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29 septiembre

संकीर्ण सोच रखने वाले दलों व नेताओं से सावधान

संकीर्ण सोच रखने वाले दलों व नेताओं से सावधान

       निर्मल रानी

163011, महावीर नगर,  अम्बाला शहर,हरियाणा, फोन-9729229728

भारतीय लोकतंत्र में समय-समय पर आयोजित होने वाले विभिन्न राज्यों के चुनावी पर्व तथा लोकसभा के आम चुनाव के रूप में होने वाला चुनावी महापर्व हम भारतीय मतदाताओं को आमतौर पर 5 वर्षों में एक बार यह अवसर देता है कि हम देशहित, राष्ट्र के विकास, देश की एकता व अखंडता, साम्प्रदायिक सद्भाव आदि मुद्दों को सामने रखकर अपने-अपने क्षेत्रों से लोकसभा अथवा विधानसभा के प्रतिनिधियों का चुनाव करें। अभी मात्र 4 माह पूर्व ही देश के मतदाताओं ने देश को एक नई केंद्रीय सरकार चुन कर दी है। और एक बार फिर हरियाणा, महाराष्ट्र तथा अरुणाचल प्रदेश में आगामी 13 अक्तूबर को होने जा रहे विधानसभा के आम चुनाव भारतीय मतदाताओं से उनकी राय (मत) जानने जा रहे हैं।

              देश की स्वतंत्रता से लेकर अब तक होने वाले लगभग सभी चुनावों के दौरान आमतौर पर यह देखा जाता है कि एक ओर मतदाता जहां राष्ट्रीय हितों को मद्देनंजर रखकर मतदान करने की कोशिश करता है, वहीं साम-दाम-दंड-भेद से अपने चुनाव जीतने का हौसला रखने वाले कुछ स्वार्थी प्रवृत्ति के नेता अपने राजनैतिक स्वार्थ के चलते मतदाताओं को गुमराह करने से भी बांज नहीं आते। मात्र अपने पक्ष में मतदान करवाने के लिए कहीं जातिवाद का सहारा लिया जाता है तो कहीं क्षेत्रवाद को हवा देने का काम किया जाता है। कहीं क्षेत्रीय भाषा को हथियार बनाकर समाज को विभाजित करने का प्रयास किया जाता है तो कहीं स्थानीय लोगों की बेरोंजगारी जैसे संकीर्ण मुद्दों का ढोंग रचकर समाज में क्षेत्रीयता का ंजहर घोलने का काम किया जाता है। ंजाहिर है ऐसे सभी प्रयास नेताओं द्वारा केवल इसलिए किए जाते हैं ताकि वे समाज को क्षेत्र के नाम पर बांटने में सफल हों। मतदाताओं की भावनाओं को भड़क़ा सकें तथा इन बातों का लाभ उठाकर अपने पक्ष में मतदान करने हेतु मतदाताओं को उकसा सकें।

              उपरोक्त परिस्थितियों में भारतीय मतदाताओं का यहर् कत्तव्य बन जाता है कि वे किस प्रकार अपने आप को इन अवसरवादी एवं संकीर्ण विचार रखने वाले नेताओं के हथकंडों से बचाकर रखें तथा राष्ट्रहित एवं राष्ट्रीय विकास तथा देश की एकता व अखंडता को सर्वोपरि रखकर मतदान में हिस्सा लें। सत्ता के भूखे भेड़ियों की संकीर्ण राजनीति का नंगा नाच इन दिनों महाराष्ट्र में खुलेआम देखा जा रहा है। इसे हम भारत सरकार की कमंजोरी कहें अथवा सहिष्णुता या फिर इसे बुंजदिली का नाम दें। परन्तु यह सच है कि देश को तोड़ने की कोशिश में लगे अलगाववाद की शैली की राजनीति अपनाने वाले ठाकरे ब्रदर्स कांफी लंबे समय से महाराष्ट्र में अपनी इसी प्रकार की राजनीति चला रहे हैं। स्वयं को हिंदुत्ववादी राजनीति का समर्थक बताने वाला ठाकरे परिवार मात्र मतों की ंखातिर हिंदुत्व की भी बात करता है। परन्तु जब बात भाषा की आती है तो इन्हीं ढोंगी हिंदुत्ववादियों को हिंदी भाषा से नंफरत तथा मराठी भाषा से प्यार हो जाता है।

              अभी पिछले दिनों देश के एक जाने-माने पत्राकर राजदीप सरदेसाई मुंबई में राज ठाकरे से मिलने जा पहुंचे। आमतौर पर अंग्रेंजी भाषा में पत्रकारिता करने वाले सरदेसाई ने राज ठाकरे के समक्ष हिंदी भाषा में साक्षात्कार देने का प्रस्ताव रखा। परन्तु महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के इस नेता ने सरदेसाई को हिंदी भाषा में साक्षात्कार देने से सांफ मना कर दिया। ठाकरे ने केवल मराठी भाषा में ही अपनी बात कहने पर पूरा ंजोर दिया। परिणामस्वरूप सरदेसाई को राज ठाकरे से लिया जाने वाला साक्षात्कार स्थगित करना पड़ा। यह घटना हमें क्या दर्शाती है? एक भारतीय पत्रकार अपने पेशे की  ंजिम्मेदारी निभाते हुए यह चाह रहा था कि महाराष्ट्र की सत्ता पर दावेदारी जताने वाले राज ठाकरे जैसे नेताओं के विचारों को टीवी चैनल के माध्यम से पूरा देश जाने। सरदेसाई ने इसीलिए हिंदी भाषा का साक्षात्कार में प्रयोग किए जाने का प्रस्ताव रखा। परन्तु राजदीप सरदेसाई की सोच के ठीक विपरीत राज ठाकरे की इस बात में कोई दिलचस्पी नहीं थी कि उनके विचारों को पूरा देश भी जाने। उनकी नंजरें तो केवल महाराष्ट्र के विधान-भवन पर टिकी हुई हैं। ठाकरे को तो केवल मराठा मतों को आकर्षित करना है। इसके लिए उन्हें चाहे उत्तर भारतीयों को गालियां देनी पड़ें, उनके साथ मारपीट करनी पड़े अथवा अपमानित करना पड़े या फिर राष्ट्रभाषा हिंदी का अपमान ही क्यों न करना पड़े, उन्हें यह सब स्वीकार है। क्योंकि उनकी राजनैतिक सोच अत्यन्त सीमित व संकीर्ण है। बेशक उनकी बातों में यह नंजर आता है कि वे मराठा हितों अथवा मुंबई वासियों के हितों की बातें कर रहे हैं। परन्तु दरअसल ऐसा नहीं है। उनकी ऐसी मीठी बातों के पीछे का रहस्य केवल यही है कि वे मराठा मतों के सहारे महाराष्ट्र की विधानसभा में अपनी पार्टी का झण्डा फहराना चाहते हैं। और अपने इस एकमात्र लक्ष्य को अर्जित करने के लिए ही उनके द्वारा अलगाववाद, हिंदी भाषा का विरोध, उत्तर भारतीयों का विरोध अथवा उन्हें अपमानित करना तथा समाज में विघटन पैदा करने जैसे नापाक हथकंडों का सहारा लिया जा रहा है।

              देश में एक दो नहीं बल्कि दर्जनों ऐसे 'ठाकरे' राजनीति में सक्रिय दिखाई देंगे जो इसी प्रकार की गणित तथा योग के आधार पर अपनी राजनैतिक दुकानदारियां चला रहे हैं। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अपनी क्षेत्रीय, सीमित व संकीर्ण सोच से देश की एकता व अखंडता के स्वच्छ वातावरण को प्रदूषित करने वाले यह नेता सक्रिय देखे जा सकते हैं। सत्ता की लालच ने इन्हें इस हद तक अंधा कर दिया है कि इन्हें क्षेत्रीयता तथा सामाजिक संकीर्णता, राष्ट्रीयता एवं राष्ट्रीय एकता व अखंडता पर भारी नंजर आ रही है। अपनी पारिवारिक राजनैतिक पृष्ठभूमि, अपने धन तथा शक्ति आदि के बल पर ऐसे कई नेता परिवार देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अच्छी ंखासी पैठ बनाए देखे जा सकते हैं। कई जगहों पर तो इन्हें सत्ता पर ंकाबिंज भी देखा जा सकता है। ऐसे में देश के राष्ट्रप्रेमी जागरूक मतदाताओं का यहर् कत्तव्य है कि वे अत्यन्त सूक्ष्म्ता के साथ यह देखें कि क्षेत्रीय सत्ता हथियाने के बाद यही नेता आंखिर अपने क्षेत्र या राज्य में किस एजेंडे पर काम कर रहे हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि देश के विकास को प्राथमिकता देने के बजाए पूरे प्रदेश में 'हाथियों' के पार्कों की स्थापना करने को ही मुख्य एजेंडा बनाया जा रहा हो? कहीं ऐसे राजनेता सरकारी ंखंजाने से धन निकाल कर अपनी स्वयं की मूर्तियां राज्य में लगवाकर प्रदेश में स्थायी तौर पर अपनी राजनैतिक पहचान छोड़ने का तो प्रयास नहीं कर रहे?

              आज हमारा देश लगभग सभी बाहरी सीमाओं की ओर से ंखतरे का सामना कर रहा है। बाहरी दुश्मन से निपटना तो हमारे लिए फिर भी उतना कठिन नहीं है जितना कि इन 'स्वदेशी' तांकतों से निपटना जोकि भारतीय नागरिक एवं भारतीय नेता होने का दम भरते हुए भी विघटनकारी एवं अलगाववादी राजनीति को हवा देते रहते हैं। क्षेत्रीय सत्ता पर ंकाबिंज होने की इनकी लालसा भले ही इन्हें समाज को धर्म-जाति, क्षेत्र, भाषा आदि के नाम पर विभाजित करने को मजबूर क्यों न करती हो, परन्तु हम भारतीय मतदाताओं का तो कम से कम अवश्य यहर् कत्तव्य बनता है कि हम चुनावरूपी अवसर आने पर इन संकीर्ण मानसिकता रखने वाले सभी नेताओं व दलों को अपने मतदान के द्वारा यह सचेत करें कि देश की एकता व अखंडता, राष्ट्र का समग्र विकास जैसी राष्ट्रव्यापी बातें अधिक ंजरूरी हैं न कि संकीर्ण, सीमित व क्षेत्रीय सोच को हवा देने वाली बातें। ंजाहिर है भारतीय मतदाताओं को अपना यह पक्ष मतदान के माध्यम से ही रखने का अवसर प्राप्त होता है। देशहित को राष्ट्रीय परिपेक्ष्य में सोचने वाले मतदाताओं को चुनावरूपी इन शुभ अवसरों को हरगिंज गंवाना नहीं चाहिए।

                              निर्मल रानी

28 septiembre

विजय पर्व विजयादशमी की शुभकामनायें

विजय पर्व विजयादशमी की शुभकामनायें

आप सभी पाठकों, मित्रों, शुभचिन्‍तकों को ग्‍वालियर टाइम्‍स परिवार की ओर से, व्‍यक्तिगत मेरी ओर से विजय पर्व विजया दशमी की हार्दिक शुभकामनायें , आपको सर्वत्र सर्व प्रकार, सर्वविधि दसों दिशाओं में विजय प्राप्‍त हो, सुख एवं खुशहाली प्राप्‍त हो । समृद्धि सदैव आपके चरण चूमे , हमारा देश खुशहाल हो, मंहगाई घटे, सभी मुस्‍कराते रहें हमारा देश समृद्ध और सदैव विजयी रहे । पुन:श्‍च विजयादशमी की शुभ कामनायें नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’ , प्रधान संपादक ग्‍वालियर टाइम्‍स समूह

 

प्रदेश में पहली बार निगम अपने समेकित कर की वसूली ठेके द्वारा करायेगा

प्रदेश में पहली बार निगम अपने समेकित कर की वसूली ठेके द्वारा करायेगा

30 सितम्बर 2009 तक ऑफर मंगाये गये

ग्वालियर दिनांक 27.09.2009- प्रदेश में पहली बार अपने करों की वसूली नगर निगम ग्वालियर ठेके पर दे रही है। नगर निगम ने मेयर-इन-कांउसिल से स्वीकृति प्राप्त कर अपनी ऐसे सम्पत्तियां जो सम्पत्तिकर से मुक्त होकर जिन पर मात्र समेकित कर 180/- रू. प्रतिवर्ष वसूल किया जाता है, की वसूली का कार्य ठेके पर देने की कार्यवाही प्रांरभ की है। इस कार्य के लिये आगामी 30 सितम्बर को महाराज बाड़ा जीवाजी चौक पर सीलबंद ऑफर मंगाये गये है।

       नगर निगम ग्वालियर में वर्तमान में कम्प्यूट्रीकृत के उपरांत 1 लाख 61 हजार ऐसी सम्पत्तियां दर्ज की गई हैं जिन पर सम्पत्तिकर एवं समेकितकर लगता है। उक्त सम्पत्तियों में लगभग 80 हजार सम्पत्तियां ऐसी हैं जिन पर केवल समेकितकर की राशि 180/- रू. प्रतिवर्ष लगती है। निगम के इस वसूली ठेके से निगम को प्रतिवर्ष लगभग पौने दो करोड़ रू. की आमदनी होगी तथा कार्य करने वाले ठेकेदार को चालू वसूली के साथ-साथ पुरानी वसूली में लगभग 8 करोड़ रू. वसूल करने को मिलेगे। उक्ताशय की जानकारी प्रभारी आयुक्त सुरेश शर्मा नगर निगम द्वारा प्रेस को जारी विज्ञप्ति में दी गई। उन्हाेंने बताया कि समेकितकर का उक्त ठेका कमीशन आधार पर होगा जिसमें करदाता को बिल तथा कर की रसीद नगर निगम ग्वालियर द्वारा जारी की जावेगी। संबंधित ठेकेदार जितनी वसूली करेगा उसे उसका कमीशन दिया जावेगा।

       उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया को लागू करने से नगर निगम को यह लाभ होगा कि आदि से अधिक सम्पत्तियां जिन पर एकमुश्त बिना निर्धारित किये समेकितकर वसूला जाना है, की वसूली ठेकेदार के माध्यम से हो जायेगी तथा शेष लगभग 80 हजार मकानों से वसूली निगम का अमला करेगा। इस प्रक्रिया के उपरांत निगम के अमले की वसूली क्षमता में तथा लक्ष्यों में वृध्दि होगी। उन्होंनं बताया कि इस ठेके के लिये शहर को चार समूहों में बांटा गया है। ग्वालियर समूह में 16 वार्डों में 17 हजार 988 सम्पत्तियां चिन्हित की गई है जिनमें चालू वर्ष की मांग 32.73 लाख रू. है तथा एक अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2009 तक की मांग 125.22 लाख रू. है। कुल वसूली 157.96 लाख रू. की जानी है।

       इसी प्रकार लश्कर पूर्व में 15 वार्डों में 18 हजार 646 सम्पत्तियों से 171.20 लाख रू. एवं लश्कर पश्चिम के 18 वार्डों में 28 हजार 766 सम्पत्तियों से 256.80 लाख तथा मुरार क्षेत्र के 11 वार्डों में 22 हजार 328 सम्पत्तियों में से 204.77 लाख रू. की वसूली होना है। उक्त चारों ग्रुपों के ऑफर पृथक-पृथक मंगाये गये है।    

 

आज बराड़ा में होगा विश्व के सबसे ऊंचे रावण का दहन

आज बराड़ा में होगा विश्व के सबसे ऊंचे रावण का दहन

       अम्बाला, 27 सितम्बर, 09 अम्बाला के बराड़ा ंकस्बे में विश्व कीर्तिमान स्थापित करने वाले रावण के पुतले को विजयदशमी के दिन अगि् की भेंट चढ़ाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

              सर्वविदित है कि रामलीला क्लब बराड़ा द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाने वाली 13 दिन की शानदार रामलीला के उपरांत विशालकाय रावण, मेघनाद व कुम्भकर्ण के पुतले विजयदशमी के दिन फूंके जाते रहे हैं। रामलीला क्लब बराड़ा के संस्थापक अध्यक्ष राणा तेजिंद्र सिंह चौहान ने प्रेस को बताया कि कीर्तिमान स्थापित करने की श्रृंखला में क्लब द्वारा बराड़ा में जहां सन् 2007 में 151 फुट ऊंचा रावण निर्मित कर देश के सबसे ऊंचे रावण बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया गया, वहीं सन् 2008 में 171 फुट ऊंचे रावण का निर्माण कर एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया। चौहान ने बताया कि इस बार रामलीला क्लब बराड़ा ने अपने ही गत् वर्ष के कीर्तिमान से आगे बढ़कर 175 फुट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया है। चौहान ने चुनौती दी है कि इससे ऊंचा रावण का पुतला पूरे देश में तो क्या विश्व में अब तक कहीं भी निर्मित नहीं हो सका है।

              मुस्लिम कारीगरों के सहयोग से बनाया गया विश्व का यह सबसे ऊंचा रावण जहां ऊंचाई को लेकर अपने ही गत् वर्ष के विश्व कीर्तिमान को ध्वस्त करने जा रहा है, वहीं यह रावण प्रत्येक वर्ष साम्प्रदायिक सौहार्द्र तथा सर्वधर्म सम्भाव की भी मिसाल पेश करता है।

              इस विशालकाय रावण के पुतले को 28 सितम्बर को सूर्यास्त से पूर्व बराड़ा ंकस्बे में एक समारोह के द्वारा विद्युत रिमोट कंट्रोल द्वारा आधुनिक वैज्ञानिक प्रणाली से अगि् को समर्पित किया जाएगा। इस अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आतिशबांजी का भी भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। राणा तेजिंद्र सिंह चौहान ने आम नागरिकों से इस अनूठे कार्यक्रम में सम्मिलित होने की अपील की है।

 

                                                       राणा तेजिन्द्र सिंह चौहान

अध्यक्ष, रामलीला क्लब बराड़ा

 

27 septiembre

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दुर्गा पूजा और विजयादशमी की बधाई दी

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दुर्गा पूजा और विजयादशमी की बधाई दी

       प्रधानमंत्री ने दुर्गा पूजा और विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्र को बधाई दी है।

 

      अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि दोनों त्योहार साम्प्रदायिक दीवारों को तोड़कर लोगों को यह अवसर प्रदान करते हैं कि वे भाईचारे के बंधन में बँध जाएं। इन त्योहारों से भलाई और आदर्श के प्रति हमारे गहरे विश्वास को अभिव्यक्ति मिलती है। ये त्योहार राष्ट्र को एकसूत्र में बाँधते हैं और ये हमारे उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं।

      प्रधानमंत्री ने बधाई देते हुए कहा कि त्योहारों के इस मौसम में सर्वशक्तिमान  सभी देशवासियों पर कृपा बनाएं।

 

राष्ट्रपति द्वारा देशवासियों को दुर्गा पूजा की बधाई

राष्ट्रपति द्वारा देशवासियों को दुर्गा पूजा की बधाई

       भारत की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर अपने संदेश में कहा कि दुर्गा पूजा के इस पावन अवसर पर मैं अपने सभी देशवासियों को बधाई देती हूं ।

       दुर्गा पूजा सत्य और सदाचार की विजय के साथ-साथ अनैतिकता पर नैतिक मूल्यों की जीत की द्योतक है । यह त्यौहार हम सबको देश में एकता बनाए रखने व कल्याणकारी काम करने की प्रेरणा दे तथा हमारे समाज की नैतिकता रूपी नींव को मजबूती प्रदान करे , यही मेरी शुभकामनाएं हैं ।

 

भिण्‍ड कलेक्‍टर के.सी. जैन एवं भिण्‍ड एस.पी. डॉ. प्रसाद का निलंबन समाप्त

भिण्‍ड कलेक्‍टर के.सी. जैन एवं भिण्‍ड एस.पी. डॉ. प्रसाद का निलंबन समाप्त

Bhopal:Saturday, September 26, 2009

राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री के.सी. जैन का निलंबन समाप्त कर उन्हें बहाल करते हुए मंत्रालय, भोपाल में उप सचिव के पद पर पदस्थ किया है। श्री जैन को विगत 13 सितंबर को शासन द्वारा निलंबित किया गया था।

इसी प्रकार भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय पदस्थ किया गया है। डॉ. प्रसाद को 13 सितबंर को निलंबित किया गया था।

 

 

26 septiembre

ग्वालियर जिले में जन मित्र समाधान केन्द्रों के रूप में अनूठी पहल

ग्वालियर जिले में जन मित्र समाधान केन्द्रों के रूप में अनूठी पहल

मैदानी अमले की गाँव में अनिवार्य उपस्थिति के साथ-साथ , गांववासियों को मिलेंगी 53 प्रकार की सेवायें

स्थानीय सांसद श्रीमती यशोधरा राजे ने किया केन्द्र का शुभारंभ

ग्वालियर 25 सितम्बर 09। ग्वालियर जिले के ग्रामीण अंचल में सूचना प्रौद्यौगिकी का इस्तेमाल कर संभवत: देश का ऐसा पहला सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे बायोमीट्रिक प्रणाली से न केवल मैदानी अमले की गांव स्तर पर उपस्थिति सुनिश्चित होगी बल्कि 12 विभागों से संबंधित 53 प्रकार की सेवायें भी ग्रामीणों को अपनी पहुँच में अर्थात अपने गांव के समीप ही मिल सकेंगी। जिला प्रशासन द्वारा जन मित्र समाधान केन्द्र सह एम आई एस. डाटा प्रविष्टि केन्द्र के रूप में विकसित किये गये इस सिस्टम का शुभारंभ शुक्रवार को स्थानीय सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने किया। जिले के दूरस्थ ग्राम सिमरिया टांका में जन मित्र समाधान केन्द्र के शुभारंभ समारोह की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद श्री प्रभात झा ने की। स्थानीय विधायक द्वय श्री लाखन सिंह यादव व श्री मदन कुशवाह, जनपद पंचायत बरई की अध्यक्ष श्रीमती मुन्नी देवी, सभाग आयुक्त डॉ. कोमल सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री अरबिन्द कुमार, जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री ए.साँई मनोहर व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा सहित अन्य क्षेत्रीय जन प्रतिनिधि व संबंधित अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण जन मौजूद थे। यह जन मित्र समाधान पाँच से छ: ग्राम पंचायतों के बीच शुरू किये गये हैं। आरंभ में जिले की आदिवासी बहुल जनपद पंचायत बरई के अन्तर्गत 12 केन्द्र खोले गये हैं। इन केन्द्रों से इस विकास खण्ड की सभी 59 ग्राम पंचायतें लाभान्वित होंगी। बाद में चरणबध्द तरीके से इसका विस्तार जिले के अन्य विकासखण्डों में किया जायेगा।

      गौरतलब है कि जनमित्र समाधान केन्द्रों में एक विशेष सॉफ्टवेयर के जरिये मैदानी स्तर पर पदस्थ हर शासकीय कर्मचारियों की उंगली की छाप कम्प्यूटर में ली गई है। इस तरह बायोमीट्रिक प्रणाली से गाँव के हर कर्मचारी की प्रतिदिन की उपस्थिति समय सहित दर्ज हो जायेगी। इसकी सूचना प्रतिदिन कलेक्टर कार्यालय में पहुँचेगी। इस प्रणाली से यह पता लग जायेगा कि कौन सा कर्मचारी अनुपस्थित रहा और उपस्थित रहने वाले कर्मचारी किस समय गांव में उपस्थित हुए। इन केन्द्रों के माध्यम से पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य, कृषि, राजस्व, पशु चिकित्सा सहित कुल 12 विभागों से जुड़ी सेवायें प्रदान की जायेंगी। इन सेवाओं में खसरा व बी-वन की नकल आय व जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पेंशन, राशन कार्ड, हैण्डपंप संधारण, मध्यान्ह भोजन, फसल ऋण, घरेलू, गैर घरेलू व एकल बत्ती विद्युत कनेक्शन, मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना, नरेगा का भुगतान, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र व लाड़ली लक्ष्मी योजना शामिल हैं। पंचायत सचिवों को नरेगा एम आई एस. प्रविष्टि के लिये अब विकासखण्ड मुख्यालय तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वे अब जन मित्र समाधान केन्द्रों पर ही यह प्रविष्टि करा सकेंगे।

      ग्राम सिमरिया टांका में आयोजित जन मित्र समाधान केन्द्र के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि इन केन्द्रों के खुलने से न केवल शासकीय अमला मुस्तैद होकर काम करेगा अपितु ग्रामवासियों की समस्याओं का समाधान अपनी पहुँच के भीतर हो जायेगा और उन्हें शासकीय कार्यालयों तक जाने की बार-बार मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिये जिला कलेक्टर सहित इस सिस्टम को मूर्त रूप देने वाले समस्त शासकीय अधिकारियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंन कहा कि मुख्यमंत्री के ध्यान में लाकर इस सिस्टम को सम्पूर्ण प्रदेश में लागू कराने के प्रयास किये जायेंगे। राज्य सभा सांसद श्री प्रभात झा ने कहा कि सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में यह समाधान केन्द्र शसक्त माध्यम साबित होंगे। उन्होंने कहा कि आगे चलकर यह केन्द्र सम्पूर्ण प्रदेश के लिये आदर्श बनेंगे।

      स्थानीय विधायक द्वय श्री लाखन सिंह व श्री मदन कुशवाह ने भी जिला प्रशासन की इस पहल को जन हितैषी बताया और कहा कि इससे आम आदमी की शासन व प्रशासन से जो अपेक्षायें होती हैं, उनकी पूर्ति के लिये अब उन्हें शासकीय दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। संभाग आयुक्त डॉ. कोमल सिंह ने कहा कि इन केन्द्रों के खुलने से आम आदमी के श्रम व समय दोनों की बचत होगी। उन्होंने इन केन्द्रों से जुड़े शासकीय अमले से कहा कि वे पूरी संवेदनशीलता के साथ जन समस्याओं का समाधान करें।

      जिला कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने इस सिस्टम की कार्यपध्दति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम से मैदानी कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति के साथ साथ योजनाओं में गड़वड़ी पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। उन्होने बताया कि जन मित्र समाधान केन्द्र के लिये तैयार किये गये विशेष सॉफ्टवेयर के जरिये संपूर्ण तहसील के सभी विभागों की डाटा एण्ट्री कम्प्यूटर में कराई गई है। उन्होंने बताया कि यह केन्द्र प्रात: 10.30 बजे से सांयकाल 5 बजे तक कार्य करेंगे। इन केन्द्रों पर आरंभिक दो घण्टों मे वहां पदस्थ सभी विभागों के कर्मचारी मौजूद रहेंगे। इसके बाद वे क्षेत्र में अन्य कार्य संपादित कर सकेंगे। बायोमीट्रिक प्रणाली से कर्मचारियों की उपस्थिति का पता चल सकेगा और जितने दिन वे कार्य पर जायेंगे उनते ही दिनों का उन्हें वेतन दिया जायेगा। श्री त्रिपाठी ने बताया कि बिजली आदि की दिक्कत से जन मित्र समाधान केन्द्रों की सेवायें प्रभावित न हों, इसके लिये कम्प्यूटराइज्ड व्यवस्था के साथ-साथ हस्तलिखित रूप से नकलों सहित अन्य सेवायें मुहैया कराने की समानान्तर व्यवस्था भी की गई है। ज्ञात हो इन समाधान केन्द्रों के संचालन के लिये पाँच तरह के सॉफ्टवेयर एन आई सी. की मदद से तैयार किये गये हैं। इनमें बी पी एल. सूची, नरेगा, बायोमेट्रिक अटेंडेंस, जन मित्र समाधान केन्द्र की सेवाओं की मॉनीटरिंग व खसरा-खतौनी की नकल देना शामिल हैं।

ये हैं समाधान केन्द्र

       आरंभ में जिले की आदिवासी बहुल जनपद पंचायत से जन मित्र समाधान केन्द्रों की शुरूआत जिला प्रशासन ने की है। यह समाधान केन्द्र आरौन, जखौदा, बरई, नौगांव, तिघरा, कुलैथ, मोहना, घाटीगांव, सिमरिया टांका, पुरानी छावनी, अजयपुर व ग्राम ग्राम पंचायत थर में शुरू किये गये हैं।

 

नगर के प्रमुख स्थानों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

नगर के प्रमुख स्थानों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

ट्रेफिक व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बैठक का आयोजन

ग्वालियर 25 सितम्बर 09। ग्वालियर नगर की ट्रेफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं यातायात नियंत्रण के उद्देश्य से मुख्य चौराहों एवं प्रमुख स्थानों पर सी.सी. टीवी कैमरे लगाये जायेंगे । इसके लिये लगभग डेढ़ करोड़ रूपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। ये कैमरे नगर के  प्रमुख स्थानों पर लगाये जाना प्रस्तावित है। यह कार्य वित्तीय स्थिति के दृष्टिगत रखते हुये चरणबध्द तरीके से किया जायेगा ।

       यह जानकारी आज यहां क्षेत्रीय सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया की उपस्थिति में राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में आयोजित बैठक में दी गई। बैठक में संभागायुक्त डा. कोमल सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री अरविंद कुमार, कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री ए सांई मनोहर अपर कलेक्टर श्री आर के जैन सहित यातायात, परिवहन,नगर निगम एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

       संभागायुक्त डा. कोमल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि नगर के सभी बस स्टैंडों पर यात्रियों को मूलभूत सुविधायें जैसे शौचालय, पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई आदि की व्यवस्था करना नगर निगम की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बस स्टैंडों की मरम्म कराई जाये तथा यह सुनिश्चित किया जाये कि यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होने पाये। उन्होंने हिदायत दी कि नगर से अन्य शहरों के मार्गों पर प्रस्तावित बस स्टैंडों के निर्माण को गति दी जाये एवं यह कार्य शीघ्र कराया जाये ताकि नगर में यातायात का दबाव कम हो सके ।

       सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि नगर के मार्ग एवं सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना किया जाये। साथ ही पौलिथिन बैग यहां-वहां डालने वालों पर भी अंकुश लगाया जाये। इस संबंध में सुझाव दिया गया कि लोगों को शौचालय का उपयोग करने के लिये प्रेरित किया जाये। इसी प्रकार आवारा पशुओं के संबंध में संभागायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को हिदायत दी कि आवारा पशु सड़कों पर घूमते हुये नहीं दिखने चाहिये। इसके लिये विभिन्न मार्गों के लिये अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाये। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी को सौपे गये मार्ग पर यदि पशु घूमते पाये गये तो संबंधित अधिकारी के विरूध्द सख्त कार्यवाही की जायेगी ।

       बैठक में अधिकारियों को हिदायत दी गई कि नगर में चलने वाले सवारी वाहनों के लिये रूट तय किये जाये और निर्धारित रूट पर ही वाहनों का चलना सुनिश्चित किया जाये। आरटीओ यह सुनिश्चित करने के बाद ही परमिट जारी करे । इसी प्रकार नगर के सवारी वाहनों के लिये स्टापेज भी निर्धारित किये जाये। तभी यातायात नियंत्रित हो सकेगा । साथ ही मार्गों की छोटी-छोटी बाधाओं को भी दूर कर लिया जाये, जिससे यातायात सुगम होने में मदद मिलेगी और मार्ग अवरूध्द नहीं होंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर के बाहर के कस्बों के लिये सवारी वाहनों को परमिट दिये जाये तथा नगर में नये वाहन चलवाये जायें । साथ ही नगर में ओवर लोड वाहनों की सघन जांच कराने एवं उन पर सख्ती से रोक लगाने की हिदायत अधिकारियों को दी गई । नगर में नो-एन्ट्री के समय अन्य वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करने एवं बाहरी मार्गों की मरम्मत कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये।  स्कूली वाहनों के संबंध में संभागायुक्त ने हिदायत दी कि इनके लिये भी रूट एवं स्टापेज निर्धारित किये जाये जिससे स्कूली बच्चों को भी असुविधा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों के चलने पर सख्ती से रोक लगाई जाये ।

 

तांगा मालिक अन्य योजना में लाभान्वित होंगे

कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाटी ने बताया कि नगर में वर्तमान में 136 तांगे प्रचलन में है। इन तांगों को बंद कराकर तांगा मालिकों को अन्य योजनाओं में लाभान्वित कर उन्हें रोजगार मुहैया कराने की योजना है । ये लोग यदि वाहन लेना चाहेंगे तो उन्हें परमिट भी दिया जायेगा।

 

 

सी.बी.आई. मुरैना आई, भ्रष्‍टाचार, गबन, रिश्‍वतखोरी के खिलाफ छेड़ी मैदानी जंग, चम्‍बल में हडकम्‍प, रातो रात पड़े छापे

सी.बी.आई. मुरैना आई, भ्रष्‍टाचार, गबन, रिश्‍वतखोरी के खिलाफ छेड़ी मैदानी जंग, चम्‍बल में हडकम्‍प, रातो रात पड़े छापे

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’ आनन्‍द एवं असलम खान

मुरैना 26 सितम्‍बर 09, सी.बी.आई की मध्‍यप्रदेश शाखा ने भ्रष्‍टाचार, गबन और रिश्‍वतखोरी जैसे मामलों में आम जनता से जागृत, सचेत होने और सीधे सी.बी.आई से इसकी शिकायतें करने हेतु मुरैना में 23 सितम्‍बर को जागरूकता तथा सम्‍पर्क शिविर का आयोजन यहॉं कलेक्‍ट्रेट परिसर के डी.आर.डी.ए. हॉल में किया ।

सी.बी.आई. की मध्‍यप्रदेश शाखा के एस.पी. श्री योगेन्‍द्र कोयल और उनकी टीम सहित मुरैना के सी.एस.पी. श्री कमल मौर्य, जिले के पत्रकारगण तथा कुछ शिकायतकर्ता मौके पर मौजूद थे । सी.बी.आई भोपाल के एस.पी. श्री योगेन्‍द्र कोयल पत्रकारों से रूबरू होकर सी.बी.आई के कामकाज और कार्यप्रणाली पर विस्‍तृत प्रकाश डालते हुये पत्रकारों के सवालों के उत्‍तर भी देते रहे साथ ही मौके पर ही शिकायत कर्ताओं के आवेदन भी ग्रहण करते रहे ।

सी.बी.आई के मुरैना आने की खबर अंत तक गोपनीय रहने से यद्यपि अधिक शिकायत कर्ता वहॉं नहीं पहुँच सके लेकिन फिर भी दो शिकायत कर्ताओं ने अपने शिकायती आवेदन श्री कोयल को दिये ।

23 सितम्‍बर को ही भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष एवं मुरैना सांसद नरेन्‍द्र सिंह तोमर के अनेक व्‍यस्‍तता भरे कार्यक्रमों के कारण जहॉं प्रशासन और महत्‍वपूर्ण पुलिस अधिकारी इस खास मौके से वंचित रहे वहीं इतने महत्‍वपूर्ण शिविर को अंतिम समय तक गोपनीय रखे जाने से आम नागरिकों को भी इसकी भनक नहीं लग सकी ।

श्री कोयल ने सी.बी.आई द्वारा भ्रष्‍टाचार, गबन, और रिश्‍वतखोरी जैसे मामलों में पत्रकारों से चर्चा करते हुये उन्‍हें बताया कि आम जनता यानि कोई भी आम नागरिक सीधे सी.बी.आई को शिकायत कर सकता है तथा उन्‍होनें अपने फोन व मोबाइल नंबर एवं ई मेल पते भी पत्रकारों को उपलब्‍ध कराये एवं जनता के लिये इन्‍हें प्रकाशित कर सार्वजनिक करने का आह्वान भी किया । श्री कोयल ने बताया कि ये नंबर 24 घण्‍टे चालू रहते हैं और किसी भी समय उनसे कोई भी सम्‍पर्क कर सकता है ।

सी.बी.आई की कार्यप्रणाली और भ्रष्‍टाचार विरोधी मुहिम

श्री योगेन्‍द्र कोयल ने भारत सरकार और सी.बी.आई. द्वारा छेड़े गये भ्रष्‍टाचार, रिश्‍वतखोरी और गबन जैसे मामलों के खिलाफ मैदानी अभियान की भूमिका व कार्यप्रणाली पर विस्‍तृत प्रकाश डालते हुये बताया कि केन्‍द्र सरकार के किसी भी कार्यालय, केन्‍द्र सरकार के किसी लोक उपक्रम, कार्पोरेट सेक्टर, लोक उद्यम, केन्‍द्र सरकार के किसी भी विभाग, बीमा, बैंक, डाकघर , रेल्‍वे, आयकर, क्रेडिटकार्ड, केन्‍द्र सरकार की योजनाओं, भारत सरकार द्वारा सीधे अनुदानित स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं के मामलों में भ्रष्‍टाचार , गबन, एवं रिश्‍वतखोरी के मामले सीधे ही सी.बी.आई स्‍वयं हैण्‍डल करती है और त्‍वरित एवं तत्‍पर सीधी कार्यवाही करती है ।

राज्‍य सरकार के ऐसे सभी विभाग या कार्यालय जो कहीं से पार्शियली या अंशत: या सारत: केन्‍द्र सरकार से निधि संबद्ध या धन प्राप्‍त होकर संचालित, मानिटर्ड या प्रशासित है उनसे संबंधित मामले भी सी.बी.आई राज्‍य सरकार से सहबद्ध होकर हैण्‍छल करती है इनके भी भ्रष्‍टाचार, गबन और रिश्‍वत से जुड़ मामले सी.बी.आई को भेजे जा सकते हैं ।

राज्‍य सरकार के पिभागों, कार्यालयों, लोक उपक्रमों, लोक उद्यमों एवं लोक सेवाओं, अधिकारीयों कर्मचारीयों से जुड़े भ्रष्‍टाचार, गबन और रिश्‍वत के मामले भी सी.बी.आई. को भेजे जा सकते हैं, ऐसे मामलों में सी.बी.आई. अपने कव्‍हर नोट के साथ राज्‍य सरकार की संबंधित जॉच या अपराध जॉच एजेन्‍सी की ओर प्रकरण अग्रेषित कर राज्‍य सरकार की सम्‍बन्धित अपराध शाखा या जॉच एजेन्‍सी मसलन आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरो, लोक आयुक्‍त, या सतर्कता विभाग को त्‍वरित व तत्‍पर कार्यवाही करने के लिये आग्रह करती है तथा मामले के अंत तक उस पर नजर रखती है ।

श्री कोयल ने किसान क्रेडिट कार्ड , किसान ऋण योजनाओं, स्‍वरोजगार योजनाओं, बेरोजगारों के शोषण आदि से जुड़े मामले भी सी.बी.आई. को दिये जाने का आग्रह किया ।

मौके पर हुयी दो शिकायतें

सम्‍पर्क शिविर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ही दो आवेदक श्री कोयल से मिले और अपनी शिकायतें उन्‍हें सौंपी । एक आवेदक पहले से ही अपनी शिकायत लिखित तौर पर तैयार कर के लाया था (संभवत: उसे पहले से ही सी.बी.आई के आने की जानकारी थी, वह पूरी तैयारी से आया था) दूसरा आवेदक एक महिला थी जिसे शायद अचानक जानकारी मिली थी और बिना तैयारी के आयी थी जिस पर श्री कोयल ने उसे अपनी शिकायत लिखित रूप से विवरण रूप में बताने का निर्देश दिया और उसने अपनी शिकायत वहीं जल्‍दी जल्‍दी लिखी और श्री कोयल को सौंपी ।

लालौर मुरैना के सत्‍यनारायण शर्मा ने अपनी शिकायत सौंपते हुये बताया कि उनके नाम पर उनकी जमीन को मार्टगेज कर किसी ने यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया से 2 जाख रूपये का ऋण ले लिया है और उन्‍होंने खुद कभी बैंक से कोई ऋण नहीं लिया और अब उनसे जबरदस्‍ती बैंक द्वारा 1 लाख 65 हजार रूपये की पैनल्‍टी सहित ऋण वसूली की जा रही है, उनके द्वारा पुलिस में एफ.आई.आर. भी दर्ज करायी गयी किन्‍तु आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं हुयी, पत्रकारों ने बताया कि मुरैना की बैंकों में यह आमतौर पर वर्षों से चल रहा है और ऐसे सैकड़ों मामले हैं जिनमें किसी के भी नाम पर किसी अन्‍य ने फर्जी ऋण निकाल लिये हैं जिसमें अंचल में अनेक दलाल सक्रिय है तथा बैंक प्रबंधन इसमें अपने दलालों के माध्‍यम से कूटरचना व जालसाजी करके किसी के भी नाम पर कोई भी ऋण निकाल लेता है । सी.बी.आई ने सारी टिप्‍स एवं पाइण्‍टस नोट कर लिये तथा सत्‍यनारायण शर्मा नामक किसान का मामला अपने संज्ञान में लेकर कार्यवाही के लिये ग्रहण कर लिया ।

कल्‍पना मुदगल नामक युवती ने अपनी शिकायत करते हुये बताया कि वह एक एन.जी.ओ. चलाती है (कल्‍पना मुदगल के एन.जी.ओं. के खिलाफ मुरैना के तत्‍काली कलेक्‍टर राधेश्‍याम जुलानिया ने फर्जी कार्यवाही कर अनुदान हड़पने और जालसाजी का मामला पुलिस में पंजीबद्ध कराया था यह मामला लंबित है) कल्‍पना मुदगल की शिकायत थी कि उसके एन.जी.ओं के बैंक खाते से उसी के एन.जी.ओं. के अन्‍य पदाधिकारीयों ने उसके फर्जी हस्‍ताक्षर बना कर पूरा बैंक खाता साफ कर दिया है, उसने मामले की पुलिस एफ.आई.आर. भी दर्ज करायी लेकिन अभी तक उसे न्‍याय नहीं मिला है ।

पत्रकारों ने की व्हिसिल ब्‍लोइंग

पत्रकारों ने श्री कोयल के साथ चर्चा में भाग लेते हुये कई मामलों की व्हिसिल ब्‍लोइंग की पत्रकारों ने श्री कोयल कों किसानों के सहकारी समितियों द्वारा वर्षों से फर्जी बीमों और क्‍लेम मांगने पर क्‍लेम न मिलने तथा बीमा कम्‍पनीयों द्वारा यह कहे जाने पर कि सम्‍बन्धित सहकारी समिति ने उनके यहॉं कोई पैसा नही जमा कराया के लम्‍बे चौड़ फर्जीवाड़े, स्‍कूल शिक्षा विभाग में छात्रों के फर्जी बीमा किये जाने और सरकारी स्‍कूलों के छात्रों को आज तक कभी कोई क्‍लेम न मिलने, जिला शिक्षा विभाग द्वारा बीमा कम्‍पनीयों से सांठगॉंठ कर लाखों करोड़ो छात्र बीमा के फर्जीवाड़े, एन.जी.ओ. मूवमेण्‍ट के नाम पर जिले की फर्जी स्‍वयंसेवी संस्‍थाओ द्वारा करोड़ों रू. फर्जीवाड़ा कर हड़पने उनके साथ भारत सरकार के और मध्‍यप्रदेश सरकार के अधिकारीयों से सीधे सांठगांठ कर करोड़ों रू. का प्रतिवर्ष फर्जीवाड़ा करने वाले रैकेट की ओर भी ध्‍यान आकर्षित कराया । इस सम्‍बन्‍ध में कुछ पत्रकारों ने सी.बी.आई. को साक्ष्‍य सबूत देने और भारत सरकार द्वारा फर्जी व फरार घोषित संस्‍थाओं को मुरैना में प्रशासन व राज्‍य सरकार के साथ कई कार्यक्रमों में कार्य करने की जानकारी भी उपलब्‍ध कराई तथा भारत सरकार एवं राज्‍य सरकार से अनुदानित स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 4 के तहत कार्यवाही न करने, अपनी सूचनायें व जानकारीयॉं सार्वजनिक न करने, इण्‍टरनेट पर प्रकाशित न करने फण्‍ड, पदाधिकारी, व हितग्राहीयों की सूची सार्वजनिक न किये जाने पर भी सी.बी.आई. को व्हिसिल ब्‍लोइंग की । इसके अलावा करीब दो दर्जन और भ्रष्‍टाचार, गबन तथा रिश्‍वत से जुड़े अपराधों की व्हिसिल ब्‍लोइंग की गयी ।

सायबर क्राइम पर मौन रहा

हालांकि सायबर क्राइम से जुड़े अपराध सी.बी.आई के हिट लिस्‍ट में हैं लेकिन मुरैना में सायबर क्राइम पर मौन छाया रहा और न पत्रकारों ने न सी.बी.आई ने इस विषय को चर्चा में लिया ।

पब्लिक नेटवर्क बनाने की मुहिम

सी.बी.आई. ने खास वजह बताते हुये कहा कि जिन जिलों में सी.बी.आई. का पर्याप्‍त नेटवर्क नहीं हैं वहॉं सी.बी.आई. अपना पब्लिक नेटवर्क तैयार कर रही है एक सक्रिय, सक्षम व सशक्‍त पब्लिक नेटवर्क तैयार करना जो कि सी.बी.आई. का सहयोगी नेटवर्क हो सी.बी.आई का प्रमुख उद्देश्‍य है तथा मुरैना जिला  ऐसे ही एक जिला है जहॉं हमें अपना नेटवर्क खड़ा करना है और हमने आज इसकी इस सम्‍पर्क शिविर के साथ शुरूआत की है । हम जिला स्‍तरीय कार्यक्रम चला रहे हैं और आगे सभी जिलों में ऐसे कार्यक्रम चलाये जायेंगें, हम चाहते हैं कि भ्रष्‍टाचार, गबन और रिश्‍वतखोरी के खिलाफ लोग खुलकर मुखर होकर सामने आयें, सी.बी.आई. से जुड़ें ।

सी.बी.आई को करें शिकायत तभी मिटेगा भ्रष्‍टाचार

श्री कोयल ने कहा कि हर जगह भ्रष्‍टाचार है, गबन और रिश्‍वतखोरी है लेकिन जब त‍क आप हमें शिकायत नहीं करेंगे, सुराग या साक्ष्‍य नहीं देंगे तब तक हम कार्यवाही कर पाने में असमर्थ रहते हैं हमें आप खबर दीजिये या सुराग दीजिये हम कार्यवाही करेंगें । श्री कोयल ने यहॉं तक कहा कि आप तो बस हमें सुरागी संकेत दे दीजिये बकाया काम हम कर लेंगे ।

चड्डी गीली हो जाती है सी.बी.आई के नाम से

एक पत्रकार द्वारा बार बार कई बार यह पूछे जाने और दोहराये जाने पर कि साहब पुलिस के नाम से तो लोगों को पसीने आते हैं लेकिन आपके नाम से तो आदमी की सीधी चड्डी गीली हो जाती है अगर कोई किसी की झूठी खबर आपको दे दे तो कोई तो मुफत में ही मारा जायेगा और उसकी चड्डी गीली हो जायेगी । इस पर श्री कोयल ने पहले तो कोई जवाब देना उचित नहीं समझा लेकिन बार बार पूछे जाने पर उन्‍होंने बताया कि हम हर खबर का हर सूचना का गोपनीय तरीके से पहले सत्‍यापन कराते हैं और सत्‍यता की सुगंध पाने के बाद ही कार्यवाही करते हैं और फिर कार्यवाही में देर नहीं लगाते । सबूत बटोरना हमारा काम है हमारे शिकायत कर्ता का नहीं और यदि इसके बाद भी अगर सूचना गलत पायी गयी तो हम अपनी कमजोरी इसे मानते हैं अपने सूचनाकर्ता या शिकायतकर्ता की नहीं और हम अपने खबर देने वाले को सुरक्षा व संरक्षण देते हैं पुलिस की तरह उसे उल्‍टा नहीं पुलिस केस में फंसा देते । उल्‍लेखनीय है कि सम्‍बन्धित पत्रकार प्रसिद्ध वकील भी था और अनेक भ्रष्‍टों का संरक्षक एवं शासकीय कम्‍पनीयों तथा सी.बीआई के निशाने पर कम्‍पनीयों, विभागों व अधिकारीयों का अभिभाषक है । पत्रकार की चिन्‍ता ताड़ते हुये ग्‍वालियर टाइम्‍स से सी.बी.आई. के एक अधिकारी ने अलग से गोपनीय चर्चा में अंतत: पूछ ही लिया कि यह श्रीमान कहीं किसी निशाने से तो नहीं जुड़े है इनकी चड्डी गीली क्‍यों हो रही है ।

रातोंरात मचा हड़कम्‍प और धड़ाधड़ हुयी छापेमारी

सी.बी.आई की शहर और अंचल में हरकत की खबर से मुरैना के कई सरकारी विभागों और कार्यालयों में हड़कम्‍प मच गया । और मुरैना सांसद नरेन्‍द्र सिंह तोमर के शाम तक चले कार्यक्रमों से फारिग होने के बाद कई विभागों ने फटाफट अपने रिकार्ड खंगालने और फूंकने तथा ओ.के करना शुरू कर दिये । रात 9 बजे से रात 1 बजे तक कई स्‍वयंसेवी अनुदानित संस्‍थाओं के कार्यालयों, छात्रावासों और संस्‍थाओं पर प्रशासन छापेमारी करता रहा । पिछले तीन दिन से चल रहा छापा मारी एपीसोड और एन.जी.ओं. की खाना तलाशी अभी तक जारी है । सूत्र बताते हैं कि दो चार एन.जी.ओं. लपेट में आभी गये हैं । एन.जी.ओ; की खाना तलाशी के लिये विशेष तौर पर पेजीयक फर्म्‍स एवं संस्‍थायें म.प्र ग्‍वालियर भी टीम के साथ घूम रहे है , उधर खबर है कि सी.बी.आई गोपनीय तौर पर अभी चम्‍बल में ही डेरा डाले हुये है और ग्‍वालियर चम्‍बल में कई मामलों के सुराग टटोल रही है ।

सी.बी.आई के सम्‍पर्क्‍ पते कैसे करें शिकायत

समाचार काफी विस्‍तृत हो जाने के कारण हम सी.बी.आई के सम्‍पर्क पते व सम्‍पर्क एवं शिकायत के तरीके पृथक से देंगें तथा वेबसाइट पर सी.बी.आई से सम्‍पर्क लिंक और जानकारी भी उपलब्‍ध करायेंगे साथ ही मातृ संस्‍था प्रसिद्ध स्‍वयंसेवी संस्‍था नेशनल नोबल यूथ अकादमी एवं ग्‍वालियर टाइम्‍स संयुक्‍त रूप से चम्‍बल में सी.बी.आई. को भ्रष्‍टाचार गबन और रिश्‍वत से जुड़ी शिकायतों को पहुँचाने के निये पर्चा पेम्‍पलेट छपवा कर बंटवाने ग्रामीण शिविर आदि लगा कर भी जागस्‍कता व प्रचार प्रसार करेंगें जिसमें सी.बी.आई को शिकायत करने तथा संपर्क तरीके आदि प्रमुख रूप से प्रचारित किये जायेंगे । अधिक जानकारी के लिये लॉगइन करें www.gwaliortimes.com     Or On Direct C.B.I. Website  www.cbi.gov.in    

 

बालिका है तो आज हम हैं, कन्‍या बिना सृष्टि और पुरूष दोनों का विनाश- चम्‍बल आयुक्‍त अग्रवाल

बालिका है तो आज हम हैं, कन्‍या बिना सृष्टि और पुरूष दोनों का विनाश- चम्‍बल आयुक्‍त अग्रवाल

समाज सेवा और और बालिका संरक्षण दुष्‍कर व भीष्‍म कार्य कलेक्‍टर मुरैना अग्रवाल

मुरैना 26 सितम्‍बर 09, विगत 22 सितम्‍बर 09 को यहॉं विख्‍यात समाज सेवी संस्‍था अभ्‍युदय आश्रम के सभागृह में चम्‍बल आयुक्‍त श्री एस.डी.अग्रवाल, मुरैना जिला कलेक्‍टर श्री एम.के. अग्रवाल ने स्‍वयंसेवी संस्‍था ‘’संस्‍कृति’’ द्वारा गिरते कन्‍या लिंग अनुपात पर आयोजित दिशा निर्देशन कार्यक्रम के दौरान शिरकत करते हुये अभ्‍युदय आश्रम की बालिकाओं व बालकों द्वारा प्रस्‍तुत सांध्‍य भजन प्रार्थना में भाग लेकर अंचल के समाजसेवी क्षेत्र को अति उपयोगी महत्‍वपूर्ण निरूपित करते हुये इसका सम्‍यक उपयोग एवं सद्भावपूर्ण संचालन पर बल दिया ।

कार्यक्रम में अनेक राष्‍ट्रीय व उत्‍कृष्‍ट पुरूस्‍कारों से सम्‍मानित व विभूषित प्रसिद्ध समाजसेवी रामसनेही, डॉं एच .सी.शर्मा, डा. गजेन्‍द्र सिंह तोमर, डॉ. आर.सी.बादिल एवं संस्‍कृति संस्‍था के संचालक व कन्‍या शिशु बचाओ अभियान के संयोजक देवेन्‍द्र सिंह तोमर भी मंचासीन थे ।

इस अवसर पर चम्‍बल आयुक्‍त श्री एस.डी. अग्रवाल ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में अभ्‍युदय आश्रम एवं समाजसेवी रामसनेही की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुये उन्‍हें समाजसेवियों के लिये प्रेरणास्‍त्रोत बताया । श्री अग्रवाल ने कहा कि बच्चियॉं सृष्टि का भविष्‍य हैं, सृष्टि की संचालक, वाहक एवं पालक हैं उनके बगैर मानव पीढ़ी के भावी संसार की कल्‍पना नहीं की जा सकती । बच्चियॉं जहॉं हमारी बेटियॉं हैं वहीं उनके कई अलग रूप हमारे आस पास कभी बहिन के रूप में, कभी मॉं के रूप में तो कभी पत्‍नी के रूप में सदा रहते हैं । बेटियॉं नहीं रहेंगीं तो न मॉं रहेगी , न बहिन मिलेगी न पत्‍नी । हमें अपना अस्तित्‍व बचाना है या सुरक्षित रखना है तो सबसे पहले बेटियों को सुरक्षित रखना होगा ।

मुरैना जिला कलेक्‍टर श्री एम.के. अग्रवाल ने इस अवसर पर अपने मार्गदर्श एवं प्रोत्‍साहनदायक सम्‍बोधन में कहा कि आजकल मॉं दुर्गा का शक्ति या स्‍त्री के श्रेष्‍ठतम स्‍वरूप का नवदुर्गा आराधना अर्चना का काल चल रहा है , हमारी संस्‍कृति में स्‍त्री को उच्‍चस्‍तरीय श्रेष्‍ठता दर्जा व मान्‍यता आदिकाल से ही प्राप्‍त रही है इसीलिये हम वर्ष में दो बार स्‍त्री शक्ति पूजा के सर्वोत्‍तम पर्व नवरात्रियों को वर्ष में दो बार मनाते हैं, इसके अतिरिक्‍त स्‍त्री शक्ति की ही कभी मॉं जगदम्‍बा जगज्‍जननी तो कभी दस महाविद्या के रूप में अर्चना उपासना करते हैं , ब्रह्मा विष्‍णु और महेश जैसे त्रिदेव भी आदिशक्‍ित जगज्‍जननी मॉं की आराधना कर ईश्‍वर और सृष्टि के नियामक, नियन्‍ता व संहारक शक्तियों से समृद्ध हैं । शक्ति यानि स्‍त्री की श्रेष्‍ठता व उसकी रक्षा पूजा उपासना अर्चना से हमारे धार्मिक ग्रथ भरे पड़े हैं फिर भी कई लोग बालिक का महत्‍व नहीं जानते और मूढ़ होकर प्रकृति की सर्वश्रेष्‍ठ वरदान स्‍वरूप कन्‍या रत्‍न को भी त्‍याग देते हैं जिससे उनका व समाज का घोर अनर्थ होता है और कई काल तक यह पाप समाज को पीड़ायें देकर सताता है । श्री अग्रवाल ने रामसनेही की समाजसेवा और अभ्‍युदय आश्रम की मुक्‍त कण्‍ठ से प्रशंसा करते हुये कहा कि ऐसे लोग कुदरत बड़ी मुश्किल से पैदा करती है जो कि दूसरों के लिये अनुकरणीय मिसाल बनें । मैंने रामसनेही जी का काम लम्‍बे समय तक देखा है और ऐसे समाजसेवी की लम्‍बी उम्र व स्‍वस्‍थ जीवन की मैं कामना करता हूँ , श्री अग्रवाल ने कन्‍या लिंगानुपात पर अंचल की स्थिति पर प्रकाश डालते हुये कहा आज से पन्‍द्रह बीस साल पहले अंचल में कन्‍याओं की स्थिति यहॉं काफी बदतर थी लेकिन सरकारी प्रयासों और योजनाओं के जरिये तथा समाजसेवियों एवं समाजसेवी संस्‍थाओं द्वारा कमर कस कर उठ खड़े होने के बाद चार साल पहले इस अभियान की जो अलख जगाई गयी थी उसका असर साफ तौर पर नजर आने लगा है और लोग अब जागरूक होने लगे हैं तथा स्‍वेच्‍छा से कन्‍या रत्‍न अनमोल मानकर उसे बचाने लगे तथा गर्भ में भ्रूण परीक्षण से परहेज करने लगे हैं । श्री अग्रवाल ने म.प्र. सरकार द्वारा कन्‍याओं के संरक्षण व कल्‍याण के लिये चलाई जा रही लाड़ली लक्ष्‍मी, मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना, और मुफ्त साइकिल वितरण जैसी कई योजनाओं पर प्रकाश डालते हुये सरकार की बालिका संरक्षण, संवर्धन एवं प्रोत्‍साहन की मंशा पर प्रकाश डाला ।

कार्यक्रम में अभ्‍युदय आश्रम के संचालक प्रसिद्ध समाजसेवी रामसनेही, डॉ. एच.सी.शर्मा, डाफ. गजेन्‍द्र सिंह तोमर, डॉ. आर.सी. बांदिल ने भी अपने विचार व्‍यक्‍त किये ।

संस्‍कृति संस्‍था के संचालक व अभियान के संयोजक देवेन्‍द्र सिंह तोमर ने कार्यक्रम और अभियान की बुनियादी अवधारणा, रूपरेखा तथा उपलब्धियों पर  प्रकाश डाला । अंत में ग्‍वालियर टाइम्‍स के प्रधान संपादक एवं स्‍वयंसेवी संस्‍था नेशनल नोबल यूथ अकादमी के संस्‍थापक व संचालक नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’ ने अभार प्रदर्शन किया ।

 

24 septiembre

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से 20 तटीय गांवों के जीवन में बदलाव

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से 20 तटीय गांवों के जीवन में बदलाव

सार्वजनिक - निजी भागीदारी के लिए मॉडल

 

                                                            के.एम रवीन्द्रन *

अपर महानिदेशक, पसूका, चेन्नई

       किसी भी प्रौद्योगिकी अथवा उपकरण के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। हालांकि उसकी प्रभावोत्पादकता इस बात पर निर्भर करती है कि उसके सकारात्मक पक्ष से हम कितना फायदा उठा सकते हैं। इसका मतलब यह है कि यह हम पर निर्भर है कि हम प्रौद्योगिकी को अपने पक्ष में कैसे इस्तेमाल करें।

 

       कुछ ऐसा ही पुडुचेरी बहुद्देश्यीय सामाजिक सेवा सोसायटी नामक गैर सरकारी संगठन ने पूरी सफलता के साथ किया है।

 

       सोसायटी ने मछुआरों के दैनक जीवन को नया रूप देने के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के सर्वोत्तम इस्तेमाल के जरिए पुडुचेरी और तमिलनाडु के कुड्डालूर और वल्लुपुरम जिलों में ज्वार-भाटा को पूरी तरह से मछुआरा समुदाय के अनुकूल बना दिया है।

 

       पुडुचेरी में सोसायटी के मुख्यालय में इसरो के समर्थन से मुख्य सूचना केन्द्र की स्थापना से इस मिशन की शुरूआत हुई। यह केन्द्र गांवों में स्थित ग्राम सूचना केन्द्रों को सूचना प्रसारित करता है। पुडुचेरी में चिन्हित गांवों की संख्या नौ, कुड्डालूर में आठ और कराईकल में तीन हैं। इन 20 तटीय खेड़ों में ग्रामीणों के रोजमर्रा के जीवन में समृध्दि लाने के लिए सूचना और ज्ञान उपलब्ध कराया जा रहा है।  आसन्न संकट की आशंका के मामले में नियमित सूचना के अलावा चेतावनी संदेश जारी किए जाते हैं। पांच साल पहले त्सुनामी से तबाह क्षेत्र में लोगों को प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने का यह पुडुचेरी बहुउद्देश्यीय सामाजिक सेवा सोसायटी का एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है।

 

       सार्वजनिक उद्बोधन प्रणाली के जरिए दिन में तीन बार, मौसम, लहरों की ऊंचाई, हवा की चाल, वे संभावित क्षेत्र जहां मछली मिल सकती हैं और मछलियों के दैनिक बाजार भाव के बारे में घोषणाएं करने के लिए प्रणाली स्थापित की गई हैं। यह सूचना इन गांवों में बोर्ड पर भी प्रदर्शित की जाती है। हालांकि सार्वजनिक उद्धोषणा प्रणाली की पहुंच सिर्फ एक किलोमीटर तक सीमित है लेकिन पुडुचेरी बहुउदेश्यीय सामाजिक सेवा सोसायटी के अथक प्रयासों से इस सीमा से भी बाहर कदम रखा गया है। सोसायटी ने पुढु युगम पड़ाइपोम (आइए, एक नए प्रभात के लिए प्रयास करें) नामक मछुआरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रसारण के लिए आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) के पुडुचेरी केन्द्र के साथ अनुबंध किया है। गहरे समुद्र में मौसम की स्थिति की जानकारी पाने के लिए मछुआरों के आग्रह पर संचार के इस माध्यम के इस्तेमाल का विचार किया गया। आकाशवाणी पुडुचेरी के सहयोग से ग्रामीण समुदाय के लिए सूचना नामक विशेष कार्यक्रम भी दिन में तीन बार प्रसारित किया जाता है।

 

       पुडुचेरी बहुउद्देश्यीय सामाजिक सेवा सोसायटी के पास मौसम पूर्वानुमान पर कार्यक्रम रिकार्ड करने के लिए सुसज्जित स्टूडियो है। सोसायटी के मुख्यालय में स्वचालित मौसम केन्द्र स्थापित किया गया है जहां लहरों की ऊंचाई, समुदाय आधारित आपदा की तैयारी,  सूचना का अधिकार, बाल अधिकार, महिला सशक्तीकरण, बच्चों के गैर कानूनी व्यापार और समुदाय आधारित अन्य विशिष्ट जानकारियां प्रदान की जाती हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और युवकों सहित ग्रामीण समुदाय के लोग इस कार्यक्रम में उत्सुकता व उत्साह से भाग लेते हैं। उन्हें कार्यक्रम के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है जो उनकी अपनी आवाज में रिकार्ड किया जाता है तथा आकाशवाणी पुडुचेरी के जरिए उसे प्रसारित किया जाता है।

 

       भू-विज्ञान मंत्रालय का हैदराबाद स्थित भारतीय राष्ट्रीय समुद्र सूचना सेवा केन्द्र और चेन्नई स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग मौसम पूर्वानुमान और लहरों की ऊंचाई के बारे में सूचना उपलब्ध कराते हैं। पुडुचेरी में सोसायटी के मुख्यालय में इसरों की मदद से डिजिटल डिस्प्ले प्रणाली स्थापित की गई है जो मछुआरों को समुद्र संबंधी सम्पूर्ण ब्यौरा उपलब्ध कराती है। इस गैर सरकारी संगठन ने इन गांवों के मछुआरों की सुरक्षा के लिए लहरों की ऊंचाई नापने के लिए 2007 में  (अक्षांश: 11 डिग्री 52. 442' एन, उन्नतांश: 79 डिग्री 50. 573' ई) बंगाल की खाड़ी, चिन्नावीरंपत्तीनम, पुडुचेरी में बंगाल की खाड़ी में अपना वेव राइडर चिन्ह स्थापित किया गया है।

 

       सॉपऊटवेयर सेवा कम्पनियों के राष्ट्रीय संघ ने इन 20 गांव ज्ञान केन्द्रों के जरिए सीखने के इच्छुक लोगों को कम्प्यूटर शिक्षा के अलावा इन गांवों में ई-साक्षरता और प्रौढ श्ािक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए हैं। दसवीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बीएसएनएल की ब्राडबैंड सेवा के जरिए ई-शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। पुडुचेरी में निजी टीवी चैनल रेनबो के जरिए भी ऐसी ही सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

 

       पुडुचेरी आयुर्विज्ञान संस्थान के साथ अनुबंध के जरिए ग्रामीण लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यचिकित्सा देखरेख सेवा उपलब्ध कराने के लिए एक अन्य लागत प्रभावी (कम खर्च वाली) आईओटी सुविधा ई-औषधि  स्थापित की गई है।

 

       ई-कृषि सेवा के जरिए उर्वरक, बीज, कृषि उत्पादों की कीमतों जैसी कृषि संबंधी सभी प्रासंगिक सूचनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जहां कहीं संभव है आवेदन फार्म डाउनलोड करने और ऑन लाइन आवेदन जैसी सरकारी सेवाओंस्कीमों सूचनाओं को उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ई-शासन सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

 

       कुल मिलाकर पुडुचेरी बहुउदेश्यीय सामाजिक सेवा सोसायटी बहुत ही सफल सार्वजनिक-निजी भागीदारी सिध्द हुई है।

 

       इसके अलावा यह सोसायटी (संस्था) सम्पूर्ण समग्र मानव विकास के लिए लोगों की शिक्षा और प्रशिक्षण पर बल दे रही है। प्रशिक्षण के लक्ष्यों में  लोगों को जागरूक बनाने, शिक्षा, संगठन, शक्ति और कार्रवाई शामिल है। इन वर्षों में स्वच्छता, पर्यावरण और पारिस्थितिकी जैसे संबंधित क्षेत्रों और कृषि में नेतृत्व के गुणों का अनेक लोगों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए विभिन्न कौशलों के विकास का प्रशिक्षण दिया गया है।

 

       पुडुचेरी बहुद्देश्यीय सामाजिक सेवा सोसायटी ने इन गांवों का सुव्यवस्थित गांवों में रूपान्तरण करने के उद्देश्य से यहां  मेन्ग्रोव सहित हरियाली बढाने, तटीय पारिस्थितिकी विज्ञान जैसे क्षेत्रों में सुधार लाने के अनेक प्रयास किए हैं।

 

       यह सोसायटी पुडुचेरी और कुड्डालूर के आर्कडियोसीज की पंजीकृत समाज सेवा करने वाली संस्था है। इसका मुख्यालय पुडुचेरी में है। यह इस संघीय क्षेत्र के पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र तथा तमिलनाडु के कुड्डालूर एवं वल्लुपुरम जिलों में पिछले 32 साल से अनेक लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को नया रूप दे रही है।

 

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  *अपर महानिदेशक, पसूका, चेन्नई

 

23 septiembre

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अपने कार्यक्रमों के लिए ई-ट्रैकिंग एवं सामाजिक लेखा परीक्षण शुरु करेगा

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अपने कार्यक्रमों के लिए ई-ट्रैकिंग एवं सामाजिक लेखा परीक्षण शुरु करेगा

नई दिल्‍ली 22 सितम्‍बर 09, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय अपने महिला एवं बाल विकास कार्यक्रमों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं अभिनवीकरण लाने के लिए शीघ्र ही वाच डाग, ई ट्रैकिंग एवं सामाजिक लेखा परीक्षण शुरु करेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती कृष्णा तीरथ ने आज यहां केंद्र एवं राज्यों के सामाजिक कल्याण बोर्डों के अध्यक्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जनकल्याण कार्यक्रमों में लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए तथा लापरवाही, कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं की विफलता, धन के कुप्रबंधन एवं सामाजिक समूहों के साथ असहयोग से जुड़े मामलों में बिल्कुल कड़ाई बरती जानी चाहिए।

 

       मंत्री महोदया ने केंद्रीय सामाजिक कल्याण बोर्ड की संस्थापक स्वर्गीय डा0 दुर्गाबाई देशमुख के योगदानों को याद करते हुए कहा कि बोर्ड को उनके सपने को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास करना चाहिए। केंद्रीय सामाजिक कल्याण बोर्ड के कामकाज की आलोचना पर चिंता प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय और राज्यों के सामाजिक कल्याण बोर्डों को अपनी वार्षिक कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए तथा उसपर मंत्रालय से चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सामाजिक कल्याण बोर्ड को अपने सहयोगियों तथा हितधारकों के कामकाज का रिकार्ड रखने के लिए नियमित रुप से सामाजिक लेखा परीक्षण एवं कार्यक्रम लेखा परीक्षण करना चाहिए।

 

       श्रीमती तीरथ ने कहा कि केंद्रीय सामाजिक कल्याण बोर्ड के कामकाज में सुधार के लिए उन्होंने अपने कार्यकाल के अगले पांच सौ दिनों के लिए कार्यक्रम लेखा परीक्षण, स्कीम का सामाजिक लेखा परीक्षण, एनजीओ प्रोफाइलिंग, सेवाओं के बीच अंतर को दूर करने के लिए विश्लेषण बोर्डों के पुनर्गठन आदि की प्रकियाएं शुरु की हैं।

 

घरेलू एलपीजी. सिलेण्डर का प्रदाय उपभोक्ताओं को , निर्धारित मानकों के अनुरूप करें: कलेक्टर

घरेलू एलपीजी. सिलेण्डर का प्रदाय उपभोक्ताओं को , निर्धारित मानकों के अनुरूप करें: कलेक्टर

ग्वालियर 21 सितम्बर 09। घरेलू एलपीजी. सिलेण्डर का प्रदाय उपभोक्ताओं को सही वजन, सही मूल्य एवं समय पर सुनिश्चित करने के लिये कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने आवश्यक दिशा निर्देश संबंधितों को जारी किये हैं। निर्देशों से इंडियन ऑयल (इण्डेन), भारत, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक, सेल्स ऑफिसर और संबंधित वितरकों को अवगत करा दिया गया है।

     

इन से करें शिकायत

उपनियंत्रक नापतौल श्री व्हीएस. ध्रुर्वे              - 94253-62352

नापतौल निरीक्षक श्री एसएस. सिकरवार          - 98265-14604

नापतौल निरीक्षक श्री सीएल. पंचायती       - 98260-81217

नापतौल निरीक्षक श्री सुदीप शर्मा                - 92292-47953

सेल्स ऑफिसर (हिन्दुस्तान) श्री पंकज कुमार - 94254-01554

सेल्स ऑफिसर (इंडियन) श्री रमेश कुमार         - 94250-13766

सेल्स ऑफिसर (भारत) श्री चक्रवर्ती              - 93366-15405

 

कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने समस्त गैस वितरकों को निर्देश दिये हैं कि गैस फिलिंग प्लांट से लोड प्राप्त होने पर सभी गैस सिलेण्डर्स का इलेक्ट्रोनिक कांटे से तौल करें। निर्धारित मात्रा से कम गैस पाये जाने पर सिलेण्डर का प्रदाय उपभोक्ताओं को किसी भी दशा में नहीं किया जाये। कम वजन के सिलेण्डर की सूचना तत्काल नापतौल विभाग एवं संबंधित कंपनी के अधिकारी को दी जाये।

      निर्देशों में उल्लेख किया गया है कि वितरक को कंपनी से लोड प्राप्त होने पर संबंधित कंपनी के सेल्स ऑफिसर कम से कम 10 प्रतिशत सिलेण्डर का वजन समक्ष में करायें। प्रतिदिन जिला आपूर्ति नियंत्रक ग्वालियर को कार्यालयीन समय में इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि वितरक के गोदाम में कंपनी से प्राप्त किये गये सिलेण्डर में भरी हुई गैस का वजन 14.2 किलोग्राम है और प्राप्त किये गये सभी सिलेण्डर सील्ड व सही स्थिति में हैं।

      श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिये हैं कि वितरक प्रतिदिन हॉकर्स को सभी सिलेण्डर तौलकर देंगे। हॉकर्स को सिलेण्डर का वजन करने के लिये इलेक्ट्रोनिक कांटे उपलब्ध करायें। हॉकर्स को केवल अधिकृत गोदाम से ही भरे हुए सिलेण्डर प्रदाय किये जायें जिन्हें हॉकर्स द्वारा सीधे उपभोक्ता के घर पर डिलेवर किया जाये। उन्होंने सख्त निर्देश दिये हैं कि किसी भी वितरक या हॉकर्स द्वारा सड़क पर एवं अनाधिकृत स्थल पर भरे हुए या खाली सिलेण्डर का भण्डार नहीं किया जाये। उन्होंने कहा कि हॉकर्स द्वारा उपभोक्ता को उसके समक्ष तौलकर रिफिल दी जायेगी। घरेलू गैस सिलेण्डर को होटल, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में प्रदाय करने पर एजेन्सी तथा होटल मालिक के विरूध्द एफआईआर. दर्ज कराई जायेगी।

      श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिये कि सभी वितरक बैकलॉक की सूची, एजेन्सी के सूचना- पटल पर प्रदर्शित करें। वितरक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रिफिल के लिये बुकिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि गोदाम में पर्याप्त अग्नि शमन यंत्रों की व्यवस्था भी की जाये। यदि उपभोक्ता के घर पर ताला लगा हो तो ऐसी स्थिति में उपभोक्ता के घर पर सूचना लगाई जाये और पड़ोसियों से पर्ची पर हस्ताक्षर कराये जायें। सिलेण्डर में लगी सील किसी भी स्थिति में ना हटाई जाये जब तक रिफिल देते समय उपभोक्ता द्वारा स्वयं इसकी मांग न की जाये। चूल्हा निरीक्षण के लिये अधिकतम 40 रूपये शुल्क निर्धारित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सिलेण्डर रिफिलिंग रसीद मे तौलकर गैस लेें तथा गैस का वजन 14.2 किलोग्राम बड़े अक्षरों में प्रथम पेज पर अंकित करें। उक्त निर्देशों की सूचना सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और नापतौल विभाग के उपनियंत्रक सहित सभी सहायक एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी को भी दी गई है। साथ ही निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

 

 

21 septiembre

हरित क्रांति की दिशा में पावर टिलर (मिनी ट्रेक्टर) का अभियान बना शहडोल के आदिवासी काश्तकारों के लिए वरदान

हरित क्रांति की दिशा में पावर टिलर (मिनी ट्रेक्टर) का अभियान बना शहडोल के आदिवासी काश्तकारों के लिए वरदान

 

जे.पी. धौलपुरिया, उपसंचालक, जनसम्‍पर्क कार्यालय, शहडोल म.प्र.

 

 शहडोल 20 सितम्बर 2009/ताबड़तोड़ पावरटिलर (मिनी टे्रक्टर) वितरण करने के कृषि विभाग के कदम से शहडोल के गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले आदिवासियों की काश्तकारी में चमक लौट आई है और उनके लिए यह वरदान साबित हुए हैं। उनकी आर्थिक एवं सामाजिक हैसियत में सुधार आया है। इस बदलाव की मिसाल बने हैं शहडोल जिले के दूरवर्ती और पिछड़े गांवों के 60 स्व-सहायता समूहों के 639 गरीब आदिवासी काश्तकार, जिनने पावर टिलर की मदद से तथा अपनी मेहनत और लगन से अपनी फसल का उत्पादन दो गुना कर लिया है।

 

       राज्य सरकार ने तकनीकी दक्षता वाले पावर टिलर देकर हताश गरीब आदिवासी काश्तकारों को नई रोशनी दी है। इसे अपने खेतों में चलाकर आदिवासी काश्तकार बिना किसी लागत के अपने खेतों की जुताई और फसलों की मचाई कर सकते हैं। पावर टिलर का खेतों में प्रचलन बढ़ने से निश्चित रूप से आदिवासी काश्तकार समूहों का कारोबार बढ़ा है। इन काश्तकारों के समूहों में जैसिंहनगर के खुशरबा के एक ज्वालामुखी स्व-सहायता समूह के आठ काश्तकार सदस्यों के 30 एकड खेतों में जुताई होती है । समूह के अध्यक्ष श्री मानसिंह बताते हैं कि पहले बैलों से चार एकड़ में जुताई करने पर पन्द्रह-बीस दिन का समय लग जाता था । पर अब पावर टिलर से एक ही दिन में जुताई हो जाती है। साथ ही दूसराें के खेतों में जुताई करने और खाद, मिट्टी, ईटों की ढुलाई करने से अतिरिक्त आमदनी भी हो जाती है।

 

       खेतों में जुताई और मचाई करने तथा काश्तकारों की बेहतरी के लिए कृषि लागत व समय बचाने के साथ पावर टिलर अन्य तरीकों से कमाई का उपयुक्त माध्यम भी बन रहे हैं। इससे इन काश्तकारों के खेतों की माटी गुलजार हो गई है। आमतौर पर साधनाें के अभाव में गरीब काश्तकार बैलों से ही खेतों में जुताई करते थे। असिंचित क्षेत्र में सिर्फ एक ही फसल ले पाते थे। इस एक फसल में भी उत्पादन कम होने से जो मिला उसी से काम चलाना पड़ता था। गुजरबसर के लिए उन्हें दूसरों के यहां दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ती थी । जिले के छत्तीसगढ़ की सीमा पर बसे गांव बरगवां के पन्द्रह सदस्यीय सिंह वाहिनी स्व-सहायता समूह के अध्यक्ष  बिहारी पाव बताते है कि पहले बैलों से खेतों में जुताई करने से उतना उत्पादन नहीं हो पाता था । लिहाजा दूसराें के यहां मजदूरी करके आजीविका चलानी पड़ती थी । अब पावर टिलर से खेतों में उत्पादन दो गुना हो जाने से आय बढ़ गई है। पावर टिलर का अन्य कार्यो में भी उपयोग होने से आमदनी बढ़ गई है। उन्हें अब दूसरों के यहां मजदूरी करने नहीं जाना पड़ता।

 

       गरीब आदिवासी काश्तकारों की बेहतरी के लिए जिले में 60 स्व-सहायता समूहों के 639 काश्तकारों को 95.28 लाख रूपये के अनुदान पर 60 नग पावरटिलर अब तक दिए जा चुके हैं। इनके साथ ट्राली, कैजव्हील, सीडड्रिल आदि भी दिए गए हैं। इससे इनने स्वयं की 1752 एकड़ भूमि पर जुताई कर आमदनी बढ़ाई है। ये अन्य काश्तकारो की करीब 1800 एकड़ भूमि पर भी जुताई कर कमाई कर रहे हैं। जब ये बैलों से जुताई करते थे तो खाद, बीज आदि की समय पर व्यवस्था नहीं कर पाते थे । साथ ही खेतों की जुताई, मताई (मचाई) कार्य समय पर तथा अच्छे तरीके से नहीं कर पाने के कारण बोआई व रोपाई कार्य में भी प्राय: देरी हो जाया करती थी, जिससे गरीब आदिवासी काश्तकार अधिकतम मात्र तीन-चार क्विं0 प्रति एकड़ धान का औसत उत्पादन ही ले पाते थे । पर अब यही उत्पादन बढ़कर छ:-सात क्विं0 प्रति एकड़ हो गया है। धान की उपज भी बढ़कर दो गुनी हो गई ह,ै जिससे उन्हें चार-पांच हजार रूपये प्रति एकड़ अतिरिक्त आय अर्जित हो रही है। जिनके यहां सिंचाई के साधन है, वे अब दो फसलें ले रहे हैं। ये 60 स्व-सहायता समूहों के 639 काश्तकारों द्वारा 1752 एकड़ जमीन पर धान की खेती करके उन्हें 25 से 30 लाख रूपये की अतिरिक्त आय होने से उनके जीवन में खुशहाली आ गई है । हरित क्रांति के संवाहक बने हुए पावरटिलर की उपयोगिता के बार में शहडोल के उपसंचालक कृषि श्री के.एम. टेकाम कहते हैं कि पावरटिलर के इस्तेमाल से गरीब आदिवासी काश्तकारों की माली हालत में सुधार हो रहा है। वे अब अच्छी खेती कर रहे हैं और दूसरों के यहां किराए पर पावर टिलर देकर भी आमदनी कर रहे हैं। और भी जरूरतमंद गरीब आदिवासी काश्तकारों को अनुदान पर पावरटिलर मुहैया कराए जाएगें ।

 

राज्यपाल श्री ठाकुर द्वारा प्रदेशवासियों को ईद की बधाई

राज्यपाल श्री ठाकुर द्वारा प्रदेशवासियों को ईद की बधाई

Bhopal:Sunday, September 20, 2009

राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर ने ईद के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि ईद का त्यौहार खुशहाली का संदेश लेकर आता है। यह त्यौहार हमें समाज में प्रेम, एकता, भाईचारे और सदभाव की भावना को मजबूत बनाने की प्रेरणा देता है।

राज्यपाल श्री ठाकुर ने इस अवसर पर प्रदेश की तरक्की और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की है। श्री ठाकुर ने आशा व्यक्त की है कि प्रदेशवासी परम्परानुसार इस त्यौहार को आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनायेंगे।

 

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा ईद पर बधाई

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा ईद पर बधाई

Bhopal:Sunday, September 20, 2009

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने ईद के अवसर पर प्रदेश के मुस्लिम समाज को बधाई दी है। श्री चौहान ने अपने बधाई संदेश में आशा व्यक्त की है कि प्रदेश में ईद का त्यौहार परम्परागत हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया जायेगा।

श्री चौहान ने कहा कि ईद खुशहाली का त्यौहार है। इस वर्ष गणेशोत्सव, नवरात्रि तथा ईद के त्यौहार प्रदेशवासी साथ-साथ मना रहे हैं जो मध्यप्रदेश की समृद्धि के लिये जरूरी आपसी भाईचारे और सामाजिक एक- जुटता को और मजबूत बनायेंगे।

 

ईद-उल-फित्र के अवसर पर बंदियों से महिला परिजन को मुलाकात का अवसर

ईद-उल-फित्र के अवसर पर बंदियों से महिला परिजन को मुलाकात का अवसर

Bhopal:Sunday, September 20, 2009

ईद-उल-फित्र के अवसर पर केन्द्रीय जेल भोपाल पर परिरुद्ध बंदियों से उनकी महिला परिजनों से मुलाकात की व्यवस्था की गई है। जेल प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया है कि सुरक्षा की दृष्टि से केवल महिला परिजनों को ही भेंट का अवसर दिया जायेगा।

जेल प्रशासन ने समस्त बन्दी परिजनों से अनुरोध किया है कि उपरोक्त परिस्थितियों के दृष्टिगत वे जेल पर परिरूद्ध अपने बन्दी परिजनों से खुली मुलाकात पर केवल महिला परिजनों को भेजकर जेल प्रबंधन का सहयोग करें।

 

शासकीय कॉलेजों के छात्र संघ चुनाव स्थगित, छात्र संघों का गठन अब 8-9 अक्टूबर को

शासकीय कॉलेजों के छात्र संघ चुनाव स्थगित, छात्र संघों का गठन अब 8-9 अक्टूबर को

Bhopal:Sunday, September 20, 2009

मध्यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में 22-23 सितम्बर को होने वाले छात्र संघ चुनाव स्थगित कर दिये गये हैं। छात्र संघों के गठन के लिए नई तिथि 8-9 अक्टूबर निर्धारित की गई है। परिवर्तित तिथियों में छात्र संघ का गठन पूर्व में दिये गये निर्देशों के अनुसार सम्पन्न होगा।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में छात्र संघ चुनावों के लिए 28-29 अगस्त तिथि निर्धारित थी, जिसे शासन ने बढ़ाकर 22-23 सितम्बर कर दिया था।

 

सिविल न्यायाधीश का परीक्षा परिणाम घोषित

सिविल न्यायाधीश का परीक्षा परिणाम घोषित

Jabalpur:Saturday, September 20, 2009

उच्च न्यायालय द्वारा सिविल न्यायाधीश वर्ग-2 (प्रवेश स्तर) के 35 पदों के लिए 6 सितम्बर को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया जा चुका है। परीक्षा परिणाम मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की वेबसाइट http://www.mphighcourt.nic.in/  पर भी देखा जा सकता है। परीक्षा में सफल हुये परीक्षार्थी को मुख्य परीक्षा हेतु पृथक से प्रवेश पत्र भेजे जायेंगे।