर सबक सिखाते हुये ग्वालियर चम्बल के समूचे जिले में शहरों और गॉवों में सोमवार 15 जून से सरकार ने खासी रणनीति के तहत विशेष कार्यवाही की ! हुआ ये कि चुन चुन कर कुछ चुनिन्दा क्षेत्र विशेषों में बिजली सप्लाई सुबह नियमित बिजली कटौती के साथ रात 1 बजे तक के लिये पूरी तरह बन्द कर दी ! बिजली सप्लाई बन्द होने से पीने का पानी अपने आप ही बन्द हो गया ! और सरकार के कहर से इन पीड़ित क्षेत्र विशेष में बिजली पानी के लिये त्राहि त्राहि मच गयी ! 23 जून से यह बिजली कटौती सबेरे 6 बजे से रात 3 बजे तक कर दी । मजे की बात ये रही कि बिजली घर पर जब इस सम्बन्ध में चर्चा की गयी तो बिजली घर वालों का रिरियाते हुये जवाब था कि का करें साब आप तो जानते ही हैं, हम मजबूर हैं ऊपर से जबरदस्ती बिजली काटने का आदेश दिया है, कारो बामन है, बमहनियाई तो दिखावेगा ! बिजलीघर के इस अप्रत्याशित जवाब को हमने रिकार्ड किया है ! कारो बामन तो स्टेट लेवल पर है लेकिन मुरैना मे तो बनियों की सरकार है, प्रभारी मंत्री, संभाग आयुक्त, कलेक्टर से लेकर एस.ई. जे.ई सब बनिये बैठे हैं, ये बनिये कब से बमहिनयाई करने लगे, हम गरजे, वह फिर रिरियाया ! का करें साब हम पर दया रखना, हम मजबूर हैं ! चलो खैर उस गरीब छोटे कर्मचारी से आगे बात करना बेकार था लेकिन यह अनुभव सारे विश्व के साथ शेयर करने लायक जरूर है ! खैर बिजली काटने से हमें नुकसान कम सरकार को नुकसान ज्यादा है , समाचार नहीं प्रकाशित होते तो साली सरकार के नहीं छपते, हमारा आलेख कभी रूकता नहीं, पूरी दम लगा लें तो भी रोक नही सकते ! खैर म.प्र. स्वर्णिम राज्य बनने जा रहा है, पूत के पाँव पालने में नजर आ रहे हैं, जब आप पूरे संभाग में पूरी प्रशासनिक सरकार केवल एक जाति विशेष की बैठा देते हैं तब ऐसा ही होता है, यह हमारा पुराना अनुभव है ! खैर मुरैना की सरकार तो सेठ जी के हाथों में है सो यहाँ जो भी अफसर रहेगा सेठ जी का आदमी ही रहेगा, कोई हैरत की बात नहीं ! पता नहीं कैसे पुलिस विभाग में अभी तक बनिये क्यों नहीं भेजे , मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी हमारी इल्तजा है कि मुरैना पुलिस जो अब तक ठीक ठाक चल रही है, कोई बनिया एस.पी. और सी.एस.पी. तलाश के मुरैना भिजवा दो, दूसरी जाति के अफसर शोभा नहीं दे रहे और ऐसे लग रहे हैं जैसे बगुलों के बीच में हँस घुस बैठे हों । बनिये कलेक्टर और कमिश्नर यहॉं पहले भी रहे हैं लेकिन सरकार की आजादी से लेकर ऐसी दुर्दशा हमने आज तक नहीं देखी । और हॉं लगे हाथ एकाध बनिये को जिला पंचायत और शिक्षा विभाग में भी भिजवा देना, जिससे बनिया प्रशासन की टेढ़ी नजर इन विभाग पर से हट जाये । बनिया प्रशासन अभी उन्हीं विभागों पर कहर ढा रहा है जहॉं बनिये अफसर नहीं हैं । अभी प्रभारी मंत्री की पत्रकारवार्ता को गुजरे महज दो हफ्ते ही गुजरे हैं और बिजली कटौती पर प्रभारी मंत्री की पत्रकारों ने 70 फीसदी टाइम तक खिंचाई की ओर मंत्री को बिना जवाब दिये ही पत्रकार वार्ता खत्म करके बिलबिलाते हमने ऑखों से देखा था ! संयोग देखिये कि प्रभारी मंत्री भी बनिया है ! यानि ऊपर से नीचे तक तराजू तनी है ! अब का कहिये - अंजामे गुलिस्तां का होगा, हर जगह तराजू ठुकी हुयी ! तौल के मिलेगी पानी और बिजली, नर्राओगे तो टेंटुआ दाब के कटेगी बिजली और पानी ! बनिया प्रशासन के कारनामों पर हमने पूरी रिपोर्ट तैयार की है और हम जगत को बताने के भारी इच्छुक हैं कि कैसे चम्बल में इन दिनों हर चीज पर हर सरकारी काम पर सौदेबाजी होती है और भ्रष्टाचार का नंगा ताण्डव चम्बल में चल रहा है, केवल भ्रष्टाचार ही नहीं बल्कि कई नंगे सच इस रिपोर्ट में हैं । हमें नहीं लगता कि आपका बनिया प्रशासन इसे छपने देगा , हॉंलांकि इस रिपोर्ट का 70 फीसदी भाग चम्बल पर और 30 फीसदी भाग समूचे मध्यप्रदेश पर है , हम आपके स्वर्णिम मध्यप्रदेश के कुछ राज फाश करने के लिये बेताब हैं, कुछ मामले तो तत्काल कार्यवाही योग्य हैं । बिजली रही तो वायदा है जल्दी ही इसकी पूरी श्रंखला छापेंगें भी और कार्यवाही भी करवायेंगें । आप नहीं करोगे तो कोई और करेगा । विष वृक्षों को उखाड़ फेंकना अपना पुराना शौक है । हम इसे उखाड़ फेंकेंगे यह हमारा प्रण है । बिजली नहीं रहे ये दुआ करना, जब तक बिजली नहीं तभी तक टोपी सलामत मानना सेठजी । ये भारत का नया संविधान है, नया संस्करण है भईये जहाँ हर अफसर, मंत्री और मातहत बनिया होवेगा, तराजू साथ रखेगा, ठाला बैठा तौल बॉट करेगा, धरजा और मरजा का राग अलापेगा ! ऐसी की तैसी लोकतंत्र की करेगा ! जय श्री राम, जय हिन्द, जय भारत !
June 26 वीरता के क्षेत्र में बाल पुरस्कारों के लिए आवेदन 30 जुलाई तकवीरता के क्षेत्र में बाल पुरस्कारों के लिए आवेदन 30 जुलाई तक Bhopal:Thursday, June 25, 2009 वीरता के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने वाले बच्चों को भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2009 हेतु ''भारत अवार्ड'', ''गीता चौपड़ा अवार्ड'', ''संजय चौपड़ा अवार्ड,' ''बापू गैधानी अवार्ड'' एवं ''सामान्य अवार्ड'' के लिए आवेदन आमंत्रित किये गये है। ये सभी अवार्ड बच्चों द्वारा किए गए ऐसे साहसिक कार्यों के लिए दिए जाते हैं, जिनकी मिशाल पेश की जा सके। सभी अवार्ड के लिए बच्चे अपना आवेदन 30 जुलाई के पहले जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय को निर्धारित आवेदन पत्र में भेज सकेंगे। आवेदन पत्र के साथ में लगभग 250 शब्दों में किए गए कार्य: साहसिक घटना का विवरण संलग्न करना होगा। आवेदनकर्ता को सुनिश्चित करना होगा कि जिस घटना पर अवार्ड के लिए नामांकन भेज रहे हैं वह 1 जुलाई 2008 से 30 जून 2009 के बीच की होनी चाहिए। साथ ही आवेदक घटना के समय 6 वर्ष से नीचे व 18 वर्ष से उपर की आयु का नहीं होना चाहिये। इन सभी अवार्ड में गोल्ड मेडल#सिल्वर मेडल, प्रमाण पत्र एवं नगद राशि देने का प्रावधान है। आवेदक अपने-अपने जिले में जिला कार्याक्रम अधिकारी#जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग से आवेदन पत्र प्राप्त कर जमा करा सकते है।
''पैगामे मोहब्बत'' का 27 जून को प्रसारण''पैगामे मोहब्बत'' का 27 जून को प्रसारण Bhopal:Thursday, June 25, 2009 राज्यपाल डा. बलराम जाखड़ के संकलित भाषणों पर आधारित प्रकाशित पुस्तक ''उदगार'' पर दूरदर्शन भोपाल द्वारा विशेष कार्यक्रम ''पैगामे मोहब्बत'' तैयार किया गया है। यह विशेष कार्यक्रम शनिवार 27 जून 2009 को शाम 5.30 से 6.30 बजे तक भोपाल दूरदर्शन चैनल पर प्रसारित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के निर्माता और निदेशक श्री साजिद रिजवी हैं।
कुए से निकली जलधार से रामलाल हुआ खुशहालकुए से निकली जलधार से रामलाल हुआ खुशहाल
Ratlam:Thursday, June 25, 2009 वह दिन रामलाल के लिए खुशियोंभरा साबित हुआ जब कारू भील की गैंती की चोंट से कुंए की तलहटी में आए हुए पत्थर के टुकडे के स्थान से पानी की धार निकली। कुंए की खुदाई में लगे हुए सभी मजदूरों और कूप मालिक रामलाल पिता मोतीजी ने अपने माथे पर आए हुए पसीनों की बूंदों को उंगली से रगड़कर झटका और सुनहरे भविष्य की खुशियों के भाव अपनी आंखों में लिए हुए एक-दूसरे की ओर देखा। पूरे कमलाखेडा गांव में शोर मच गया कि रामलाल के कुए में पानी निकल आया है। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना की कपिलधारा उपयोजना के लिए पिपलौदा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कमलाखेडा ने रामलाल का चयन किया था। गरीब और लगभग मजदूर की स्थिति में गुजर -बसर करनेवाले एक हैक्टेयर असिंचित भूमि के स्वामी रामलाल ने कभी सोचा भी नहीं था कि वह दो लाख रूपए खर्च करके अपनी जमीन में कुंआ भी खुदवा लेगा। ग्राम पंचायत में नुक्कड नाटक द्वारा किए गए प्रचार से रामलाल को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का पता चला। वह ग्राम पंचायत कमलाखेड़ा के सचिव श्री जगदीश पांचाल से मिला। पंचायत सचिव श्री जगदीश ने रामलाल से आवेदन लेकर उसका कार्य वर्ष 2008-09के सेल्फ आफ प्रोजेक्ट में जोड़ा। आवेदन को पंचायत सचिव ने जनपद पंचायत में भेजा और तकनीकी स्वीकृति जनपद पंचायत से प्राप्त होते ही ग्राम पंचायत ने प्रशासकीय स्वीकृति जारी की। 2 लाख 10 हजार की लागत के व्यय के बाद आज रामलाल का कुंआ बनकर पूरी तरह तैयार है। इस भीषण गर्मी में भी उसने अपनी जमीन में चेरी फसल उगाई है। एन.आर.ई.जी.एस. के कुए से इस फसल की सिंचाई हो रही है। अब रामलाल ने सोयाबीन बोने का मन बना लिया है। जनपद पंचायत पिपलौदा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री निदेशक शर्मा बताते है कि कपिलधारा योजना ने रामलाल के जीवन को ही बदल दिया हैे।
प्रदेश में अधिकाधिक खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना हो - श्री राजेन्द्र शुक्लप्रदेश में अधिकाधिक खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना हो - श्री राजेन्द्र शुक्ल अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन को रोकने कॉल सेन्टर तथा निगरानी सेल का गठन, खनिज मंत्री द्वारा राज्य स्तरीय समीक्षा
Bhopal:Thursday, June 25, 2009 मध्यप्रदेश में अधिकाधिक खनिज-आधारित उद्योगों की स्थापना के लिये सभी खनिज अधिकारी अपनी भूमिका का प्रभावी निर्वहन करें। साथ ही प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन को ज्यादा असरदार तरीके से रोकने के लिये भोपाल में एक मॉनीटरिंग सेल का गठन और कॉल सेन्टर की स्थापना करने को भी कहा। खनिज संसाधन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजेन्द्र शुक्ल आज यहां मंत्रालय में आयोजित एक विभागीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव खनिज संसाधन श्री एस.के. मिश्रा, संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म श्री आर.के. शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे। श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। इसके फलस्वरूप निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं और विकास का रास्ता खुला है। उन्होंने कहा कि प्रयास यह होना चाहिये कि प्रदेश की प्रचुर खनिज संपदा के श्रेष्ठतम दोहन के लिये ज्यादा से ज्यादा खनिज आधारित उद्योग यहां स्थापित हों। इसमें खनिज विभाग के मैदानी अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन से राजस्व हानि होती है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसे प्रभावी ढंग से रोका जाना जरूरी है। इस कार्य में पुलिस और जिला प्रशासन का सक्रिय सहयोग भी लिया जाये। श्री शुक्ल ने इसके लिये भोपाल में मॉनीटरिंग सेल के गठन और कॉल सेन्टर स्थापित करने को भी कहा। उन्होंने ग्रामीण विकास सड़क अवसंरचना की लंबित राशि की वसूली में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण में खनिज संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए विभागीय संरचना को मजबूत करने पर शासन द्वारा गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। अच्छे परिणामों के लिये विभाग को आवश्यक सुविधाएं और साधन भी दिये जायेंगे। खनिज साधन मंत्री ने इस अवसर पर आशा व्यक्त की कि बेहतर परिणामों के लिये यह बैठक सार्थक साबित होगी। विभागीय अधिकारी खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना के लिये क्रान्ति लायेंगे और मध्यप्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सचिव श्री एस.के. मिश्रा ने कहा कि अधिकारी अपनी कार्यपध्दति में पारदर्शिता तथा शैली में बदलाव लाकर जिलों में अपनी अच्छी छवि बनायें। उन्होंने खनि रियायतों के लंबित आवेदन शीघ्र निपटाने के निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने एक अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का निपटारा करने को भी कहा। श्री मिश्रा ने कहा कि दो माह से ज्यादा अवधि के लंबित आवेदन पाये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुध्द कार्यवाही की जायेगी। बैठक में श्री मिश्रा ने क्षेत्रीय अधिकारियों से अपने अधीनस्थ जिलों का दौरा करने, लंबित प्रकरणों तथा शासन स्तर पर जारी स्वीकृतियों की समीक्षा करने को भी कहा। श्री मिश्रा ने निजी कम्पनियों को आवंटित कोल ब्लॉक के आवेदन पत्रों की स्वीकृति के लिये शीघ्र निपटारा करने को कहा जिससे कोल से भी राजस्व वृध्दि हो सके। उन्होंने शासन के निर्देशानुसार जिलों में आम जनता तथा निवेशकों को कम्प्यूटरीकृत जानकारियां प्राप्त हो सकें इसके लिये शीघ्र कम्प्यूटरीकरण करने को कहा ताकि उससे प्रशासन को ऑन लाइन किया जा सके। उन्होंने विभागीय अमले से अच्छे कार्य की अपेक्षा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर 25 जिलों को वाहन, भवन, कम्प्यूटर, फर्नीचर आदि उपलब्ध कराया जायेगा। बैठक में खनिज राज्यमंत्री श्री शुक्ल को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जिलों की गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।इस अवसर पर उप सचिव खनिज श्री अशोक देसवाल तथा म.प्र. राज्य खनिज निगम के कार्यपालक संचालक श्री एस.के. मण्डल उपस्थित थे।
प्रस्तावित औद्योगिक नीति के बारे में औद्योगिक संघों से चर्चाप्रस्तावित औद्योगिक नीति के बारे में औद्योगिक संघों से चर्चा नई नीति को और बेहतर बनाने पर विमर्श
Bhopal:Thursday, June 25, 2009 वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में गत दिवस आयोजित एक बैठक में विभिन्न औद्योगिक संघों के पदाधिकारियों ने राज्य की प्रस्तावित औद्योगिक नीति के बारे में अपने-अपने सुझाव दिये। इस मौके पर प्रमुख सचिव वाणिज्य, उद्योग और रोजगार श्री सत्यप्रकाश, उद्योग आयुक्त श्री दीपक खाण्डेकर तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम श्री प्रवीण गर्ग मौजूद थे। बैठक में उद्योग मंत्री ने औद्योगिक संघों के पदाधिकारियों से प्रस्तावित औद्योगिक नीति के बारे में चर्चा की और उनसे नीतिगत अभिनव सुझाव प्रदान करने का अनुरोध किया ताकि नई नीति को और बेहतर तथा कारगर बनाया जा सके। बैठक में अध्यक्ष इंडस्ट्री एसो. मंडीदीप श्री संजय खण्डेलवाल ने सुझाव दिये कि प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र में मानकीकृत अधोसंरचना का विकास हो तथा सड़क, जलप्रदाय, विद्युत, स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन, ई.टी.पी., मालवाहक पार्किंग, ईएसआई हॉस्पिटल जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में दोहरी कर प्रणाली समाप्त हो, उद्योग समापन के लिये एक्जिट पॉलिसी का प्रावधान हो, वेयर हाउसिंग को उद्योग का दर्जा मिले तथा सिंगल पाइंट प्रवेश कर व्यवस्था कायम हो। इस दौरान पीएचडीसीसीआई के रेजीडेंट डायरेक्टर श्री राजेन्द्र कोठारी ने अन्य राज्यों के समान प्रवेश कर के दरों का युक्तियुक्तकरण करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा इस व्यवस्था से सोयाबीन, टेक्सटाईल एवं आटो कम्पोनेंट उद्योगों के विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने औद्योगिक कर्मचारियों के कौशल के विकास के लिये दिये जाने वाले प्रशिक्षण पर होने वाले खर्चों के लिये वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भूमि उपयोग परिवर्तन न होने पर हस्तांतरण शुल्क नही लिया जाये। इसके अलावा उद्योग विहीन जिलों और आदिवासी अंचलों में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने प्रस्तावित नीति में जरूरी प्रावधान हों। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष श्री गौतम कोठारी ने उद्योग संवर्धन नीति-2004 को आगामी एक साल और बढ़ाये जाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि निवेश संवर्धन सहायता योजना के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये तक निवेश करने वाले उद्योगों को को प्रदत्त लाभ की समय अवधि बढ़ाकर वृहद मध्यम उद्योगों के समक्ष की जाये और उद्योग के वास्तविक उत्पादन पर छूट का लाभ मिले। उन्होंने विभिन्न कार्यों पर लगाई जाने वाली स्टांप डयूटी में छूट प्रदान करने के बारे में भी सुझाव दिया। श्री कोठारी ने लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड करने तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में 10 लाख रुपये से अधिक के निवेश पर अपात्रता सूची लागू न करने की बात कही। इसी संगठन के श्री दर्शन कटारिया ने खाद्य एवं औषधीय प्रशासन का कार्यालय इंदौर में आरंभ करने तथा इस कार्यालय को सम्पूर्ण अधिकारप्रदान करने की बात कही। कोषाध्यक्ष श्री एल.सी. तोलानी ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिये प्रस्तावित औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज और सुविधाएं सुलभ कराने की बात कही। श्री रमिन्दर चड्डा ने कहा कि एसएमई सेक्टर के उद्योगों दी जाने वाली सुविधा एवं अनुदान के लिए जिला स्तरीय समिति को ही पूर्णरूप से अधिकृत किया जाये। एम.पी. फेडरेशन ऑफ चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के श्री शलभ शर्मा ने कहा कि जिन औद्योगिक क्षेत्रों में विकास की और संभावना है वहां भूमि उपलब्धता न होने पर विस्तार के लिये वैकल्पिक क्षेत्र का निर्माण हो। श्री शर्मा ने बीमार उद्योगों के लिये वर्तमान नीति को और प्रभावशाली बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों का रख-रखाव स्वशासी प्रबंध समिति के माध्यम से करने का सुझाव दिया। गोविन्दपुरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के श्री राजेश खरे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन करने वाले उद्योगों को प्रस्तावित औद्योगिक नीति में विशेष छूट एवं प्रोत्साहन मिले। लघु उद्योग भारती के डॉ. अजय नारंग ने इंस्पेक्टर राज के खात्मे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे विभिन्न स्तरों पर आने वाली बाधाएं और बार-बार निरीक्षण की वजह से होने वाली दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी। श्री नारंग ने भी प्रदेश के पिछड़े और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में उद्योग स्थापना के लिये विशेष पैकेज केन्द्र शासन से उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने सूक्ष्म और लघु उद्योगों पर न्यूनतम विद्युत चार्ज समाप्त करने का सुझाव दिया। महाकौशल उद्योग संघ के महासचिव श्री डी.आर. जैसवानी ने सुझाव दिये कि जिलों के औद्योगिक पिछड़ेपन के आधार पर श्रेणीकरण के नये मापदण्ड तय किये जायें। उन्होंने सूक्ष्म और लघु उद्योगों को शासकीय खरीदी के लिये विपणन सहायता प्रदान करने और इस उद्देश्य से प्रभावी नियम बनाने की जरूरत बतायी। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के अधोसंरचना कार्यों में औद्योगिक संघों की भागीदारी शामिल करने की बात कही। सीआईआईएमपी के उपाध्यक्ष श्री उत्तम गांगुली ने औद्योगिक क्षेत्रों में इण्डस्ट्रियल टाउनशिप एक्ट लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रमुख शहरों के उद्योगों को केपिटल गेन का लाभ मिलना चाहिये। आल इण्डस्ट्रीय एसोसिएशन मंडीदीप के अध्यक्ष श्री ए.एस. भसीन ने कहा कि मंडीदीप की श्रमिक आवास समस्या को दृष्टिगत रखते हुए तथा औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिये प्रस्तावित नीति में श्रमिक आवास व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाये। मध्यप्रदेश लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री आर.एस. गोस्वामी ने बीमारी उद्योगों के पुनर्वास की नीति को सरल बनाने और इस उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक के द्वारा परिभाषित मापदण्डों को अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिलों और तहसीलों में बेरोजगारों को उद्योग स्थापना के लिये दिये जाने वाले कर्ज की प्रक्रिया आसान होना चाहिये। आपने ज्ञान आधारित उद्योगों के लिये प्रोत्साहन और छूट देने की बात कही। एम.पी. टेक्सटाइल एसोसिएशन के श्री एस. पॉल ने टेक्सटाइल इण्डस्ट्रीज को विशेष पैकेज दिये जाने का सुझाव दिया। मध्यप्रदेश लघु उद्योग संघ के महासचिव श्री विपिन जैन ने जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्रों के आधुनिकीकरण और उन्नयन के साथ ही उन्हें अधिकार सम्पन्न बनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक औद्योगिक केन्द्र में जिले का डाटा बैंक सुलभ कराने की बात कही। महाकौशल चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के श्री अरुण जैन ने प्रस्तावित औद्योगिक नीति में जबलपुर को पिछड़ी श्रेणी 'स' में रखे जाने तथा केन्द्र शासन की खरीदी में भागीदारी सुलभ कराने के बारे में सुझाव दिये।
अब शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश एक जुलाई तक होंगेअब शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश एक जुलाई तक होंगे उच्च शिक्षा मंत्री की पहल पर प्रवेश की अवधि बढ़ी Bhopal:Thursday, June 25, 2009
उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस की पहल पर प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश की तिथि बढ़ा दी गई है। अब शासकीय कॉलेजों में आगामी एक जुलाई तक प्रवेश दिया जा सकेगा। पूर्व में महाविद्यालयों में प्रवेश की अंतिम तिथि 25 जून, 2009 निर्धारित थी। श्रीमती चिटनीस ने छात्राओं की मांग एवं उनकी व्यावहारिक कठिनाईयों को देखते हुए उक्त निर्देश आज विभागीय अधिकारियों को दिये थे। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आदेश भी जारी कर दिये गये हैं।
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