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26 enero

गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण महिला एवं बाल विकास मंत्री करेंगी

गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण महिला एवं बाल विकास मंत्री करेंगी

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पन्ना 25 जनवरी- प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले 26 जनवरी 2008 को पुलिस परेड ग्राउण्ड पन्ना में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगी। सुश्री महदेले प्रात: 9.05 बजे परेड की सलामी, मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन करेंगी। इस अवसर पर प्रात: 10 बजे स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा पी0टी0 प्रदर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे तथा 10.45 बजे पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह के कार्यक्रम होंगे।

 

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री महदेले का दौरा कार्यक्रम

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री महदेले का दौरा कार्यक्रम

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पन्ना 25 जनवरी- प्रदेश की महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले 26 जनवरी को प्रात: पन्ना नगर में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद 11 बजे पन्ना से ग्राम बम्हौरी (नैनागिरी) जिला छतरपुर के लिए प्रस्थान करेंगी।

 

अमन चैन और जन स्वास्थ्य के विपरीत कार्रवाई करने वालों के विरूद्व कडी कार्रवाई होगी- डी0एम0 श्रीमती रस्तोगी

अमन चैन और जन स्वास्थ्य के विपरीत कार्रवाई करने वालों के विरूद्व कडी कार्रवाई होगी- डी0एम0 श्रीमती रस्तोगी

पन्ना 25 जनवरी- शहर के अमन-चैन और फिजां के विपरीत गतिविधिया चलाने वाले व्यक्ति को वक्शा नहीं जाएगा। नागरिकों की सोच सदैव देश, प्रदेश, नगर और समाज के हित में होनी चाहिए, क्योंकि यह हमारा अपना है। यह बात आज पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित शांति समिति की बैठक में जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने कही। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री वृजेन्द्र सिंह बुन्देला, पुलिस अधीक्षक श्री अभय सिंह, अपर कलेक्टर श्री पी0एस0 जाटव, श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, शांति समिति के सदस्यों सहित सभी धर्मालंबियों के समाज प्रमुख उपस्थित थे।

     कलेक्टर श्रीमती रस्तोगी ने कहा कि गत शांति समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णयानुसार ताजियों का विसर्जन दहलान ताल में किया जाना था। इसके विपरीत ताजिए धरम सागर तालाब में विसर्जित किए गए। उन्होंने कहा कि धरम सागर तालाब का पानी नगर वासियों के लिए पेयजल व्यवस्था करने सुरक्षित रखा गया है। पन्ना नगर और जन स्वास्थ्य के लिए सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के विरूद्व की गई कार्रवाई ठीक नहीं कही जा सकती है। उन्होंने कहा कि दोषियों के विरूद्व कडी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि इस प्रकार की पुनरावृत्ति किसी भी धार्मिक अवसर पर नहीं हो। उन्होंने कहा कि सौहार्द्रपूर्ण वातावरण के लिए नगरवासी एकजुट होकर  श्रमदान कर धरमसागर तालाब की साफ-सफाई करने की पहल करें।

     पुलिस अधीक्षक श्री अभय सिंह ने कहा कि समाज के मुख्यिा अपने दायित्वों का निर्वहन समाज उत्थान के लिए करें और अभिभावक की भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि निर्णय और आदेश के विरूद्व किए गए कार्य से पन्ना नगर वासियों के बीच ठीक संदेश नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए अन्यथा कडी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। धरमसागर तालाब में ताजिए विर्सजन को लेकर मुस्लिम समाज के पूर्व और वर्तमान सदरों ने इस कृत्य को गलत बताया और दोषियों के विरूद्व कार्रवाई करने की सहमति व्यक्त की तथा इसमें पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

     जिला भाजपा अध्यक्ष श्री बाबूलाल यादव ने इस अवसर पर कहा कि समाज के सभी लोगों को तालमेल से रहना और चलना चाहिए। नगर पालिका अध्यक्ष श्री बुन्देला ने धार्मिक अवसरों पर ऐसे कार्यक्रमों एवं समारोहों के लिए स्थाई व्यवस्था करने की जरूरत बताई। बैठक में सभी समुदाय के प्रमुखों ने सर्वसम्मति से लिए गए निणर्य के विपरीत जाने के कार्य को गलत बताया और कहा कि ऐसी कार्रवाईयां अब नहीं हों यह सुनिश्चित किया जाएगा।

23 enero

गरीबी हटाओ योजना ने बदल दी कल्दा पठार क्षेत्र की फिजां

गरीबी हटाओ योजना ने बदल दी कल्दा पठार क्षेत्र की फिजां

सरकार ने डीजल पंप लगाकर गांव वालों के लिए कर दिया सिंचाई का इंतजाम

पन्ना 23 जनवरी- आदिवासी बहुल क्षेत्र में गरीब श्रमिक परिवारों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के लिए चार साल पहले राज्य सरकार द्वारा की गई पहल ने कल्दा पठार क्षेत्र में कल्दा, बीजादोह समेत मगरदा इलाके की तस्वीर बदल दी है। एक जमाना था, जब मगरदा क्षेत्र के निवासी कोसों पैदल चलकर मुश्किल से पीने का पानी लाते थे, लेकिन आज हालात बदल गए हैं। अब पहाडी क्षेत्र का शुद्व जल लोगों की प्यास ही नहीं बुझा रहा है, बल्कि खेतों तक भी पहुंच रहा है।

      इन इलाकों में जो बदलाव हुआ है, उसके पीछे सरकार की इंदिरा गांधी गरीबी हटाओ योजना का कारगर क्रियान्वयन रहा है। इस योजना के प्रयास से वियावान जंगल से घिरे हुए इस आदिवासी बहुल क्षेत्र के कई गांवों में सिंचाई की समस्या को देखते हुए मरे हुए पारंपरिक जल स्त्रोतों को फिर से जिन्दा किया गया। जल स्त्रोतों से खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पांच-पांच व्यक्तियों के स्वसहायता समूह बनाकर उन्हें अनुदान बतौर डीजल पंप और पाईप तथा उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए गए। समूहों में महिलाओं को भी शामिल किया गया।

          गावों में तालाब और कुएं भी खुदवाए गए। इस तरह इस योजना की मदद से गांवों को सामुदायिक जल व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। जो गांव कभी सिंचाई के लिए भगवान पर निर्भर करते थे, वे गांव आज निश्चिंत हैं। गांवों में तीनों फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है। सिर्फ चार साल पहले सिंचाई साधनों की कमी के कारण खेतों के मालिक होने के बावजूद इन गांवों के लोग दूसरे स्थानों पर जाकर मजदूरी करने को विवश थे। पर काश्तकारों की माली हालत सुधारने के लिए खेती को बढावा देने से ही कई किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो गई।

       इसी प्रकार क्षेत्र में विकास के दूसरे कार्य हुए हैं। इसी इलाके में गोबरदा और बीजादोह गांव हैं, जहां खेतों की मेढबंदीं कर दी गई है, जिससे फसलों का उत्पादन बढकर तीन गुना हो गया है। सिंचाई साधनों की वजह से मगरदा गांव में पहले जहां चार एकड में खेती होती थी, वहीं आज चार सौ एकड में खेती हो रही है। बीजादोह गांव में जो खेती कभी चार एकड में होती थी, वह अब तीन सौ एकड में हो रही है। जल स्त्रोतों से खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए काश्तकारों के समूहों को डीजल पंप और पाईप दिए गए हैं। सभी बारी-बारी से डीजल पंप का इस्तेमाल करते हैं। सिंचाई के लिए पानी को लेकर आपस में कोई मन मुटाव, झगडा, झंझट, मारकाट नहीं हैं।

         ंसिंचाई साधन हो जाने की वजह से फसल उत्पादन में कई गुना वृद्वि हुई है। पहले की तरह बरसात का पानी बर्बाद नहीं होता। बरसात के पानी को रोककर छोटे-छोटे जलाशयों में रखा जाता है। अब तो ये आलम है कि काश्तकारों के घरों में गल्ला भरा रहता है, जबकि पहले कुछ समय के लिए ही गल्ला पूरा हो पाता था और साल के शेष दिनों के लिए मेहनत मजदूरी करके गल्ला खरीदना पडता था। डीजल पंप समूह की सदस्य और बीजादोह गांव की सरपंच राजकुमारी बताती हैं कि ''सरकारी मदद ने गरीबी से उबार लिया है। अब तो खेती बहुत ही लाभदायक सिद्व हो रही है।'' इसी गांव के दशरथ कक्का कहते हैं, '' हमारे पुरखों के पास तार (क्षमता) नहीं थी, जो डीजल पंप लेकर हम सिंचाई साधनों का इंतजाम कर पाते।''

 

22 enero

राशन वितरण में अनियमितता पर सहायक आपूर्ति अधिकारी निलम्बित

राशन वितरण में अनियमितता पर सहायक आपूर्ति अधिकारी निलम्बित

मुरैना 22 जनवरी ! जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं के आरोप में अम्बाह, पोरसा के सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री पी.डी.विशाल को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है ! निलम्बन अवधि में श्री विशाल का मुख्यालय कैलारस रहेगा !

प्राप्त जानकारी के अनुसार अम्बाह तहसील से राशन वितरण व्यवस्था को लेकर आये दिन शिकायतें प्राप्त हो रहीं थीं ! जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी के निर्देश पर इन शिकायतों की जाँच जिला आपूर्ति अधिकारी श्री दोहरे द्वारा की गयी जिसमें शिकायतें सहीं पायीं गयीं !     

 

21 enero

राशन वितरण में अनियमितता पर सहायक आपूर्ति अधिकारी निलम्बित

राशन वितरण में अनियमितता पर सहायक आपूर्ति अधिकारी निलम्बित

मुरैना 22 जनवरी ! जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितताओं के आरोप में अम्बाह, पोरसा के सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री पी.डी.विशाल को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है ! निलम्बन अवधि में श्री विशाल का मुख्यालय कैलारस रहेगा !

प्राप्त जानकारी के अनुसार अम्बाह तहसील से राशन वितरण व्यवस्था को लेकर आये दिन शिकायतें प्राप्त हो रहीं थीं ! जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी के निर्देश पर इन शिकायतों की जाँच जिला आपूर्ति अधिकारी श्री दोहरे द्वारा की गयी जिसमें शिकायतें सहीं पायीं गयीं !    

19 enero

देवेन्द्रनगर बांध से पानी के निस्तार के अलावा अन्य प्रयोजनों पर प्रतिबंध

देवेन्द्रनगर बांध से पानी के निस्तार के अलावा अन्य प्रयोजनों पर प्रतिबंध

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पन्ना 18 जनवरी- कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने जिले में इस वर्ष हुई अत्यन्त कम वर्षा के मद्देनजर म0प्र0 पेयजल परिरक्षण अधिनियम में निहित प्रावधानों के तहत देवेन्द्रनगर बांध का अधिग्रहण करते हुए निस्तार के अलावा अन्य समस्त प्रयोजनों यथा सिंचाई हेतु नहरों से पानी प्रदाय करने आदि पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। कलेक्टर ने यह प्रतिबंध म0प्र0 पेयजल परिरक्षण अधिनियम में निहित प्रावधानों के तहत निस्तार के अतिरिक्त अन्य समस्त प्रयोजनों के लिए जल का उपयोग करने के संबंध में पूर्व में लगाए गए प्रतिबंधात्मक आदेश के तारतम्य में लगाया है।

 

तीतर-बटेर को फंसाने के फंदों की बिदाई, अब सभ्य जीवन की पढाई

ब्रिज कोर्स से बिखरे बहेलिया बच्चों के जीवन में खुशियों के रंग

तीतर-बटेर को फंसाने के फंदों की बिदाई, अब सभ्य जीवन की पढाई

बहेलियों को समाज की मुख्यधारा में लौटाने के प्रयास

पन्ना 18 जनवरी- वन्य जीवों के शिकार की प्रवृत्ति और लडाकू स्वभाव के लिए कुख्यात पन्ना की बहेलिया जाति के लोगों में समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की ललक दिखाई देने लगी है, और अब तो उनके बच्चे तीतर-बटेर फंसाने के फंदों को त्यागकर शाला में पढने लगे हैं। शाला अप्रवेशी बच्चों के लिए राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी आवासीय ब्रिजकोर्स ने सिर्फ दो माह में इन बहेलिया बच्चों के जीवन में खुशियों के रंग भरकर उनके जीवन की तस्वीर बदल दी है। यह पहला मौका है, जब बहेलिया कबीले की इस पीढी के बच्चों को शाला का मुंह देखने का सौभाग्य मिला।        बहेलिया अपने बच्चों को पढने के लिए स्कूल नहीं भेजते।

          घुमक्कड प्रवृति के अलग-अलग डेरों में रहने वाले बहेलिया जाति के ये लोग किसी भी स्थान पर स्थाई रूप से ठहर नहीं पाते और इन खानाबदोश लोगों का मुख्य पेशा आज भी तीतर-बटेर पकडना और वन्य जीवों का शिकार करना और जंगली जडी-बूटी बेचना है। लेकिन वन्य जीव संरक्षण कानून के नियमों के तहत वन्य जीवों के शिकार पर लगी रोक एवं जिला प्रशासन तथा जंगल विभाग के राष्ट्रीय उद्यान की समझाईश के कारण इनका वन्य प्राणियों के शिकार व वन्य प्राणियों के मांस की बिक्री का धंधा बंद हो गया है।

       बहेलिया मुख्य रूप से जंगल से जीवकोपार्जन करते थे और खानाबदोश की जिन्दगी बिताते थे। वन्य जीवों का शिकार करके उनका मांस खाना और उनके मांस की बिक्री करके उनके बदले जो भी अनाज या पैसा मिलता था, उसी से अपनी जीविका चलाना उनका मुख्य धंधा था। शिकार के काम में बच्चे भी अपने बा (पिता) का हाथ बंटाते थे। इन बच्चों को आवासीय ब्रिजकोर्स के माध्यम से शिक्षित करने के पीछे जिला प्रशासन और जंगल विभाग के राष्ट्रीय उद्यान की यही सोच थी कि यदि बच्चों की इस पीढी को शिक्षा से जोड दिया जाएगा, तो इस पीढी से वन्य जीवों के शिकार की प्रवृत्ति खत्म हो जाएगी और उनके संस्कारों से प्रोत्साहित होकर उनके बडे-बुजुर्ग भी शिकार की प्रवृत्ति त्याग देंगे।

      अपने काम को अंजाम देने के लिए पन्ना राष्ट्रीय उद्यान टाईगर रिजर्व के संचालक श्री जी0 कृष्णमूर्ति ने बच्चों के रहने के लिए आवासीय भवन उपलब्ध कराया और सर्वशिक्षा अभियान की जिला मिशन संचालक एवं कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने बच्चों को शिक्षक, ड्रेस, किताबें उपलब्ध कराते हुए भोजन की व्यवस्था कराई। बहेलियों को उनके डेरों पर जाकर प्रेरित करने में कर्मचारियों को भारी मशक्कत करनी पडी, तब कहीं जाकर ब-मुशिकल वे अपने बच्चे आवासीय ब्रिजकोर्स के लिए भेजने को राजी हुए। इस कोर्स की शुरूआत 22 लडकों और 12 लडकियों से की गई। जो बच्चे कभी जंगल में रहकर तीतर-बटेर फंसाने का काम इसलिए चाहते थे कि उनका और उनके माता-पिता का भरण पोषण हो सके, अब वह शाकाहार के योद्वा बन चुके हैं। ब्रिजकोर्स के शिक्षण-प्रशिक्षण के बाद जंगली जीवन से जुडे रहे बच्चे एकदम बदल गए हैं। जो कभी जंगल में वन्य जीवों की दावत उडाते थे, वही आज मांस का नाम सुनकर बुरा सा मुंह बनाने लगते हैं। जो महीनों नहीं नहाते थे और कपडे नहीं बदलते थे, अब रोजाना नहाते हैं और साफ-सुथरे कपडे पहनते हैं।

       शिक्षा प्रसार के लिए प्रशासन के आवासीय ब्रिजकोर्स का पांच सूत्रीय कार्यक्रम है। शिक्षण, सही व्यवहार, अच्छी आदतें, रहन-सहन का योग्य तरीका और उपयुक्त जीवनचर्या। आवासीय ब्रिज कोर्स में अब बहेलिया जाति के पढने वाले बच्चों की संख्या बढकर 56 लडके और 34 लडकियों के साथ कुल 90 हो गई है। इन बच्चों की दिनचर्या प्रात: 6 बजे से शुरू हो जाती है। पहले वे घूमने जाते हैं, फिर परेड, उसके बाद पी0टी0 करते हैं। योगा, प्राणायाम भी करते हैं। जंगली गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाले बहेलिया बच्चों को शिक्षा के पाठ ने इतना बदल दिया है कि इन बच्चों को देखकर नहीं लगता कि कभी इनका जंगली जीवन से पाला पडा होगा। इनको पढाने का जिम्मा भी कुशल शिक्षकों पर है तथा बच्चों को अनुशासन का पाठ पढाने के लिए एक रिटायर्ड फौजी को रखा गया हैं।

       कल तक जो बहेलिया अपने बच्चों को स्कूलों में भेजने की कल्पना तक नहीं कर सकते थे, आज उनके बच्चे सबसे अच्छे माहौल में पढ रहे है और अब वे अपनी वर्तमान पीढी को स्कूल में भेजने के बारे में सोचने लगे हैं। इस ब्रिजकोर्स में पढने वाली 9 वर्षीया गप्पीबाई यहां के माहौल में रम जाने पर कहती है कि पहले मुझे जंगल में रहना अच्छा लगता था। लेकिन यहां आने के बाद मैं वहां लौटना नहीं चाहती। एक दूसरे छात्र दुर्जन का कहना है कि पहले तीतर, सुअर का शिकार करते थे और पढने को बिलकुल मन नहीं करता था। अब पढना अच्छा लगता है और मुझे अपने गुरूजनों से प्रेरणा मिलती है। ये बच्चे अब तक बहुत कुछ सीख चुके हैं। कलेक्टर श्रीमती रस्तोगी ने बहेलियों के पुर्नवास के लिए जमीन, शासकीय योजनाओं के तहत रोजगार के साधन और अन्य मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।

 

किसान जैविक खाद का अधिकाधिक उपयोग करें- सुश्री कुसुम सिंह महदेले

किसान जैविक खाद का अधिकाधिक उपयोग करें- सुश्री कुसुम सिंह महदेले

किसान रथयात्रा को झण्डी दिखाकर किया रवाना

 

पन्ना 17 जनवरी- किसान भाई जैविक खाद का अधिक से अधिक उपयोग। क्योंकि रासायनिक खाद खेतों को बंजर बनाता है। यह बात आज यहां महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले ने कृषि विभाग प्रांगण में आयोजित एक कार्यक्रम में किसान रथ को झण्डी दिखाकर रवाना करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की कोशिश है कि किसान दीन-हीन नहीं रहें। वह उन्नत कृषि यंत्रों, बीजों और उन्नत तकनीकियों का उपयोग कर खुशहाल बनें। उन्होंने कहा कि जिले में कृषि महाविद्यालय खुलें और पशु शिक्षा संबंधित डिग्री या डिप्लोमा संस्थान खुलें इस हेतु प्रस्ताव बनाया जाए, इसके लिए शासन स्तर पर पूरे प्रयास किए जाएंगें।

       उन्होंने कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों को उनके मुख्यालय में ही रहने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जरूरत के समय किसानों को आवश्यक सलाह मिले। जिससे उनकी फसलें रोग-व्याधि से बचें एवं अच्छी पैदावार हो और उनकों उनकी मेहनत का पूरा फल मिले। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे पुरानी परंपरागत खेती या बाप-दादा के ढर्रे से हटकर कृषि के लिए उन्नत तकनीक अपनाएं और खेती को पूर्ण व्यवसाय का दर्जा दें, ताकि वे लाभप्रद स्थिति में रहें। सुश्री महदेले ने कहा कि अवर्षा की स्थिति के कारण ऐसे किसान जिन्होंने फसल नहीं बोई है या फसल तो बोई है, लेकिन सूख गई है, उन्हें आर्थिक राहत मिले, इसके लिए शासन द्वारा यथोचित कदम उठाए जा रहे हैं।

        कार्यक्रम के प्रारंभ में उपसंचालक कृषि श्री पटेल ने विभाागीय योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को पैदावार बढाने के उपायों की जानकारी देने एवं प्रोत्साहित करने के लिए मैदानी अमले को समझाईश दी। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र प्रभारी डा0 0के0 पाण्डेय ने दीमक, चूहे और खरपतवार से फसलों को बचाने के लिए कारगर उपाय बताए।  कार्यक्रम में महिला-पुरूष कृषकों सहित कृषि विभाग के सहायक कृषि विस्तार, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित थे।

 

अज्ञात वाहन से दुर्घटना से पीडित को साढे बारह हजार की क्षतिपूर्ति स्वीकृत

अज्ञात वाहन से दुर्घटना से पीडित को साढे बारह हजार की क्षतिपूर्ति स्वीकृत

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पन्ना 17 जनवरी- कलेक्टर एवं दावा निपटान आयुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने ग्राम सुन्दरा के श्री गोरेलाल वर्मा को अज्ञात वाहन से दुर्घटना के कारण गंभीर चोट आने के फलस्वरूप 12 हजार 500 रूपये की क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत की है। श्री गोरेलाल 30 जुलाई 2007 की रात्रि में  बहेरा सकरिया टेक पन्ना-सतना मार्ग पर अज्ञात वाहन से दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे और उनके पैर में गंभीर चोट आई थी।

 

शासकीय महाविद्यालय देवेन्द्रनगर को भूमि हस्तांतरित

शासकीय महाविद्यालय देवेन्द्रनगर को भूमि हस्तांतरित

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पन्ना 17 जनवरी- कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने 1.503 हैक्टेयर रकबे की भूमि  शासकीय महाविद्यालय देवेन्द्रनगर को हस्तांतरित की है।

       कलेक्टर ने यह भूमि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना के प्रतिवेदन के आधार पर संस्कृत महाविद्यालय देवेन्द्रनगर के नाम से काटकर उक्त महाविद्यालय को हस्तांतरित की है।

 

दूधिया रोशनी से सराबोर हुईं देवेन्द्रनगर की सडकें और चौराहे

देवेन्द्रनगर को मिलीं तीन बडी सौगातें पेयजल टंकी, सामुदायिक भवन और स्ट्रीट लाईट लोकार्पित

दूधिया रोशनी से सराबोर हुईं देवेन्द्रनगर की सडकें और चौराहे

पन्ना 17 जनवरी- देवेन्द्रनगर पंचायत को प्रदेश की महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं सामाजिक न्याय मंत्री सुश्री कुसुम सिंह महदेले ने लगभग पौने 46 लाख रूपये की लागत से मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के अंतर्गत तीन बडी सौगातें लोकार्पित कर क्षेत्रीय जनता को सौंपीं। इनमें 3 लाख लीटर क्षमता की पेयजल टंकी, 14 लाख 84 हजार 520 रूपये की लागत का सामुदायिक भवन और लगभग 16 लाख रूपये की लागत की 150 खम्बों की स्ट्रीट लाईटें शामिल हैं। शाम ढलते ही स्ट्रीट लाईटों के चालू होते ही देवेन्द्रनगर सडकें और चौराहे दूधिया रोशनी से सराबोर हो गईं।

          इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुश्री महदेले ने उपस्थित लोगों को भरोसा दिलाया कि नगर के विकास के लिए जरूरत होने पर आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने का पूरा-पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकासीय कार्यो में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाए। जनता निर्माण आदि कार्यो पर नजर रखे तथा कमी दिखने पर जानकारी दें। उन्होंने विद्युत की उपलब्धता, मांग और कमी के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि पिछली सरकार की तुलना में अब विद्युत प्रदाय की समस्या में काफी सुधार आया है। इसी तरह सडकों का विकास हुआ है। विभिन्न निर्माण कार्य तेजी से पूरे हुए हैं और प्रदेश सरकार ने जनकल्याण के लिए नई-नई योजनाएं प्रारंभ की हैं। उन्होंने जन भावना और उनकी मांग अनुरूप देवेन्द्रनगर को विकासखण्ड बनाए जाने और यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने के लिए आवश्यक प्रस्ताव आने पर पूरी ताकत से प्रयास करने का लोगों को  आश्वासन दिया।

        इस मौके पर देवेन्द्रनगर नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोमप्रभा राणा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष श्री पुष्पेन्द्र सिंह राणा, श्री नारायण साहा, श्री उमेश प्रसाद शर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी श्री प्रमोद पाठक, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री आंकिल खा सहित बडी संख्या में क्षेत्रीय निवासी उपस्थित थे।

 

18 enero

चाहिये भारत रत्‍न तो आ जाओ चम्‍बल में

व्‍यंग्‍य

भारत रत्‍न दो रूपया किलो, पद्मश्री पॉंच की पसेरी

चाहिये भारत रत्‍न तो आ जाओ चम्‍बल में

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द ‘’

मुरैना 18 जनवरी । जी हॉं चौंकिये नहीं , हम पुरूस्‍कारों की बाज नहीं कर रहे हैं, यह नई वेरायटी की सब्‍जीयों के दाम हैं । शहर में इन दिनों काछीयों ने सब्‍जी बेचने का नया तरीका ईजाद किया है, जब मैंने पहली बार एक सब्‍जी वाले ठेले पर ऐसी आवाज सुनी तो मैं भी चौंक गया था । फिर बाहर आकर हकीकत जानी तो महज मुस्‍करा कर ही रह गया । हालांकि मेरा भी मन हुआ था कि पसेरी भर भारत रत्‍न मैं भी तुलवा लूं ।

हुआ कुछ यूं कि कुछ काछीयों की कम्‍पटीशन और ग्‍लोबलाइजेशन के चलते सब्‍जीयों की बिक्री में मन्‍दी आ गयी तो वे चिन्तित हो गये । काछीयों की पंचायत बैठी, चिन्‍तन हुआ फिर मन्‍थन हुआ । आखिर शिविर समाप्‍त हुआ, तय हुआ कि मार्केटिंग के नये गुर अपनाने होंगें और इसके लिये जिम्‍मेवारी निर्वहन एक बूढ़े काछी को सौंपी गयी । बूढ़े काछी ने टी.वी., इण्‍टरनेट और एमबीए फेमबीए सब पुस्‍तक किताब अखबार खंगाल डाले और पाया कि आज का हॉट क्‍या है यानि टॉप ई मेल स्‍टोरी क्‍या है । बूढ़े काछी को इतनी लम्‍बी खोज के बाद मिले ‘’भारत रत्‍न और पद्मश्री’’ यही आजकल हॉट हैं, यही मोस्‍ट ई मेल्‍ड स्‍टोरी हैं ।

बूढ़े काछी ने गला खंखारा और महागुरू स्‍टायल में बोला कि ‘’लाल बुझक्‍कड़ बूझ के और न बूझो कोय, हरी हरी सब्जियन में रत्‍नश्री धर देय ।।खूब बिके फूलें फलें चमके किस्‍मत सोय । फ्रेश सेण्‍टरवा मारे बास, जो रत्‍नश्री धर लेय ।।

काछीयों को बूढ़े काछी की बात जंच गयी और अब सारे काछीयों ने अपने अपने साग भाजी ‘’भारत रत्‍न और पद्मश्री’’ के नाम से बेचना शुरू कर दिये । अब काछीयों का माल भी खूब बिक रहा है और खरीदने वालों को भी मंहगे दाम चुकाकर भी तसल्‍ली होती है, आखिर वे भारत रत्‍न दो रूपया किलो और पद्मश्री पॉंच रूपैया पसेरी में खरीद कर खा रहे हैं ।

मैंने ये काछीयों वाला मामला जब अपने गांव में गांव वालों को सुनाया, तो पहले तो वो ठठा कर हँसे लेकिन बाद में गुरू गम्‍भीर हो गये आखिर ठाकुरों में अक्‍ल जरा देर से जो आती है । और अम्‍बाह की गुरूवारी हाट और मुरैने (हमारे यहॉं मुरैना को मुरैने और अम्‍बाह को अमाह कहा जाता है) की मंगलवारी हाट में जब कोई जानवर बेचने लाते हैं, तो उसकी मार्केटिंग के लिये कह देते हैं कि इसने सौ क्विंटल भारत रत्‍न और डेढ़ सौ क्विंटल पद्मश्री खाये चबाये और पचाये हैं ।

 

यह महज एक व्‍यंग्‍य आलेख है, उसी रूप में कृपया इसे ग्रहण करें

 

प्रवासी पक्षियों पर संकट का साया, बर्ड फ्लू की आशंका से खदेड़ने का अभियान

प्रवासी पक्षियों पर संकट का साया, बर्ड फ्लू की आशंका से खदेड़ने का अभियान

मुरैना 18 जनवरी । भारी संख्‍या में प्रवासी पक्षी इन दिनों चम्‍बल घाटी में मेहमान हैं । भारत के कुछ हिस्‍सों में फैले बर्ड फ्लू की आंशंका के चलते चम्‍बलवासी इन्‍हें खदेड़ने में जुटे हैं । जबकि कुछ समय पहले तक मांस के शौकीन इनका शिकार कर पका कर खाते रहे हैं ।

अब जब देश मे बर्ड फ्लू फैलने की खबर अंचल तक पहुँच गयी है, लोगों ने जहॉं मुर्गीयो पर सतर्क नजर रखना शुरू कर दी है, वहीं लोगों ने फिलहाल मुर्गीयों के अण्‍डे और चिकन आदि खाना बन्‍द कर दिया है । लोग अण्‍डों को ठेलों को देख मुँह घुमा कर चले जाते हैं । पशु चिकित्‍सा विभाग ने भी ऐहतियात बरतने का नोटिस रिलीज कर प्रवासी पक्षियों पर नजर रखने और मुर्गीयों पर खास नजर रखकर ऐहतियात बरतने की सलाह दी है ।

फिलहाल अण्‍डों व चिकन से लोगों ने परहेज कर लिया है ।

 

663 कांग्रेसी गिरफ्तार , 2000 कांग्रेसीयों ने किया आन्‍दोलन

663 कांग्रेसी गिरफ्तार , 2000 कांग्रेसीयों ने किया आन्‍दोलन

मुरैना 18 जनवरी । कल मुरैना जिला के कांग्रेसीयो द्वारा जिला कांग्रेस कमेटी मुरैना के आहवान पर जेल भरो आन्‍दोलन किया । प्रदेश भाजपा सरकार के विरूद्ध कतिपय मुददों को लेकर किये गये इस जेल भरो आन्‍दोलन में लगभग 2000 कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया ।

मुरैना जिला प्रशासन द्वारा उनकी गिरफ्तारी के लिये माकूल इंतजामात किये थे । जिला प्रशासन ने दो यात्री बसें और एक पुलिस वाहन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अस्‍थायी जेल तक ढोने के लिये लगाया थे , किन्‍तु कार्यकर्ताओं की संख्‍या अधिक होने से प्रशासनिक व्‍यवस्‍थायें फेल हो गयीं । और कांग्रेसी कार्यकर्ता पैदल ही अस्‍थायी जेल पहुँच गये ।

उल्‍लेखनीय है कि पुलिस परेड ग्राउण्‍ड को अस्‍थायी जेल में तब्‍दील किया था, इसी स्‍थान पर गणतंत्र दिवस का मुख्‍य समारोह 26 जनवरी को आयोजित होना है ।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुल 663 कांग्रेसी कार्यकर्ता गिरफ्तार किये गये । प्रत्‍यक्ष दर्शी संवाददाता के अनुसार लगभग 1000-1200 कांग्रेसी कार्यकर्ता तथा बकाया तमाशाई जनता के लोगों सहित करीब 2000 लोग मौके पर मौजूद थे । और सभी लोग गिरफ्तारी स्‍थल यानि अस्‍थायी जेल तक पहुँच गये ।

अस्‍थायी जेल में अव्‍यवस्‍थायें होने दाना पानी खाना पानी का माकूल इंतजाम न होने से एन.एस.यू.आई. कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी व हंगामा किया ।

 

17 enero

भारत में तकनीकी शिक्षा का विकास

भारत में तकनीकी शिक्षा का विकास

तकनीकी शिक्षा मानव संसाधन विकास का एक सबसे जटिल अंग है और यह लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए पर्याप्त क्षमता भी रखती है। शिक्षा के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की क्षमता को महसूस करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनपीई, 1986 और प्रोग्राम ऑफ एक्शन, पीओए, 1986  ने बदलते समाजिक-आर्थिक परिवेश के अंतर्गत चुनौतियों का प्रभावी रूप से सामना करने के लिए तकनीकी शिक्षा को मान्यता देने और नवीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। तकनीकी शिक्षा के लिए अखिल भारतीय परिषद, एआईसीटीई पूरे देश में तकनीकी शिक्षा पध्दति के समन्वित विकास की योजना के अंतर्गत तकनीकी शिक्षा प्रणाली और संबंधित मामलों में ऐसी शिक्षा के गुणात्मक विकास को बढ़ाने और इसके लिए प्रतिमान और मानकों को बनाने के संदर्भ में संसद के 1987 के अधिनियम 52 के अंतर्गत सांविधिक अधिकार प्राप्त कर चुकी है।

परिषद तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नियमन, प्रतिमान और मानकों का पालन, क्षमता निर्माण, मान्यता, प्राथमिकता के क्षेत्र में आर्थिक मदद, पाठ्क्रमों की देखरेख और मूल्यांकन, इक्विटी और गुणवत्ता को प्रदान करने वाली कई योजनाओं पर कार्य कर रही है।

पिछले कुछ वर्षो में भारतीय तकनीकी शिक्षा प्रणाली के क्षेत्र की क्षमता में महत्वपूर्ण वृध्दि हुई है। 31 जुलाई, 2007 के अनुसार, एआईसीटी द्वारा स्वीकृत संस्थानों में छात्रों की संख्या में महत्वपूर्ण वृध्दि हुई है। वर्ष 2007-08 के अकादमिक वर्ष में, परिषद 96,551 छात्रों की अतिरिक्त क्षमता प्रदान करने वाले करीब 456 नए संस्थानों को स्वीकृति दे चुकी है।

हमारे प्रयासों और प्रक्रियों में विश्वास जताते हुए वाशिंगटन के प्रमुख संस्थान एआईसीटीए-एनबीए को अंतरिम सदस्यता की स्वीकृति दे चुके हैं।

       एआईसीटीई अधिनियमन के दो दशकों के बाद, परिषद का मानना है कि आज देश में तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता, सार्थकता और प्रभाव लाने और इसकी इक्विटी और क्षमता को बढ़ाने के लिए पर्याप्त विचार-विमर्श, और सलाह की आवश्यकता है। इसी आधार पर, एआईसीटीई ने एक योजना तैयार की और इसके अंतर्गत 17 और 18 दिसम्बर, 2007 को वह नई दिल्ली के पूसा स्थित राष्ट्रीय कृषि और विज्ञान परिसर के सिमपोसियम सभागार में ''भारत में तकनीकी शिक्षा का विकास'' विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर रही है। इस सम्मेलन का उद्धाटन और माननीय केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री अर्जुन सिंह करेगें। उच्चतर शिक्षा के लिए राज्य मंत्री श्रीमती डी पुरंदेश्वरी भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करेगी। योजना आयोग के सदस्य प्रो0 बी. मंगेरकर उदघाट्न सत्र के मुख्य अतिथि होंगे। इसके अलावा इस सम्मेलन में, उच्चतर शिक्षा विभाग के सचिव श्री आर पी अग्रवाल, यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. सुखदेव थोरट भी अपने विचार प्रकट करेगें। सम्मेलन में देशभर के तकनीकी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के वरिष्ठ व्यक्तित्व भी भाग लेगें।

       इस सम्मेलन में सात मुख्य विषयों पर तकनीकी सत्रों के दौरान विचार-विमर्श किया जाएगा। इस सम्मेलन का उदेश्य तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना और उससे संबधित क्षेत्र में निर्धारित दीर्घकालीन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में कदम उठाना है।

पंचायत कर्मियों की परीक्षा निरस्त

पंचायत कर्मियों की परीक्षा निरस्त

मुरैना 17 जनवरी 08। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय वर्मा के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम मध्यप्रदेश के लिये 20 जनवरी को आयोजित ग्राम पंचायत सचिव, पंचायत कर्मियों की परीक्षा अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दी गई है ।

नेत्रयज्ञ के आयोजकों का सम्मान

नेत्रयज्ञ के आयोजकों का सम्मान

 

मुरैना 17 जनवरी 08। जिला प्रशासन की पहल पर स्थानीय पंचायती धर्मशाला में 15 दिसम्बर से 15 जनवरी तक आयोजित नेत्र यज्ञ के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर श्री बिहारी मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है और नेत्रयज्ञ के आयोजकों को सम्मानित किया है । ज्ञात हो कि कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी के विशेष प्रयास से राजकोट(गुजरात) के श्री सद्गुरू परिवार ट्रस्ट द्वारा जिला अंधत्व निवारण समिति के सहयोग से आयोजित इस नेत्र यज्ञ में 5372 नेत्र रोगियों के लैंस प्रत्यारोपित किये गये ।

       श्री बिहारी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री नारायण सिंह शिवहरे ने नेत्रयज्ञ की सफलता पर श्री सद्गुरू परिवार ट्रस्ट के स्वामी श्री हरिचरण दास महाराज, अध्यक्ष श्री दानाभाई डांगर, संभागायुक्त डा. कोमलसिंह और कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी  को शॉल, श्रीफल और बिहारी जी का चित्र विग्रह प्रदत्त कर सम्मानित किया ।

       इस अवसर पर श्री बिहारी मंदिर ट्रस्ट के प्रशासक श्री विजय अग्रवाल, संचालकगण सर्वश्री श्रीगोपाल गुप्ता, मातादीन गोयल, गिरजेश गर्ग, विजय शर्मा, सहमंत्री श्री कृष्ण मित्तल, कोषाध्यक्ष श्री शशिकांत गोयल और व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्री संजय महेश्वरी प्रमुख रूप से उपस्थित थे । सम्मान समारोह का संचालन श्री राकेश शिवहरे ने किया ।

चार जनपद सी.ई.ओ. पर कार्यवाही, विकास कार्यों की अनदेखी मंहगी पड़ी

चार जनपद सी.ई.ओ. पर कार्यवाही, विकास कार्यों की अनदेखी मंहगी पड़ी

मुरैना 17 जनवरी 08। मुरैना जिले की चार जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्माण एवं विकास कार्यों की अनदेखी करना मंहगा पड़ा है । संभागायुक्त डा.कोमल सिंह ने उक्त अधिकारियों की वेतन वृध्दियां रोकने के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये हैं ।

विदित हो कि कल बुधवार को चंबल भवन में विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान सांसद एवं विधायक मद के कार्यों में अनावश्यक विलम्ब पाये जाने पर संभागायुक्त ने गंभीर नाराजगी जाहिर की और स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में रूचि नहीं लेने वाले एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व समयसीमा का ध्यान नहीं करने वाले अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा ।

संभागायुक्त ने सांसद एवं विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों की नियमित मानरीटरिंग नहीं करने और समय सीमा में कार्य पूर्ण नहीं कराने वाले मुरैना जनपद के सीईओ श्री दिनेश गुमार गुप्ता और पोरसा जनपद के सीईओ श्री ए.के. तांतेकर की दो-दो तथा पहाड़गढ़ जनपद के सीईओ श्री डी.एल.पटेलऔर अम्बाह जनपद के सीईओ श्री बाबूलाल जाटव की तीन-तीन वेतन वृध्दियां रोकने के संबंध में समीक्षा बैठक के दौरान ही नोटिस जारी किये गये ।

PRESS COUNCIL OF INDIA RECONSTITUTED

The Press Council of India has been reconstituted in its tenth term. The Council stands constituted with a strength of 28 members other than the Chairman for a three year terms w.e.f. January 7, 2008. 20 members represent the Press, five are members of Parliament and one nominee each of University Grants Commission, Sahitya Academy and Bar Council of India. The members are’

Editors

Owners & Managers of Big, Medium and Small Newspapers

Shri Vishnu Nagar

Shri Hormusji Nusserwanji Cama

Shri Uttam Chandra Sharma

Shri T. Venkattram Reddy

Shri Vijay Kumar Chopra

Shri Anil Jugal Kishore Agrawal

Shri Sheetla Singh

Shri Kundan Raman Lal Vyas

Ms. Suman Gupta

Shri Ramesh Gupta

Shri Yogesh Chandra Halan

Shri Sushil Jhalani

Working Journalists other than Editors

Nominees of UGC, BCI and, Sahitya Academy

Shri K. Sreenivas Reddy

Dr. Pranjay Guha Thakurta, UGC

Shri Mihir Gangopadhyay (Ganguly)

Shri Milan Kumar Dey, Bar Council of India

Shri M. K. Ajith Kumar

Dr. Lalit Mangotra, Sahitya Academy

Shri Joginder Chawla

Shri G. Prabhakaran

Members of Parliament

Shri Kalyan Barooah

Shri S. N. Sinha

Dr. Sebastian Paul }

Shri Bharatsinh Madhavsinh Solanki } Lok Sabha

Shri M. A. Kharabela Swain }

Managers of News Agencies

Shri V. S. Chandrasekar, PTI

Shri Yashwant Sinha } Rajya Sabha

Dr. Prabha Thakur }