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30 agosto

कमजोर राजा और पतले वृक्ष की शरण कभी न लें ये अवश्‍य धोखा देते हैं

रहति लटपट काटि दिन, बरू घामें मां सोय । छांह ना बाकी बैठिये, जो तरू पतरो होय ।। जो तरू पतरो होय, एक दिन धोखा दैहे । जा दिन बहै बयारि, टूटि तब जर से जैहे ।। कह गिरधर कविराय, छांह मोटे की गहिये । पाती सब झरिं जांय, तऊ छाया में रहिये ।। पतले वृक्ष अर्थात कमजोर राजा की शरण या राज्‍य में नहीं रहना चाहिये, ऐसे राजा के राज्‍य की शरण में रहने से एक दिन तगड़ा धोखा होता है और जिस दिन भी तेज हवा या आंधी चलती है, कमजोर और पतले वृक्ष जिस तरह जड़ से उखड़ कर उड़ जाते हैं, उसी तरह ऐसा राजा भी कुनबे सहित भाग निकलता है और लुप्‍त व गुप्‍त हो जाता है । भारत के प्रसिद्ध गिरधर कवि ने इस कुण्‍डली में कहा है कि सदा ही मोटे वृक्ष और भारी राजा (जिसका साम्राज्‍य पुख्‍ता हो और प्राचीन हो तथा विश्‍वसनीय कुल का हो) की ही शरण व राज्‍य का आसरा लेना चाहिये । ऐसा वृक्ष सारी पत्तियां झड़ जाने के बावजूद भी छाया और सुख प्रदान करता है, ऐसा राजा व उसका राज्‍य भी सब कुछ व्‍यतीत हो जाने या नष्‍ट हो जाने पर भी सुख व समृद्धि देता है । अन्‍यथा भीषण लपट और घाम (तेज धूप) रहते हुये भी बिना वृक्ष के खुले में बैठकर कष्‍ट भोगना उत्‍तम है- गिरधर कवि की कुण्‍डली भारत के अति मान्‍य प्राचीन कवि  

29 agosto

कम्प्यूटिंग उपकरण अब 5000 रुपए में भी मिलेंगे Minister Invites Silicon Giants to Provide Affordable WiMAX and 3G Devices

कम्प्यूटिंग उपकरण अब  5000 रुपए में भी मिलेंगे

श्री ए. राजा ने कनेक्टेड इंडिया अभियान का शुभारंभ किया

       संचार  एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ए. राजा ने न्यूनतम 5000 रुपए के कम्प्यूटिंग यंत्रों के लांच की आज घोषणा की। ये यंत्र शीघ्र ही बाजार में उपलब्ध होंगे। मंत्री महोदय आज यहां कनेक्टेड इंडिया अभियान का शुभारंभ कर रहे थे। उद्योग  जगत के अपने सहयोगियों के साथ मिलकर  इंटेल सरकार के समर्थन से इस अभियान में अहम भूमिका निभा रहा है।

       श्री राजा ने कहा कि इससे अभी तक इंटरनेट के सम्पर्क में नहीं आये लोग मामूली कीमत पर आसानी से इंटरनेट का उपयोग कर पायेंगे। उन्होंने  उद्योग जगत से सस्ते  इंटरनेट मॉडल तैयार करने में लगे रहने की अपील की। मंत्री महोदय ने पहले इंटेल को 5000 रुपए के मूल्य का कम्प्यूटिंग उपकरण तैयार करने का निर्देश दिया था।

       उन्होंने कहा कि इस अभियान से ब्रॉडबैंड विस्तार में तेजी आयेगी तथा समग्र सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन की गति तेज करने में इंटरनेट की शक्तियों का दोहन करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मामूली कीमत पर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी योजनाओं के अलावा आसान, सस्ते तथा इंटरनेट केन्द्रित नेटटोप्स नेटबुक्स और मोबाइल इंटरनेट यंत्र तैयार करने में जुटे उद्योग जगत के  लोगों की सराहना की।

 

 

 

 

Computing devices to be available at Rs 5000

THIRU A RAJA LAUNCHES “CONNECTED INDIAN MOVEMENT”

Minister Invites Silicon Giants to Provide Affordable WiMAX and 3G Devices

 

 

Minister of Communications and IT Thiru A Raja today announced the launch of computing devices starting at an affordable price of Rs 5000. The devices are based on Intel’s revolutionary Atom™ Processor and these will be available in the Indian market very soon. The Minister was launching a unique “Connected Indian” movement facilitated by Intel with partners from the industry and support from the Government. Mr. Raja said, this could provide the ‘unconnected’ citizens with a truly affordable, simple and easy to use access to the Internet. He hoped that the price range will appeal very strongly to the broad citizen base. Mr. Raja called upon the industry to continuously innovate to create cost effective internet access usage models. The Minister had earlier directed Intel to create a computing device at an approximate price point of Rs. 5,000/-.

Mr. Raja observed that the “Connected Indian” movement will bring with it rapid broadband deployment and help harness the powers of internet to accelerate inclusive social and economic change. He commended the industry for working on a new class of simple, affordable, Internet-centric devices “nettops”; “netbooks” & mobile internet devices along with affordable broadband connectivity schemes from the service providers. He said, bridging the digital divide is a key concern for India, considering that nearly 70 per cent of the country’s population has been bypassed by the ICT revolution.

Referring to the recent announcement of the WiMAX & 3G Broadband Wireless Access Policy by the Ministry, Mr. Raja said, this will go a long way in providing true broadband internet access in the hands of every Indian. He said, the government will ensure that licenses are awarded so that operators can create long term profitable business model. He expected global silicon companies like Intel to facilitate the bulk adoption of broadband wireless thru a range of affordable WiMAX & 3G devices.

Several captains of IT and telecom industry attended the launch of the Connected Indian Movement.

 

28 agosto

विशेष शनिचरा मंदिर पर मेला 30 अगस्त को सभी तैयारियां पूर्ण

विशेष

शनिचरा मंदिर पर मेला 30 अगस्त को सभी तैयारियां पूर्ण

प्रस्‍तुति जिला जनसम्‍पर्क कार्यालय मुरैना म.प्र

 

शनिचरी अमावस्या के दिन शनि की पूजा अर्चना और काली वस्तुओं का दान करना विशेष शुभदायी माना गया है । शनिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या पर शनि तीर्थ शनिचरा पर विशाल मेला का आयोजन होता है, जिसमें देशभर के लाखों श्रध्दालु आते हैं । इस वर्ष 30 अगस्त 2008 को पड़ने वाली शनिचरी अमावस्या पर लगभग दो लाख श्रध्दालुओं के पहुचने की संभावना है । जिला प्रशासन ने मेला की सभी तैयारियां और व्यवस्थायें पूर्ण कर ली हैं ।

मुरैना 26 अगस्त 08/   उल्लेखनीय है कि मुरैना जिला मुख्यालय से 37 किलोमीटर दूर एेंती ग्राम में स्थित शनि देव प्राचीन मंदिर है । ऐसी मान्यता है कि महाराष्ट्र के प्रसिध्द शनि सिंगणापुर में स्थापित शनि शिला भी सन् 1817 में इसी शनि पर्वत से ले जाई गई थी, जो खुले आकाश में एक विशाल चबूतरें पर स्थापित है और श्रध्दालुओं के धर्म और श्रध्दा का प्रतीक बनी हुई है । शनि ग्रह को सौर मंडल का सबसे महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है, जो व्यक्ति के कर्मानुसार अच्छे और बुरे फल प्रदान करता है । शनिदेव को मृत्यु लोक का न्यायाधीश कहा जाता है ।

       पुराणों के अनुसार सूर्य देव की द्वितीय पत्नी छाया के गर्भ से जन्में शनि के श्याम वर्ण को देख कर सूर्य ने अपनी पत्नी पर आरोप लगायें और शनि को अपना पुत्र मानने से इंकार कर दिया । तभी से शनि देव अपने पिता सूर्य से शत्रुभाव रखते हैं। इन्होंने भगावान शिव की कठोर तपस्या पर अनेक शक्तियां प्राप्त की और नवग्रहों में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया । यमराज शनिदेव के भाई और यमुना बहिन है । भाई दूज पर यमुना स्नान करने वाले भाई बहिनों को शनि और यम की पीड़ा नहीं सताती । स्वभाव से गम्भीर त्यागी, तपस्वी, हठी, क्रोधी शनिदेव न्यायप्रिय हैं और हनुमान, काल भैरव, बुध और राहू के मित्र हैं तथा कुम्भ और मकर इनकी प्रिय राशि है । शनि देव व्यक्ति के सुख और स्वास्थ्य पर भी अपने ढंग से प्रभाव डालते हैं । शनि के शुभ प्रभाव से दीर्घ कालिक प्रसिध्द की प्राप्ति होती हैं, जबकि अशुभ प्रभाव होने पर व्यक्ति को दुख, मानसिक प्रताड़ना, दारिद्रय, भय तथा उदर, नेत्र , दांत रोगों के साथ ही अंग-भंग जैसे दु:ख झेलने पड़ते हैं ।

       शनिचरी अमावस्या के दिन शनि की पूजा अर्चना करने से शनि देव विशेष फल देते हैं । इस वर्ष 30 अगस्त को शनिचरी अमावस्या पर विशाल मेला का आयोजन किया गया है । कलेक्टर श्री रामकिंकर गुप्ता ने मेला की सभी आवश्यक तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है । अधिकारियों को व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंप दी गई है । मेला की व्यवस्थाओं हेतु सम्पन्न बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार शनिचरी अमावस्या के दिन मंदिर प्रांगण में स्थित स्नान कुण्ड को लोहे की मोटी जाली से ढक दिया जायेगा और मोटर लगाकर पाइप लाइन के जरिये इस कुण्ड से पानी मंदिर प्रांगण के वाहर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जायेगा जहां दर्शनार्थी इस का उपयोग स्नान के रूप में कर सकेंगे । मेला के पूर्व 28 अगस्त से मेला समाप्ति तक अस्थाई रूप से स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया जायेगा और बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जायेगा । इसके लिए संबंधित अधिकारी सतत निगरानी और पर्यवेक्षण करेंगे । पेयजल के लिए जगह-जगह टोंटी युक्त टेंकर रहेंगे ।

शनिदेव  पर तेल चढाने के लिए श्रध्दालु कांच की शीशी में तेल नहीं ले जा सकेंगे । दुकानदार पॉलीथिन की थैली में ही तेल विक्रय करेंगे । मूर्ति पर सीधे तेल  नहीं चढ़ाया जायेगा। इसके लिए मुख्य मंदिर गेट से मूर्ति तक पाइप लगाया जायेगा और उसके जरिये तेल चढ़ाया जायेगा । धर्म शाला का उपयोग भी अस्पताल, अमानती सामान घर और कन्ट्रोल रूम के रूप में किया जायेगा। श्रध्दालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए आने जाने वाले वाहनों पर ओवर लेडिंग को सख्ती से रोका जायेगा ।

 

27 agosto

वाणी से धोखा होता है, वाणी के धोखे न आयें

मधुरी मीठी बानी, दगाबाज की निशानी ।

मीठा और मधुर बोल कर लोग पीठ में छुरा घोंपते है, ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिये, ये लोग दगाबाज होते हैं घाघ भड्डरी

हल्‍दी जर्दी नहिं तजे, खटरस तजै न आम । शीलवान गुन ना तजै, ना औगुन तजै गुलाम ।।

हल्‍दी अपना पीला रंग नहीं छोड़ती, आम अपनी खटास नहीं छोड़ता, इसी प्रकार कुलीन और शीलवान लोग अपने गुण नहीं छोड़ते, और वर्णसंकर कुलहीन लोग अपने अवगुण नहीं छोड़ते ।। मुंह में राम, बगल में छुरी इस देश में बहुत संख्‍या ऐसों की है जो मुख से वाणी कुछ और निकालते हैं, और ब्गल में छुरी छिपा कर रखते हैं  - भारत की प्राचीन देशी देहाती कहावतें     

26 agosto

हास्‍य/व्‍यंग्‍य -आओ चलो अखबार निकालें, विज्ञापन पायें, गरीबी हटायें - नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’

हास्‍य/व्‍यंग्‍य

आओ चलो अखबार निकालें, विज्ञापन पायें, गरीबी हटायें

चम्‍बल विकास प्राधिकरण को बने तो 25 साल हो गये, करोड़ो खर्च के बाद अब दोबारा बनेगा क्‍या

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’

सरकार को टेन्‍शन है कि एक अरब लोगों में केवल तीन आदमी अरब पति हैं, बकाया एक अरब सब इनकी पत्‍नीं हैं यानि हाल कंगाल हैं, सरकार फालतू ही नर्राती रहती है, बेकार ही मंजीरे पीटती रहती है कि गरीबी हटाओ । इंदिरा जी भी चिल्‍लातीं थीं गरीबी हटाओ, चिल्‍लाते चिल्‍लाते शहीद हो गयीं मगर गरीबी शहीद न हुयी । गरीब और गरीब होता गया, अमीर को अमीरी रास आ गयी वह और अमीर होता गया । गरीब को गरीबी रास आयी, गरीब की पॉकेट से पैसा अमीर का जिन्‍न लपक कर अमीर की तिजोरी में पहुँचाता रहा । एक हजार गरीब का हैण्‍ड फैन छिन गया तो एक अमीर का ए.सी. लग गया । एक हजार गरीब को एक वक्‍त की रोटी कुर्बान करनी पड़ी तो अमीर के कुत्‍ते के लिये विदेशी बिस्‍कुट का पैकेट आ गया । अमीर अतिअमीर होते रहे गरीब अति गरीब, का करिये अपने अपने नसीब की बात है, अंग्रेजी में एक कहावत होवे है कि अमीर का छोरा मुंह में सोने की चम्‍मच लेकर पैदा होता है, गरीब का बेटा कभी दिल में छेद ले आता है तो कभी पाकिट में सूराख कभी कभी तो ससुरा मुकद्दर ही चलनी सा ले आता है । अब चलनी में दूध दुहोगे तो कर्मन कों दोष क्‍यों देवोगे । गरीब के पास राशन कार्ड बनवाने के पैसे नहीं होते, गरीबी रेखा में नाम लिखाने के पैसे नहीं होते । अब गरीबी रेखा की सूची खाली तो नहीं रखी जा सकती, सो जो दे सकता है वह आई आर डी पी में बिलो पावर्टी लाइन बन जाता है, देने की ताकत अमीरों के पास होती है, मामला फंस जायेगा तो उसे सुल्‍टाने की ताकत भी अमीरों की पॉकिट में होती है, गरीब के पास तो भुखमरी का घण्‍टा रहता है, चौबीस घण्‍टे बजाता है, हरिकीर्तन करता है, बड़ी आस से मन्दिर, मस्जिद गुरूद्वारे जाता है, दीवाली को उधार मांग कर कर्ज लेकर भी लक्ष्‍मी पूजन करता है कि मैया इस साल भण्‍डार भर देना भरपूर कर देना, लक्ष्‍मी मैया इठलाती है, इतराती है कहती है कि पहले भण्‍डार तो बता कि कहॉं है तेरा जिसे मैं भरूं, अपनी तिजोरी तो दिखा जहॉं जाकर बैठ जाऊं, गरीब के पास न तिजोरी है न भण्‍डार, रोज आधा एक किलो आटा, ढाई सौ ग्राम आलू और दो प्‍याज की गॉंठ खरीद लाता है, और लक्ष्‍मी से कहता है मैया वो जो साइड में पॉलीथिन पड़ी है, वही मेरा गोदाम है, मेरा भण्‍डार है, इसे भरपूर कर, मैया ठठा कर हँसती है, फिर गरीब बोलता है कि ये जो मेरी फटी बुशर्ट की फटी जेब है और किवाड़ की कुण्‍दी पर लटकी है यही मेरी तिजोरी है इसमें आन विराजो महारानी ।

लक्ष्‍मी मुस्‍कराती हुयी अपनी पूजा कर खिसक लेती है और उसकी ढाई सौ ग्राम की समाई साइज की पॉलीथिन में ढाई सौ ग्राम का खाता खोल देती है, उसकी फटी बुशर्ट की फटी जेब में भी जीरो बैलेन्‍स अकाउंट खोल देती है और जेब के सूराख से ही बाहर खिसक लेती है, और किसी बड़ी तिजोरी बड़े भण्‍डार वाले का गोदाम तलाशने निकल पड़ती है ।

सरकार फिर चिल्‍लाई, गरीबी हटाओ, पता नहीं किससे कहा, पता नहीं किसने सुना । मगर एक दिन पिछले साल सब सरकारी अफसरान ने एक दिन गरीबी हटाने के लिये अर्पित किया, गरीबी हटाने की शपथ हाथ आगे बढ़ा बढ़ा कर ले डाली, ससुरी शपथ क्‍या संकल्‍प कर डाला, वे सब बोले हम गरीबी हटायेंगें । हमने सारे फोटू इकठ्ठे करे और लघु फिल्‍म बना डाली (ग्‍वालियर टाइम्‍स वेबसाइट पर अभी भी चल रही है ) फिल्‍म बहुतों ने देखी, सरकार की बात भी बहुतों ने सुनी, अखबारों के जरिये या मीडिया के नजरिये ।

पर कोई नहीं चेता, कोई नहीं जागा, शपथ लेकर हाल ही सब भूल गये । गरीब ससुरा गरीब होता ही गया फटेहाल फक्‍कड़ होता गया । अब का हो, सवाल बड़ा विषम था । लेकिन हमारे देशभक्‍त चेते, उनने गरीबी दूर करने का बिना शपथ लिये बीड़ा उठाया, गरीबी किल करने की सुपारी ले ली । और लग बैठे देश की गरीबी मिटाने में, कोई बोला गरीब से, कोई का एजेण्‍ट बोला तो कोई का कन्‍सल्‍टेण्‍ट गरीब का हमदर्द बना किसी किसी के बिजनिस एसोसियट गरीब की गरीबी दूर करने गरीब के पास जा पहुँचे । और बोले हमने गरीबी किलिंग की सुपारी ली है, बीड़ा चबाया है (पहले बीड़ा चबाया जाता था, स्‍वतंत्रता के बाद उठाया जाता है )

बीड़ा उठाया तांत्रिकों ने, फायनेन्‍स कम्‍पनीयों, बैंक, शेयर ब्रोकर्स और बीमा कम्‍पनीयों ने । सबने ऐलाने जंग किया ‘’ हम मिटायेंगें गरीबी’’ फतहयाबी के आमीन बांचे । और चले गरीबी दूर करने बाबाजी और तांत्रिक गॉंवों और शहरों की निपट गंवार दिमाग से पैदल गरीब बस्तियों में पहुँचे और बोले हम मिटायेंगें बच्‍चा तेरी गरीबी, तेरे संकट का टैम खतम हुआ, अब तू भारत के पॉंच पहले अमीरों में शुमार होगा, फोर्ब्‍स पत्रिका की हिट लिस्‍ट में तेरी सम्‍पदा अंकेगी । पी एम, सी एम तेरी मुलाकात को तरसेंगें तुझे बुलाने के लिये सरकार करोड़ों रूपया फूंकेगी, रेड कार्पेट डालेगी तुझे प्र जमीन पे नहीं धरने पड़ेंगें , राल्‍स रायस में ऐशो सफर करेगा, तेरे घर से पेलेस ऑन व्‍हील्‍स निकलेगी । हसीनायें तेरी बाट जोहेंगीं, दस सुन्‍दरियां सोते से मनुहार कर मधुर संगीत सुनाते हुये जगायेंगीं, दस नवयौवनायें बिना बु्रश के तुझे मंजन अंजन करायेंगीं, दस और इठलातीं जिन्‍न परीयां तुझे स्‍नान ध्‍यान करायेंगीं, महकते इत्र और तैरती खुशबुओं के बीच हमाम में पड़ा इन परियों से मालिश करवा कर मैल छुड़वायेगा, फिर नई हुस्‍न मलिकायें तुझे वस्‍त्र पहनायेंगीं, दस और नवयुवतियां आकर तुझे नाश्‍ता करायेगीं ।

हाथ बांधे सिर झुकाये तेरे सामने फकीर फक्‍कड़ों की लाइन लगी होगी, तू बांटता जायेगा मगर तेरा खजाना उतना ही बढ़ता जायेगा । आफिस में दस सुन्‍दरीयां तेरी स्‍टेनो होंगीं हर समय बस तेरी सूरत पर नजर रखेंगीं और क्‍या हुक्‍म है मेरे आका पुकारतीं होंगीं । एक हजार एकड़ जमीन में तेरा बंगला होगा, अम्‍बानी कां बंगला और मित्‍तल का बंगला उसके बेटे के बंगले और बेटी के बंगले सबके सब तेरे पास गिरवी धरे होंगें ।

टाटा का सिलबट्टा जैसे 75 पैसे में आज तलक गिरवी पड़ा है, धर्मेन्‍द्र बीकानेर वाले पर जैसे एक होटल पान वाले के दो रूपये पिचहत्‍तर पैसे आज तलक उधार हैं, ऐसे अरबपति के खाते तेरे चौके से गुजरेंगें । बस उठ और फलां जगह दबे फलां राजा या फलां बंन्‍जारे का खजाना खोद ले हम तुझे दिलवायेंगें, खरचा मगर पचास हजार से ऊपर का होगा । गरीब ने उनके ख्‍वाब सिर ऑंखों लिये और निकल पड़ा फोर्ब्‍स पत्रिका में अपना नाम लिखाने । कर्ज जुगाड़ा, चोरी करी, डाका डाला, घर बेचा, जेवर बेचा, बिटिया गिरवी रखी, बेटा बंधुआ रखा, पचास हजार इकठ्ठे करके लाया बाबा तांत्रिक को सौंपे, बाबा ने जमीन खुदवा कर पॉंच चांदी के सिक्‍के भी दिये और कहा ये सैम्‍पल है, चेक करवा ले, अब इस खजाने पर सवार मसान या प्रेत कहता है कि बकाया माल दीवाली की अमावस को निकलेगा, तब तक रोज यहॉं घी का दीपक जलाना, किसी को यहॉं फटकने न देना, और सावधान अशुद्धि न हो जाये वरना खजाना पाताल चला जायेगा ।

गरीब खुदी जगह पर झोंपड़ी डाल कर बैठ गया, रोज दीपक जलाता और दीवाली की अमावस की रात का इन्‍तजार करता । साल भर बाद बाबा तांत्रिक फिर पधारे बोले चल निकाल पॉंच हजार नकद और दो बोतल दारू खालिस अंग्रेजी, तीन मुर्गा और सोलह नीबू । गरीब ने फिर जुगाड़ कर सामान और पैसा बाबा को दिया, बाबा और उसके चेलों ने गरीब का नाम फोर्ब्‍स पत्रिका में लिखाने को कर्मकाण्‍ड शुरू किया दो दो ढक्‍कन दारू काली और भैरों को चढ़ायी बकाया परसादी खुद और चेलों ने पा ली । मुर्गों  का रक्‍त काली और भैरों पर चढ़ा, मुर्गे परसादी बन कर बाबा और चेलों के पेट में समा गये ।

बाबा ने चाण्‍डाल चौकी का पहरा बिठाया, सिन्‍दूर का चौकोर घेरा बनाया और फूं फां, धूं धां, ठं ठं ठ: ठ: करता रहा, थोड़ी देर बाद देव प्रकट हुये फिर प्रेत भी आ गया फिर जिन्‍न भी आ पहुँचा, सब बोले चिल्‍लाकर बोले अशुद्धि अशुद्धि अशुद्धि, घोर संकट, बाबा तू भाग जा वरना निपट जायेगा । अलौकिक (दिखाई न देने वाली) आत्‍मायें नशें में झूमते चेलों की बाडी में घुस बैठीं थीं, सबके सब बोले, इसने गलती की है , इसे खजाना हम नहीं दे सकते, बाबा बोला क्‍या गलती हुयी है उसे तो बताओ, सब आत्‍मायें एक सुर में बोलीं इसकी पत्‍नी हर महीने, महीने से (रजस्‍वला) होती थी लेकिन ये उन दिनों भी दीपक लगा देता था, घोर अशुद्धि, पाप कर्म, और देखते देखते गरीब का खजाना पाताल में समा गया । बेचारा गरीब, फोर्ब्‍स में आते आते जरा सी चूक से वंचित हो गया ।          

कल एक प्रसिद्ध व प्रतिष्ठित समाचार पत्र की फ्रण्‍ट पेज की सेकण्‍ड लीड थी कि भाजपा बनायेगी चम्‍बल विकास पाधिकरण, खबर चौंकाने वाली और झन्‍नाटेदार थी, पढ़ कर हम चौंके भी और सन्‍नाटे में भी आ गये । फिर अखबार के ऊपर ध्‍यान गया तो भाजपा का विज्ञापन सरकारी पैसे से अखबार में लगा था, पहले यह टॉप एड अन्‍य अखबारों में भी चलता रहा है, इस प्रकार के विज्ञापन इण्‍टरनेट पर चला करते हैं और इन्‍हें टॉप एड कहते हैं, जो बहुत मंहगे होते हैं, अखबारों में इस प्रकार के विज्ञापन प्रकाशन का रिवाज कभी नहीं रहा, पहली दफा मध्‍यप्रदेश के अखबारों में यह प्रयोग देखने को मिल रहा है, खैर कोई बात नहीं नवाचार और अधुनातन का जमाना है यह भी चलेगा । वैसे भी ग्राहक आजकल अखबार खबर के लिये नहीं विज्ञापन के लिये पढ़ता है । इसलिये अखबारों का 70 से 75 फीसदी भाग केवल विज्ञापन से आवृत्‍त रहता है, अखबार वाले इसे जानते हैं इसलिये खबरें नहीं विज्ञापन छापते हैं, जो अखबार विज्ञापन नहीं छापते वे आजकल बिका नहीं करते, उन्‍हें घटिया अखबार माना जाता है । उन्‍हें कोई नहीं पढ़ता । पढ़ना भी नहीं चाहिये, उपभोक्‍ता अखबार खबर के लिये नहीं विज्ञापन के लिये अखबार खरीदता है । खबर नहीं छपेगी कोई बात नहीं, विज्ञापन नहीं छपे तो उपभोक्‍ता लपक कर उपभोक्‍ता फोरम चला जायेगा । अखबार वाले इस बात को जानते हैं, सो विज्ञापन देवो भव: । विज्ञापन दाता ईश्‍वरो भव: । सो अखबार बेचारे 70 अस्‍सी फीसदी भाग में विज्ञापन छापा करते हैं ।

अब कोई विज्ञापन देवेगा, माने झूर कर पैसा भी देवेगा, अब जब देवेगा तो कुछ लेवेगा भी । भइया बड़ी साधारण सी बात है मक्‍खन लगवायेगा, चमचागिरी करवायेगा, पैर दबवायेगा, घुटने सहलवायेगा । वगैरह वगैरह ।

चलो अखबारों ने टाप एड प्रक्रिया चालू कर दी है, अच्‍छा है अखबार भी ग्‍लोबलाइज हो रहे हैं, पहला ग्‍लोबलाइजेशन जब हुआ था जब इनका साइज कतर कर पौना हो गया था, पहले दिल्‍ली के अंग्रेजी अखबार टाइम्‍स आफ इण्डिया पौना हुआ था, उसके बाद ग्‍वालियर के अखबार इण्‍टरनेशनल स्‍टैण्‍डर्ड के हो गये थे । मगर दाम बढ़ कर सवाये हो गये थे । हूं तो नई कहावत यूं बनी कि ‘’साइज पौना दाम सवाये’’ वाह क्‍या इन्‍वेन्‍शन है । चलो अखबारों ने एक नई कहावत का इन्‍वेन्‍शन करा दिया ।

वैसे तो अखबार एक ही विज्ञापन एक ही अखबार में अलग अलग अलां फलां संस्‍करण (संस्‍करण दो पन्‍ने या एक पन्‍ने का होता है) में अलग अलग छाप कर पैसे दुगने तिगुने करते रहते हैं ।

यह भी एक इन्‍वेन्‍शन हैं, एक रहस्‍य है, देश के लोग फालतू ठोकरें खातें फिरते हैं और पैसा दुगुना तिगुना करने के चक्‍कर में मारे मारे फिरते हैं, कभी कोई बाबाजी या तांत्रिक दुगुना तिगुना का चक्‍कर चला कर चूना लगा जाता है तो कभी शेयरबाजी में घर बर्बाद हो कर लोग सड़क के खण्‍डों पर आ जाते हैं, कभी कोई फायनेन्‍स कम्‍पनी चूना लगा जाती है तो कभी कोई बीमा कम्‍पनी या बैंक की योजना में झांसा देकर फांसा जाता है ।

इन देश वासीयों को कोई अक्‍ल दे, अगर धन दूना तिगुना चौगुना सोलह या हजार गुने तक करना है तो एक अखबार निकालो, संस्‍करण बढ़ाओ, या एक ही संस्‍करण पर अलग अलग छाप लगाओ यानि अलग अलग बार मशीन पर चढ़ाओ और लिखो अलां जगह या फलां जगह से प्रकाशित । अरे मूर्ख देशवासीयों संस्‍करण निकालो, अखबार निकालो हर अलग संस्‍करण के लिये एक ही विज्ञापन कई बार मिलता या छपता है । मेरे प्‍यारे बेवकूफ देशवासीयो तुम्‍हारी जेब पर जो तमाम टैक्‍सों से जेब कतरी होती है उसका साठ फीसदी विज्ञापन पर जाता है, अपनी जेब से गये का कई गुना वापस चाहिये तो अखबार निकालो, मल्‍टी संस्‍करण हो जाओ । गरीबी हटाओ, फोर्ब्‍स पत्रिका में नाम लिखाओ ।

आम के आम गुठलियों के दाम, विज्ञापन से आय, ब्‍लैकमेलिंग से धनवृद्धि, ठांसे और झांसे से कार्य सिद्धि, परिशिष्‍ट प्रकाशन से आय वृद्धि, भ्रष्‍टों से रिश्‍तेदारी और नातेदारी जॉब में सुनहरा मौका, कहॉं खोये हो देश वासीयो, कहॉं लफड़े में फंसे हो, बैंक बीमा शेयर और बाबाओं के चक्‍कर में । अखबार निकालो संस्‍करण छापो ।

चुनाव टैम पर वारे न्‍यारे, इलैक्‍शन डेस्‍क निकालो, जो दे उसको नेता बना दो, जो न दो उसे पैदल कर दो, प्रोजेक्‍ट चला दो, विकास पुस्तिका छाप दो हर जिले पर बीस लाख मिलते हैं, अरे कहॉं सोये हो मूर्खो, जागो, उठो, सुनहरी सुबह तुम्‍हारा इन्‍तजार कर रही है, चमकता दिनकर, उगता भास्‍कर तुम्‍हें पुकार रहा है ।  कई अखबार तो केवल विज्ञापन के लिये ही छपा करते हैं, वे विज्ञापन मिलने पर ही अखबार छापा करते हैं, विज्ञापन और गरीबी हटाओ के इस अचूक रिश्‍ते को देख समझ मध्‍यप्रदेश सरकार के कई मंत्रियों ने अपने अपने अखबार निकालने शुरू कर दिये हैं, और कई टी.वी. चैनल चालू कर डाले हैं, सूत्र बताते हैं मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह भी कई अखबारों और टी.वी. चैनलों में इस नायाब फार्मूले के लिये पार्टनर शिप हथिया लिये हैं । पहले किसी जमाने में कहते थे कि ‘’ अगर तोप मुकाबिल हो, तो अखबार निकालो’’ आज कहते हैं कि-

अगर गरीबी हो मुकाबिल तो अखबार निकालो ।

चाहिये अकूत सम्‍पत्ति तो अखबार निकालो ।।

अगर टेंशन बने कोई देशभक्‍त तो निपटाना है आसां ।

छापो फर्जी खबर, केस लपेटो, चलो अखबार निकालो ।।

अगर परेशां हो पैसा बढ़ाने की खातिर, नहीं सुनता पुलिस वाला फरियाद जो तेरी ।

अरे मूरख उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अखबार निकालो ।।

अगर नहीं है मुकाबला तेरा वश में भ्रष्‍ट अफसर और नेताओं से ।

अब चेत जा और छाप डाल, बस कर इतना एक अखबार निकालो ।।

नहीं है गर दौलत की मेहरबानी तुझ पर, नहीं बढ़ता पैसा तेरा बैक, बीमा शेयर से अगर ।

फिक्र छोड़, उठ जाग, छाप धड़ाधड़ संस्‍करण अनेक और अखबार निकालो ।।

छोड़ देशभक्ति के चोंचले, छोड़ गरीब की आवाज उठाना, मूरख भूखों मर जायेगा ।

चेत जाग धन की देवी लक्ष्‍मी पुकारती तुझे, उठो और अखबार निकालो ।।

समझ आयोजित और प्रायोजित के अर्थ, अखबार चला ले जायेगा ।

अगर है चमचागिरी और मक्‍खनमारी की कला से सम्‍पन्‍न, ढेरों विज्ञापन पा जायेगा ।।

पुलिस वाले की तरह फरियादी से भी ले, मुल्जिम से भी वसूल ।

इतनी समझ गर आ गयी तुझे तो पक्ष विपक्ष दोनो से मिलेगा धन तुझे, चलो उठो अखबार निकालो ।।

पाठक बना रहेगा, कन्‍जूमर कहलायेगा, जेब पर टैक्‍स ठुकेंगें कई, चौतरफा लुट जायेगा ।

अगर ठिकाने लगाने हैं ब्‍लैक मनी के पैसे तुझे, हजम भ्रष्‍टाचार की कमाई, उठ जाग चलो अखबार निकालो ।।

यदि है परेशान पत्रकारों से नेताओं से और फर्जी शिकायतों से ।

अरे चेत नादान, सीख मंत्र वशीकरन का अब जाग उठ और चलो अखबार निकालो ।।

नहीं सुनेगा देस में कोई बात तेरी, नक्‍कारखाने में तूती बन रह जायेगा ।

बिन नर्राये जो चाहे, कान में मोबाइली मंत्र फूंकना सारे कारज सिद्ध करना तो चलो अखबार निकालो ।।

अखबार निकाला और सिद्ध हो गये हजारों जोगी, शेष सब जोगना हो गये ।

कभी बेचते थे मूंगफली, चराते थे भैंसे, ढोते थे रिक्‍शा, हांके थे तांगे, आज पत्रकार हो गये ।।

नहीं है दो कौड़ी की कदर जो तेरी, चिन्‍ता न कर उनकी भी नहीं थी कभी ।

उन्‍हें भी जलालत झेलनी पड़ी थी कभी, मारा पुलिस ने था अफसरों ने दफ्तरों से भगाया था, पत्रकार बने तो माननीय हो गये ।।

बनेगा पत्रकार, मिटेगा अंधकार, जीवन में उजाला छा जायेगा, गुण्‍डे से माननीय हो जायेगा ।

अरे बेवकूफ फेंक बन्‍दूक आ चम्‍बल के गहरे भंवर तले, लगा मशीन छाप अखबार बिन बन्‍दूक का शाही डकैत हो जायेगा ।।

कहॉं खाक छानता है चम्‍बल के बीहड़ों में दो चार पकड़ में क्‍या कमा पायेगा ।

पौना पुलिस ले जायेगी, चौथाई के लिये मारा जायेगा, फेंक बन्‍दूक बीहड़ की गहरी खाई में चल आ बन जा माननीय, उठ जाग और चलो अखबार निकालो ।।

भटकता फिरता है चोरी भडि़याई करते, किसी दीवाल से फिसलेगा मारा जायेगा ।

केवल दस परसेण्‍ट पर चोरी में क्‍या कर पायेगा, नब्‍बे खाकी खायेगी, छोड़ ये जान का संकट उठ जाग और चलो अखबार निकालो ।।

कई चोर थे, कई पिटे भी थे कई की इज्‍जत तार तार हुयी थी कभी मगर तब जब वे पत्रकार नहीं थे ।

पत्रकार हुये और पुज गये, सारे काम सफेद हो गये, मिलतीं हैं लड़कियां भी शराब और मुर्गे भी उन्‍हें, अरे मूरख जाग उठ और अखबार निकालो ।।

कभी वे तरसते थे, छिपके हसीनाओं के निहोरे करते थे, शराब की बूंद को तरसा करते थे, बोतल खाली कबाड़ी से खरीद कर उन्‍हें उल्‍टी कर नब्‍बे बूंद टपका कर प्‍याला भरते थे जो ।

पत्रकार बने तो दिन फिर गये, अम्‍बाह जौरा और रेशमपुरा तक सरकारी गाड़ी में जायेगा, सुन्‍दरीयों के साथ दिन औ रात बितायेगा, सरकारी शराब और मुर्गे चाटेगा, फिर भी न तू अघायेगा, जाग बेवकूफ उठ चलो अखबार निकालो ।।

क्‍या कलेक्‍टर क्‍या कमिश्र्नर, मंत्री भी क्‍या औ संतरी भी क्‍या ।

अब बेवकूफ खुदी को कर बुलन्‍द इतना कि सब तुझसे पूछें बता तेरी रजा क्‍या है, बस जाग चेत उठ एक अखबार निकालो ।।

वह वक्‍त वह बातें हवा हुयीं, जब अखबार निकलते थे स्‍वतंत्रता की लड़ाई के लिये ।

अब तू छाप अखबार गरीबी हटाने के लिये, चमचागिरी करने के लिये प्रचार साधन के लिये ।।

अरे पगले, भ्रष्‍ट अफसर नेता औ बाबू कीमती ध्‍ारोहर हैं देश के लिये ।

नहीं बढ़ने देते मुद्रा स्‍फीति, नहीं करते वायदा कभी धन बढ़ाने का ।।

चलन में है भ्रष्‍टाचार, संवैधानिक दर्जा है भ्रष्‍टाचार का, इन्‍हें संरक्षण दे, फलीभूत कर, कमाऊ पूत हैं देश के ये कर्णधार ।

इनसे मिल कर चलेगा, अखबार चलेगा, वरना कागज के कोटे को तरस जायेगा, इनके साथ चल विज्ञापन बटोर उठ पागल उठ चलो अखबार निकालो ।।

गोया मामला जरा ज्‍यादा लम्‍बा होता जा रहा है, हम बस इतना कहना चाहते हैं कि प्रसिद्ध मशहूर अखबार कहीं चूक गया, तथ्‍यात्‍मक त्रुटि कर गया चाहे विज्ञापन के चक्‍कर में यह प्रायोजित समाचार प्रकाशन हुआ हो चाहे विज्ञापनार्थ मक्‍खनबाजी के चक्‍कर में चूक गंभीर व अक्षम्‍य है । सही तथ्‍य निम्‍न प्रकार हैं

चम्‍बल विकास प्राधिकरण लगभग 25 -27 साल पहले जब मोतीलाल वोरा म.प्र. के मुख्‍यमंत्री बने, उससे पूर्व जब अर्जुन सिंह म.प्र. के मुख्‍यमंत्री थे, तब तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री अर्जुन सिंह ने भिण्‍ड व मुरैना के नगर सुधार न्‍यासों की स्‍थापना की , और चम्‍बल विकास प्राधिकरण का गठन किया । जिसमें स्‍थानीय समस्‍त विधायक, सांसद, जिले के मंत्रीगण, प्रभारी मंत्रीगण तथा तमाम सरकारी अफसरान इसके सदस्‍य हैं । यह वर्तमान में अस्तित्‍व में है । इसकी कुछ बैठकों में मुझे अपनी बुआ के लड़के (जो तत्‍समय भिण्‍ड के विधायक व म.प्र. शासन के मंत्री होकर मुरैना जिला के प्रभारी मंत्री भी रहे) के साथ दो चार बैठकों में शामिल होने का सौभाग्‍य नसीब हुआ । इसके अलावा चम्‍बल कम्श्र्निर का कार्यालय इसका मुख्‍यालय है, वहीं इसकी बैठके होतीं आईं हैं, चम्‍बल विकास प्राधिकरण की बैठकों की कई फाइलें मुझे पढने को नसीब हुयीं हैं ।

इस पूर्व गठित चम्‍बल विकास प्राधिकरण को कभी भंग किया गया हो यह सूचना मेरे मस्तिष्‍क में नहीं है, इस प्राधिकरण और इसकी गतिविधियों पर सरकार करोड़ों रूपये पहले ही खर्च कर चुकी है, मेरी सूचना के मुताबिक अभी भी यह अस्तित्‍व में हैं, प्रश्‍न यह है कि क्‍या एक प्राधिकरण के अस्तित्‍व में रहते उसी प्राधिकरण का गठन दोबारा किया जा सकता है । पुनर्गठन तो सम्‍भव है ले‍किन गठन सम्‍भव नहीं है, मगर खबर गठन के बारे में है । हैरत अंगेज है । अगर नहीं है तो जो करोड़ों पहले खर्च हो चके हैं उसका हिसाब किताब कहॉं गया, क्‍या गरीब की जेब में एक सूराख और बना दिया ।

मामला ठीक उन पर्यावरण क्‍लबों की तरह जिनका गठन सन् 2001 में भारत सरकार की नेशनल ग्रीन कोर (एन.जी.सी.) योजना के तहत म.प्र. शासन ने बाकायदा आदेश जारी करके किया, यह पर्यावरण लम्‍बे समय तक चले भी और पिछले साल तक मुरैना जिले में पढ़ने वाले हर स्‍कूली छात्र से 6 रू प्रति छात्र परिचय पत्र का तथा 5 रू प्रति छात्र पर्यावरण क्‍लब की सदस्‍यता शुल्‍क का वसूलते रहे, मुरैना जिला में औसतन आठ लाख छात्र प्रतिवर्ष अध्‍ययनरत रहे इस हिसाब से 11 का आठ लाख में गुणा कर दीजिये, औसतन सालाना रकम बनती है 88 लाख रूपये, आठ साल तक बाकायदा आदेश निकाल कर (आदेश की प्रतियां और सम्‍बन्धित समस्‍त आदेश व दस्‍तावेजी साक्ष्‍य हमारे पास उपलब्‍ध हैं) जबरन बच्‍चों से पैसे वसूले जाते रहे, अब 88 लाख में फिर आठ का गुणा कर दीजिये 704 लाख रूपये यानि 7 करोड़ 8 लाख रूपये होते हैं । यह एक मोटा हिसाब और आंकड़ा है, असल छात्र संख्‍या और रकम इससे कई गुना अधिक है ।

कलेक्‍टर इस वसूली कमेटी का अध्‍यक्ष था, जिला शिक्षा अधिकारी सचिव । यह पैसा कहॉं जमा होता था कहां खर्च होता था किसी को नहीं पता, कोई मद नहीं फिर भी रकम आती थी, कहां जाती थी किसी को नहीं पता, (विस्‍तृत आलेख इस आपराधिक घटनाक्रम पर पृथक से छापेंगें) जब शिकवे शिकायतें हुयीं और जिला शिक्षा अधिकारी लगभग 10 करोड़ के घोटाले में फंस गये तो, जिला शिक्षा अधिकारी के साढ़ू तत्‍कालीन स्‍कूली शिक्षा मंत्री ने पर्यावरण क्‍लबों की स्‍थापना की घोषणा कर दी और कहा कि स्‍कूलों में पर्यावरण क्‍लब गठित किये जायेंगें । अखबारों में खबर छपी, और लोग भौंचक्‍के थे कि जो पर्यावरण क्‍लब आठ साल से चल रहे हैं, अस्तित्‍व में हैं, उनका गठन कैसे किया जायेगा । आज तक लोग इस राज को समझ नहीं पाये, और दस करोड़ के मामले को धूल में डाल दिया गया (सारा मामला डाक्‍यूमेण्‍ट्री एविडेन्‍सेज, फोटोग्राफ्स, वीडियो फिल्‍मों पर सिद्ध है, ये रहस्‍य हम आगे चल कर खोलेंगे)

25 agosto

उपराष्ट्रपति ने जन्माष्टमी के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं

उपराष्ट्रपति ने जन्माष्टमी के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं

 

       भारत के उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर देश के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं । अपने संदेश में, उपराष्ट्रपति ने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन और शिक्षाएं नैतिक पतन, भेदभाव और संघर्ष के समय में मानवता के लिए प्रकाश पुंज हैं । हमें न्याय और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने की आवश्यकता है ।

       उपराष्ट्रपति के संदेश का मूलपाठ इस प्रकार से है -

       मैं जन्माष्टमी के पवित्र अवसर पर अपने देश के लोगों को हृदय से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं । इस त्यौहार पर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है और इसे पूरे देश में भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है । भगवान कृष्ण जीवन के शाश्वत मूल्यों के  सर्वोच्च सत्ता के अवतार हैं । भगवान कृष्ण का जीवन और शिक्षाएं नैतिक पतन, भेदभाव और संघर्ष के समय में मानवता के लिए प्रकाशपुंज हैं । हमें न्याय और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने की आवश्यकता है ।

       ईश्वर करे कि यह त्यौहार हम सबको शांति, सद्भाव और जागरूक समाज के रूप में एकाकार करे ।

गदहे से गदहें मिलें, मारें लातई लात

ज्ञानी सों ज्ञानी मिलें, होंय ज्ञान की बात । मूरख से मूरख मिलें चलिहें घूंसा लात ।।

थोड़ा बदल कर भारत के अन्‍य क्षेत्रों में द्वितीय पद यह है गदहे सों गदहा मिलें, मारें लातई लात ।। भावार्थ यह है कि जब दो विद्वान या चतुर सुजान (सुज्ञान का अपभ्रंश) मनुष्‍य मिलते हैं तो आपस में विद्वता व ज्ञान तथा सामंजस्‍य युक्‍त व्‍यवहार व आचरण कर बड़ी से बड़ी समस्‍या का निवारण चुटकियों में आसानी से निकाल लेते हैं, किन्‍तु जब दो मूर्ख मनुष्‍य आपस में मिलते हैं तो वे बात बात पर घूंसा और लात चलाते रहते हैं, वे किसी भी समस्‍या का निवारण नहीं कर पाते और समस्‍या को उल्‍टे उलझाते चले जाते हैं, जैसे जब दो गधे मिलते हैं तो सारा समय एक दूसरे को लतियाते रह कर लातें मारते रहते हैं । गोस्‍वामी तुलसीदास ने राम चरित मानस में इसी पद सार को इस प्रकार व्‍यक्‍त किया है- जहॉं सुमति तहॉं संपति नाना, जहॉं कुमति तहॉं विपति निधाना ।। अर्थात जहॉं सुमति अर्थात अच्‍छी मति (बुद्धि) के लोग मिल जुल कर प्रेमपूर्वक सामंजस्‍यपूर्ण ढंग से रहते हैं वहॉं नाना प्रकार (भांति भांति की या अनेक प्रकार की) की संपत्तियां, सुख व समृद्धियां निवास करतीं हैं, किन्‍तु जहॉं कुमति अर्थात दुर्बुद्धि से ग्रस्‍त होकर लोग आपस में कलह क्‍लेश युक्‍त वातावरण में परस्‍पर विद्धेष रख कर लड़ते झगड़ते हुये रहते हैं वहॉं नाना प्रकार की विपत्तियां व संकट अपने आप ही पैदा होते रहते हैं और सुख समृद्धि व समस्‍त संपत्ति स्‍वत: नष्‍ट हो जाती है  - संकलित, प्राचीन भारतीय कहावत एवं रामचरित मानस से

24 agosto

डिप्लोमा इन एज्युकेशन प्रथम वर्ष की परीक्षा 25 से

डिप्लोमा इन एज्युकेशन प्रथम वर्ष की परीक्षा 25 से 

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पन्ना 23 अगस्त 08-संभागीय अधिकारी माध्यमिक शिक्षा मंडल सागर प्राप्त जानकारी के अनुसार डिप्लोमा इन इज्युकेशन प्रथम वर्ष 2008 की परीक्षा अब 25 अगस्त 08 से प्रारंभ होकर 30 अगस्त 08 तक प्रात: 8.30 बजे से अपरान्ह 11.30 बजे तक आयोजित होगी। संबंधित परीक्षार्थी पूर्व निर्धारित परीक्षा केन्द्र में उपस्थित होकर उक्त परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं।

 

परस्पर प्रेम, भाईचारा और दीन-दुखियों की सेवा ही मानव धर्म है- - श्री नारायण सिंह कुशवाह

परस्पर प्रेम, भाईचारा और दीन-दुखियों की सेवा ही मानव धर्म है- - श्री नारायण सिंह कुशवाह

पन्ना 23 अगस्त 08- मानव जीवन केवल हाड-मांस का पुतला नहीं है, कई जन्मों के बाद मानव जीवन मिलता है। परस्पर प्रेम, भाईचारा और दीन-दुखियों की सेवा ही मानव धर्म है। यह विचार गत दिवस प्रदेश के वन, राजस्व, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पुर्नवास राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने श्री बल्देवजी मंदिर पन्ना में पवित्र नगर पन्ना मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। इस अवसर पर श्री श्रीकृष्ण माहेश्वरी सामाजिक कार्यकर्ता, मंच के संरक्षक श्री लक्ष्मीकांत शर्मा, पत्रकार, धर्मप्रेमी और पवित्र नगर पन्ना मंच के सदस्यगण उपस्थित थे।

         राज्यमंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि पन्ना पवित्र नगर के साथ-साथ आदर्श नगर भी बने और इसमें गरीब, पीडित, असहाय की सेवा समाहित रहे और पन्ना पूरे विश्व में हीरे की चमक की तरह चमके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री श्रीकृष्ण माहेश्वरी ने पवित्र नगर बनने के बाद आदर्श नगर बनाने के लिए सद्गुणों की आवश्यकता बताई। उन्होंने धर्म के आधार पर अर्थ का उपार्जन और मोक्ष के लिए उसका व्यय करने संबंधित धर्म की व्यख्या की। उन्होंने कहा कि पवित्र नगर पन्ना को आदर्श नगर बनाएं। लोग यहां आएं और प्रेरणा लेकर जाए। उन्होंने कहा कि परोपकार ही पुण्य है और दूसरों को कष्ट देना ही पाप है, यही धर्मनगरी का अभिप्राय है।

 

छात्रवृत्ति स्वीकृति हेतु शिविर 25 को मोहन्द्रा में

छात्रवृत्ति स्वीकृति हेतु शिविर 25 को मोहन्द्रा में

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पन्ना 23 अगस्त 08- अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछडा वर्ग छात्रवृत्ति/कन्या साक्षरता प्रोत्साहन राशि स्वीकृतियां एवं स्वीकृति के मान से वितरण के लिए प्रपत्र संकलित करने के लिए छात्रवृत्ति स्वीकृति शिविरों का आयोजन जिले के विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है।

       कलेक्टर कार्यालय की आदिम जाति कल्याण शाखा पन्ना से प्राप्त जानकारी अनुसार 25 अगस्त 08 को उ0मा0 विद्यालय मोहन्द्रा जिसमें संकुल केन्द्र मोहन्द्रा, सिमरिया, कुंवरपुर, बनोली, हरदुआ, खमरिया, रैपुरा, बघवार, बगरौड, रूपझिर, 26 अगस्त को उ0मा0 वि0 पवई में संकुल केन्द्र बालक, कन्या उ0मा0वि0 पवई, कृष्णगढ, टांई, टिकरिया, सुनवानीकला, 27 अगस्त को उत्कृष्ट छात्रावास शाहनगर में संकुल केन्द्र शाहनगर, बिसानी, बोरी, कचौरी, सुडौर, महाविद्यालय शाहनगर, 29 अगस्त को जिला संयोजक कार्यालय पन्ना में संकुल केन्द्र बृजपुर, बराछ, पहाडीखेरा, झरकुआ ;ताराध्द , उत्कृष्ट उ0मा0वि0 पन्ना, आर0पी0 0मा0वि0 क्रमांक-2 पन्ना, मनहर कन्या उ0मा0वि0 पन्ना, आई0टी0आई0 महाविद्यालय बालक, कन्या पन्ना एवं महिला पालीटेक्निक महाविद्यालय पन्ना तथा 30 अगस्त 08 को उ0मा0 वि0 देवेन्द्रनगर में संकुल केन्द्र सलेहा, पटनातमोली, कल्दा एवं मेन्हा संकुल की सभी शालाऐं व संकुल केन्द्र बालक, कन्या देवेन्द्रनगर की छात्रवृत्तियां स्वीकृत की जाएंगी। शिविर में जिले के समस्त प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय, समस्त संकुल प्राचार्य उ0मा0 विद्यालय/हाई स्कूल एवं समस्त प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला पन्ना को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य आज आएंगे

राज्य पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य आज आएंगे 

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पन्ना 23 अगस्त 08-मध्यप्रदेश राज्य पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री बाबूलाल कुशवाह ;भानपुरध्द एवं सदस्य श्री सूरज सिंह मारण तथा श्री लक्ष्मी यादव 24 अगस्त 08 को प्रात: 8 बजे भोपाल से प्रस्थान कर सायं 6 बजे पन्ना आकर रात्रि विश्राम सर्किट हाउस में करेंगे।

       राज्य पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य 25 अगस्त 08 को प्रात: 9 बजे से सर्किट हाउस में पिछडा वर्ग के जनप्रतिनिधियों से भेंट करेंगें तथा पिछडा वर्ग की समस्याओं पर चर्चा करने के बाद प्रात: 10.30 बजे कलेक्टर कार्यालय पन्ना के सभाकक्ष में जिले के अधिकारियों की बैठक लेने के पश्चात सायं 5 बजे टीकमगढ के लिए प्रस्थान करेंगे।

 

उपराष्ट्रपति ने जन्माष्टमी के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं

उपराष्ट्रपति ने जन्माष्टमी के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं

 

       भारत के उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर देश के लोगों को शुभकामनाएं दी हैं । अपने संदेश में, उपराष्ट्रपति ने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन और शिक्षाएं नैतिक पतन, भेदभाव और संघर्ष के समय में मानवता के लिए प्रकाश पुंज हैं । हमें न्याय और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने की आवश्यकता है ।

       उपराष्ट्रपति के संदेश का मूलपाठ इस प्रकार से है -

       मैं जन्माष्टमी के पवित्र अवसर पर अपने देश के लोगों को हृदय से बधाई और शुभकामनाएं देता हूं । इस त्यौहार पर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है और इसे पूरे देश में भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है । भगवान कृष्ण जीवन के शाश्वत मूल्यों के  सर्वोच्च सत्ता के अवतार हैं । भगवान कृष्ण का जीवन और शिक्षाएं नैतिक पतन, भेदभाव और संघर्ष के समय में मानवता के लिए प्रकाशपुंज हैं । हमें न्याय और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने की आवश्यकता है ।

       ईश्वर करे कि यह त्यौहार हम सबको शांति, सद्भाव और जागरूक समाज के रूप में एकाकार करे ।

राज्यपाल डा. जाखड़ द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

राज्यपाल डा. जाखड़ द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

 

राज्यपाल डा. बलराम जाखड़ ने कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

राज्यपाल डा. जाखड़ ने शुभकामना संदेश में कहा है कि भगवान कृष्ण के आदर्शों के अनुसरण से राष्ट्र, समाज और मानव जाति का कल्याण सुनिश्चित है। भगवान विष्णु ने पृथ्वी लोक पर श्रीकृष्ण के रूप में जन्म लेकर असुरी शक्तियों का नाश किया और शांति,सत्य तथा प्रेम का वातावरण निर्मित किया। भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं।

राज्यपाल डा. जाखड़ ने कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार आपसी प्रेम, भाईचारे और परम्परागत हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए नागरिकों का आव्हान किया है। डा.जाखड़ ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख और समृध्दि की कामना की है।

 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जन्माष्टमी पर्व पर नागरिकों को शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जन्माष्टमी पर्व पर नागरिकों को शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जन्माष्टमी पर्व पर नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब भगवान श्री कृष्ण के भारत ही नहीं विश्वभर में अनुयायी हैं। भगवान श्री कृष्ण द्वारा दिये गये प्रेम, वात्सल्य, परोपकार, न्याय और निरंतर कर्मरत रहने के संदेश आज भी प्रासंगिक है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नागरिकों को जन्माष्टमी पर्व पारंपरिक उल्लास से मनाने का अनुरोध किया है।

 

21वीं राष्ट्रीय फोटो प्रतियोगिता की घोषणा

21वीं राष्ट्रीय फोटो प्रतियोगिता की घोषणा

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के फोटो प्रभाग द्वारा ''जीवन और पर्यावरण'' विषय पर 21वीं राष्ट्रीय फोटो प्रतियोगिता का अयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष को संयुक्त राष्ट्र सामान्य सभा द्वारा पृथ्वी दिवस घोषित किया गया है। लोगों को पृथ्वी गृह के विषय में जानकारी देने तथा पृथ्वी को अधिक सुरक्षित, स्वास्थ्यप्रद और समृध्द बनाने में लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

इसी विषय को ध्यान में रखते हुए 21वीं राष्ट्रीय फोटो प्रतियोगिता का विषय ''जीवन और पर्यावरण'' रखा गया है। प्रतिभागी 12#15 इंच से 19#20 इंच तक के अधिकतम चार फोटोग्राफ निदेशक, फोटो प्रभाग, सूचना भवन, सीजीओ काम्पलेक्स, लोधी रोड नई दिल्ली-1100003 को 15 सितम्बर 2008 तक भेज सकते है। प्रभाग द्वारा इस वर्ष पुरस्कार राशि को बढ़ा दिया गया है। प्रथम पुरस्कार के रूप में पच्चीस हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार में बीस हजार तथा तृतीय पुरस्कार में पन्द्रह हजार रूपए की राशि दी जाएगी। इसके आलावा सराहनीय पुरस्कार के रूप में पांच हजार रूपए की राशि दी जाएगी। नगद पुरस्कार के साथ ही प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।

इस प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी www.photodivision.gov.in पर प्राप्त की जा सकती है।

 

चहल मुरैना से गोहद गये, छह पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थानाएं

चहल मुरैना से गोहद गये, छह पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थानाएं

राज्य शासन ने राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के छह उप पुलिस अधीक्षकों#सहायक सेनानियों के स्थानांतरण आदेश जारी किये हैं। इस आदेश में श्री निश्चल झारिया उप पुलिस अधीक्षक रीवा को एसडीओ पन्ना, श्री आर.डी प्रजापति एसडीओपी कोलारस, शिवपुरी को एसडीओपी बामोर मुरैना, श्री मनोज केडिया एसडीओपी, सिंगरौली को एसडीओपी अनूपपुर और श्री एस.एस. चहल एसडीओपी सबलगढ़ मुरैना को एसडीओपी गोहद भिण्ड स्थानांतरित किया गया है।

इसी आदेश में श्री संजीव कुमार सिन्हा नगर पुलिस अधीक्षक नागदा, उज्जैन का नगर पुलिस अधीक्षक इंदौर किया गया स्थानांतरण संशोधित कर उन्हें उप पुलिस अधीक्षक जिला विशेष शाखा इंदौर पदस्थ किया गया है। इसके अलावा श्री जी.पी पाराशर का नगर पुलिस अधीक्षक इंदौर के पद पर किया गया स्थानांतरण, निरस्त कर उन्हें पुमनि कार्यालय इंदौर में उप पुलिस अधीक्षक पदस्थ किया गया है।

 

दूसरे का धर्म दुख देने वाला होता है

श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्।
स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः॥३-३५॥

It is better to perform ones own duty. Own duty (svadharmah), how- so- ever deficiently performed, is superior to the well-accomplished duty of some one else   (prescribed for some one else). Better is death in   one’s own duty, as there always remains fear while performing the duty of some one else.

Lesson: For liberation from fear, perform your own obligatory duty rather than attending to the jobs prescribed for some one else.

अच्छी तरह से आचरण में लाए हुए दूसरे के धर्म से गुण रहित भी अपना धर्म अति उत्तम है। अपने धर्म में तो मरना भी कल्याणकारक है और दूसरे का धर्म भय को देने वाला है। ॥३५॥  भगवान श्रीकृष्‍ण श्रीमद्भगवद्गीता अध्‍याय 3 श्र्लोक 35

 

दूसरे का धर्म दुख देने वाला होता है

श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्।
स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः॥३-३५॥

It is better to perform ones own duty. Own duty (svadharmah), how- so- ever deficiently performed, is superior to the well-accomplished duty of some one else   (prescribed for some one else). Better is death in   one’s own duty, as there always remains fear while performing the duty of some one else.

Lesson: For liberation from fear, perform your own obligatory duty rather than attending to the jobs prescribed for some one else.

अच्छी तरह से आचरण में लाए हुए दूसरे के धर्म से गुण रहित भी अपना धर्म अति उत्तम है। अपने धर्म में तो मरना भी कल्याणकारक है और दूसरे का धर्म भय को देने वाला है। ॥३५॥  भगवान श्रीकृष्‍ण श्रीमद्भगवद्गीता अध्‍याय 3 श्र्लोक 35

 

दूसरे का धर्म दुख देने वाला होता है

श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात्।
स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः॥३-३५॥

It is better to perform ones own duty. Own duty (svadharmah), how- so- ever deficiently performed, is superior to the well-accomplished duty of some one else   (prescribed for some one else). Better is death in   one’s own duty, as there always remains fear while performing the duty of some one else.

Lesson: For liberation from fear, perform your own obligatory duty rather than attending to the jobs prescribed for some one else.

अच्छी तरह से आचरण में लाए हुए दूसरे के धर्म से गुण रहित भी अपना धर्म अति उत्तम है। अपने धर्म में तो मरना भी कल्याणकारक है और दूसरे का धर्म भय को देने वाला है। ॥३५॥  भगवान श्रीकृष्‍ण श्रीमद्भगवद्गीता अध्‍याय 3 श्र्लोक 35

 

23 agosto

एन0आर0ई0जी0एस0 योजनान्तर्गत 5 कार्यो हेतु 13.17 लाख रूपये की स्वीकृति जारी

एन0आर00जी0एस0 योजनान्तर्गत 5 कार्यो हेतु 13.17 लाख रूपये की स्वीकृति जारी

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पन्ना 22 अगस्त 08- कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री एम0 सेलवेन्द्रन ने  एन0आर00जी0एस0 योजनान्तर्गत जिले में पांच निर्माण कार्यो हेतु 13 लाख 17 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है।

          इनमें जनपद पंचायत पवई की ग्राम पंचायत झांझर के ग्राम देवरी मे विगडे वनों का सुधार कार्य हेतु 3 लाख 2 हजार रूपये, ग्राम पंचायत कुंवरपुर के ग्राम टपरिया में विगडे वनों के सुधार कार्य हेतु 2 लाख 76 हजार रूपये, जनपद पंचायत शाहनगर की ग्राम पंचायत गजन्दा के ग्राम बिहरिया में बिगडे वनों के सुधार कार्य हेतु 2 लाख रूपये, ग्राम पंचायत परासी के ग्राम सोनपुरा में बिगडे वनों के सुधार कार्य हेतु 3 लाख 26 हजार रूपये तथा जनपद पंचायत पन्ना की ग्राम पंचायत बराछ के ग्राम धनगढ में आर0डी0एफ0 रोपड कार्य हेतु 2 लाख 13 हजार रूपये की जारी स्वीकृति शामिल है।