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30 junio बेवसाइट का बिजली पानी सप्लाई पूरी तरह बन्द, पिछले 60 घण्टे से नहीं है बिजलीबेवसाइट का बिजली पानी सप्लाई पूरी तरह बन्द, पिछले 60 घण्टे से नहीं है बिजली समाचार अपडेशन - खेद सूचना हमें खेद है कि मुरैना म.प्र. में चल रही पिछले एक माह से बिजली कटोती विगत चार पाँच दिन से पूरे दिन और रात की बिजली कटोती में बदल जाने के कारण समाचार अद्यतन नहीं हो पा रहा है । विद्युत व्यवस्था सही होने या प्रशासनिक परिवर्तनों के बाद पूर्ववत अद्यतन किया जा सकेगा । अभी शहर मुरैना में 27 जून से वेबसाइट ग्वालियर टाइम्स के गांधी कालोनी मुरैना स्थित कार्यालय की बिजली सप्लाई का फीडर पूरी तरह अलग करके केवल वेबसाइट के कार्यालय के आसपास बिजली और पीने का पानी सप्लाई पूरी तरह बन्द कर दी गई है पिछले करीब 60 घण्टे से वेबसाइट कार्यालय क्षेत्र में बिजली पानी पूरी तरह बन्द होने के कारण अब अपडेट संभव नहीं है, परिणामत: भिण्ड, मुरैना और ग्वालियर के कुछ समाचार जो कि मुरैना के गांधी कालोनी कार्यालय से किये जाते हैं अब अपडेट होना संभव नहीं हैं अन्य कार्यालयों व अन्य शहरों से होने वाले अपडेट यथावत जारही रहेंगे । हमारा वायदा है हम अपनी पूर्व घोषित बनिया प्रशासन और भ्रष्टाचार तथा आपराधिक मामलों सम्बन्धी खबर अवश्य प्रकाशित करेंगे । अभी वेबसाइट कार्यालय की बिजली पानी सप्लाई मुरैना में पूरी तरह बन्द कर दिये जाने से समाचार अद्यतन संभव नहीं है ।
28 junio नव नियुक्त राज्यपाल श्री ठाकुर का 30 जून को शपथ ग्रहण समारोहनव नियुक्त राज्यपाल श्री ठाकुर का 30 जून को शपथ ग्रहण समारोह Bhopal:Saturday, June 27, 2009 मध्यप्रदेश के नव नियुक्त राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर मंगलवार 30 जून, 2009 को प्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में पूर्वान्ह 11.50 बजे से अपरान्ह 12.20 बजे तक आयोजित किया जायेगा। नव नियुक्त राज्यपाल श्री ठाकुर 30 जून को सुबह 10 बजे जेट एयरवेज के विमान से भोपाल विमानतल पर पहुचेंगे।
मुरैना को मिले 3 लाख रूपये, पेयजल व्यवस्था के लिये चार जिलो को 31.75 लाख रूपये आवंटितमुरैना को मिले 3 लाख रूपये, पेयजल व्यवस्था के लिये चार जिलो को 31.75 लाख रूपये आवंटित Bhopal:Saturday, June 27, 2009 राज्य शासन ने धार, बुरहानपुर, मुरैना तथा छिन्दवाड़ा जिलो में पेयजल परिवहन कार्यो के लिए द्वितीय किश्त के रूप में 31 लाख 75 हजार रूपये राशि का आवंटन प्रदान किया है। राहत आयुक्त म.प्र. द्वारा जारी आदेश के अनुसार इसमें से धार जिले को 12 लाख 25 हजार रूपये, बुरहानपुर को एक लाख 50 हजार रुपये, मुरैना को तीन लाख रुपये और छिन्दवाड़ा जिले को 15 लाख रूपये की राशि आवंटित की गई है। इस राशि का उपयोग सूखा, पेयजल संकट आदि समस्याओं से निपटने के बारे में जारी स्थाई दिशा-निर्देशों तथा आपदा-राहत निधि के मानदंडों के अनुसार करने की हिदायत दी गई है। जारी निर्देशों के अनुसार पेयजल परिवहन कार्य में जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जायेगा। यह कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जायगा और इसमें ठेकेदारों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
आरोपियों की गिरफ्तारी में आनाकानी, थाना प्रभारी निलंबित, एस.डी.ओ.पी. पर भी शिकंजा, गृह मंत्री की कार्रवाईआरोपियों की गिरफ्तारी में आनाकानी, थाना प्रभारी निलंबित, एस.डी.ओ.पी. पर भी शिकंजा, गृह मंत्री की कार्रवाई Bhopal:Saturday, June 27, 2009
धार जिले के धरमपुरी में एक युवती के अपहरण और बलात्कार को लेकर ढिलाई पुलिस अफसरों पर भारी पड़ गई। युवती ने आज अपनी माँ के साथ राजधानी में गृह मंत्री श्री जगदीश देवड़ा से भेंट कर उन्हें आपबीती सुनाई। श्री देवड़ा ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लेकर धरमपुरी के थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करवा दिया। उन्होंने इसी सिलसिले में मनावर के एसडीओपी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। सात दिन में आरोपियों को गिरफ्तार करने की डेडलाइन तय की गई है। धरमपुरी की श्रीमती तोताबाई अपनी पुत्री बबली और दामाद के साथ आज गृह मंत्री श्री देवड़ा से यहां मिली थीं। उन्होंने बताया कि जनवरी, 2008 में उनकी पुत्री बबली का अपहरण हो जाने पर स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। पीड़िता द्वारा पुलिस को निरंतर संदिग्ध लोगों के बारे में बताये जाने के बावजूद पुलिस ने उसकी अनदेखी की। घटना के कोई डेढ़ वर्ष बाद लड़की के मिलने पर पुलिस ने जैसे-तैसे लड़की के साथ षड़यंत्रपूर्वक अपहरण एवं बलात्कार करने वाले इकबाल, नानसिंह और कालिया आदि कुल पांच आरोपियों के खिलाफ हाल ही में 6 जून को मामला तो पंजीबध्द किया, लेकिन आज तक वह किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। पहली नजर में पूरे घटनाक्रम में पुलिस की विभिन्न स्तरों पर लापरवाही साफ झलकने पर गृह मंत्री ने पुलिस महानिदेशक और एडीजी (एजेके) को संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये। पुलिस मुख्यालय ने इसके बाद तत्काल कार्रवाई अंज़ाम दी। गृह मंत्री श्री देवड़ा ने पुलिस प्रशासन को चेताया है कि लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुध्द कठोर कार्रवाई करने में राज्य शासन देरी नहीं करेगा।
रोज खुलेंगीं कण्ट्रोल: राशन दुकानों संबंधी आदेश जारीरोज खुलेंगीं कण्ट्रोल: राशन दुकानों संबंधी आदेश जारी Bhopal:Saturday, June 27, 2009 राज्य शासन ने मध्यप्रदेश खाद्य सामग्री वितरण नियंत्रण आदेश 1960 के खंड-4 के अनुसरण में बनाई गई मध्यप्रदेश खाद्य पदार्थ सार्वजनिक नागरिक पूर्ति वितरण स्कीम 1991 के पद 7 में उल्लेखित प्रावधानों के अंतर्गत राशन दुकानों के खुलने के दिनों को लेकर हाल ही में नया निर्णय लिया है। इसके अनुसार प्रदेश के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानें प्रत्येक माह के प्रत्येक सप्ताह में साप्ताहिक अवकाश के केवल एक दिन तथा शासन द्वारा घोषित सार्वजनिक अवकाश के दिनों को छोड़कर प्रत्येक दिन निर्धारित समय पर खोली एवं बंद की जायेंगी। इसके आदेश गत दिवस जारी कर दिये गये हैं। इस बारे में निर्णय का दृढ़ता एवं गंभीरता से परिपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। राज्य शासन द्वारा पूर्व में जारी आदेश इस आदेश के जारी होने के दिनांक से निरस्त कर दिये गये हैं।
बड़े नगर निगमों में हो सकता है स्वयं का निजी सुरक्षा बलबड़े नगर निगमों में हो सकता है स्वयं का निजी सुरक्षा बल Bhopal:Saturday, June 27, 2009 प्रदेश के बड़े नगर निगमों में स्वयं का निजी सुरक्षा बल हो सकता है। यह सुरक्षा बल विषम परिस्थितियों में पुलिस बल को सहयोग करेगा। साथ ही निगम सम्पत्ति की सुरक्षा में भी इसकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उक्त सुझाव आज यहां नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर की अध्यक्षता में उनके निवास पर आयोजित एक बैठक में आया। नगरीय प्रशासन मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने उक्त सुझाव को अच्छा बताते हुए लागू करने की मंशा जाहिर की।
दक्षिण- पश्चिमी मानसून म.प्र. में छाया ग्वालियर चम्बल में भी आहटदक्षिण- पश्चिमी मानसून म.प्र. में छाया ग्वालियर चम्बल में भी आहट Southwest Monsoon Covers Vidarbha region According to the latest observations by the India Meteorological Department, the Southwest monsoon has further advanced today, the 27th June 2009, into entire Vidarbha, remaining parts of Talengana, some more parts of Madhya Pradesh, Chhattisgarh and Orissa. The northern limit of monsoon passes through (Lat. 23.0°N / Long. 60.0°E and Lat. 23.0°N / Long. 65.0°E), Bhuj, Baroda, Indore, Hosangabad, Rajnandgaon, Cuttack, Balasore, Bankura and Gangtok. This indicates that the conditions are favourable for further advance of southwest monsoon over some more parts of Madhya Pradesh, Chhattisgarh and Orissa and remaining parts of West Bengal & Sikkim and some parts of Bihar, Jharkhand and East Uttar Pradesh during next 2- 3 days. Current Meteorological Conditions are as follows: · An off shore trough at mean sea level extends from north Konkan coast to Kerala coast. · An upper air cyclonic circulation in middle Tropospheric levels over west central Bay of Bengal. · An upper air cyclonic circulation in lower levels over north Chhattisgarh and neighbourhood. · Fairly widespread to scattered rainfall has occurred over west Madhya Pradesh, Chhattisgarh, south Orissa, Vidarbha and Telangana.
27 junio हम अमन चाहते हैं जुल्म के खिलाफ, फैसला गर जंग से होगा तो जंग ही सहीनर्रा रहे मीडिया का टेंटुआ ऐंठा, बिजली पानी पूरी तरह बन्द, ग्वालियर चम्बल में कोहराम 19 घण्टे तक चैलेन्ज के साथ ठोक के बिजली कटौती, पानी सप्लाई अपने आप ही बन्द हम अमन चाहते हैं जुल्म के खिलाफ, फैसला गर जंग से होगा तो जंग ही सही ! ग्वालियर/ भिण्ड/ मुरैना/ श्योपुर 16- 27 जून 09 , सरकार से पंगा यानि खुलेआम दंगा ! ग्वालियर चम्बल संभाग में पिछले 1 जून से की जा रही अंधाधुन्ध अघोषित कटौती पर जहाँ आम जनता और वकीलों ने सड़को पर उतर कर आन्दोलन तथा विरोध प्रदर्शन के जरिये भारी भभ्भर मचा रखा था वहीं मीडिया दनादन और धुऑंधार बिजली कटौती के खिलाफ खबरें लगाने में जुटा था ! अंतत: सरकार को जो करना था वह उसने कर डाला, भारत की दो कहावत बड़ी मशहूर हैं एक तो - काला बामन गोरा ..... इसका मतलब और अर्थ म.प्र. वासी इस समय भली भांति समझ रहे हैं दूसरी भैंस पूंछ उठायेगी तो का करेगी.....गोबर ! यानि जित्ती ज्यादा से ज्यादा बिगाड़ने की ताकत होगी बस उत्ता ही बिगाड़ेगी ! ग्वालियर चम्बल वाले इन दिनों इन कहावतों से रोजाना दो चार हो रहे हैं ! बदला बदला बदला, बदला लेना केवल चम्बल वालों का प्रायवेट हक ही नहीं बल्कि सरकार भी इस हक से परिपूर्ण है ! नर्रा रहे मीडिया और आन्दोलन कारीयों को आखिर सबक सिखाते हुये ग्वालियर चम्बल के समूचे जिले में शहरों और गॉवों में सोमवार 15 जून से सरकार ने खासी रणनीति के तहत विशेष कार्यवाही की ! हुआ ये कि चुन चुन कर कुछ चुनिन्दा क्षेत्र विशेषों में बिजली सप्लाई सुबह नियमित बिजली कटौती के साथ रात 1 बजे तक के लिये पूरी तरह बन्द कर दी ! बिजली सप्लाई बन्द होने से पीने का पानी अपने आप ही बन्द हो गया ! और सरकार के कहर से इन पीड़ित क्षेत्र विशेष में बिजली पानी के लिये त्राहि त्राहि मच गयी ! 23 जून से यह बिजली कटौती सबेरे 6 बजे से रात 3 बजे तक कर दी । मजे की बात ये रही कि बिजली घर पर जब इस सम्बन्ध में चर्चा की गयी तो बिजली घर वालों का रिरियाते हुये जवाब था कि का करें साब आप तो जानते ही हैं, हम मजबूर हैं ऊपर से जबरदस्ती बिजली काटने का आदेश दिया है, कारो बामन है, बमहनियाई तो दिखावेगा ! बिजलीघर के इस अप्रत्याशित जवाब को हमने रिकार्ड किया है ! कारो बामन तो स्टेट लेवल पर है लेकिन मुरैना मे तो बनियों की सरकार है, प्रभारी मंत्री, संभाग आयुक्त, कलेक्टर से लेकर एस.ई. जे.ई सब बनिये बैठे हैं, ये बनिये कब से बमहिनयाई करने लगे, हम गरजे, वह फिर रिरियाया ! का करें साब हम पर दया रखना, हम मजबूर हैं ! चलो खैर उस गरीब छोटे कर्मचारी से आगे बात करना बेकार था लेकिन यह अनुभव सारे विश्व के साथ शेयर करने लायक जरूर है ! खैर बिजली काटने से हमें नुकसान कम सरकार को नुकसान ज्यादा है , समाचार नहीं प्रकाशित होते तो साली सरकार के नहीं छपते, हमारा आलेख कभी रूकता नहीं, पूरी दम लगा लें तो भी रोक नही सकते ! खैर म.प्र. स्वर्णिम राज्य बनने जा रहा है, पूत के पाँव पालने में नजर आ रहे हैं, जब आप पूरे संभाग में पूरी प्रशासनिक सरकार केवल एक जाति विशेष की बैठा देते हैं तब ऐसा ही होता है, यह हमारा पुराना अनुभव है ! खैर मुरैना की सरकार तो सेठ जी के हाथों में है सो यहाँ जो भी अफसर रहेगा सेठ जी का आदमी ही रहेगा, कोई हैरत की बात नहीं ! पता नहीं कैसे पुलिस विभाग में अभी तक बनिये क्यों नहीं भेजे , मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी हमारी इल्तजा है कि मुरैना पुलिस जो अब तक ठीक ठाक चल रही है, कोई बनिया एस.पी. और सी.एस.पी. तलाश के मुरैना भिजवा दो, दूसरी जाति के अफसर शोभा नहीं दे रहे और ऐसे लग रहे हैं जैसे बगुलों के बीच में हँस घुस बैठे हों । बनिये कलेक्टर और कमिश्नर यहॉं पहले भी रहे हैं लेकिन सरकार की आजादी से लेकर ऐसी दुर्दशा हमने आज तक नहीं देखी । और हॉं लगे हाथ एकाध बनिये को जिला पंचायत और शिक्षा विभाग में भी भिजवा देना, जिससे बनिया प्रशासन की टेढ़ी नजर इन विभाग पर से हट जाये । बनिया प्रशासन अभी उन्हीं विभागों पर कहर ढा रहा है जहॉं बनिये अफसर नहीं हैं । अभी प्रभारी मंत्री की पत्रकारवार्ता को गुजरे महज दो हफ्ते ही गुजरे हैं और बिजली कटौती पर प्रभारी मंत्री की पत्रकारों ने 70 फीसदी टाइम तक खिंचाई की ओर मंत्री को बिना जवाब दिये ही पत्रकार वार्ता खत्म करके बिलबिलाते हमने ऑखों से देखा था ! संयोग देखिये कि प्रभारी मंत्री भी बनिया है ! यानि ऊपर से नीचे तक तराजू तनी है ! अब का कहिये - अंजामे गुलिस्तां का होगा, हर जगह तराजू ठुकी हुयी ! तौल के मिलेगी पानी और बिजली, नर्राओगे तो टेंटुआ दाब के कटेगी बिजली और पानी ! बनिया प्रशासन के कारनामों पर हमने पूरी रिपोर्ट तैयार की है और हम जगत को बताने के भारी इच्छुक हैं कि कैसे चम्बल में इन दिनों हर चीज पर हर सरकारी काम पर सौदेबाजी होती है और भ्रष्टाचार का नंगा ताण्डव चम्बल में चल रहा है, केवल भ्रष्टाचार ही नहीं बल्कि कई नंगे सच इस रिपोर्ट में हैं । हमें नहीं लगता कि आपका बनिया प्रशासन इसे छपने देगा , हॉंलांकि इस रिपोर्ट का 70 फीसदी भाग चम्बल पर और 30 फीसदी भाग समूचे मध्यप्रदेश पर है , हम आपके स्वर्णिम मध्यप्रदेश के कुछ राज फाश करने के लिये बेताब हैं, कुछ मामले तो तत्काल कार्यवाही योग्य हैं । बिजली रही तो वायदा है जल्दी ही इसकी पूरी श्रंखला छापेंगें भी और कार्यवाही भी करवायेंगें । आप नहीं करोगे तो कोई और करेगा । विष वृक्षों को उखाड़ फेंकना अपना पुराना शौक है । हम इसे उखाड़ फेंकेंगे यह हमारा प्रण है । बिजली नहीं रहे ये दुआ करना, जब तक बिजली नहीं तभी तक टोपी सलामत मानना सेठजी । ये भारत का नया संविधान है, नया संस्करण है भईये जहाँ हर अफसर, मंत्री और मातहत बनिया होवेगा, तराजू साथ रखेगा, ठाला बैठा तौल बॉट करेगा, धरजा और मरजा का राग अलापेगा ! ऐसी की तैसी लोकतंत्र की करेगा ! जय श्री राम, जय हिन्द, जय भारत !
26 junio वीरता के क्षेत्र में बाल पुरस्कारों के लिए आवेदन 30 जुलाई तकवीरता के क्षेत्र में बाल पुरस्कारों के लिए आवेदन 30 जुलाई तक Bhopal:Thursday, June 25, 2009 वीरता के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने वाले बच्चों को भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2009 हेतु ''भारत अवार्ड'', ''गीता चौपड़ा अवार्ड'', ''संजय चौपड़ा अवार्ड,' ''बापू गैधानी अवार्ड'' एवं ''सामान्य अवार्ड'' के लिए आवेदन आमंत्रित किये गये है। ये सभी अवार्ड बच्चों द्वारा किए गए ऐसे साहसिक कार्यों के लिए दिए जाते हैं, जिनकी मिशाल पेश की जा सके। सभी अवार्ड के लिए बच्चे अपना आवेदन 30 जुलाई के पहले जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय को निर्धारित आवेदन पत्र में भेज सकेंगे। आवेदन पत्र के साथ में लगभग 250 शब्दों में किए गए कार्य: साहसिक घटना का विवरण संलग्न करना होगा। आवेदनकर्ता को सुनिश्चित करना होगा कि जिस घटना पर अवार्ड के लिए नामांकन भेज रहे हैं वह 1 जुलाई 2008 से 30 जून 2009 के बीच की होनी चाहिए। साथ ही आवेदक घटना के समय 6 वर्ष से नीचे व 18 वर्ष से उपर की आयु का नहीं होना चाहिये। इन सभी अवार्ड में गोल्ड मेडल#सिल्वर मेडल, प्रमाण पत्र एवं नगद राशि देने का प्रावधान है। आवेदक अपने-अपने जिले में जिला कार्याक्रम अधिकारी#जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग से आवेदन पत्र प्राप्त कर जमा करा सकते है।
''पैगामे मोहब्बत'' का 27 जून को प्रसारण''पैगामे मोहब्बत'' का 27 जून को प्रसारण Bhopal:Thursday, June 25, 2009 राज्यपाल डा. बलराम जाखड़ के संकलित भाषणों पर आधारित प्रकाशित पुस्तक ''उदगार'' पर दूरदर्शन भोपाल द्वारा विशेष कार्यक्रम ''पैगामे मोहब्बत'' तैयार किया गया है। यह विशेष कार्यक्रम शनिवार 27 जून 2009 को शाम 5.30 से 6.30 बजे तक भोपाल दूरदर्शन चैनल पर प्रसारित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के निर्माता और निदेशक श्री साजिद रिजवी हैं।
कुए से निकली जलधार से रामलाल हुआ खुशहालकुए से निकली जलधार से रामलाल हुआ खुशहाल
Ratlam:Thursday, June 25, 2009 वह दिन रामलाल के लिए खुशियोंभरा साबित हुआ जब कारू भील की गैंती की चोंट से कुंए की तलहटी में आए हुए पत्थर के टुकडे के स्थान से पानी की धार निकली। कुंए की खुदाई में लगे हुए सभी मजदूरों और कूप मालिक रामलाल पिता मोतीजी ने अपने माथे पर आए हुए पसीनों की बूंदों को उंगली से रगड़कर झटका और सुनहरे भविष्य की खुशियों के भाव अपनी आंखों में लिए हुए एक-दूसरे की ओर देखा। पूरे कमलाखेडा गांव में शोर मच गया कि रामलाल के कुए में पानी निकल आया है। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना की कपिलधारा उपयोजना के लिए पिपलौदा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कमलाखेडा ने रामलाल का चयन किया था। गरीब और लगभग मजदूर की स्थिति में गुजर -बसर करनेवाले एक हैक्टेयर असिंचित भूमि के स्वामी रामलाल ने कभी सोचा भी नहीं था कि वह दो लाख रूपए खर्च करके अपनी जमीन में कुंआ भी खुदवा लेगा। ग्राम पंचायत में नुक्कड नाटक द्वारा किए गए प्रचार से रामलाल को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का पता चला। वह ग्राम पंचायत कमलाखेड़ा के सचिव श्री जगदीश पांचाल से मिला। पंचायत सचिव श्री जगदीश ने रामलाल से आवेदन लेकर उसका कार्य वर्ष 2008-09के सेल्फ आफ प्रोजेक्ट में जोड़ा। आवेदन को पंचायत सचिव ने जनपद पंचायत में भेजा और तकनीकी स्वीकृति जनपद पंचायत से प्राप्त होते ही ग्राम पंचायत ने प्रशासकीय स्वीकृति जारी की। 2 लाख 10 हजार की लागत के व्यय के बाद आज रामलाल का कुंआ बनकर पूरी तरह तैयार है। इस भीषण गर्मी में भी उसने अपनी जमीन में चेरी फसल उगाई है। एन.आर.ई.जी.एस. के कुए से इस फसल की सिंचाई हो रही है। अब रामलाल ने सोयाबीन बोने का मन बना लिया है। जनपद पंचायत पिपलौदा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री निदेशक शर्मा बताते है कि कपिलधारा योजना ने रामलाल के जीवन को ही बदल दिया हैे।
प्रदेश में अधिकाधिक खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना हो - श्री राजेन्द्र शुक्लप्रदेश में अधिकाधिक खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना हो - श्री राजेन्द्र शुक्ल अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन को रोकने कॉल सेन्टर तथा निगरानी सेल का गठन, खनिज मंत्री द्वारा राज्य स्तरीय समीक्षा
Bhopal:Thursday, June 25, 2009 मध्यप्रदेश में अधिकाधिक खनिज-आधारित उद्योगों की स्थापना के लिये सभी खनिज अधिकारी अपनी भूमिका का प्रभावी निर्वहन करें। साथ ही प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन को ज्यादा असरदार तरीके से रोकने के लिये भोपाल में एक मॉनीटरिंग सेल का गठन और कॉल सेन्टर की स्थापना करने को भी कहा। खनिज संसाधन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजेन्द्र शुक्ल आज यहां मंत्रालय में आयोजित एक विभागीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव खनिज संसाधन श्री एस.के. मिश्रा, संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म श्री आर.के. शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे। श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। इसके फलस्वरूप निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं और विकास का रास्ता खुला है। उन्होंने कहा कि प्रयास यह होना चाहिये कि प्रदेश की प्रचुर खनिज संपदा के श्रेष्ठतम दोहन के लिये ज्यादा से ज्यादा खनिज आधारित उद्योग यहां स्थापित हों। इसमें खनिज विभाग के मैदानी अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन से राजस्व हानि होती है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि इसे प्रभावी ढंग से रोका जाना जरूरी है। इस कार्य में पुलिस और जिला प्रशासन का सक्रिय सहयोग भी लिया जाये। श्री शुक्ल ने इसके लिये भोपाल में मॉनीटरिंग सेल के गठन और कॉल सेन्टर स्थापित करने को भी कहा। उन्होंने ग्रामीण विकास सड़क अवसंरचना की लंबित राशि की वसूली में तेजी लाने के भी निर्देश दिये। श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण में खनिज संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए विभागीय संरचना को मजबूत करने पर शासन द्वारा गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। अच्छे परिणामों के लिये विभाग को आवश्यक सुविधाएं और साधन भी दिये जायेंगे। खनिज साधन मंत्री ने इस अवसर पर आशा व्यक्त की कि बेहतर परिणामों के लिये यह बैठक सार्थक साबित होगी। विभागीय अधिकारी खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना के लिये क्रान्ति लायेंगे और मध्यप्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सचिव श्री एस.के. मिश्रा ने कहा कि अधिकारी अपनी कार्यपध्दति में पारदर्शिता तथा शैली में बदलाव लाकर जिलों में अपनी अच्छी छवि बनायें। उन्होंने खनि रियायतों के लंबित आवेदन शीघ्र निपटाने के निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने एक अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का निपटारा करने को भी कहा। श्री मिश्रा ने कहा कि दो माह से ज्यादा अवधि के लंबित आवेदन पाये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुध्द कार्यवाही की जायेगी। बैठक में श्री मिश्रा ने क्षेत्रीय अधिकारियों से अपने अधीनस्थ जिलों का दौरा करने, लंबित प्रकरणों तथा शासन स्तर पर जारी स्वीकृतियों की समीक्षा करने को भी कहा। श्री मिश्रा ने निजी कम्पनियों को आवंटित कोल ब्लॉक के आवेदन पत्रों की स्वीकृति के लिये शीघ्र निपटारा करने को कहा जिससे कोल से भी राजस्व वृध्दि हो सके। उन्होंने शासन के निर्देशानुसार जिलों में आम जनता तथा निवेशकों को कम्प्यूटरीकृत जानकारियां प्राप्त हो सकें इसके लिये शीघ्र कम्प्यूटरीकरण करने को कहा ताकि उससे प्रशासन को ऑन लाइन किया जा सके। उन्होंने विभागीय अमले से अच्छे कार्य की अपेक्षा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर 25 जिलों को वाहन, भवन, कम्प्यूटर, फर्नीचर आदि उपलब्ध कराया जायेगा। बैठक में खनिज राज्यमंत्री श्री शुक्ल को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जिलों की गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।इस अवसर पर उप सचिव खनिज श्री अशोक देसवाल तथा म.प्र. राज्य खनिज निगम के कार्यपालक संचालक श्री एस.के. मण्डल उपस्थित थे।
प्रस्तावित औद्योगिक नीति के बारे में औद्योगिक संघों से चर्चाप्रस्तावित औद्योगिक नीति के बारे में औद्योगिक संघों से चर्चा नई नीति को और बेहतर बनाने पर विमर्श
Bhopal:Thursday, June 25, 2009 वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में गत दिवस आयोजित एक बैठक में विभिन्न औद्योगिक संघों के पदाधिकारियों ने राज्य की प्रस्तावित औद्योगिक नीति के बारे में अपने-अपने सुझाव दिये। इस मौके पर प्रमुख सचिव वाणिज्य, उद्योग और रोजगार श्री सत्यप्रकाश, उद्योग आयुक्त श्री दीपक खाण्डेकर तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम श्री प्रवीण गर्ग मौजूद थे। बैठक में उद्योग मंत्री ने औद्योगिक संघों के पदाधिकारियों से प्रस्तावित औद्योगिक नीति के बारे में चर्चा की और उनसे नीतिगत अभिनव सुझाव प्रदान करने का अनुरोध किया ताकि नई नीति को और बेहतर तथा कारगर बनाया जा सके। बैठक में अध्यक्ष इंडस्ट्री एसो. मंडीदीप श्री संजय खण्डेलवाल ने सुझाव दिये कि प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र में मानकीकृत अधोसंरचना का विकास हो तथा सड़क, जलप्रदाय, विद्युत, स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन, ई.टी.पी., मालवाहक पार्किंग, ईएसआई हॉस्पिटल जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में दोहरी कर प्रणाली समाप्त हो, उद्योग समापन के लिये एक्जिट पॉलिसी का प्रावधान हो, वेयर हाउसिंग को उद्योग का दर्जा मिले तथा सिंगल पाइंट प्रवेश कर व्यवस्था कायम हो। इस दौरान पीएचडीसीसीआई के रेजीडेंट डायरेक्टर श्री राजेन्द्र कोठारी ने अन्य राज्यों के समान प्रवेश कर के दरों का युक्तियुक्तकरण करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा इस व्यवस्था से सोयाबीन, टेक्सटाईल एवं आटो कम्पोनेंट उद्योगों के विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने औद्योगिक कर्मचारियों के कौशल के विकास के लिये दिये जाने वाले प्रशिक्षण पर होने वाले खर्चों के लिये वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत बताई। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भूमि उपयोग परिवर्तन न होने पर हस्तांतरण शुल्क नही लिया जाये। इसके अलावा उद्योग विहीन जिलों और आदिवासी अंचलों में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने प्रस्तावित नीति में जरूरी प्रावधान हों। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष श्री गौतम कोठारी ने उद्योग संवर्धन नीति-2004 को आगामी एक साल और बढ़ाये जाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि निवेश संवर्धन सहायता योजना के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये तक निवेश करने वाले उद्योगों को को प्रदत्त लाभ की समय अवधि बढ़ाकर वृहद मध्यम उद्योगों के समक्ष की जाये और उद्योग के वास्तविक उत्पादन पर छूट का लाभ मिले। उन्होंने विभिन्न कार्यों पर लगाई जाने वाली स्टांप डयूटी में छूट प्रदान करने के बारे में भी सुझाव दिया। श्री कोठारी ने लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड करने तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में 10 लाख रुपये से अधिक के निवेश पर अपात्रता सूची लागू न करने की बात कही। इसी संगठन के श्री दर्शन कटारिया ने खाद्य एवं औषधीय प्रशासन का कार्यालय इंदौर में आरंभ करने तथा इस कार्यालय को सम्पूर्ण अधिकारप्रदान करने की बात कही। कोषाध्यक्ष श्री एल.सी. तोलानी ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिये प्रस्तावित औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज और सुविधाएं सुलभ कराने की बात कही। श्री रमिन्दर चड्डा ने कहा कि एसएमई सेक्टर के उद्योगों दी जाने वाली सुविधा एवं अनुदान के लिए जिला स्तरीय समिति को ही पूर्णरूप से अधिकृत किया जाये। एम.पी. फेडरेशन ऑफ चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के श्री शलभ शर्मा ने कहा कि जिन औद्योगिक क्षेत्रों में विकास की और संभावना है वहां भूमि उपलब्धता न होने पर विस्तार के लिये वैकल्पिक क्षेत्र का निर्माण हो। श्री शर्मा ने बीमार उद्योगों के लिये वर्तमान नीति को और प्रभावशाली बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों का रख-रखाव स्वशासी प्रबंध समिति के माध्यम से करने का सुझाव दिया। गोविन्दपुरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के श्री राजेश खरे ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन करने वाले उद्योगों को प्रस्तावित औद्योगिक नीति में विशेष छूट एवं प्रोत्साहन मिले। लघु उद्योग भारती के डॉ. अजय नारंग ने इंस्पेक्टर राज के खात्मे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे विभिन्न स्तरों पर आने वाली बाधाएं और बार-बार निरीक्षण की वजह से होने वाली दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी। श्री नारंग ने भी प्रदेश के पिछड़े और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में उद्योग स्थापना के लिये विशेष पैकेज केन्द्र शासन से उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने सूक्ष्म और लघु उद्योगों पर न्यूनतम विद्युत चार्ज समाप्त करने का सुझाव दिया। महाकौशल उद्योग संघ के महासचिव श्री डी.आर. जैसवानी ने सुझाव दिये कि जिलों के औद्योगिक पिछड़ेपन के आधार पर श्रेणीकरण के नये मापदण्ड तय किये जायें। उन्होंने सूक्ष्म और लघु उद्योगों को शासकीय खरीदी के लिये विपणन सहायता प्रदान करने और इस उद्देश्य से प्रभावी नियम बनाने की जरूरत बतायी। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के अधोसंरचना कार्यों में औद्योगिक संघों की भागीदारी शामिल करने की बात कही। सीआईआईएमपी के उपाध्यक्ष श्री उत्तम गांगुली ने औद्योगिक क्षेत्रों में इण्डस्ट्रियल टाउनशिप एक्ट लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रमुख शहरों के उद्योगों को केपिटल गेन का लाभ मिलना चाहिये। आल इण्डस्ट्रीय एसोसिएशन मंडीदीप के अध्यक्ष श्री ए.एस. भसीन ने कहा कि मंडीदीप की श्रमिक आवास समस्या को दृष्टिगत रखते हुए तथा औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिये प्रस्तावित नीति में श्रमिक आवास व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाये। मध्यप्रदेश लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री आर.एस. गोस्वामी ने बीमारी उद्योगों के पुनर्वास की नीति को सरल बनाने और इस उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक के द्वारा परिभाषित मापदण्डों को अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिलों और तहसीलों में बेरोजगारों को उद्योग स्थापना के लिये दिये जाने वाले कर्ज की प्रक्रिया आसान होना चाहिये। आपने ज्ञान आधारित उद्योगों के लिये प्रोत्साहन और छूट देने की बात कही। एम.पी. टेक्सटाइल एसोसिएशन के श्री एस. पॉल ने टेक्सटाइल इण्डस्ट्रीज को विशेष पैकेज दिये जाने का सुझाव दिया। मध्यप्रदेश लघु उद्योग संघ के महासचिव श्री विपिन जैन ने जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्रों के आधुनिकीकरण और उन्नयन के साथ ही उन्हें अधिकार सम्पन्न बनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक औद्योगिक केन्द्र में जिले का डाटा बैंक सुलभ कराने की बात कही। महाकौशल चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के श्री अरुण जैन ने प्रस्तावित औद्योगिक नीति में जबलपुर को पिछड़ी श्रेणी 'स' में रखे जाने तथा केन्द्र शासन की खरीदी में भागीदारी सुलभ कराने के बारे में सुझाव दिये।
अब शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश एक जुलाई तक होंगेअब शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश एक जुलाई तक होंगे उच्च शिक्षा मंत्री की पहल पर प्रवेश की अवधि बढ़ी Bhopal:Thursday, June 25, 2009
उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस की पहल पर प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश की तिथि बढ़ा दी गई है। अब शासकीय कॉलेजों में आगामी एक जुलाई तक प्रवेश दिया जा सकेगा। पूर्व में महाविद्यालयों में प्रवेश की अंतिम तिथि 25 जून, 2009 निर्धारित थी। श्रीमती चिटनीस ने छात्राओं की मांग एवं उनकी व्यावहारिक कठिनाईयों को देखते हुए उक्त निर्देश आज विभागीय अधिकारियों को दिये थे। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आदेश भी जारी कर दिये गये हैं।
कॉलेजों को बेरोजगार तैयार करने की इंडस्ट्री नहीं बनने दिया जायेगा - श्रीमती अर्चना चिटनीसकॉलेजों को बेरोजगार तैयार करने की इंडस्ट्री नहीं बनने दिया जायेगा - श्रीमती अर्चना चिटनीस इग्नू की सामुदायिक महाविद्यालय स्कीम पर प्राचार्यो की कार्यशाला Bhopal:Thursday, June 25, 2009
शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा में हो रहा सकारात्मक बदलाव एक अच्छा संकेत है। प्रदेश की शिक्षा प्रणाली बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप आकार ले रही है। प्रदेश के कॉलेजों को अब बेरोजगार तैयार करने की इंडस्ट्री नहीं बनने दिया जायेगा। श्रीमती अर्चना चिटनीस प्रशासन अकादमी में इग्नू की सामुदायिक महाविद्यालयों की स्कीम पर प्राचार्यो की एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधत कर रही थी। इस अवसर पर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री आशीष उपाध्याय और इग्नू (इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी) के संचालक डा. के.एस. तिवारी भी उपस्थित थे। श्रीमती चिटनीस ने प्राचार्यों से कहा कि हमें युवाओं को ऐसी शिक्षा से जोड़ना होगा जो पारम्परिक ज्ञान के साथ बदलते समय के हुनर से भी परिचित हो। इसी दृष्टि से राज्य शासन इग्नू द्वारा संचालित स्कीम के तहत सामुदायिक महाविद्यालयों को सभी जिलों से जोड़ रहा है। यह प्रदेश की शिक्षा के लिए एक अच्छी पहल है। सामुदायिक महाविद्यालयों के माध्यम से दूरस्थ एवं नियमित शिक्षा का उच्च स्तरीय विकल्प मिलेगा। युवा रोजगार, स्वरोजगार और उद्यम की अनेक विधाओं से जुड़ सकेगें। उन्होंने तकनीकी शिक्षा की सेमेस्टर प्रणाली को बेहतर और व्यावहारिक बताते हुए उच्च शिक्षा में इसके उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर प्रणाली सतत मूल्यांकन और दक्षता उन्नयन के माध्यम से लोगों को व्यावसायिक रूप से तैयार करने में मददगार साबित हो रही है। सेमेस्टर प्रणाली को परिणामजनक बनाने के लिए शिक्षा तंत्र और शिक्षक समुदाय को कठोर परिश्रम और ईमानदारी से ठोस प्रयास करने होगें। श्रीमती चिटनीस ने कहा कि किसी समाज की स्थिति पता करने के लिए यह देखना होगा कि उस समाज के शिक्षक कैसे है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा गंभीर विषय है, इसमें पूरी गंभीरता से कार्य होना चाहिए। कॉलेज पान की दुकान या टाईम पास करने का अड्डा न बने यह देखना प्राचार्यों और शिक्षकों का काम है। कार्यशाला में प्राचार्यों ने इग्नू के विभिन्न पाठयक्रमों के बारे में अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
मध्यप्रदेश को कोयला आयात करने बाध्य न किया जाये- मिश्रामध्यप्रदेश को कोयला आयात करने बाध्य न किया जाये- मिश्रा राज्य को पूरा और गुणवत्तापूर्ण कोयला मिले, उर्जा मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने केन्द्रीय उर्जा मंत्री से किया आग्रह Bhopal:Thursday, June 25, 2009 मध्यप्रदेश की विद्युत परियोजनाओं के लिए केन्द्र सरकार कोयला आयात करने के लिए बाध्य न करे साथ ही प्रदेश को पूरा और गुणवत्तापूर्ण कोयला मिले ताकि हम राज्य के नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध करा सकें। उर्जा मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने उपरोक्त महत्वपूर्ण सुझाव और प्रदेश के अधिकारों को संरक्षित संबंधी एक पत्र केंद्रीय उर्जा मंत्री को दिया है। उर्जा मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने कहा कि यह विंडबना है कि मध्यप्रदेश में जो कोयला उत्पादन हो रहा है वह कोयला अन्य राज्यों को दिया जा रहा है साथ ही केन्द्रीय क्षेत्र के उपक्रमों के ताप विद्युतगृहों को उपलब्ध है परन्तु हमारी सरकार को कोयला आयात करने के लिए बाध्य किया जा रहा है। श्री मिश्रा ने कहा कि हम कोयला आयात करेंगे तो जहां हमारे कोयले की लागत में 18 से बीस पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त वृध्दि होगीं वहीं हमारे प्रदेश की जनता को महंगी बिजली मिलेगी। श्री मिश्रा ने केंद्रीय उर्जा मंत्री से इस दिशा में व्यवहारिक सोच के साथ निर्णय लेने का आग्रह किया। उर्जा मंत्री श्री मिश्रा ने कहा कि कोयले की कमी के दृष्टिगत भारत सरकार कोयला मंत्रालय द्वारा ई-आक्शन द्वारा कोयला विक्रय पर रोक लगाए ताकि कोयले का डायवर्सन हो। उन्होंने भारत सरकार से राज्य को केप्टिव कोल माईन्स आवंटित करने की भी मांग की। श्री मिश्रा ने सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के लिए कोल लिंकेज 4.624 एम.टी.पी.ए. से बढ़ाकर छै एम.टी.पी.ए. करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने 1320 मेगावाट की शहपुरा ताप विद्युत परियोजना के लिए कोयला लिंकेज प्रदाय किये जाने का आगह केन्द्रीय उर्जा मंत्री से किया। उर्जा मंत्री श्री मिश्रा ने कोयले की पर्याप्त उपलब्धता और उसकी गुणवत्ता की और भारत सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की स्टेंडिंग लिंकेज कमेटी ने वर्ष 2008-09 में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा 180.75 एल.एम.टी. की अनुशंसा से कम 165.90 एल.एम.टी. कोयला ही प्राप्त हुआ। इसमें से भी सिर्फ 139.92 एल.एम.टी. कोयला ही प्रदेश को मिला। इस प्रकार लिंकेज से 25.98 एल.एम.टी. कोयला कम प्राप्त हुआ जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ और प्रदेश के पी.एल.एफ. में 7.5 प्रतिशत की कमी आई। उन्होंने भारत सरकार से काल लिंकेज के अनुसार ही प्रदेश को कोयला प्रदाय करना सुनिश्चित करने के साथ ही कोयले की गुणवत्ता में भी सुधार किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कोयला न होने से विद्युत उत्पादन ईकाईयों में बार-बार खराबी आती है। श्री मिश्रा ने भारत सरकार को बताया कि प्रदेश में स्थित विद्युत परियोजनाओं और प्रस्तावित योजनाओं को आवश्यकतानुसार समय पर कोयला आवंटित नहीं किया जा रहा है। इससे विद्युत क्षमतावृध्दि की योजना प्रभावित हो रही है। श्री मिश्रा ने भारत सरकार द्वारा पूर्वी एवं पश्चिमी क्षेत्र के केन्द्रीय उपक्रमों से राज्य को अनावंटित कोटे से आवंटित की गई विद्युत में 382 मेगावाट कटौती को बंद कर पूर्व की स्थिति बहाल करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश को केन्द्रीय क्षेत्र के विद्युत गृहों कवास एवं गंधार से गैस की कमी के कारण कम विद्युत प्राप्त होने की और ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि उपरोक्त विद्युत गृहों को गैस की आवश्यक मात्रा उपलब्ध कराएं ताकि प्रदेश को पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध हो सके। भारत सरकार से शिवपुरी में दो हजार मेगावाट का परमाणु विद्युत गृह स्थापित करने की कार्यवाही यथाशीघ्र प्रारंभ करने का आग्रह उर्जा मंत्री ने किया। भेल एवं एम.पी. जेनको के संयुक्त उपक्रम में सुपर क्रिटिकल तकनीक आधारित विद्युत परियोजना को 12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत पूर्ण करने का आग्रह किया गया। उर्जा मंत्री ने एन.टी.पी.सी. द्वारा नरसिंहपुर में प्रस्तावित 2680 मेगावाट की ताप विद्युत परियोजना में से मध्यप्रदेश को 80 प्रतिशत विद्युत आवंटित करने का आग्रह किया है ताकि यहां व्याप्त विद्युत कमी को दूर किया जा सके। उर्जा मंत्री ने विद्युत वितरण के क्षेत्र में सुधार के उद्देश्य से प्रारंभ की गई आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना में भारत सरकार के अनुदान के अंश को 25 प्रतिशत से बढाकर 75 प्रतिशत करने का आग्रह किया गया। डी.व्ही.सी. प्रोजेक्ट से 400 मेगावाट की विद्युत शीघ्र उपलब्ध हो इसके लिए भारत सरकार से परियोजना शीघ्र पूरी करने का आग्रह किया गया। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का उल्लेख करते हुए उर्जा मंत्री श्री मिश्रा ने भारत सरकार से वितरण फ्रैंचायजी के प्रशिक्षण के लिए अलग से धन उपलब्ध कराने, योजना में एच.व्ही.डी.एस. को शामिल करने तथा फीडर विभक्तिकरण की योजनाओं के लिए विश्व बैंक से वित्तीय मदद दिलाने में सहयोग देने का आग्रह किया गया। इसी तरह सतपुड़ा विद्युत गृह की चार ईकाईयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए तैयार की गई 576 करोड़ रुपये लागत की योजना के लिए विश्व बैंक से मदद दिलाने में भारत सरकार से पहल करने का आग्रह किया गया। बी.एच.ई.एल. से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि अमरकंटक ताप विद्युत गृह की 210 मेगावाट की विस्तार इकाई को सितंबर 2009 तक पूर्ण किया जाना है। इसके लिए जरुरी है कि कोल एवं ऐश हैण्डलिंग संयंत्र शीघ्र पूर्ण हो जिसके लिए भेल को शीघ्र अपना कार्य पूर्ण करने के निर्देश देने का आग्रह भारत सरकार से किया गया। ग्यारह वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 1580 मेगावाट क्षमता वृध्दि के लिए जो कार्यादेश भेल को दिए गए है उन्हें निर्धारित समय में पूर्ण करने के लिए भी भेल को निर्देश देने का आग्रह उर्जा मंत्री श्री मिश्रा ने केंद्रीय उर्जा मंत्री से किया।
उज्जैन में अतिरूद्राभिषेक के शुभारम्भ में मुख्यमंत्री श्री चौहान सपत्नीक शामिल हुएउज्जैन में अतिरूद्राभिषेक के शुभारम्भ में मुख्यमंत्री श्री चौहान सपत्नीक शामिल हुए 5 जुलाई तक चलेगा अतिरूद्राभिषेक
Bhopal:Thursday, June 25, 2009 उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर में आज अतिरूद्राभिषेक का शुभारम्भ हुआ। शुभारम्भ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान इस अनुष्ठान में सपत्नीक शामिल हुए तथा विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इस अनुष्ठान के माध्यम से भगवान महाकाल से प्रार्थना की गई है कि वे प्रदेश एवं देश को भीषण जल संकट से मुक्ति देकर जल रूपी आशीर्वाद प्रदान करें। अतिरूद्राभिषेक भगवान शिव की सबसे बड़ी आराधना है। शिव पुराण में भगवान के रूद्र मंत्रों से अभिषेक का महत्व बताया गया है। मन, कर्म, वाणी से परम पवित्र तथा सभी प्रकार की आसक्तियों से रहित होकर भगवान शुलपाणी की प्रसन्नता के लिये अतिरूद्र करना चाहिये। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय भी सपत्नीक पूजन-अर्चन में शामिल हुए। अतिरूद्राभिषेक पं.घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में पं.आशीष पुजारी एवं पुरोहितों के दल द्वारा प्रारम्भ किया गया। यह अनुष्ठान 5 जुलाई तक निरन्तर रहेगा। अतिरूद्राभिषेक कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के प्रशासक श्री शुभकरण शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय को देखते हुए प्रदेश एवं राष्ट्र में सुवृष्टि की कामना के लिये विश्व कल्याणार्थ जो यह अनुष्ठान किया जा रहा है वास्तव में भगवान शिव की सच्ची आराधना और उपासना है। क्योंकि दवा के साथ-साथ दुआ का काम भी श्री महाकाल मन्दिर प्रबंध समिति के द्वारा किया जा रहा है। यह अनुष्ठानर् कत्तव्य अपनी संस्कृति की पहचान है क्योंकि हमारी परम्पराओं में जब-जब भी प्रदेश और राष्ट्र पर भीषण संकट आया है तब-तब इस समिति के माध्यम से विद्वान पुजारी-पुरोहितों के द्वारा इस संकट के निवारण हेतु प्रार्थना की गई है। श्री महाकाल मन्दिर प्रबंध समिति प्रशासक ने बताया कि ऐसा कहा जाता है कि इस अनुष्ठान के करने से सभी प्रकार की कामनाएं पूर्ण होती है। रूद्राभिषेक तीन प्रकार से किया जाता है- 1. लघुरूद्र, 2. महारूद्र, 3. अतिरूद्र। यह अनुष्ठान भी 3 प्रकार से किये जाते हैं- पठात्मक, हवनात्मक, अभिषेकात्मक। यह अनुष्ठान जल से करने से जलवृष्टि होती है। शिव जल प्रिय हैं इसलिये साम्ब सदाशिव पर ठण्डे जल की सतत् जलधारा चलती है तो वह प्रसन्न होकर जलवृष्टि करते हैं। शिव और रूद्र ब्रह्म के पर्यायवाची शब्द हैं। शिव को रूद्र इसलिये कहा जाता है क्योंकि रूद्र दु:खों का नाश करते हैं। इसलिये भगवान महाकाल पर अतिरूद्राभिषेक कर भगवान महाकाल से प्रार्थना की जा रही है कि 'हे महाकाल, हे आशुतोष, हे साम्ब सदाशिव हम तेरा पूजन-अर्चन करते हैं, हमारे दु:ख को दूर करके वर्षा बनकर भक्तों को तृप्त करें, क्योंकि हम आपकी आराधना करते हैं, आपका पूजन करते हैं, आपको पुकारते हैं कि हे महादेव आप प्रसन्न होकर सम्पूर्ण देश व प्रदेश में उत्तम जलवृष्टि कीजिये और सम्पूर्ण राष्ट्र को धन-धान्य से तृप्त करिये। अतिरूद्र अभिषेक के शुभारम्भ अवसर पर विधायक सर्वश्री शिवनारायण जागीरदार, रोड़मल राठौर, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मोहन यादव, शहर अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। गोपाल मन्दिर से महाकाल तक पैदल यात्रा की मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन आगमन पर सर्वप्रथम विख्यात गोपाल मन्दिर में विराजित भगवान श्री द्वारकाधीश को सपत्नीक नमन कर प्रदेश की सुख, समृध्दि एवं खुशहाली के लिये वरूण देवता को अच्छी बारिश के लिये आदेशित करने की कामना की। उनके साथ स्थानीय नेतागण मौजूद थे। द्वारकाधीश को नमन पश्चात् मुख्यमंत्री श्री चौहान सपत्नीक महाकाल मन्दिर के लिये पैदल निकल पड़े। उनकी पैदल यात्रा के दौरान 'भोले शंभू-भोलेनाथ' का जयकारा रास्तेभर गूँजता रहा।
यूरिया के लिए नई मूल्य नीति में संशोधनयूरिया के लिए नई मूल्य नीति में संशोधन देसी यूरिया की इकाइयों के लिए नई मूल्य नीति में संशोधन किया गया है। इसे आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल-समिति ने स्वीकृति दे दी है। नई मूल्य नीति के अनुसार, इसे निर्धारित लागत के 10 प्रतिशत तक सीमित रखा जाएगा। निर्धारित लागत में कमी की सीमा पहली अप्रैल 2009 से अप्रैल 2010 तक लागू रहेगी। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने भी यूरिया के सुरक्षित भंडार के लिए विस्तृत मानकों को स्वीकृति दे दी है।
पाकिस्तान के साथ एकतरफा शांति नहीं - एंटोनीपाकिस्तान के साथ एकतरफा शांति नहीं - एंटोनी समुद्र तट की सुरक्षा -- सुरक्षा बलों, खुफिया एजेंसियों और तटरक्षकों की एकजुटता से ही संभव ### रक्षा मंत्री श्री ए.के. एंटोनी ने तीनों सेनाओं के उच्च अधिकारियों से आग्रह किया है कि आधुनिक युध्द में विजय केवल एकजुटता से ही संभव है । सैन्य कमांडरों के संयुक्त सम्मेलन का उद्धाटन करते हुए श्री एंटोनी ने कहा कि आज के जमाने में राष्ट्र की सुरक्षा का काम बहुत ही जटिल और उच्च कौशल का कार्य है । अब परम्परागत लड़ाई का जमाना नहीं है । सेना के हर अंग को अपना अधिक से अधिक योगदान देना होगा । इसलिए आज संयुक्त योजना और क्षमताओं के समेकित उपयोग पर जोर देना होगा । दो दिन के सम्मेलन का मुख्य विषय है - एकजुटता से जीत इसमें चीफ आफ स्टाफ कमेटी, एडमिरल सुरीश मेहता, वायु सेनाध्यक्ष, एयर चीफ मार्शल पी वी नायक, थल सेनाध्यक्ष, जनरल दीपक कपूर, रक्षा सचिव, श्री विजय सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव श्री प्रदीप कुमार, रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार श्री एम. नटराजन, सचिव, वित्त - श्रीमती इंदु लिबरहान आदि मौजूद थे । इस अवसर पर अपने भाषण में श्री एंटोनी ने आह्वान किया और कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाओं को देश की सुरक्षा के लिए सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए ताकि हमारी बढती हुई आर्थिक समृध्दि पर कोई असर न पड़ने पाये । पाकिस्तान की ओर से भारत विरोधी ताकतें हमें अस्थिर बनाने की कोशिशों में जुटी हुई हैं । हमें पश्चिमी सीमा पर बहुत सतर्क रहना होगा । जम्मू कश्मीर में सीमा पार से घुसपैठ को हर हालत में रोकना होगा । हिन्द महासागर क्षेत्र के बारे में हमें कोई ढील नहीं देनी होगी । समुद्री मार्ग से आने वाले आतंकवादियों से हमें पूरी तरह चौकस रहना होगा । रक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि सशस्त्र सेनाओं के आधुनिकीकरण के मामले में धन की कमी आड़े नहीं आने पायेगी । हमारे सैनिकों, महिला अधिकारियों एवं भूतपूर्व सैनिकों के लिए हमारी ओर से कोई ढील नहीं होगी । प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हमारी सेनाओं का योगदान पहले की ही तरह सराहनीय रहेगा ।
जुलाई-अगस्त में होने वाली वर्षा खरीफ की फसल के लिए महत्तवपूर्ण होगी, जून में मानसून में देरी चिंता की बात नहींजुलाई-अगस्त में होने वाली वर्षा खरीफ की फसल के लिए महत्तवपूर्ण होगी, जून में मानसून में देरी चिंता की बात नहीं कृषि मंत्रालय ने खरीफ फसल में प्रगति का समीक्षा की ... कृषि मंत्रालय ने आज एक बैठक में वर्षा की स्थिति तथा खरीफ की फसल की बुवाई में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार तथा उत्तार प्रदेश ने भाग लिया। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 25 जून तक वर्षा में कमी होने का अनुमान है। इस बैठक में देशभर में मानसून की प्रगति पर भी संक्षिप्त प्रस्तुति पेश की गई। बैठक में यह भी बताया गया कि जुलाई-अगस्त में होने वाली वर्षा खरीफ की फसल के लिए महत्तवपूर्ण होगी, जून में मानसून में देरी चिंता की बात नहीं है।
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