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31 agosto

बड़े भाई ने तोडे हाथ, छोटा जुड़वायेगा: मुख्य मंत्री ने किया राजमाता सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण

बड़े भाई ने तोडे हाथ, छोटा जुड़वायेगा: मुख्य मंत्री ने किया राजमाता सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण

Sehore:Sunday, August 30, 2009

मुख्य मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज आष्टा प्रांगण में राजमाता विजयाराजे सिंधिया की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर संस्कृति एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा, कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री गुरूप्रसाद शर्मा, वेयर हाउसिंग कार्पोंरेशन के अध्यक्ष श्री राजेन्द्रसिंह राजपूत, मार्कफेड के अध्यक्ष श्री रमाकांत भार्गव, विधायक सर्वश्री रमेश सक्सेना, रणजीत सिंह गुणवान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनिता भण्डेरिया, सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महेश उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री ललित नागौरी सहित बडी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

एक लाख की सहायता

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिमा अनावरण समारोह के मौके पर जब जन-समुदाय पर नजर घुमाई तो अचानक बोल पड़े "हाथ कटे भैया को बुलाओ" "जिनके हाथ में प्लास्टर चढ़ा है उन भैया को भी यहां भेजो। इसी बीच उन्हें जताखेड़ा निवासी नन्नूसिंह ने अपनी अर्जी थमा दी, जिसमें उसने अपने बेटे की बिजली से मृत्यु होने का मजमून लिखा था। मुख्यमंत्री ने गौर से आवेदन पढ़ा और नन्नूसिंह को एक लाख की राशि मंजूर किए जाने की घोषणा कर दी।

मुख्यमंत्री ने जब भीड़ में खड़े हाथ कटे ग्राम सेवदा निवासी अनोखी लाल और हाथों पर प्लास्टर चढ़े व्यक्ति को मंच पर बुलाया तो उनकी सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों में भी कुछ हलचल देखी गई। मुख्यमंत्री तुरंत ही स्थिति को ताड़ गए और कहा उन्हें यहां आने दो - यह मंच गरीबों के लिए ही है।" मुख्य मंत्री ने थ्रेसर में हाथ कट जाने पर सेवदा निवासी अनोखीलाल को साढ़े सैतीस हजार की राशि प्रदान किए जाने की घोषणा मंच से की।

छोटा भाई शिवराज जुड़वा देगा

हाथों पर प्लास्टर चढ़ाए जब वह व्यक्ति मंच पर पहुंचा तो मुख्यमंत्री ने उससे हाथों में चोट आने का कारण जानना चाहा। जबाव मिला बड़े भाई ने हाथ तोड़ दिए, जिस पर मुख्य मंत्री ने कहा बडे भाई ने हाथ तोड़ दिए तो आपका छोटा भाई शिवराज हाथ जुड़वा देगा, चिन्ता की बात नहीं।मुख्य मंत्री ने आवेदन देने वाले सभी नागरिकों को आश्वस्त किया कि हर आवेदन को गंभीरता से पढ़ा जायगा और उस पर कार्यवाही की जायगी।

मुख्य मंत्री ने आष्टा अनुभाग की जावर तहसील के मसले पर कहा कि कल ही इस सिलसिले में अंतिम अधिसूचना जारी कर दी जायगी और जन प्रतिनिधि यदि तय कर लेते है तो परसों से ही तहसील जावर काम करना शुरू कर देगी। उन्होंने मण्डी प्रांगण में सीमेन्ट कांक्रीट कार्य को मंजूरी दी तथा सिविल हॉस्पिटल के बारे में कहा कि अस्पताल को 20 लाख की राशि दी जा चुकी है, जिसके खर्च होने पर और राशि मुहैया करा दी जायगी। उन्होंने रामपुराखुर्द में पक्की नहर और दुधी नदी पर बांध बनाने के सिलसिले में बताया कि उनका तकनीकी तौर पर परीक्षण कराया जायगा और उपयुक्त होने पर ये दोनों कार्य करा दिए जांएगे।

कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने महंगाई को केन्द्र सरकार की गलत नीतियों का परिणाम बताया। शकर और दाल के दाम बढ़ जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। जमाखोरों और कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायगी।

मुख्यमंत्री ने बिजली संकट का जिक्र करते हुए कहा कि जहां अल्पवर्षा के चलते पानी से उत्पन्न की जाने वाली बिजली बनाने में दिक्कतें आ रही हैं, वहीं केन्द्र सरकार से प्रदेश के हिस्से की पूरी बिजली और कोयला नहीं मिल पाना भी एक बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि शहरों में बिजली का उपयोग कम कर उसे गांवों में भेजने के प्रयास शुरू किए जा रहे हैं।

इस मौके पर डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया ने बताया कि सरकार सभी मंडियों में वेयर हाउस बनाने जा रही है। इस सिलसिले में आष्टा मण्डी का भी विस्तार किया जायगा तथा यहां भी वेयर हाउस बनाया जायगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के खेती को फायदे का व्यवसाय बनाने की घोषणा के तहत कहा कि सरकार ने किसानों के हित में अनेक कदम उठाए हैं। कृषि विपणन पुरूस्कार योजना के साथ ही मण्डियों में मिट्टी परीक्षण कराने की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

विधायक श्री रणजीत सिंह गुणवान ने क्षेत्र की समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए दुधी नदी पर डेम, आष्टा मण्डी का विस्तार, पेयजल की कमी दूर करने और ग्रामों में सड़क सुविधा मुहैया कराने जैसी मांगे रखी। इस मौके पर पूर्व विधायक श्री रघुनाथ सिंह मालवीय, जिला पंचायत सदस्य श्री देवी प्रसाद परमार, श्री दुर्गाप्रसाद वर्मा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती हीरामणी मेहरा, श्री रघुनाथ सिंह भाटी, श्री मुकेश बड़जात्या, श्री संतोष झंवर, श्री दशरथ सिंह परमार श्री कालू भट्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित थे।

 

रिहायशी कॉलोनियों के पास सेल फोन टॉवर स्थापित करने की अनुमति न देने की अनुशंसा

रिहायशी कॉलोनियों के पास सेल फोन टॉवर स्थापित करने की अनुमति न देने की अनुशंसा:

छतों पर लगे मोबाइल फोन टॉवर हटाये जायें मानव अधिकार आयोग

Bhopal:Sunday, August 30, 2009

म.प्र. मानव अधिकार आयोग ने नगरीय क्षेत्रों में सेल फोन टॉवर स्थापित करने के लिये कम से कम ऐसे भूखंडों का चयन करने को प्राथमिकता देने की अनुशंसा की है जिनका आकार ढाई सौ फुट× ढाई सौ फुट हो। इन भूखंडों पर सेल फोन टॉवर के लिये स्थापित की जाने वाली मशीनों और जनरेटर से 100 फुट की त्रिज्या में कोई भी रिहायशी आवास न हो। टॉवर स्थापित करने के लिये जनरेटर की चिमनी की ऊँचाई न्यूनतम 30 फुट अथवा पास की ऊँचे आवासीय भवन से 20 फुट अधिक होना चाहिये।

आयोग ने सिफारिश की है कि ढाई हजार वर्ग फुट तक के आवासीय भूखंडों पर स्थापित टॉवर तत्काल हटाये जाने चाहिये। रिहायशी कॉलोनियों में मकानों की छत पर स्थापित टॉवरों से लोगों की जान और माल की क्षति का खतरा बना रहता है। वैसे भी ये भवन डायनामिक इम्पेक्ट फोर्स से डिजायन नहीं होते हैं इसलिये छतों पर स्थापित टॉवरों को भी हटा देना चाहिये। आयोग ने कहा है कि राज्य का अधिकांश भू-भाग भूकंप संभावित क्षेत्र है, इसलिये टॉवरों की ऊँचाई इतनी हो कि उनके गिरने से कोई जनहानि न हो। आयोग ने कहा है कि भारतीय टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग संस्थान दिल्ली द्वारा जारी मार्गदर्शी सिद्धांतों व निर्देर्शों का टॉवर की स्थापना में पालन कराया जाये। आयोग ने ये अनुशंसाएं खण्डवा के एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर श्री राजेन्द्र तिवारी की शिकायत पर विभिन्न संबंधित संस्थाओं से जानकारियां लेने और विचार-विमर्श करने के बाद की हैं।

आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि सेल फोन टॉवर्स का निर्माण एवं स्थापना घनी आबादी वाली बस्तियों के निकट न किया जाये। टॉवर स्थापित किये जाने वाले स्थान को वायर फेंसिंग और चारीदीवारी बनाकर सुरक्षित रखा जाना चाहिये ताकि उन तक किसी व्यक्ति की पहुंच न हो सके। आयोग ने यह भी कहा है कि विद्युत या डीजल जनरेटर से संचालित होने वाले टॉवरों में ध्वनि प्रदूषण न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिये। म.प्र. मानव अधिकार आयोग ने यह शिकायत प्राप्त होने के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से टॉवर स्थापना की अनुमति देने के संबंध में शासन की नीति की जानकारी प्राप्त की। नीति से यह स्पष्ट हुआ कि सेल फोन टॉवर स्थापना की अनुमति देने की शर्तों में जन-सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े इस संबंध में कोई खास शर्तें नहीं रखी गई हैं। आयोग की पहल पर शासन ने सेल फोन टॉवर से निकलने वाली विद्युत चुम्बकीय विकिरणों के दुष्प्रभावों का अध्ययन करने के लिये सात सदस्यीय एक विशेषज्ञ समिति गठित की। समिति में गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के एटामिक मेडिसिन्स विभाग के डॉ. करण पीपरे, सूचना एवं प्रौद्योगिकी के ओ.एस.डी. डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, बी.एस.एन.एल. के श्री मनोज कुमार, नगरीय प्रशासन के अधीक्षण यंत्री श्री के.के. श्रीवास्तव, रिलायंस और एयरटेल कम्पनियों के एक-एक प्रतिनिधि को सम्मिलित किया गया।

समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि ये विद्युत चुम्बकीय विकिरणें गर्भवती माताओं, गर्भस्थ शिशुओं और बालकों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकती हैं। समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि सेल फोन टॉवरों का निर्माण करने की अनुमति केवल खुले सार्वजनिक स्थानों पर ही दी जानी चाहिये। निर्मित भवनों की छतों पर टॉवर स्थापित करने से कभी भी दुर्घटनाएं घटित हो सकती हैं। विभिन्न कम्पनियों को सेल फोन टॉवरों के साझा उपयोग पर सहमति बनाने के प्रयत्न होने चाहिये। भविष्य में बनने वाली रिहायशी कॉलोनियों में सेल फोन टॉवर स्थापित करने के लिये स्थान आरक्षित कराये जाने चाहिये।

शिकायतकर्ता श्री राजेन्द्र तिवारी, स्वयं स्ट्रक्चरल इंजीनियर हैं। उन्होंने भी सेल फोन टॉवर्स के बारे में जो अध्ययन किये हैं उनके संदर्भ प्रस्तुत करते हुए आयोग को काफी जानकारियां दी हैं। श्री तिवारी ने फ्रांस के एक शोध पत्र का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि सेल फोन टॉवर के पास रहने वाले लोगों को खून की कमी, दृष्टिदोष, सिरदर्द तथा अनिद्रा जैसे संत्रास हो सकते हैं। इसलिये सेल फोन के बेस स्टेशन को मानव बसाहट से कम से कम 300 मीटर दूर रखना उचित होगा। आस्ट्रिया के वियना विश्वविद्यालय के पर्यावरण स्वास्थ्य चिकित्सा संस्थान के एक शोधपत्र जो इंटरनेट पर उपलब्ध है में स्पष्ट किया गया है कि विद्युत चुम्बकीय विकिरणों का मानव स्वास्थ्य पर तात्कालिक प्रभाव भले ही न दिखे लेकिन लम्बे समय तक विकिरणों के प्रभाव से मानव शरीर पर दुष्परिणाम के उदाहरण मिले हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में किये गये एक अध्ययन में भी बताया गया है कि सेल फोन टॉवर और सेल फोन दोनों को एक सुरक्षित दूरी पर रखना आवश्यक है। अन्य स्थिति में इनके अहितकारी परिणाम बूढ़ों, बच्चों, गर्भवती माताओं और कमजोर लोगों पर प्रकट होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सेल फोन टॉवर स्थापित करने के संबंध में पूर्ण सावधानी और सतर्कता के सिद्धांतों का पालन करने की सलाह दी है।

 

पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण हेतु जन-जागरण अभियान की आवश्यकता

पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण हेतु जन-जागरण अभियान की आवश्यकता

राज्यपाल श्री ठाकुर द्वारा सोलर विण्ड हाईब्रिड प्रणाली का लोकार्पण

Bhopal:Sunday, August 30, 2009

 

राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर ने ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निजात पाने के लिए विश्व स्तर पर पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण के लिए जन-जागरण अभियान संचालित करने पर बल दिया है। शनिवार को यहां राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में सोलर विण्ड हाईब्रिड प्रणाली का लोकार्पण करते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि अक्षय ऊर्जा और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर शोध कार्य करते रहने की आवश्यकता है। लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री, श्रीमती अर्चना चिटनिस ने की।

राज्यपाल श्री ठाकुर ने समारोह में भाग ले रहे शोधार्थियों, अध्यापकों और विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि हमारे वैज्ञानिकों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्बन उत्सर्जन और ग्रीन हाउस गैसों के स्तर को कम करने की दिशा में हमेशा से ही प्रतिबद्धता दिखाई है। इसके लिए वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन की उन्नत एवं हरित तकनीकों को निरंतर बढ़ावा भी दिया है। राज्यपाल ने कहा कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अभी बहुत कुछ करना बाकी है। क्योटो प्रोटोकॉल की सन् 2012 में समाप्त हो रही अवधि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को विकसित देशों के साथ समन्वय स्थापित कर एक नवीन विश्व पर्यावरण संरक्षण नीति तैयार करना चाहिए और इस नीति पर एकजुटता के साथ कार्य भी करना चाहिए।  श्री ठाकुर ने बताया कि भारत शासन ने इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं जिनमें अक्षय ऊर्जा का ग्रामीण अंचलों में प्रयोग जैसे कार्य भी शामिल हैं।

राज्यपाल श्री ठाकुर ने पर्यावरण, ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के मामलों में आम जनता की बेरूखी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस दिशा में गंभीरतापूर्वक सहयोग नहीं करेगा, तब तक लक्ष्यों को पाना मुश्किल होगा। राज्यपाल ने सोलर विण्ड हाईब्रिड प्रणाली को क्रांतिकारी प्रयास बताते हुए इसके लोकार्पण के लिए विश्वविद्यालय परिवार की सराहना की।

राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर ने प्रारंभ में विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित सोलर विण्ड हाईब्रिड प्रणाली का लोकार्पण किया और ऊर्जा पार्क का अवलोकन किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पियूष त्रिवेदी ने प्रणाली के बारे में जानकारी दी। समारोह में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, श्री सेवाराम भी उपस्थित थे।

 

29 agosto

ग्वालियर चम्‍बल से आगरा तक स्‍वाइन फ्लू की दहशत, अजीबोगरीब बीमारी की चपेट में हैं लोग

ग्वालियर चम्‍बल से आगरा तक स्‍वाइन फ्लू की दहशत, अजीबोगरीब बीमारी की चपेट में हैं लोग

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’

शरीर के जोड़ों में दर्द, पूरे शरीर में ऐंठन, बैचैनी और एकदम भारी दर्द व अचानक तेज बुखार की चपेट में आजकल हजारों लोग ग्‍वालियर चम्‍बल से लेकर धौलपुर आगरा तक हर गॉव शहर मे हैं । मुझे चन्‍द रोज में इन क्षेत्रों में जाने और घूमने का मौका मिला और मैने स्‍वयं देखा कि सभी लोग तकरीबन एक ही प्रकार के कष्‍ट से पीडि़त हैं सब ओर यही हाल है, उधर कुछ क्षेत्रों में सूअरों के लगातार मरने की खबर से भी लोग भयभीत हैं ।

हालांकि लोग इसे अजीब गरीब बीमारी या चिकनगुनिया या मंकी गुनिया, सूअरगुनिया जैसा बुखार या पीड़ा मान कर कई नीम हकीमों और तांत्रिकों तथा झाड़ फूंक वालों के यहॉं हजारों की संख्‍या में रोज इलाज करा रहे हैं । लेकिन कोई फर्क उनकी हालत में नहीं हो रहे हैं ।  

ईश्‍वर करे कोई छोटी मोटी बीमारी ही हो और जल्‍द ही लोगों को राहत भी मिल जाये ।

हालांकि मुझे नहीं पता कि स्‍वाइन फ्लू की बीमारी के लक्षण क्‍या है और आम शहरी और ग्रामीणों को भी इसकी ज्‍यादा जानकारी नहीं है ।

लेकिन अगर यह बीमारी स्‍वाइन फ्लू या उसके जरा सी भी नजदीक है, तो सरकार को तुरन्‍त ऐहतियात बरत कर अपनी कार्यवाही प्रारंभ कर देना चाहिये । मैंने स्‍वयं देखा है कि लोगों की हालत काफी पीड़ादायक हो रही है और ग्‍वालियर से चम्‍बल, धौलपुर आगरा तक भौगोलिक क्षेत्र भी कोई कम छोटा नहीं है , पता लगा कर ऐहतियात के तौर पर दर्द व बुखार ग्रस्‍त लोगों में कुछ को सेम्‍पल के तौर पर जॉच करवा ली जाये तो बेहतर है वरना लोग कुछ का कुछ समझकर इधर उधर इलाज या झाड़फूंक में फंसे लाइलाज तक स्‍टेज तक पहुँच जायेंगें ।    

 

24 agosto

ग्वालियर में इसी वर्ष से खयाल एवं ध्रुपद केन्द्र - संस्कृति मंत्री श्री शर्मा , राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह संपन्न

ग्वालियर में इसी वर्ष से खयाल एवं ध्रुपद केन्द्र - संस्कृति मंत्री श्री शर्मा , राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह संपन्न

ग्वालियर 19 अगस्त 09 । कला एवं संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर को नई-नई सौगातें मिलने का सिलसिला जारी है । इस कड़ी में इस वर्ष से खयाल एवं ध्रुपद गायकी केन्द्र के रूप में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ जायेगा । इस आशय की घोषणा प्रदेश के संस्कृति एवं जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने आज यहां राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में की । संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि यह केन्द्र संगीत के मूर्धन्य कलाकार हस्सू खां व हद्दू खां की समाधि स्थल पर निर्माणाधीन भवन में इसी वर्ष से शुरू कर दिये जायेंगे । ग्वालियर किले पर अगले वर्ष से ध्रुपद महोत्सव मनाने की घोषणा भी समारोह में की गई । समारोह की अध्यक्षता सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने की ।

       संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने संगीत विश्वविद्यालय के समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि ग्वालियर के कण-कण में संगीत समाया हुआ है । प्रदेश सरकार ने इस बात को भली भांति समझा है और यहां संगीत मर्मज्ञ राजा मानसिंह तोमर के नाम से देश के दूसरे संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है । उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में ग्वालियर में ध्रुपद एवं ख्याल गायकी केन्द्र की स्थापना की जा रही है । साथ ही इस अचंल के चंदेरी में संगीत सम्राट तानसेन के समकालीन प्रख्यात संगीतज्ञ बैजू बावरा के नाम से संगीत महोत्सव भी इसी वर्ष आगामी अक्टूबर माह में आयोजित किया जायेगा । संस्कृति मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि ग्वालियर में संगीत विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन सहित शैक्षणिक परिसर के निर्माण के लिये 10 एकड़ भूमि प्राप्त हो गई है । इस परिसर का और विस्तार किया जायेगा एवं उसमें पूर्व से दो करोड़ रूपये की लागत से स्वीकृत संस्कृति संकुल एवं एक करोड़ रूपये की लागत से कला केन्द्र भवन का निर्माण किया जायेगा । उन्होंने कहा कि संगीत विश्वविद्यालय के विस्तार में एवं इसे विश्वस्तरीय ख्याति के अनुरूप विकसित करने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जायेगी ।

       संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी पूरा संरक्षण व बढ़ावा दे रही है । प्रदेश में वर्ष भर में 1700 सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती है, जिनकी ख्याति राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हुई है ।

       सांसद श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि ग्वालियर सिर्फ संगीत घरानों के नाम से ही नहीं जाना जाता यह संगीत का तीर्थ भी है । प्रदेश सरकार ने इसी बात को ध्यान में रखकर ग्वालियर को संगीत के क्षेत्रों में कई सौगातें दी हैं । उन्होंने कहा कि संगीत के इस तीर्थ में देश की प्रतिभाओं को बेहतर संगीत सीखने का मौका मिल रहा है । श्री तोमर ने कहा कि ग्वालियर व चंबल अंचल की इस सकारात्मक तस्वीर को उभारने की महती आवश्यकता है । उन्होंने 19 अगस्त को ग्वालियर के लिये ऐतिहासिक दिन निरूपित करते हुये कहा कि इस दिन ग्वालियर को कृषि एवं संगीत विश्वविद्यालय की सौगातें मिली हैं । उन्होंने इसके लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री , संस्कृति मंत्री व पूर्वमंत्री श्री शीतला सहाय के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया ।

       राज्य सभा सांसद श्री प्रभात झा ने कहा कि प्रेम, संगीत, युध्द व निर्माण कला में निपुण राजामान सिंह के नाम से ग्वालियर में संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना एक सराहनीय कदम है । उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय से संगीत के क्षेत्र में नई नई प्रतिभायें उभरकर आयेंगी । उन्होंने संगीत को व्यक्ति के चरित्र निर्माण का बहुत बड़ा कारक निरूपित किया करते हुये कहा कि संगीत की साधना समाज की वेदना की अभिव्यक्त होती है ।

       राज्य सभा सांसद श्रीमती माया सिंह ने अपने उद्बोधन में संगीत विश्वविद्यालय की स्थापना के लिये प्रदेश सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया ।

       महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि कला केवल मनारंजन का साधन भर नहीं है । यह प्रभू की आराधना का सशक्त माध्यम भी है । ऐसी कला के संरक्षण व संवर्धन में संगीत विश्वविद्यालय अहम् भूमिका निभायेगा ।

       आरंभ में संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य चितरंजन ज्योतिषी ने संगीतमय स्वागत उद्बोधन एवं अंत में संगीतमय ढंग से वंदे मातरम् की प्रस्तुति दी । विश्वविद्यालय के कुल सचिव डा. धीरेन्द्र सिंह चंदेल ने गत एक वर्ष में हुई विश्वविद्यालय की प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया । आरंभ में अतिथियों ने महाविद्यालय की कला विषय के छात्र-छात्राओं द्वारा लगायी गई कला प्रदर्शनी का शुभारंभ व अवलोकन किया ।

       स्थापना दिवस समारोह में डा. रागेश्वरी पुरंदरी ने राग यमन में छोटे ख्याल की बंदिश तराना की मनमोहक प्रस्तुति दी । इससे पहले महाविद्यालय के छात्र शुभम कालगांवकर ने तबला वादन प्रस्तुत किया । महाविद्यालय की छात्राओं ने शुरू में संगीत मय सरस्वती वंदना व स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया । अंत में आभार प्रदर्शन संस्कृति विभाग के संचालक श्रीयुत श्रीराम तिवारी ने व्यक्त किया । अतिथियों को स्मृति चिन्ह के रूप में चित्र कला विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई जीवंत कलाकृतियां भेंट की गई ।

 

22 agosto

दो ग्रामों के 43 अमीरों के नाम गरीबी रेखा की सूची से काटे गये

दो ग्रामों के 43 अमीरों के नाम गरीबी रेखा की सूची से काटे गये

भिण्ड 18 अगस्त 2009

       जिले में गरीबी रेखा की सूची से अमीरों के नाम काटने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री के.सी.जैन के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत अटेर के 2 ग्राम जनौरा व किशूपुरा में 43 अपात्रों के नाम वी.पी.एल सूची से काटे गये है।

       नायब तहसीलदार सुरपुरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम जनौरा के  बीपीएल की शिकायत पर उनकी जांच कराई गई थी कार्ड फर्जी और अपात्रों को जारी किया पाये जाने पर अपात्रों द्वारा रोक लगवा दी गई है।

       बीपीएल कार्डधारियों के अपात्र होने के कारण नाम निरस्त कर पंचायत सचिव को कार्ड जब्त करने के निर्देश दिए गये है। ग्राम जनौरा में भोलाराम पुत्र विशुनदयाल, मंगलसिंह पुत्र भिकारी, मुन्नासिंह पुत्र ग्यादीन, अवधेश पुत्र रामशंकर, राजवीर सिंह पुत्र रामविलास, आनन्द कुमार पुत्र भूपाल, अमर सिंह पुत्र लेखराम, विनोद कुमार पुत्र सुरेश कुमार, देवेन्द्र कुमार पुत्र मुन्नालाल, राजू पुत्र आशाजीत शर्मा, रामनरेश पुत्र अशर्फीलाल, रामप्रकाश पुत्र गौरीशंकर, रामनिवास पुत्र मुन्नालाल, सुधाकर पुत्र सेवासिंह, हवलदार पुत्र सोनेलाल,रामेश्वरी पुत्र आशाजीत शामिल है।  इसीप्रकार ग्राम किशूपुरा के बृजेन्द्र सिंह पुत्र शिवराज सिंह, सुरेश सिंह पुत्र दंगल सिंह, नरेश सिंह पुत्र दंगल सिंह, अवधेश सिंह पुत्र दंगल सिंह, प्रदीप सिंह पुत्र उदयवीर सिंह, दिलीप सिंह पुत्र दर्शन सिंह, रामदुलारी पत्नी दर्शन सिंह, राजेश सिंह पुत्र विशाल सिंह, सुशील सिंह पुत्र प्रहलाद सिंह, अनिल सिंह पुत्र कलेक्टर सिंह, चन्द्रभान सिंह पुत्र जगराम सिंह, विश्राम सिंह पुत्र दीनासिंह, महेन्द्र सिंह असर्फी सिंह, विनोद सिंह पुत्र सुमन सिंह, विशम्भर सिंह पुत्र यदुनाथ सिंह, प्रदीप पुत्र सुदर्शन सिंह, जितेन्द्र सिंह पुत्र तुलसी सिंह, रिपुदमन सिंह पुत्र जयवीर सिंह, अजीतपाल सिंह पुत्र सुखन सिंह,भूटानी पुत्र कालीचरन सिंह, भवानीसिंह पुत्र भूटानी सिंह, सूधरे सिंह पुत्र जंगे सिंह, संतोष सिंह पुत्र सूधरे सिंह, मातादीन पुत्र शादीलाल, रामस्वरूप पुत्र मातादीन, दीनानाथ पुत्र शादीलाल, रामधार सिंह पुत्र इन्द्रपाल सिंह अपात्र पाये गये है।

 

21 agosto

अंतत: भाजपा सांसद नरेन्‍द्र सिंह तोमर और विधायक शिवमंगल सिंह तोमर के हस्‍तक्षेप के बाद मुरैना की गॉधी कालोनी की बिजली व्‍यवस्‍था में चालू हुये सुधार

अंतत: भाजपा सांसद नरेन्‍द्र सिंह तोमर और विधायक शिवमंगल सिंह तोमर के हस्‍तक्षेप के बाद मुरैना की गॉधी कालोनी की बिजली व्‍यवस्‍था में चालू हुये सुधार

मुरैना 21 अगस्‍त 09, मुरैना की गॉंधी कालोनी में चल रहा बिजली उपद्रव उस समय किंचित रूप से शान्‍त हो गया जब भाजपा सांसद श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर एवं भाजपा के दिमनी राजपूताना क्षेत्र विधायक श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने व्‍यक्तिगत रूचि लेकर तत्‍काल गॉंधी कालोनी वासीयों की विद्युत समस्‍या के निदान हेतु अधिकारीयों को निर्देश दिये ।

आज गॉंधी कालोनी में जहॉं पूरे दिन सड़े गले तारों को बदलने में पूरा बिजली महकमा जुटा रहा वहीं ग्‍वालियर टाइम्‍स के श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर को भी पूरे दिन बिजली महकमा घेरे रहा ।

उल्‍लेखनीय है कि ग्‍वालियर टाइम्‍स के श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर द्वारा मुरैना श्‍योपुर सांसद श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर एवं भाजपा के राजपूताना क्षेत्र के ताकतवर विधायक श्री शिवमंगल सिंह तोमर को फोन द्वारा सारे मामले से अवगत कराया गया था जिस पर तत्‍काल संज्ञान लेते हुये भाजपा सांसद श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर एवं भाजपा विधायक श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने बिजली अधिकारीयों को समस्‍या निदान के लिये आवश्‍यक निर्देश दिये और फिर आनन फानन में बिजली महकमें ने अपनी कार्यवाही शुरू कर दी और गॉधी कालोनी पुलिया पर से सड़े गले तार हटा कर नये तार लगवाये वहीं पूरे दिन पाइण्‍ट टू पाइण्‍ट पोल टू पोल सप्‍लाई डिस्‍टरबेन्‍स चेक किये गये हालांकि अभी कई लाइन फेज पायर सप्‍लार्ठ लाइन से गायब हैं और थ्री फेज  उपभोक्‍ताओं को थ्री फेज सप्‍लाई चालू नहीं हुयी है संभवत: आज ये सभी गायब वायर लाइन में बिजली महकमा जोड़ेगा और उपभोक्‍ताओं को थ्री फेज सप्‍लाई दे सकेगा अभी एक ही फेज से तीनों फेजो पर सप्‍लाई की जा रही है ।

नरेन्‍द्र सिंह तोमर गुस्‍साये और कहा लगाओ नया ट्रान्‍सफार्मर

ग्‍वालियर टाइम्‍स के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने जब भाजपा सांसद श्री तोमर को सारे मामले से अवगत कराया तो सांसद श्री तोमर ने कहा कि ‘’ जनता को कोई परेशानी नहीं होना चाहिये और अगर गॉधी कालोनी में एक और ट्रान्‍सफार्मर लगना जरूरी है तो लगाओ मैं सांसद विकास निधि से इसे मंजूर करूंगा ‘’ यह ट्रान्‍सफार्मर मुरैना के प्रसिद्ध एस.के.टी. भवन के सामने रखा जायेगा । साथ ही गॉंधी कालोनी पार्क का विवादित ट्रान्‍सफार्मर हटाया जायेगा । वहीं शिवमंगल सिंह ने भी मामले पर नाराजी जताते हुये तुरन्‍त कालोनी निवासियों की समस्‍या हल करने के निर्देश दिये ।

भाजपा संसद श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर द्वारा अपने फण्‍ड से नया ट्रान्‍सफार्मर एस.के.टी बिल्डिंग के सामने लगाये जाने की घोषणा की सूचना मिलते ही श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर के नाम के जयकारे पूरी गॉंधी कालोनी में गूंज गये और चन्‍द पलों के भीतर नरेन्‍द्र सिंह तोमर पूरी कालोनी के न केवल हीरो बन गये बल्कि सभी कालोनी वासीयों ने कहा ‘’हमने सही आदमी को वोट दिया, सचमुच यही सपूत है ‘’

हालांकि अभी गॉंधी कालोनी की विद्युत समस्‍या हल नहीं हुयी है और न विद्युत आपूर्ति यही तरीके से चालू हुयी है तथा विद्युत अवरोध जस का तस है लेकिन बिजली महकमें की मेहनत और दौड़ घूप को देखते चन्‍द दिनों में समस्‍या का निदान नजदीक जान पड़ता है । आगे देखते हैं कि क्‍या होता है ।

हटेगा पानी का पम्‍प भी

गुस्साये राजपूत सांसद और विधायकों ने ततकाल उन विवादित पानी के पम्‍पों और हैण्‍डपम्‍पों को हटाने के भी निर्देश दिये हैं जिनसे सार्वजनिक होते हुये भी किसी ताकतवर व्‍यक्तिविशेष को पानी सप्‍लाई की जा रही है । गांधी कालोनी मुरैना में इस निर्देश विशेष के तहत दो पम्‍प हटेंगे । और ताकतवर दो बाहुबली पूर्णत: शून्‍य बटे सन्‍नाटा हो जायेंगे ।     .     

13 agosto

जो उखाड़ सको सो उखाड़ लो, नहीं मिलेगी बिजली- मुरैना कलेक्‍टर एम.के अग्रवाल

जो उखाड़ सको सो उखाड़ लो, नहीं मिलेगी बिजली- मुरैना कलेक्‍टर एम.के अग्रवाल

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’

मुरैना शहर संभागीय मुख्‍यालय है इसके कई मोहल्‍लों में पिछले 4-5 दिन से 24 घण्‍टों बिजली नहीं थी जिससे ग्‍वालियर टाइम्‍स जैसी वेबसाइट पहली बार इतिहास में पिछले 4 दिन से अपडैट नहीं हुयी, इस सम्‍बन्‍ध में एक पत्रकार के नाते हमने मुरैना कलेक्‍टर एम.के.अग्रवाल से कल फोन पर बात की, हमने कहा सर बराबर बिल भरते आ रहे हैं (पिछले 26 साल से) लेकिन हमारी बिजली बहुत परेशान कर रही है हमें बिजली नहीं मिल रही है, कलैक्‍टर एम.के. अग्रवाल का जवाब सुन कर हम भौंचक्‍क रह गये कलेक्‍टर ने कहा कि ‘’ कह दिया न कि नहीं है बिजली, जो उखाड़ा पड़े सो उखाड़ लो, नहीं मिलेगी बिजली’’ क्‍या एक कलेक्‍टर का ऐसा जवाब लोकतंत्र में एक लोकसेवक (जनता का सेवक) का सही जवाब था , हम आपकी राय जानना चाहते हैं , यदि आपको यह गलत व अप्रत्‍याशित एवं भद्दा महसूस होता है तो इसकी विश्‍वव्‍यापी निन्‍दा चाहते हैं , हालांकि इसकी शिकायत प्रधानमंत्री के प्रशासनिक सुधार कार्मिक एवं लोक शिकायत मंत्रालय तथा महामहिम राष्‍ट्रपति को ऑनलाइन की जा रही है और क्‍या अब भी कुछ सज्‍जन मुरैना के इस कलेक्‍टर को हमारी बेस्‍ट कलेक्‍टर्स और सुशासन की फिल्‍म में शामिल किये जाने हेतु प्रस्‍तावित करना पसन्‍द करेंगे ।

कहने को तो प्रति मंगलवार म.प्र. शासन की ओर से जन सुनवाई नामक नौटंकी म.प्र. सरकार करती है और जिसमें जनता की फरियाद सुनी जाती है और मौके पर ही समस्‍याओं का निराकरण किया जाता है लेकिन कलेक्‍टर के उपरोक्‍त जवाब से आपको मुरैना की जनसुनवाई की बानगी मिल गई होगी कि मुरैना का कलेक्‍टर कैसी जनसुनवाई करता होगा और जनता से क्‍या व्‍यवहार करता होगा । यह एक भुक्‍तभोगी दास्‍तान है और कल की ही घटना है । हालांकि बिजली विभाग के एस.ई; से हुयी वार्तालापों के कई फोन और कलेक्‍टर के फोन हमने रिकार्ड किये है । कोर सेण्‍टर सहित अन्‍य उच्‍च स्‍तरीय जॉचों में हम इन्‍हें सबूत के तौर पर प्रस्‍तुत करेंगें । लेकिन आपको कलेक्‍टर एम.के.अग्रवाल की गुण्‍डागर्दी के व्‍यवहार की वजह भी बता दें , पिछले दो महीने पहिले सहारा समय टी.वी. न्‍यूज चैनल के एक पत्रकार विजय तिवारी को कलेक्‍टर एम.के.अग्रवाल ने अपने कार्यालय में बन्‍द करके मारा पीटा था , विजय तिवारी के पास कलेक्‍टर एम.के. अग्रवाल सहित उसके कई मातहतों की वीडीयो स्ट्रिग्‍स थीं जिसमें कलेक्‍टर न केवल रिश्‍वत लेते बल्कि भ्रष्‍टाचार के रिकार्ड तोड़ कारनामे करते स्टिंग आपरेशन के जरिये फिल्‍मा लिया गया था । विजय तिवारी की मारपीट करने के साथ उसका कैमरा एवं पेन ड्राइव कलेक्‍टर एम.के.अग्रवाल ने अपने स्‍टाफ से छुड़वा ली थीं , जिसकी एफ.आई.आर मुरैना पुलिस नहीं लिख रही थी , सो रात को करीब 30-40 पत्रकार इक्‍ठ्ठा होकर मेरे पास आये और मैंने इण्‍ठरनेट के जरिये डी.जी.पी; म.प्र. को मुरैना कलेक्‍टर के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज कर दी यह एफ.आई.आर अभी तक दर्ज है जिसके सबूत हमारे पास हैं । बाद में अरूण तोमर (अध्‍यक्ष म.प्र. राज्‍य सहकारी संघ) के जरिये विजय तिवारी को काफी डराया धमकाया गया और राजीनामा कराने के लिये दवाब डलवाया गया । बाद में क्‍या हुआ पता नहीं लेकिन मुकदमें लड़ना और पैरवी करना, इण्‍टरनेट के जरिये एडवोकेसी करना , मुकदमे कायम कराना, एफ.आई.आर दर्ज कराना मेंरा पेशा है, मै एक एडवोकेट हूँ मेरी प्रोफशनल बाध्‍यता है कि मैं पीडि़त की बात सुनूं और उचित मंच पर पहुँचा कर उसे न्‍याय दिलाऊं अब इसमें मुल्जिम भले ही कोई भी क्‍यों न हो ।

मुरैना कलेक्‍टर एम.के अग्रवाल तभी से मुझसे दुश्‍मनी माने बैठे है और परेशान करने का, अपने पद का दुरूपयोग करने का कोई छोटा से छोटा मौका नहीं छोड़ रहे । वैसे मै कलेक्‍टर साहब को याद दिला दूं कि उनके विरूद्ध इतने साक्ष्‍य हैं कि एक बार भीतर चले गये तो निकल कर बाहर आना मुश्किल है , उच्‍च स्‍तरीय जॉच में हम सारे सबूत पेश भी करेंगे । चलिये श्रीमान अब लड़ ही लेते हैं और ढंग से लड़ लेते हैं 1 अब या तो हम नहीं या आप नहीं । चम्‍बल में एक ही शेर रहेगा आप या फिर हम । ‘’हम अमन चाहते हैं जुल्‍म के खिलाफ, फैसला अगर जंग से होगा तो जंग ही सही ‘’ तैयार हो जायें श्रीमान जितना पद का दुरूपयोग कर सकते हो कर डालो, और अब हमारे वार भी झेलो । हम क्‍या उखाड़ पायेंगे ये वक्‍त बतायेगा श्रीमान । फिलहाल आपको इण्‍टरनेशनल हस्‍ती बनाये देते हैं , छोटे मोटे से लड़ने में मजा भी नहीं आता ।       

 

09 agosto

मुरैना कलेक्टर ने दिये डेयरी संचालक के विरूध्द कार्रवाई के निर्देश , नकली घी और मावा बनाने की एक बड़ी फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई

मुरैना कलेक्टर ने दिये डेयरी संचालक के विरूध्द कार्रवाई के निर्देश , नकली घी और मावा बनाने की एक बड़ी फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई

ग्वालियर 08 अगस्त 09। मुरैना जिला प्रशासन द्वारा आज कलेक्टर श्री एम.के. अग्रवाल के नेतृत्व में पुरानी हाउसिंग बोर्ड कालोनी, मुरैना में नकली घी और मावा बनाने की एक फैक्ट्री के विरूध्द छापा मार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में घी और मावा बनाने के उपयोग में आने वाले विभिन्न रासायनिक पदार्थ, उपकरण और अन्य सामग्री जप्त की गई। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अवैध डेयरी संचालक के विरूध्द प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिये है। छापामार कार्रवाई के दौरान कलेक्टर के साथ अनुविभागीय दण्डाधिकारी श्री संदीप मांकिन के अलावा पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

       कलेक्टर श्री अग्रवाल ने बताया कि इस फैक्ट्री के संबंध में नकली घी और मावा बनाने की अनैक शिकायतें जिला प्रशासन को प्राप्त हो रही थीं। इसलिये जिला प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में नकली घी व मावा निर्माताओं के विरूध्द संघन जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई है। उन्होने बताया कि उक्त डेयरी संचालक के विरूध्द म.प्र. खाद्य प्रसंस्करण अधिनियम व अपमिश्रण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

       छापामार कार्रवाई के दौरान मौके पर एक डेयरी सहित पांच गोदामों को शील्ड कर दिया गया है । जिसमें बड़ी मात्रा में कैमीकल्स और नकली मावा, दूध व मावा बनाने के उपकरण तथा नकली घी और दूध रखा गया है।

 

08 agosto

भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान - vडॉ. सौरभ दीक्षित

भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान

v                डॉ. सौरभ दीक्षित

v                 लेखक भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान में फेकल्टी मेम्बर है

 

       पर्यटन में केरियर बनाने वाले छात्रों का प्रथम प्रयास भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान में प्रवेश के लिये होता है। यह संस्थान विगत 26 वर्षों से देश में पर्यटन, शिक्षा एवं मानव संसाधन के लिये सेवारत है। यहां स्नातकोत्तर स्तर पर अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार(इंटरनेशन बिजनेस), सेवा क्षेत्र (सर्विसेज सेक्टर), पर्यटन एवं यात्रा (टूरिज्म एवं ट्रेवल) और पर्यटन एवं लेजर (टूरिज्म एवं लेजर) विषयों में प्रबंधन की उपाधि दी जाती है । इसके अलावा कई विषयों जैसे कि कम्प्युटराइज्ड आरक्षण प्रणाली, फ्रेंच एवं जर्मन विदेशी भाषायें, पर्यटन प्रबंधन, ईको टूरिज्म, ग्राहक संतुष्टि आदि विषयों पर शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग पाठयक्रम आवश्यकतानुसार चलाये जाते हैं ।  संस्थान का प्लेसमेंट रिकार्ड बहुत अच्छा है। विश्व में आर्थिक मंदी के बावजूद इस वर्ष संस्थान के पर्यटन छात्रों का प्लेसमेंट शत-प्रतिशत रहा। नौकरी देने वाली कम्पनियों में थॉमस कुक, एसओपीसी, ओरबिट, सर्दन ट्रेवल्स, लिस्परिंग पॉम आदि कम्पनियां हैं । संस्थान के सभी पाठयक्रम एआईसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त हैं । संस्थान में आने वाले गणमान्य प्रोफेसर्स/ व्यवसायियों में प्रोफेसर एरिक कोहेम(इजरायल), प्रोफेसर क्रिस कूपर , श्री प्रेम सुब्रमण्यम , श्री इंदर शर्मा, प्रोफेसर तपन पंडा, आईआईएम इन्दौर आदि प्रमुख हैं ।

इन्फ्रास्ट्रक्चर - संस्थान 22 एकड़ के हरेभरे सुरम्य वातावरण में फैला हुआ है जो यहां आने वाले छात्रों को अनायास ही अपनी ओर खींच लेता है । खेलकूद में रूचि रखने वाले छात्रों के लिये बिलियर्डस, स्नूकर, बेडमिंटन, क्रिकेट, जिमनेज्यिम, बॉलीबाल, केरम,शतरंज, फुटबाल आदि की सुविधायें हैं । संस्थान का सभागार एयरकंडीशन है एवं इसमें 500 लोग बैठ सकते  हैं । संस्थान में दो संगणक केन्द्र जिनमें करीब 90 कम्प्यूटर्स लगे हुये हैं । ये संगणक केन्द्र पर्यटन एवं प्रबंधन से संबंधित सॉफ्टवेयर द्वारा युक्त हैं । सभी कम्प्यूटर्स में छात्रों, कर्मचारियों के लिये इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है। संस्थान का पुस्तकालय पर्यटन के क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा पर्यटन से संबंधित पुस्तकों का संग्रह केन्द्र है।

आईआईटीटीएम की स्थापना सन् 1983 में संसदीय समिति की अनुशंसा पर भारत सरकार ने की थी । पिछले कई वर्षों से पर्यटन के क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी महसूस की जा रही थी । अत: आईआईटीटीएम की स्थापना पर्यटन के क्षेत्र में एक अपेक्स बॉडी की तरह दिल्ली में की गई । सन् 1992 में इसको ग्वालियर स्थानांतरित किया गया । इसके पश्चात सन् 1996 में संस्थान में पर्यटन, यात्रा विषय पर

स्नातकोत्तर डिप्लोमा शुरू किया गया । जो कि भारतवर्ष में काफी प्रचलित हुआ। तत्पश्चात पर्यटन एवं प्रबंधन से संबंधित विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री एवं पर्यटन में स्नातक डिग्री शुरू की गई । वर्तमान में संस्थान पीजीडीएम की उपाधि देता है । संस्थान एशिया पेसिफिक क्षेत्र में उन गिने चुने संस्थानों / विश्वविद्यालयों में से एक है जो पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि देते हैं ।

संस्थान नियमित पाठयक्रमों के अलावा अपने एवं पर्यटन मंत्रालय के लिये केपीसिटी बिल्ंडिग एवं टूरिज्म (सीबीएसटी), लर्न वाइल यू अर्न (एलडब्ल्यूवायएन), डोनर, विदेशी छात्रों के लिये मार्कोपोलो , गाइड ट्रेनिंग कोर्स संचालित करता है । एक साथ 450 से अधिक गाइडों को एक ही स्थान पर ट्रेनिंग देने के लिये संस्थान का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है । आने वाले समय में संस्था पीएचडी स्तर के शोध कार्य करायेगा ।

       संस्थान कई राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थाओं जैसे कि यूएनएसके द्वारा गठित एशिया पेसिफिक एज्यूकेशन एंड ट्रेनिंग इन्स्टीटयूशन इन टूरिज्म (एपीइटीआईटी), एमडिशा, इंडियन एसोसियेशन ऑफ टूर आपरेटर्स , ट्रेवल एजेन्ट्स एसोसियेशन आफ इंडिया , एफएचआरएआई का सदस्य है । संस्थान एशिया पेसिफिक एज्यूकेशन एंड ट्रेनिंग इन्स्टीटयूशन इन टूरिज्म (एपीइटीआईटी), इन्टरनेशनल फोकल पॉइंट है तथा संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सितीकंठ मिश्रा इसके वाइस चेयरमेन हैं । संस्थान ऐपिटिक का आधिकारिक न्यूज लेटर भी प्रकाशित करता है जिसका प्रचार-प्रसार 37 देशों में है ।

      भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान एक मल्टी केम्पस इन्स्टीटयूट है । इसके केन्द्र नई दिल्ली, भुवनेश्वर एवं गोवा में है । ग्वालियर सेंटर हेडक्वार्टर है । गोवा केन्द्र को नेशनल इन्स्टीटयूट आफ वाटर स्पोट्र्स के नाम से जाना जाता है । जोकि वाटर स्पोट्र्स में शर्ट टर्म कोर्सेस चलाता है और कई राज्यों को कन्सलटेंसी देता है ।

आगामी वर्षों में संस्थान का विस्तार प्रस्तावित है । संस्थान भारत सरकार को कॉमनवेल्थ गेम्स में कमरों की आवश्यकता, और एसिसिबल टूरिज्म पर रिसर्च में भी सहायता दे रहा है ।

 

सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों के कल्याण के लिये ग्यारह योजनायें लागू

सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों के कल्याण के लिये ग्यारह योजनायें लागू

आयोग के अध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न

ग्वालियर 07 अगस्त 09। सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों के कल्याण के लिये गठित राज्य सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन ने कहा है कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि सभी को रोटी, कपड़ा, मकान , शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य, रोजगार तथा प्रतिष्ठापूर्ण गरिमामय जीवन जीने का अवसर मिले। इसी उद्देश्य को लेकर सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया गया है। इन वर्गों के कल्याण के लिये अभी ग्यारह योजनायें शुरू की गई हैं। आगे और भी योजनायें लागू की जायेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आयोग के कार्यों को गंभीरता से लें तथा सामान्य वर्ग के गरीबों का जीवन स्तर बढ़ायें। श्री जैन ने यह बात आज यहां राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन एवं संचार संस्थान में आयोजित बैठक में कही। बैठक में आयोग के सचिव श्री डी पी. तिवारी, प्रभारी कलेक्टर श्री आर के. जैन तथा जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

      आयोग के अध्यक्ष श्री जैन ने कहा कि निर्धन कोई भी हो उन्हें आत्म निर्भर व स्वावलम्बी बनाया जायेगा। ऐसे लोग अपने पैरों पर खड़े हो सकें, इसके लिये शिक्षा सबसे बेहतर माध्यम है। इसलिये आयोग द्वारा योजनाओं में शिक्षा के क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पशु पालन एवं कृषि पर निर्भर है। इसके लिये गो संवर्धन पर बल दिया गया है तथा इसमें महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि निर्धनों में आत्म विश्वास बढ़ाने के लिये रोजगार, आवास एवं स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया गया है ताकि मजबूत समाज बने एवं समाज का कोई भी हिस्सा कमजोर नहीं रहे। श्री जैने ने बताया कि आयोग द्वारा संस्कृत प्रसार योजना के अन्तर्गत 224 पद संस्कृत के शिक्षकों के स्वीकृत किये गये हैं, जिसकी भरती व्यवसायिक परीक्षा मण्डल के माध्यम से होगी। साथ ही संभागीय मुख्यालयों पर सामान्य वर्ग के निर्धन घात्रों के लिये 100 सीट के छात्रावास बनवाने की आयोग की योजना है।

      आयोग के अध्यक्ष श्री जैन ने बताया कि आयोग द्वारा वर्तमान में ग्यारह योजनायें शुरू की गईं हैं। इनमे सामान्य निर्धन वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति, स्वामी विवेकानन्द प्री मेट्रिक छात्रवृत्ति, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक प्रावीण्य छात्रवृत्ति, सुदामा शिष्यवृत्ति योजना, डॉ. ए पी जे. अब्दुल कलाम मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, व्यवसायिक पाठयक्रमों में विक्रमादित्य नि:शुल्क शिक्षा योजना, नि:शुल्क पाठय पुस्तकें, वीरांगना लक्ष्मीबाई सायकिल योजना, सांदीपनि संस्कृत भाषा प्रचार योजना, माँ सरस्वती योजना एवं आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना शामिल है। बैठक में आयोग के सचिव श्री डी पी. तिवारी ने इन योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी तथा इन पर तत्परता से कार्य करने के अधिकारियों को निर्देश दिये। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों से महत्वपूर्ण सुझाव भी लिये गये। प्रभारी कलेक्टर श्री जैन ने सुझाव दिया कि आयोग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने की आवश्यकता है ताकि आम लोगों को इसकी जानकारी हो सके। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रवृत्ति योजना केवल शासकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में ही लागू है, इसे निजी शिक्षण संस्थाओं में भी लागू किया जाना उचित होगा। इनके अलावा बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिये कोचिंग व्यवस्था शुरू करने, शहरी क्षेत्र के निर्धनों के लिये योजनायें शुरू करने, आवासीय योजनायें प्रारंभ करने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये। अध्यक्ष श्री जैन ने कहा कि अधिकारी अपने सुझाव लिखकर भी आयोग के कार्यालय को भेज सकते हैं साथ ही सचिव श्री तिवारी के मोबाइल नम्बर 9425012607 पर भी अवगत कराया जा सकता है।

 

 

देश तोड़ने की कोशिश में लगे दक्षिणपंथी विचारधारा के यह लोग

देश तोड़ने की कोशिश में लगे दक्षिणपंथी विचारधारा के यह लोग

निर्मल रानी, 163011, महावीर नगर,  अम्बाला शहर,हरियाणा email: nirmalrani@gmail.com nirmalrani2000@yahoo.co.in nirmalrani2003@yahoo.com  फोन-98962-93341 

 

       भारत का प्रत्येक नागरिक अपने भारतीय होने पर गौरवान्वित महसूस करता है। निश्चित रूप से प्रत्येक देश का नागरिक अपने देश पर तथा अपने देश का वासी होने पर शायद उतना ही गर्व करता होगा जितना कि कोई भारतीय नागरिक करता है। परन्तु नि:सन्देह हमारे देश की कुछ ऐसी विशेषताएं हैं जो हमें अन्य देशों से कुछ न कुछ अलग रखती हैं। उदाहरण के तौर पर दुनिया के किसी भी देश के बारे में हम आसानी से यह कह सकते हैं कि अमुक देश ईसाई देश है या मुस्लिम देश है अथवा बौद्ध बाहुल्य राष्ट्र है। परन्तु भारत सर्वधर्म सम्भाव की नीतियों पर चलने वाला एक ऐसा अनूठा देश है जिसकी दुनिया में पहचान ही अनेकता में एकता को लेकर है। भाषा के लिहांज से भी यदि देखा जाए तो जितनी भाषाएं हमारे देश में प्रचलित हैं, उतनी शायद अन्य किसी देश में नहीं। कहने का तात्पर्य यह है कि दुनिया में हमारे देश की छवि एक उदारवादी, वसुधैव कुटुम्बकम का परचम बुलंद करने वाले तथा अनेकता में एकता का प्रदर्शन करने वाले एक महान राष्ट्र के रूप में है, न कि किसी दक्षिणपंथी विचारधारा का अनुसरण करने वाले राष्ट्र के रूप में। हमारी इसी एकता ने हमें आज उस स्थान तक पहुंचा दिया है कि आज दुनिया के बड़े से बड़े देश हमें अपने बराबर का महत्व देने लगे हैं। शायद इंकबाल ने इसी सोच से प्रेरित होकर लिखा था कि- 'कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी। सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-जमां हमारा॥' परन्तु दुर्भाग्यवश इसी देश के कुछ समाज विभाजक तत्व जोकि अपने चेहरों पर कभी खांटी हिन्दुत्व का चेहरा लगाए नंजर आते हैं तो कभी राष्ट्रवाद का ढोंग करते दिखाई देते हैं। कभी यह शक्तियां धार्मिक उन्माद फैलाने जैसी योजनाओं में संलिप्त दिखाई देते हैं तो कभी जातिवादी तनाव फैलाने में इन्हें सक्रिय देखा जा सकता है। इन्हें देखकर तथा इनकी राष्ट्रविरोधी व समाज विभाजक कारगुंजारियों को देखकर तो ऐसा लगने लगता है जैसे कि देश को इनके रहते हुए किसी दुश्मन की जरूरत ही नहीं है। विडंबना तो यह है कि समाज विभाजक व राष्ट्रविरोधी यह शक्तियां बिंदास तरींके से अपने ंजहरीले मिशन को आगे बढ़ाती जा रही हैं और हमारी सरकारें हैं कि आंखें मूंदकर यह सब कुछ देखती व सहन करती जा रही हैं। परिणामस्वरूप इन समाज व राष्ट्रविरोधी शक्तियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं तथा दिन-प्रतिदिन यह दक्षिणपंथी तांकतें और मंजबूत होती जा रही हैं। दक्षिणपंथी विचारधारा के परवान चढ़ने की अधिकांश ंखबरें दुर्भाग्यवश उन्हीं राज्यों से आ रही हैं, जहां इसी विचारधारा के लोग सत्ता पर काबिंज हो चुके हैं।

              उदाहरण के तौर पर गत् दिनों रक्षाबंधन के दिन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के समीप एक प्रसिद्ध एवं प्राचीन हनोल मंदिर में राखी पूजा करने गई एक दलित महिला को वहां के पुजारियों ने खूब पीटा तथा उसे निर्वस्त्र कर दिया। उस अबोध दलित युवती का कुसूर केवल इतना था कि वह दलित समुदाय के लिए निर्धारित सीमा का उल्लंघन कर धक्का मुक्की की वजह से उस क्षेत्र में दो कदम आगे बढ़ गई थी जोकि तथाकथित उच्च जाति के लोगों के लिए निर्धारित था। देहरादून के कलसी राजस्व पुलिस चौकी में इस सिलसिले में मामला दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की कोशिश की जा रही है। जबकि पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर तनाव फैलने का समाचार है। ंजरा सोचिए कि श्रद्धा और विश्वास से भरी एक युवती जो राखी पूजा के लिए मंदिर जाती है तथा अपने को उच्च जाति का समझने वाला कोई पाखंडी पुजारी उसे मारता-पीटता तथा निर्वस्त्र कर देता है, इस घटना से   आपको कहीं वसुधैव कुटुम्बकम या सर्वधर्म सम्भाव जैसी कोई बात नंजर आती है जो हमें यह संदेश दे सके कि यही हमारे राष्ट्र की विशेषता है? या फिर इस प्रकार की हरकतें करने वाले अपनी संकुचित, तुच्छ एवं घटिया सोच का प्रदर्शन कर अपने आप को समाज विभाजक तत्वों के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। देश के किसी न किसी कोने से लगभग प्रतिदिन ऐसे हादसों की ंखबरें आती ही रहती हैं जिनसे हमें इन दक्षिणपंथी सोच रखने वालों के घटिया कारनामों का पता चलता रहता है।

              इन दिनों कर्नाटक में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम को बदनाम करने का ठेका श्री राम सेना नामक एक संगठन ने ले रखा है। कहा जाता है कि तोड़-फोड़, दंगा-ंफसाद, हंगामा आदि करने में सबसे आगे रहने वाले इस संगठन को सत्तारूढ़ भाजपा सरकार का संरक्षण प्राप्त है। पिछले दिनों इस कथित रामसेना के लोगों ने कर्नाटक में एक ऐसी ंजलालत भरी हरकत की जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। हुआ यह कि एक हिन्दू परिवार ने अपनी शादी का प्रबंध एक होटल में किया। इस विवाह समारोह में इस परिवार ने अपने घनिष्ठ केवल चौदह लोगों को आमंत्रित किया जिसमें उनके परिवार से घनिष्ठ संबंध रखने वाला एक मुस्लिम युवक भी शामिल था। इस विवाह समारोह की भनक जब राम सेना के लोगों को लगी तो उन्होंने समारोह स्थल पर जाकर मुस्लिम युवक के विवाह समारोह में शामिल होने पर आपत्ति जताई। परिणामस्वरूप विवाह आयोजकों ने आपत्ति की, इसके बाद अपने को राम सेना का सदस्य बताने वाले लोगों ने उस मुस्लिम युवक की जमकर पिटाई की। इतना ही नहीं बल्कि विवाह में भाग ले रहे जिन लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, उसे भी ंखूब पीटा।

              यह हाल है उस देश के कट्टरपंथी तथाकथित ढोंगी राष्ट्रभक्तों का जिस देश में दिल्ली में बने विशालकाय अक्षरधाम मन्दिर का उद्धाटन भारत रत्न डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम के कर कमलों द्वारा किया जाता है। न जाने उस समय इस विचारधारा के लोगा कौन से बिलों में घुस जाते हैं जब देश के अधिकांश भारतीय डॉ कलाम जैसे मुसलमानों पर स्वयं को गौरवान्वित महसूस करते हैं। कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि हैदर अली व टीपू सुल्तान की जन्म व कर्मभूमि पर ऐसी समाज विभाजक शक्तियां केवल नाम, धन व सम्पत्ति कमाने के चक्कर में अपना विषैला फन फैला रही हैं। ऐसी बातें आम लोगों की चिंता में उस समय और इंजांफा कर देती हैं जबकि ऐसी ंखबर आती है कि इन समाज विरोधी तांकतों को राज्य सरकार का भी संरक्षण व समर्थन हासिल है।

              यही वे तांकतें हैं जो धर्म के नाम पर लोगों को मकान देने से मना करती हैं। इन्हीं शक्तियों द्वारा गुजरात में 'प्रयोगशाला' बनाकर अपने तरींके के राष्ट्रनिर्माण की कोशिशें की जा रही हैं। यही वह शक्तियां हैं जो भारतवासियों को कहीं धर्म के नाम पर बांट रही हैं तो कहीं जाति के नाम पर दूसरों को नीचा दिखाने की कोशिश करती हैं। यही वे तांकतें हैं जो धर्म व जाति के नाम पर अलग कॉलोनियां बसाने का प्रयास कर रही हैं। यही वह तांकतें हैं जो अर्न्तधार्मिक व अर्न्तजातीय विवाहों का विरोध करती हैं। आधुनिकीकरण तथा उदारवाद जैसी सोच तो शायद इनके पास भी नहीं भटकती। कट्टरपंथी एवं रूढ़ीवादी सोच रखने वाले यह लोग वेशभूषा तथा बोलचाल में भले ही स्वयं को राष्ट्रभक्त या राष्ट्रप्रेमी बताने की कोशिश करें पर हंकींकत तो यह है कि यह शक्तियां केवल भारतीय समाज, राष्ट्रीय एकता की ही दुश्मन नहीं बल्कि यह पूरी मानवता की सबसे बड़ी दुश्मन हैं। ंजरूरत है ऐसी सोच की जड़ों पर प्रहार करने की तथा ऐसे मिशन में लगे सभी संस्थानों व उपक्रमों को बंद करने की जहां नंफरत, विभाजन, द्वेष, हिंसा तथा दो दिलों को तोड़ने का पाठ पढ़ाया जाता हो। यदि समय रहते इन विचारों को सींचने वाले मिशन नेस्तनाबूद नहीं किए गए तो हमारे देश को तबाह करने के लिए राष्ट्रभक्ति के बाने में लिपटे दिखाई देने वाले यही भीतरी दुश्मन ही कांफी होंगे।

                                                                                      निर्मल रानी

 

07 agosto

लिफ्टइरीगेशन ने बना दिया हर्री के काश्तकारों को लखपति- जे.पी. धौलपुरिया

लिफ्टइरीगेशन ने बना दिया हर्री के काश्तकारों को लखपति- जे.पी. धौलपुरिया

प्रस्‍तुतकर्ता : जे.पी. धौलपुरिया, उपसंचालक जनसम्‍पर्क कार्यालय शहडोल म.प्र. हैं

शहडोल 6 अगस्त 2009. किसान के बेटे श्री मोहन लाल राठौर के लिए सफलता की सीढ़ियां चढ़ना बहुत मुश्किल, लेकिन फलदायी रहा । शहडोल संभागीय मुख्यालय से करीब 65 कि. मी. दूर अनूपपुर जिले के डेढ़ हजार की आवादी वाले गांव हर्री में अस्तित्व बचाने के लिए शुरू हुए संघर्ष की पराकाष्ठा उनके समृध्द किसान बनने के रूप में हुई ।

वर्षा पर निर्भर इस गांव के काश्तकारों के बारे में कौन सोच सकता है कि काम के सिकुड़ते बाजार में तमाम लोग तो रोजगार के लिए अन्य गांवों की ओर रूख कर गए थे । अवर्षा के कारण उनकी सिर्फ खेती ही नहीं जा रही थी, बल्कि आमदनी भी खत्म हो रही थी । खासकर पूरी तरह खेती पर निर्भर छोटे काश्तकारों की, क्योंकि ये लोग दूसरों के खेतों में मिलने वाले काम पर ही अधिक निर्भर होते हैं । गांव में काम की संभावनाएं न देख, कई अपने दूसरे दोस्तों की तरह अन्य स्थानों की ओर जाने की सोच रहे थे । काम के सिकुड़ते आसार ने गांव की नई पीढ़ी पर भी बुरा असर डाला था। अधिकतर नई पीढ़ी गांव में ही रहकर खेती पर काम की उम्मीद कर रहे थे । गांव में कृषि योग्य भूमि 500 एकड़ है । लेकिन काश्तकारों के लिए इसका उपयोग तभी था, जब वर्षा होती ।

इस बीच सरकार के नुमाइन्दों ने सिंचाई की इस समस्या को काफी करीब से देखा और भारतीय स्ेटट बैंक की मदद से सोन नदी और तिपान नदी से पानी लिफ्ट करके काश्तकारों के खेतों तक पानी पहुंचाने की राह खोज निकाली । फिर राज्य सरकार ने ग्राम हर्री में लिफ्टइरीगेशन  तकनीक अपनाने के लिए काश्तकारों को नौ लाख रूपये का अनुदान दिया और भारतीय स्टेट बैंक ने भी नौ लाख रूपये का ऋण सुलभ कराया । कुल 18 लाख रूपये की लागत से सोन नदी और तिपान नदी से पानी लिफ्ट करके औसत सात कि. मी. की पाइप लाइन का जाल बिछाकर खेतों तक पानी पहुंचाया गया । इसके दायरे में 100 काश्तकारों की 300 एकड़ जमीन आई, जिसमें गांव के पूर्व सरपंच मोहनलाल राठौर की 6 एकड़ जमीन भी शामिल है ।

 अल्प समय में ही लिफ्टइरीगेशन ने न केबल गांव की तस्वीर बदली, बल्कि काश्तकारों की तकदीर भी बदल दी । इसकी बदौलत गांव के अधिकांश काश्तकार लखपति बन गए । काश्तकारों ने दो वर्ष के भीतर हीे बैंक का ऋण भी पटा दिया । लिफ्टइरीगेशन के बेहतर परिणाम मिलना आरंभ हो गए । छोटे किसान तथा कृषि मजदूर वर्ग की आमदनी में इजाफा होता गया और ये लोग अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में दिन-ब-दिन आगे आते रहे । ग्रामीण क्षेत्र में आई सम्पन्नता का प्रमाण आधुनिक साधन जैसे टे्रक्टर व अन्य छोटे-मोटे कृषि यंत्रों के उपयोग वहां देखे जा सकते हैं । एक दौर यह भी आया कि जब गांव के अधिकांश घरों के सामने मोटर साइकिलें खड़ी हुई देखी जाने लगीं । लिफ्टइरीगेशन के बाद अब तक सफलता की कई गाथाएं रच चुकने के बाद श्री मोहन लाल राठौर सब्जी की विक्री से ढाई लाख रूपये कमाते हैं । उन्हें धान से दो लाख रूपये और गेहूॅ-चने से एक लाख रूपये की आमदनी होती है । उनके परिवार सहित उनके दो भाइयों के परिवार के लिए भी अनाज और सब्जी का इंतजाम उन्हीं के खेतों से होता है ।

सात वर्षों तक गांव के सरपंच रहे श्री राठौर इसके पूर्व अपने परिवार के सालभर के खाने के लिए ही बमुश्किल अन्न उगा पाते थे । वर्षा न होने पर ईंट भट्टा लगाकर या दूध बेचकर उन्हें परिवार के खाने का इंतजाम करना पड़ता  था। लेकिन आज श्री राठौर की कामयाबी की कहानी हर्री और आसपास के इलाकों के कृषि क्षेत्र में अलग ही नजर आती है । उनके खेतों में ही अधिया में काम करके पांच मजदूर परिवार पल रहे हैं। दो परिवारों ने मोटर साइकिल खरीद ली है । श्री राठौर ने अपनी खेती की कमाई से अनूपपुर में एक मकान बनवा लिया है और चार मोटर सायकिलें खरीद ली हैं तथा एक बच्चे और एक बच्ची की धूमधाम से शादी कर दी है तथा एक बच्चा उच्च शिक्षा की पढ़ाई कर रहा है । उन्होंने जमीन का सुधार भी करा लिया है। सब्जी के मामले में हर्री गांव प्रमुख सब्जी उत्पादक गांव बन गया है । श्री राठौर कहते हैं, '' आज हमारा सब्जी और धान का उत्पादन फलते-फूलते कारोबार में तब्दील हो गया है ।''

       श्री मोहन लाल राठौर की तरह ही गांव के अनेक काश्तकार हैं, जिनकी फर्श से अर्श तक पहुंचने की कहानी सिंचाई की बदौलत जीवन संवारने की  गवाह बनी हुई है । गांव के ही श्री दादूराम राठौर को पहले दूसरों के यहां मजदूरी करने जाना पड़ता था । लेकिन आज वे अपने खेतों में दूसरों को मजदूरी दे रहे हैं । उन्होंने टे्रक्टर और मोटर सायकिल खरीद ली है और मकान भी बनवा लिया है । वह बताते हैं, '' लिफ्टइरीगेशन आने के बाद गांव में मजदूर नहीं मिलते । दूसरे गांवों से मजदूरों को यहां लाना पड़ता है ।''

 

 

शासकीय कार्यालयों में अधिकारी, कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें, राज्य शासन के कड़े निर्देश

शासकीय कार्यालयों में अधिकारी, कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें, राज्य शासन के कड़े निर्देश

Bhopal:Thursday, August 6

 

राज्य शासन ने सभी विभागों को अधीनस्थ शासकीय कार्यालयों का नियमित निरीक्षण तथा कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी प्रमुख सचिव, सचिव, शासन के समस्त विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त, समस्त कलेक्टर्स तथा जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी कर कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करनें के लिये कहा है ताकि शासकीय कार्यालयों में आम जनता एवं पक्षकारों की समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।

शासन को यह शिकायत मिली है कि शासकीय कार्यालयों में आने वाले आवेदकों को कर्मचारियों की अनुपस्थिति से जनसामान्य की समस्याओं के निराकरण में कठिनाई होती है क्योंकि कर्मचारी न तो समय पर कार्यालय आते हैं और न ही उनके द्वारा अपने स्थान से अनुपस्थित रहने का कोई कारण बताया जाता है। यह स्थिति शासकीय कर्मचारियों के लिये विहित आचरण नियमों के सर्वथा विपरीत है। निर्देशों में ऐसे अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करते हुये समुचित अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिये कहा है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रत्येक कार्यालय प्रमुख से यह अपेक्षा की है कि उनके अधीन कार्यालय अपने निर्धारित समय पर खुलें और वहीं सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने नियत स्थान पर जन सामान्य को उपलब्ध हों। यह भी कहा गया है कि शासकीय कर्मचारी कार्यालय प्रारंभ होनें के समय के पूर्व अपने स्थान पर उपस्थित हो जायें। कर्मचारी मध्यान्ह भोजन के लिये निर्धारित अवधि को छोड़कर सामान्य परिस्थितियों में कार्यालय बंद होने की अवधि तक अपने कार्य के लिये कार्यालय में उपस्थित रहें। सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करनें के निर्देश दिये हैं। निर्देशों से विभिन्न कर्मचारी संगठनों को अवगत कराते हुये उनसे भी इस संबंध में अपने स्तर पर आवश्यक कार्यवाही की अपेक्षा की है।

 

 

06 agosto

राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर

राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर

·                    डॉ. डी.एस.चंदेल

·                    रजिस्ट्रार,राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय

 

 

      राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की स्थापना 19 अगस्त 2008 को राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय अध्यादेश 2008 के अन्तर्गत हुई थी । इस विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु कई वर्षों से प्रयास किये जा रहे थे । इसी संदर्भ में माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान , माननीय श्री अनूप मिश्रा मंत्री म.प्र. शासन, माननीय श्री नरेन्द्र सिंह जी तोमर प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य स्थानीय सांसदों गणमान्य अतिथियों की उपस्थित में इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई ।

       राजा मानसिंह तोमर की साहित्य एवं संगीत के प्रति अगाध श्रध्दा थी । उनके कार्यकाल में ग्वालियर में संगीत विद्यालय की स्थापना की गई , जो शायद भारत वर्ष का पहला संगीत विद्यालय था। राजा स्वयं भी संगीतज्ञ एवं कवि थे व संगीत की ध्रुपद शैली के प्रणेता भी ।  राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 विधानसभा द्वारा 11 फरवरी 2009 को पारित हुआ । इस अधिनियम के अन्तर्गत विश्वविद्यालय के संचालन के लिये प्रथम कुलपति, आचार्य पं. चित्तरंजन ज्योतिषी को विश्वविद्यालय स्थापना के लिये शीघ्र समस्त कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं । इस अधिनियम के अन्तर्गत बीस सदस्यों वाली एक साधारण परिषद् होगी , जिसके अध्यक्ष माननीय मुख्यमंत्री जी होंगे ।  विश्वविद्यालय की एक कार्य परिषद और विद्या परिषद भी होगी  जो कि विश्वविद्यालय का संचालन करेगी । इस विश्वविद्यालय का क्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश होगा।

       वर्तमान में विश्वविद्यालय के अन्तर्गत 24 महाविद्यालय संबध्दता प्राप्त हैं और इसके लिये जो पाठयक्रम हैं उनको निर्धारित करने के लिये विभिन्न विद्वानों की बैठकें संपन्न हो चुकी हैं । इस अधिनियम के अन्तर्गत संगीत संकाय, नृत्य संकाय, कला संकाय और अन्य संकाय जो परिनियम के अधीन होंगे का गठन किया गया है । यह भी निर्णय लिया गया कि नाटय संकाय को भी इसमें शामिल किया गया ।

      भोपाल में संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा, श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव संस्कृति विभाग,       श्री राम तिवारी संचालक संस्कृति विभाग, पं चित्तरंजन ज्येतिषी कुलपति जी की उपस्थिति में विश्विद्यालय के समग्र विकास पर चर्चा हुई । शैक्षणिक पदों का सृजन अन्य सुविधाओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई और एक संबध्द कार्यकम के अन्तर्गत इसको पूर्ण करने का निर्णय लिया गया । इस विश्वविद्यालय में सभी संकायों में शोधकार्य, स्नातकोत्तर पाठयक्रम, स्नातक स्तर के पाठयक्रम , पोस्ट ग्रेज्युएट डिप्लोमा एवं शार्ट कोर्स भी होंगे।

विश्वविद्यालय का उद्देश्य -

1-     संगीत एवं कला संबंधी विद्या तथा ज्ञान का अभिवर्धन तथा उसका प्रसार और भारतीय समाज के विकास में रचनात्मक भूमिका सुनिश्चित करना ।

2-     छात्रों तथा अनुसंधनकर्ता विद्वानों में संगीत एवं कला के क्षेत्र में सुधारों के संबंध में बुध्दि-कौशल का विकास करके संगीत एवं कला तथा संबंधित क्षेत्र में समाज की सेवा करने के उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना ।

3-     संगीत से संबंधित ज्ञान की अभिवृध्दि के लिये अभिभाषणों, सेमीनारों, परिसंवादों और अधिवेशनों को आयोजित करन  और संगीत एवं कला संबंधी प्रक्रिया को सामाजिक विकास का प्रभावशाली उपकरण बनाना ।

4-     परीक्षायें आयोजित करना और उपाधियां तथा अन्य विद्या संबंधी विशिष्टताएं प्रदान करना ।

5-     ऐसे समस्त कार्य करना जो विश्वविद्यालय के समस्त उद्देश्यों या उनके से किसी भी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिये आनुषंगिक, आवश्यक या सहायक हैं ।

6-     विश्वविद्यालय का और गवेषणा, शिक्षा और शिक्षण के ऐसे केन्द्रों क, जो विश्वविद्यालय के उद्देश्यों को अग्रसर करने हेतु आवश्यक है, प्रशासन तथा प्रबंधन करना ।

7-     संगीत एवं कला संबंधी ज्ञान या विद्या की ऐसी शाखाओं में, जैसा कि विश्वविद्यालय उचित समझे, शिक्षण हेतु उपबंध करना और गणवेषण के लिये संगीत एवं कला के ज्ञान की अभिवृध्दि तथा प्रसार के लिये उपबंध करना ।

8-                              अध्येतावृत्तियां, छात्रवृत्तियां, पुरस्कार तथा पदक संस्थित करना तथा प्रदान करना ।

 

माधव बाल निकेतन, नारी निकेतन तथा अनुरक्षण गृह की बहनों ने गृह राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह को राखी बांधी

माधव बाल निकेतन, नारी निकेतन तथा अनुरक्षण गृह की बहनों ने गृह राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह को राखी बांधी

ग्वालियर 5 अगस्त 09 । माधव बाल निकेतन की बालिकाओं, नारी निकेतन की कन्याओं तथा राजकीय महिला अनुरक्षण गृह की अन्त:वासिनियों ने प्रदेश के गृह राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह की कलाई पर रक्षासूत्र बांध कर खुशी-खुशी राखी का पावन पर्व मनाया।

      गृह राज्य मंत्री श्री कुशवाह आज शाम को तकरीबन पांच बजे जब राखी बंधवाने माधव बाल निकेतन पहुंचे तो वहां प्रतीक्षारत छोटी से लेकर बड़ी बच्चियों के चेहरों पर प्रसन्नता आ गई  । वे विगत कई वर्षों से गृह राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह के हाथ में राखी बांधती आ रही हैं । माधव बाल निकेतन में चार-पांच साल की उम्र में आई ममता अब 20 वर्ष की हो चुकी है । वह अब कम्प्यूटर विज्ञान में बी.ई कर रही है । इसी प्रकार रजनी आईआईटी ड्रेस डिजायनिंग करने के उपरांत आफिस मैनेजमेंट का कोर्स कर रही है । गृह राज्यमंत्री  श्री कुशवाह माधव बाल निकेतन में बच्चियों से राखी बंधवाने के उपरांत भवन के ऊपरी हिस्से में स्थित नारी निकेतन गये जहां उन्हें 11 कन्याओं ने राखी बांधी । बाद में श्री कुशवाह महिला बाल विकास विभाग के गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित राजकीय अनुरक्षण गृह पहुंचे । जहां राजकीय अनुरक्षण गृह की सभी 21 अन्त:वासिनियों ने गृह राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह को बारी-बारी से राखी बांधी ।

      समाज शास्त्र में एम.ए. पास ब्यूटीशियन राजकीय महिला अनुरक्षण गृह की अन्त:वासिनी सुश्री रश्मि ने अपार हर्ष व्यक्त करते हुये बताया कि वह विगत कई वर्षों से श्री कुशवाह को राखी बांध रहीं है । राखी के दिन उनके आगमन से अनुरक्षण गृह का माहौल खुशनुमा हो जाता है । सबकी दावत होती है और हर अन्त:वासिनी का हृदय प्रफुल्लित । खुशी का अहसास होता है और लगता जैसे इतनी बड़ी दुनिया में कोई अपना भी है जो हम सबका दुलारा है । दसवीं की छात्रा अन्त:वासिनी ज्योति भी आज विशेष प्रसन्न थी । उसने श्री कुशवाह को चौथी बार राखी बांधी थी ।

      गृह राज्यमंत्री ने राखी बांधने वाली हर बहन को फल, मिष्ठान तथा नगद राशि भेंट कर उनसे आर्शीवाद  प्राप्त किया । इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री के साथ डा. रेखा शेटे, श्रीमती कांता सहगल, सुश्री मीना बाथम, श्री बाबूलाल विजयवर्गीय, श्री किशोर राठौर, श्री प्रमोद खंडेलवाल, श्री विनोद बंसल सहित पत्रकार बन्धु भी उपस्थित थे । माधव बाल निकेतन में संस्था के सचिव श्री जे पी सक्सेना, श्री एस आर मिश्रा तथा अन्य पदाधिकारियों ने संस्था आगमन पर गृह राज्यमंत्री का स्वागत किया ।

 

राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर को श्रीमती रेखा बिसेन ने राखी बांधी

राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर को श्रीमती रेखा बिसेन ने राखी बांधी

सहकारिता एवं लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन की पत्नि एवं जिला पंचायत बालाघाट की अध्यक्ष श्रीमती रेखा बिसेन ने राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर को रक्षाबंधन पर्व पर राखी बांधी।

श्री बिसेन राज्यपाल श्री ठाकुर से सपत्नीक सौजन्य भेंट करने गए थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल महोदय को सहकारिता एवं लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जानकारी दी। उनके साथ बालाघाट जिले के समाजसेवी श्री देवेन्द्र अवधिया, श्री अनिल डोंगरे, श्री प्रसन्न अवधिया एवं श्री राजू गौतम उपस्थित थे।

 

05 agosto

कॉलेजों में प्रवेश अब 25 अगस्त तक, विश्वविद्यालयों से संबध्दता की अंतिम तिथि भी बढ़ी

कॉलेजों में प्रवेश अब 25 अगस्त तक, विश्वविद्यालयों से संबध्दता की अंतिम तिथि भी बढ़ी

भोपाल 04 अगस्त 09। राज्य शासन ने मध्यप्रदेश के महाविद्यालयों में प्रवेश की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 25 अगस्त कर दिया है। पूर्व में अंतिम तिथि 25 जुलाईं थी। राज्यपाल और कुलाधिपति श्री रामेश्वर ठाकुर ने उच्च शिक्षा विभाग के तिथि में वृध्दि के प्रस्ताव पर अनुमति प्रदान की है।

       इसके साथ ही विश्वविद्यालय से महाविद्यालयों को संबध्दता प्राप्त करने हेतु निर्धारित अंतिम तिथि में भी वृध्दि की गई है। पहले अंतिम तिथि 20 जुलाई थी, जिसे बढ़ाकर अब 10 अगस्त कर दिया गया है। अंतिम तिथियों में यह वृध्दि अंतिम अवसर के रूप में की गई है।

 

खरीफ में खरीदी खाद के आधार पर भी रबी में फसल बीमा का मिले लाभ संभागायुक्त ने समाधान ऑन लाइन में दिया सुझाव

खरीफ में खरीदी खाद के आधार पर भी रबी में फसल बीमा का मिले लाभ संभागायुक्त ने समाधान ऑन लाइन में दिया सुझाव 

ग्वालियर 04 अगस्त 09। अल्प वर्षा की वजह से संभाग के कुछ किसान खरीफ की पैदावार लेने में असमर्थ रहेंगे किन्तु इन किसानों में सहकारी समितियों के माध्यम से खाद की खरीदी कर ली है, जिसका उपयोग वे रबी फसल में करेंगे। अत: इन्हें इसी खाद के आधार पर आगामी रबी मौसम में फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिये शासन स्तर पर नीतिगत निर्णय लेने की जरूरत होगी। यह सुझाव आज समाधान ऑनलाइन में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी  के समक्ष संभागायुक्त डॉ. कोमल सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये रखा।

संभागायुक्त ने जानकारी दी कि संभाग में अभी तक सामान्य वर्षा की मात्र 29 प्रतिशत वर्षा हुई है। डॉ. सिंह ने बताया कि हालांकि संभाग में अब तक 81 प्रतिशत रकबे में खरीफ की बोनी हो चुकी है, लेकिन अगर एक सप्ताह के भीतर पानी नहीं गिरता है, तो बोई गई फसल का 60 प्रतिशत और अगर दो सप्ताह तक पानी नहीं गिरा तो 80 प्रतिशत फसल की क्षति हो सकती है। उन्होंने जानकारी दी कि ऐसे में केवल उन्हीं किसानों की फसलें बचेंगी, जिनके पास स्वयं के सिंचाई साधन हैं। संभागायुक्त ने बताया कि संभाग के डैम खाली पड़े हैं। ग्वालियर जिले के अन्तर्गत हरसी डैम 20 प्रतिशत, ककैटो 66 प्रतिशत, पेहसारी 52 प्रतिशत व तिघरा डैम केवल 48 प्रतिशत भरा है। इसी तरह संभाग के अन्य जिलों के डैम भी खाली हैं। उन्होंने बताया कि संभाग के ग्वालियर जिले में सामान्य वर्षा की 26 प्रतिशत, शिवपुरी में 34, गुना में 26, अशोक नगर में 27 व दतिया जिले में मात्र 24 प्रतिशत बारिश हुई है। डॉ. सिंह ने समाधान ऑनलाइन में यह भी जानकारी दी कि संभाग में रबी मौसम के लिये अभी से पूरी सावधानी बरती जा रही है और कम समय व कम पानी में अधिक पैदावार देने वाली उन्नत किस्म के सरसों बीज जुटाने के प्रयास शुरू कर दिये गये हैं।

आज समाधान ऑन लाइन में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी ने करीबन एक दर्जन जिला कलेक्टर्स से सीधी बात कर जन समस्याओं का समाधान कराया। समाधान ऑन लाइन में ग्वालियर जिले के एक प्रकरण के निराकरण की रूप रेखा भी तय की गई। आदर्श नगर गोला का मंदिर निवासी सेवा निवृत्त कर्नल श्री एस पी. मल्होत्रा ने उनकी पत्नी के नाम दर्ज भूमि पर गोला का मंदिर पुलिस थाने द्वारा बेरीकेटिंग कर घेर लेने की शिकायत पर समाधान ऑन लाइन में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने 10 दिवस के भीतर इस प्रकरण के निराकरण के निर्देश दिये हैं। संभागायुक्त डॉ. कोमल सिंह व अपर कलेक्टर श्री आर के. जैन ने मुख्य सचिव को समय सीमा में इस प्रकरण के निराकण के लिये आश्वस्त किया। संभाग के शिवपुरी जिले से संबंधित एक प्रकरण पर भी समाधान ऑन लाइन में चर्चा हुई। शिवपुरी जिले के एक व्यक्ति ने  लोक निर्माण विभाग द्वारा खतौरा से बिजरौनी तक बनाई गई सड़क  में गई निजी जमीन का मुआवजा न मिलने की शिकायत की थी। शिवपुरी के जिला कलेक्टर श्री मनीष श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि इस तरह के अन्य 24 प्रकरण भी सामने आये हैं, इन सभी में भू-अर्जन की राशि दिलाने की कार्रवाई जारी है।

      मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी ने इस अवसर पर सभी संभागायुक्त एवं जिला कलेक्टर्स से अल्प वर्षा को ध्यान में रखकर सभी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जिन जिलों में खरीफ फसल की सिंचाई के लिये पानी दिया जा सकता है वहां तत्परता से पानी छोड़ा जाये। इसी तरह आवश्यकतानुसार बिजली की आपूर्ति भी बढ़ाई जाये जिससे किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर सकें। मुख्य सचिव ने पेयजल सप्लाई व ग्राउण्ड वाटर लेवल पर  खास ध्यान देने की बात भी कही।

      संभागायुक्त कार्यालय में अपर आयुक्त श्री ए के. शिवहरे एवं कलेक्ट्रेट स्थित एन आई सी. के वीडियो कॉन्फ्रेसिंग कक्ष में पुलिस अधीक्षक श्री ए. सांई मनोहर, नगर निगम आयुक्त डॉ.पवन शर्मा, अपर कलेक्टर श्री आर के. जैन व श्री वेदप्रकाश, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री एम एस. वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

 

एक जनवरी, 2006 के पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण

एक जनवरी, 2006 के पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण

पेंशनर#परिवार पेंशनर की उम्र

अतिरिक्त राशि

 

80 वर्ष से तथा 85 वर्ष से कम

 

मूल पेंशन#परिवार पेंशन का 20 प्रतिशत

 

85 वर्ष से तथा 90 वर्ष से कम

 

मूल पेंशन#परिवार पेंशन का 30 प्रतिशत

 

90 वर्ष से तथा 95 वर्ष से कम

 

मूल पेंशन#परिवार पेंशन का 40 प्रतिशत

 

10 वर्ष या अधिक

 

मूल पेंशन#परिवार पेंशन का 100 प्रतिशत

 

भोपाल 4अगस्त 09। राज्य शासन ने एक जनवरी, 2006 को या इसके पश्चात सेवानिवृत्त अथवा दिवंगत कर्मचारियों की पेंशन अथवा परिवार पेंशन का पुनरीक्षण किया है। पेंशन का निर्धारण अंतिम माह के मूल वेतन (वेतन बेंड में वेतन + ग्रेड पे) के आधार पर होगा। पेंशन 33 वर्ष की सेवा पूरी होने पर अंतिम माह के मूल वेतन के 50 प्रतिशत की दर से देय होगी। न्यूनतम पेंशन 3025 रुपये प्रतिमाह होगी।परिवार पेंशनअंतिम मूल वेतन (वेतन बेंड में वेतन + ग्रेड पे) के 30 प्रतिशत की दर से देय होगी। न्यूनतम पेंशन 3025 रुपये प्रतिमाह होगी। वृध्द पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन की राशि इस सीमा से पृथक रहेगी। अतिरिक्त पेंशन इस प्रकार होगी-

 31 अगस्त, 2008 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिये पेंशन परिलब्धियों का निर्धारण किया गया है। मृत्यु सह-सेवानिवृत्ति उपादान (ग्रेच्युटी) की अधिकतम सीमा 3.5 लाख को बढ़ाकर एक सितम्बर, 2008 से 10 लाख रुपये किया गया है। ग्रेच्युटी की राशि का निर्धारण करने के लिये अंतिम माह का मूल वेतन (वेतन बेंड में वेतन + ग्रेड पे) तथा इस पर देय महंगाई भत्ता गणना में लिया जायेगा। 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा पर साढ़े 16 माह की उपलब्धियां अथवा 10 लाख रुपये की राशि जो भी कम हो देय होगी। अर्जित अवकाश नगदीकरण के लिये मूल वेतन (वेतन बेंड में वेतन + ग्रेड पे) तथा इस पर देय महंगाई भत्ते को मासिक उपलब्धियां माना जायेगा। एक जनवरी, 2006 से 31 अगस्त, 2008 तक की अवधि के बीच सेवानिवृत्त अथवा दिवंगत कर्मचारियों की पेंशन#परिवार पेंशन पुनरीक्षित वेतनमान में काल्पनिक तौर पर निर्धारित कर वास्तविक भुगतान एक सितम्बर, 2008 से देय होगा।

       इन निर्देशों के अंतर्गत समेकित पेंशन#परिवार पेंशन मूल पेंशन होगी। एक सितम्बर, 2008 से मूल पेंशन पर 12 प्रतिशत की दर से तथा जुलाई, 2009 से 16 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत देय होगी। वृध्द पेंशनरों को देय अतिरिक्त पेंशन पर महंगाई राहत देय होगी।