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30 mayo

संभागीय जनसंपर्क कार्यालय के दूरभाष क्रमांक

संभागीय जनसंपर्क कार्यालय के दूरभाष क्रमांक

हमें खेद है मुरैना में चल रही अघोषित व अनियमित भारी बिजली कटौती के कारण यह समाचार समय पर प्रकाशित नहीं किया जा सका

ग्वालियर 28 मई 09। मोतीमहल स्थित संभागीय जनसंपर्क कार्यालय में तीन टेलीफोन कनेक्शन हो गये हैं। इन नये टेलीफोन कनेक्शनों में संयुक्त संचालक जनसंपर्क श्री सुभाष चन्द्र अरोड़ा का दूरभाष क्रमांक 2457030, समाचार शाखा का 2431765 तथा कार्यालय का फैक्स क्रमांक 2452816 है।

 

28 mayo

रोजगार गारन्टी योजना में हो रहा है फर्जीवाडा:-धाकड (दैनिक मध्‍यराज्‍य)

रोजगार गारन्टी योजना में हो रहा है फर्जीवाडा:-धाकड

बगैर स्थल निरीक्षण किए बनाये जाते हैं प्रांकलन, फर्जीवाडे में एस.डी.ओ.व उपयंत्री भी शामिल, एक साल में एक भी कार्य पूर्ण नहीं

मुरैना 27 मई 09 (दैनिक मध्‍यराज्‍य) कैलारस। षासन द्वारा चलाई जा रही रोजगार गारन्टी योजना का उद्देष्य ग्रामीण विकास के साथ -साथ ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को सौ दिन का रोजगार मुहैया कराया जाना है, जबकि कैलारस जनपद में उक्त योजना के तहत वास्तविक मजदूरों को रोजगार न दिया जाकर सम्बन्धित ऐजेंसियों एवं इस योजना में पदस्थ एस.डी.ओ. व उपयंत्रियों की सांठ-गांठ से कागजों में फर्जीवाडा कर ऐसे लोगों के नाम से मस्टर भरकर पैसा निकाला जा रहा है जो कभी मजदूरी करते ही नहीं हैं। जबकि जो लोग मजदूरी करने को तैयार हैं उनको इस योजना की पूरी जानकारी तक नहीं दी जाती है। उक्त आरोप जनपद पंचायत कैलारस के अध्यक्ष रामलखन सिंह धाकड ने प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में देते हुए लगाया है।

       धाकड ने बताया कि इस योजना के तहत जनपद पंचायत कैलारस के अन्तर्गत आंकडों में लगभग 6 करोड की राषि सम्बन्धित ऐजेंसियों को प्रदाय किया जाना दर्षाया गया है। और लगभग 10780 मजदूर प्रति सप्ताह कार्य करना दर्षाया गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि न तो इतनी राषि के कहीं कार्य दिखते हैं और ना हीं इतने मजदूर कार्यरत दिखते हैं। उक्त योजना के तहत रोजगार गारन्टी अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण कार्यों में जहां 60-40 का अनुपात नहीं मिल रहा है वहीं कार्य घटिया स्तर के किये गए हैं। आज इस योजना को 1 वर्श बीत जाने के बावजूद भी एक भी कार्य का पूर्णता प्रमाण पत्र एस.डी.ओ.द्वारा जारी नहीं किए गए हैं। इस योजना के तहत पदस्थ एस.डी.ओ.व उपयंत्री जो कि संविदा पर पदस्थ हुए हैं। खुले आम इस योजना के तहत लूटमार मचाकर फर्जीवाडा करा रहे हैं।

       अध्यक्ष धाकड ने कहा कि इस योजना के तहत वष्क्षारोपण कार्य में लाखों रूपये व्यय किऐ जा चुके हैं लेकिन वर्तमान में 5 प्रतिषत पेड भी जीवित नहीं हैं। इस योजना में पदस्थ एस.डी.ओ. व उपयंत्रियों द्वारा जानकारी मांगने पर भी नहीं दी जाती है। जिससे साफ जाहिर है कि योजना में घालमेल इन्हीं की सांठ -गांठ से हो रहा है।

       अध्यक्ष धाकड ने इस संबंध में एक षिकायती पत्र प्रदेष के लोकप्रिय मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेषाध्यक्ष सांसद नरेन्द्र ंसिंह तौमर, प्रभारी मंत्री के.एल.अग्रवाल, जिला कलेक्टर एम.के.अग्रवाल, जिला पंचायत सी.ई.ओ. मुरैना सहित रोजगार गारन्टी कार्यालय भोपाल को प्रतियां प्रेशित कर इस योजना के तहत हो रहे फर्जीवाडे को रोकने तथा संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।

 

छापामार कार्रवाई में 14200 लीटर अवैध रूप से संग्रहित केरोसिन जब्त

छापामार कार्रवाई में 14200 लीटर अवैध रूप से संग्रहित केरोसिन जब्त

ग्वालियर 27 मई 09। जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी के निर्देशानुसार खाद्य सामग्री एवं केरोसिन का अवैध रूप से भण्डारण करने वाले प्रतिष्ठानों के विरूध्द छापामार कार्रवाई जारी है। अपर कलेक्टर श्री वेदप्रकाश की अगुवाई में आज जिला प्रशासन की टीम द्वारा अनेक प्रतिष्ठानों पर छापे डालकर अवैध रूप से संग्रहित केरोसिन, घी एवं मसाले जब्त किये गये तथा आरोपियों के विरूध्द वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

      छापामार दल द्वारा आज दो स्थानों से अवैध रूप से संग्रहित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का 14200 लीटर नीला केरोसिन जब्त किया गया है। केरोसिन की मात्रा एक टैंकर से अधिक 71 ड्रम है। इसमें 51 ड्रम ट्रान्सपोर्ट नगर से एवं 20 ड्रम केरोसिन गदाईपुरा से जब्त किया गया है। इन स्थानों से दो लोग राजकुमार पुत्र दुर्गाप्रसाद राजपूत निवासी विनय नगर एवं अजय पुत्र घनश्याम निवासी रामपुरी शब्द प्रताप आश्रम को गिरफ्तार किया गया है। केरोसिन गदाईपुरा में किराये का मकान लेकर कैलाश खण्डेलवाल नाम के व्यक्ति द्वारा संग्रहित किया गया था।

      इसीप्रकार छापामार दल द्वारा दो कोल्ड स्टोरेज पर भी छापामार कार्रवाई की गई। इनमें पुरानी छावनी स्थित अग्रसेन एवं आर व्ही एस. कोल्ड स्टोर शामिल हैं। यहां से दल के द्वारा अवैध रूप से संग्रहित घी एवं मसाले के नमूने लिये गये, जो जांच के लिये प्रयोगशाला भेजे जायेंगे। इस सामग्री की जब्ती की कार्रवाई जारी है। छापामार दल में अपर कलेक्टर श्री वेदप्रकाश, एस एल आर. श्री प्रदीप तोमर एवं श्री अनिल बनवारिया, तहसीलदार श्री सिकरवार, श्री एस आर. वर्मा एवं श्री पाण्डेय शामिल हैं।

 

राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय : कृषि तथा संबध्द विषयों में शिक्षा का अभिनव केन्द्र

राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय :  कृषि तथा संबध्द विषयों में शिक्षा का अभिनव केन्द्र

PRESENTED BY : ZONAL PUBLIC RELATIONS OFFICE- GWALIOR- CHAMBAL ZONE

ग्वालियर 27 मई 09। गालव ऋषि की नगरी ग्वालियर में प्रदेश के प्रथम कृषि विद्यालय की स्थापना वर्ष 1950 में हुई थी । गत वर्ष कृषि तथा संबध्द विषयों में शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार को अग्रसर करने तथा उनसे आनुषंगिक अन्य विषयों की व्यवस्था करने  के लिए मध्यप्रदेश शासन ने ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय अध्यादेश 2008 के द्वारा नवीन कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना ग्वालियर में है । ग्वालियर कृषि विश्वविद्यालय अध्यादेश के स्थान पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 (क्रमांक 4, सन् 2009) दिनांक 12 फरवरी 2009 से अधिसूचना जारी की गयी है । प्रदेश के जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय का विभाजन कर दोनों  कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार में 25-25 जिलो को निर्धारित किया गया है ।

       विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र के अर्न्तगत चार कृषि महाविद्यालय ग्वालियर, सीहोर, इंदौर एवं खंडवा, एक उद्यानिकी महाविद्यालय मंदसौर एवं एक पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, महू के साथ ही पाँच जोनल कृषि अनुसंधान केन्द्र (मुरैना, खरगौन, झाबुआ, कृषि महाविद्यालय सीहोर एवं इंदौर), चार क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्र (उज्जैन, मंदसौर, खंडवा एवं कृषि महाविद्यालय ग्वालियर), तीन उपकृषि अनुसंधान केन्द्र क्रमश: कृषि अनुसंधान केन्द बागवई (ग्वालियर,) फल अनुसंधान केन्द्र, ईंटखेड़ी (भोपाल) उद्यानिकी अनुसंधान केन्द्र जावरा (रतलाम) तथा उन्नत तकनीकी के हस्तांतरण हेतु 19 कृषि विज्ञान केन्द्र क्रमश: झाबुआ, आरोन (गुना), राजगढ़, खंडवा, ग्वालियर, खरगौन,धार, भिंड, उज्जैन, शाजापुर, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी,अशोकनगर, दतिया, बड़वानी, नीमच, देवास, मुरैना कार्यरत हैं । प्रदेश के छ: कृषि जलवायु क्षेत्र गिर्द, बुदेलखंड, मालवा पठार, झाबुआ पहाड़ी, निमाड़ घाटी तथा विंध्य पठार विश्वविद्यालय के कव्हरेज अन्तर्गत आते हैं 1

       विश्वविद्यालय क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत राज्य के नागरिकों, ग्रामीणों के जीविकोपार्जन हेतु कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों के माध्यम से फसलों एवं अन्य कृषिगत साधनों वृध्दि कर खेती को टिकाऊ एवं लाभप्रद बनाना कृषि विश्वविद्यालय का लक्ष्य है ।

       विश्वविद्यालय के द्वारा स्नातक पाठयक्रम में कृषि, उद्यानिकी तथा पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विषयों में क्रमश: 308,56, एवं 77 छात्र - छात्राओं को प्रवेश दिया जाता है । इन पाठयक्रमों मे व्यापम द्वारा पी. ए. टी.एवं पी.एम.टी.परीक्षाओं के साथ ही आई. सी. ए. आर. आई. वी. सी .एवं एनआरआई के माध्यम से छात्र -छात्राओं को प्रवेश दिए जाते हैं।

       विश्वविद्यालय द्वारा कृषि संकाय के अन्तर्गत आठ, उद्यानिकी, के अन्तर्गत छ: तथा पशु चिकित्सा एवं पशुपालन  के अन्तर्गत ग्यारह विषयों में स्नातकोत्तर कार्यक्रम चलाऐ जा रहे है । जिसमें कृषि, उद्यानिकी तथा पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विषयों में क्रमश: 186,21 एवं 65 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाता है ।

       कृषि संकाय के अनतर्गत कृषि अर्थशास्त्र एवं प्रक्षेत्र प्रबंधन, कृषि अभियांत्रिकी, शस्य विज्ञान, जैव प्रोद्यौगिकी, कीट विज्ञान, प्रसार शिक्षा एवं ग्रामीण प्रबंधन, खाद्य विज्ञान एवं तकनीकी, उद्यानिकी एवं वानिकी, पादप प्रजनन एवं अनुवांशिकी, पादप रोग विज्ञान, मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन, पादप कार्य की विज्ञान, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञान आदि के अन्तर्गत अध्यापन, अनुसंधान एवं सम्पूर्ण कृषि तकनीक प्रसार का कार्य वर्तमान में विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा है ।

       उद्यानिकी महाविद्यालय, मंदसौर में उद्यानिकी विषयों के छ: विभाग (फ्लोरीकल्चर एवं लैण्डस्केपिंग, फल विज्ञान, मेडीसीनल एवं एरोमेटिक क्रॉप्स, प्लान्टेशन एवं स्पाइसिस क्रॉप्स, पोस्ट हारवेस्ट मैनेजमेंट एवं सब्जी विज्ञान) सृजित हैं जिनके माध्यम से शिक्षण कार्य सुचारू रूप से किया  जा रहा है ।

       इसी प्रकार से पशु संकाय के अन्तर्गत शरीर रचना एवं ऊतिकी विज्ञान, पशु प्रजनन एवं अनुवांशिकी विज्ञान, पशु पोषण एवं आहार तकनीकी विज्ञान, व्याधि विज्ञान, पशु महामारी शास्त्र एवं पशु रोग निवारण औषधी विभाग, पशु औषधि विभाग, पशु उत्पादन एवं प्रबंधन, पशु उतपदन तकनीकी, पशु प्रजनन एवं प्रसूति, कुक्कुट विज्ञान, पशु भौषिक एवं विषाक्त, पशु शरीर क्रिया, पशु शल्य चिकित्सा एवं क्षय विकिरण, पशु लोक स्वास्थ्य एवं महामारी विज्ञान, जीव रसायन विज्ञान, सूक्ष्म जीवाणु विज्ञान, प्रसार शिक्षा आदि विभागों के माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान कार्य एवं प्रसार का कार्य सुचारू रूप से संपादित किया जा रहा है ।

       इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए विश्वविद्यालय में अनुभवी प्राध्यापक/वैज्ञानिक कार्यरत हैं, जिन्होनें अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान एवं अन्य शोघ कार्य प्रकाशित किये हैं ।

 

25 mayo

सभी जिलों को भेजी गई चेक लिस्ट (वर्षा पूर्व तैयारियां आरंभ)

सभी जिलों को भेजी गई चेक लिस्ट (वर्षा पूर्व तैयारियां आरंभ)

भोपाल 24 मई  09 । निकटस्थ मानसून को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन ने वर्षा पूर्व तैयारियां आरंभ कर दी हैं। वर्षा ऋतु के दौरान यदि कहीं बाढ़ या अतिवर्षा की स्थिति निर्मित होती है तो उससे होने वाली क्षति से बचाने के लिए राजस्व विभाग ने एक चेक लिस्ट तैयार की है। क्षति से बचने के लिए की जाने वाली कार्यवाहियों की यह चेक लिस्ट प्रदेश के सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को भेज दी गई है।

चेक लिस्ट में बाढ़ उन्मुख गांवों, नदियों, अंतर्राज्यीय नदियों और ऐसे बड़े तालाब और नाले जिनमें बाढ़ आने की संभावना है ऐहतियात कार्यवाही करने को कहा गया है। ऐसे बड़े बांध जिनको बाढ़ या अतिवृष्टि के विरुध्द सुदृढ़ किया जाना चाहिए की सूची, जिले में बाढ़ आने के मुख्य कारणों की जानकारी संकलित करने, जलाशयों, नालियों की साफ-सफाई निरीक्षण और अतिक्रमण हटाने की कार्यवाई करने, जल निर्गम प्रणाली के द्वार, बांध तटबंधों का आवश्यक रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। इसी के साथ ही बाढ़ से निपटने एवं राहत के नियमों की पुस्तिका उपलब्ध कराने और संबंधित कर्मचारियों को इसकी भलीभांति जानकारी प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

चेक लिस्ट

·         आपदा संवदेनशील क्षेत्रों का आकलन

·         बाढ़ उन्मुख नदिया,तालाब,नाले

·         बड़े बांध

·         जिले में बाढ़ आने के मुख्य कारण

·         रचना संबंधी कार्य

·         पूर्व सूचना एवं प्रचार प्रसार प्रणाली

·         आपातकाल में समन्वय, आवश्यक सेवाओं का रखरखाव, दवाओं वस्तुओं का भंडारण,पशु चिकित्सा, स्वास्थ्य स्वच्छता, पेयजल शिविर, नाव आदि उपकरण, बचाव दल प्रशिक्षण

·         आपदा नियंत्रण केन्द्र, पूर्व अनुबंध, त्वरित क्षति आंकलन

·         राहत कार्य में पारदर्शिता

·         मृत पशुओं को निपटाने एवं मलबा हटाने की व्यवस्था

 

 

चेक लिस्ट में जिले में बाढ़ की पूर्व सूचना एवं प्रचार प्रसार की सुव्यवस्थित प्रणाली सुनिश्चित करने, जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठकें आयोजित करने, आवश्यक सेवायें जैसे ऊर्जा, संचार, सड़क, पुलों आदि के रख रखाव कार्य की समीक्षा करने, संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों के फोन नंबर पते संकलित करने, बाढ़ उन्मुख क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं का भंडारण करने, प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों में दवाओं का पर्याप्त भण्डारण, स्वास्थ्य अधिकारियों, चिकित्सकों की जानकरी इकठ्ठी करने ताकि जरुरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा दल गठित किए जा सकें, पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, दवाओं आदि की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी के साथ बाढ़ की स्थिति में महामारी रोकने के लिए पर्याप्त उपायों की कार्य योजना बनाने, ब्लीचिंग पाउडर क्लोरीन टेबलेट आदि का पर्याप्त भण्डारण, पेयजल प्रदाय व्यवस्था, अस्थायी शिविरों की व्यवस्था के लिए स्थानों को चिन्हित करना, नाव, मोटर बोट, रबरबोट, आदि की अद्यतन जानकारी, खोज एवं बचाव दलों को प्रशिक्षण आदि को शामिल किया गया है। जिलों से कहा गया है कि मानसून के दौरान जिला मुख्यालय पर आपदा नियंत्रण केन्द्र 24 घंटे सक्रिय रहें और इनके दूरभाष क्रमांक फैक्स ई-मेल के पते राहत आयुक्त कार्यालय को भेजे जाएं।

जिलो को आपदा के दौरान उपयोग में आने वाली सामग्री की सूची तैयार करने, क्षति आंकलन के लिए दलों का गठन करने, प्रभावितों को समय पर राहत सामग्री प्रदान करने केइंतजाम, मृत पशुओं के शरीर के निपटारे और आवासीय क्षेत्र में बाढ़ से इकठ्ठा हुए मलबे को हटाने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

 

22 mayo

सुशासन है सर्वोच्च प्राथमिकता –मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

सुशासन है सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

ट्रांसफॉर्मर का तेल तथा बिजली का तार चुराने वालों पर होगी पुलिस की सख्ती

हमें खेद है मुरैना में चल रही भरी बिजली कटोती (18 घण्‍टे और शेष समय वोल्‍टेज फ्लक्‍चुयेशन के कारण यह समाचार समय पर प्रकाशित नहीं किये जा सके )

 

ग्वालियर 21 मई 09। पुतली घर के पास विद्युत विभाग के भण्डार गृह में दो दिवस पूर्व लगी आग से भारी क्षति हुई है। भण्डारगृह में रखे पुराने व मरम्मत के लिये लाये गये ट्रांसफॉर्मर भारी संख्या में जलकर राख हो गये हैं। भण्डार गृह में रखे सभी नये ट्रांसफार्मर सुरक्षित हैं तथा ग्वालियर -चंबल संभाग में विद्युत आपूर्ति एवं ट्रासफार्मर बदलने का काम बिना किसी पेरशानी के सुचारू रूप से चलता रहेगा। यह जानकारी संभागायुक्त डॉ. कोमल सिंह ने आज यहां 'परख' टेली कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पूछे जाने पर दी गई। कॉन्फ्रेस में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्वालियर चंबल संभाग में ट्रांसफार्मरों से तेल चोरी तथा विद्युत लाइनों के तार काटने  की घटनाओं पर रोक लगाने की हिदायत दी। इस हिदायत का सख्ती से पालन करने का आश्वासन देते हुए पुलिस महानिरीक्षक श्री देवेन्द्र सिंह सेंगर ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्युत उपकरणों को क्षति पहुँचाने वाले, ट्रांसफार्मरों से तेल चुराने तथा विद्युत लाइनों का तार काटने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्यवाही करेगी। टेली कॉन्फ्रेसिंग के दौरान संभागायुक्त कक्ष मोती महल में पुलिस महानिरीक्षक, विद्युत तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंताओं सहित संबंधित  संभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

        मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आज टेली कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के संभाग आयुक्तों और जिला कलेक्टरों से चर्चा कर सूखे की स्थिति और पेयजल संकट की समीक्षा के साथ ही जल संरक्षण और संवर्ध्दन कार्य की जानकारी ली। परख कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस टेली कॉफ्रेंसिंग में श्री चौहान ने विद्युत प्रदाय, गेहूँ उपार्जन एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों, नामातंरण, बँटवारे और सीमांकन प्रकरणों, आंगनबाड़ियों में पोषण आहार वितरण तथा मौसमी तथा संक्रामक बीमारियों के नियंत्रण एवं रोकथाम की भी समीक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के कमिश्नरों और कलेक्टरों से कहा कि सुशासन राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री चौहान ने शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रत्येक पात्र व्यक्ति को लाभ दिये जाने में लालफीताशाही की समाप्ति पर जोर दिया। उन्होंने सिटीजन चार्टर के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित कर नामांतरण, बंटवारा, पेंशन प्रकरणों आदि का निराकरण समय-सीमा में करने को कहा। श्री चौहान ने प्रशासन से पारदर्शिता और न्याय की अपेक्षा वाले सार्वजनिक हित के कामों के निष्ठापूर्वक संपादन की जरूरत बतायी। उन्होंने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जुए-सट्टे और मादक द्रव्यों पर प्रभावी रोक की भी अपेक्षा की ।

श्री चौहान ने अधिकारियों से जनता और जन-प्रतिनिधियों के लिये सहज उपलब्ध रहने को कहा ताकि परस्पर संवाद और संवेदनशीलता के माध्यम से समस्याओं का प्रभावी निराकरण स्थानीय स्तर पर ही हो सके।

मुख्यमंत्री ने परख कार्यक्रम को प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कार्यक्रम के लिये समय पर सही जानकारी देने के लिये कहा। श्री चौहान ने कहा कि अब से वे इस कार्यक्रम में नियमित तौर पर भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि परख के मैदानी नोडल अधिकारियों को सक्रिय किया जाये। वरिष्ठ अधिकारी अपने भ्रमण के दौरान जानकारी की सत्यता को परखकर त्रुटि पाए जाने पर नोडल अधिकारी के विरूध्द कार्रवाई करें और यदि अच्छा काम हुआ है तो प्रशंसा करें। श्री चौहान ने जानकारी के आधार पर तत्काल सुधारात्मक उपाय करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा न होने पर जिला अधिकारी और कलेक्टर भी दोषी माने जायेंगे। श्री चौहान ने संभाग आयुक्तों को निर्देश दिये कि वे अपनी समीक्षा बैठक में परख कार्यक्रम की नियमित समीक्षा करें।       

        प्रारंभ में मुख्य सचिव श्री राकेश साहनी ने 'परख' कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। श्री साहनी ने प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन निर्विघ्न संपन्न होने के लिये अधिकारियों को बधाई दी। टेली कांफ्रेंसिंग के दौरान संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव/ सचिव और मुख्यमंत्री के सचिव श्री इकबालसिंह बैंस और श्री अनुराग जैन भी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री श्री चौहान के निर्देश

·          प्रदेश के सभी नागरिकों के लिये पेयजल की जरूरी और पर्याप्त व्यवस्था हो।

·          हेंडपंप खराबी की शिकायतों के निराकरण की प्रभावी व्यवस्था हो। खराब हेंडपंप तत्काल सुधारे जायें और जरूरत के मुताबिक हेंडपंप में पाइप बढ़ाकर, मोटर लगाकर या निजी बोरिंग का अधिग्रहण कर पेयजल वितरण सुनिश्चित हो।

·          अन्य उपाय कारगर न होने पर परिवहन के जरिये पेयजल की व्यवस्था करें।

·          बिजली के अभाव में पेयजल योजना बंद नहीं हो। इस संबंध में नगरीय प्रशासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और ऊर्जा विभाग समन्वय करें।

·          रोजगार गारंटी योजना के जरिये सभी जिलों में जरूरतमंदों को तत्काल कार्य उपलब्ध कराये। कार्य का इच्छुक व्यक्ति बिना कार्य के न रहे।

·          जलाभिषेक अभियान और हरियाली महोत्सव के अब तक के क्रियान्वयन का प्रभावात्मक मूल्यांकन हो।    

·          मानसून शुरू होने के पहले भूमि की तैयारी, प्रजातियों का चयन, पौधों की जरूरत का आंकलन कर नर्सरियों से समन्वय सुनिश्चित करें।

·          वृक्षारोपण में पौधों की सुरक्षा को सर्वाच्च प्राथमिकता दें।

·          सभी जिले जलाभिषेक और हरियाली महोत्सव की कार्य योजना तैयार कर तत्काल कार्य शुरू करें।

·          ट्रांसफार्मरों के खराब होने की शिकायतों का तत्काल निराकरण हो। विद्युत आपूर्ति के विषय में निरंतर सतर्क रहे।

·          समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के अंतर्गत परिवहन, सुरक्षित भंडारण एवं किसानों को समय पर भुगतान का ध्यान रखा जाये।

·          पहुँचविहीन क्षेत्रों में वर्षा पूर्व सार्वजनिक वितरण प्रणाली सामग्री का भण्डारण करें।

·          राशन दुकान स्तरीय, विकासखण्ड स्तरीय और जिला स्तरीय सतर्कता समितियों का गठन इस माह के अंत तक आवश्यक रूप से करें।

·          खरीफ सीजन के लिये उर्वरकों के अग्रिम भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

·          प्रत्येक विकासखण्ड में एक गांव का चयन कर वहां जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाये।

·          नामांकन, बँटवारे और सीमांकन संबंधी प्रकरणों का निराकरण सिटीजन चार्टर में निर्धारित समय-सीमा में किया जाये।

·          सीमांकन के सभी प्रकरणों का निराकरण वर्षा ऋतु के पूर्व किया जाये।

·          कुपोषण के मामलों पर विशेष ध्यान दें।

·          पहुँचविहीन क्षेत्रों की आंगनबाड़ियों में पोषण आहार वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

·          मानसून शुरू होने के पहले भूमि की तैयारी, प्रजातियों का चयन, पौधों की जरूरत का आंकलन कर नर्सरियों से समन्वय सुनिश्चित करें।

·    वृक्षारोपण में पौधों की सुरक्षा को सर्वाच्च प्राथमिकता दें।

·          सभी जिले जलाभिषेक और हरियाली महोत्सव की कार्य योजना तैयार कर तत्काल कार्य शुरू करें।

·          ट्रांसफार्मरों के खराब होने की शिकायतों का तत्काल निराकरण हो। विद्युत आपूर्ति के विषय में निरंतर सतर्क रहे।

·          समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के अंतर्गत परिवहन, सुरक्षित भंडारण एवं किसानों को समय पर भुगतान का ध्यान रखा जाये।

·          पहुँचविहीन क्षेत्रों में वर्षा पूर्व सार्वजनिक वितरण प्रणाली सामग्री का भण्डारण करें।

·          राशन दुकान स्तरीय, विकासखण्ड स्तरीय और जिला स्तरीय सतर्कता समितियों का गठन इस माह के अंत तक आवश्यक रूप से करें।

·          खरीफ सीजन के लिये उर्वरकों के अग्रिम भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

·          प्रत्येक विकासखण्ड में एक गांव का चयन कर वहां जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाये।

·          नामांकन, बँटवारे और सीमांकन संबंधी प्रकरणों का निराकरण सिटीजन चार्टर में निर्धारित समय-सीमा में किया जाये।

·          सीमांकन के सभी प्रकरणों का निराकरण वर्षा ऋतु के पूर्व किया जाये।

·          कुपोषण के मामलों पर विशेष ध्यान दें।

पहुँचविहीन क्षेत्रों की आंगनबाड़ियों में पोषण आहार वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करे।       .

·          मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की राज्य शासन की प्राथमिकता की पूर्ति के लिये टीकाकरण और संस्थागत प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

·          डेंगू, मलेरिया, हैजा, स्वाईन फ्लू एवं अन्य मौसमी तथा संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिये तंत्र को सुदृढ़ रखा जाने के साथ ही आकस्मिकता योजना को प्रभावी बनाये।

·          पंचायत सचिवों को नये वेतनमान के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित किया जाये।

·          ग्रीष्म अवकाश में सूखाग्रस्त क्षेत्रों की शालाओं में मध्यान्ह भोजन का वितरण कड़ाई से सुनिश्चित करे।

·          औद्योगिक निवेश के लिये चयनित भूमियों के अंतरण के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करे।

·          सड़क निर्माण संबंधी बीओटी प्रोजेक्ट्स में भू-अर्जन के प्रकरणों तथा अतिक्रमण हटाने संबंधी कार्रवाई समय-सीमा में पूरी करें।

·          नवगठित जिलों में रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र की जाये।

·          'स्कूल चलें हम' अभियान में सभी स्तर के जन-प्रतिनिधियों और जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाये।

·          शिक्षण सत्र शुरू होने के पहले संविदा शिक्षकों के चयन, भर्ती और नियुक्ति की प्रक्रियाएँ समय-सारणी बनाकर शीघ्र की जाये।

 

आतंकवाद विरोधी दिवस पर अधिकारी कर्मचारियों को शपथ दिलाई

आतंकवाद विरोधी दिवस पर अधिकारी कर्मचारियों को शपथ दिलाई

हमें खेद है मुरैना में चल रही भरी बिजली कटोती (18 घण्‍टे और शेष समय वोल्‍टेज फ्लक्‍चुयेशन के कारण यह समाचार समय पर प्रकाशित नहीं किये जा सके )

ग्वालियर, 21 मई 09। आतंकवाद को समाप्त करने के उद्देश्य से आज यहाँ आंतकवाद विरोधी दिवस मनाया गया । जिसमें प्रात: ग्यारह बजे संभागायुक्त कार्यालय में संभागायुक्त  डा.कोमल सिंह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आतंकवाद का विरोध करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं म.प्र.विद्युत मण्डल के मुख्य अभियंता,विभिन्न विभागों के संभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।

      इसी प्रकार कलेक्टर कार्यालय में अपर कलेक्टर श्री आर.के.जैन ने कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई । जिले के अन्य कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को भी शपथ दिलाई गई । आज सभी के द्वारा अपने देश की अहिंसा एवं सहनशीलता की परंपरा में दृढ विश्वास रखने तथा सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करने की शपथ ली गई । इसी प्रकार मानव जाति के सभी वर्गो के बीच शांति,सामाजिक सद्भावना तथा सूझबूझ कायम करने औंर मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुँचानेवाली औंर विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की भी शपथ ली गई ।

 

21 mayo

मुरैना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुराग शर्मा का एक अंदाज यह भी

मुरैना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुराग शर्मा का एक अंदाज यह भी

पुलिस की नौकरी के अलावा एक बेहतर प्रतिभा और कला का धनी भी है यह अफसर

 

नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द''

 

कई बार प्रतिभायें और विद्वता अपनी कलात्मक खूबियों को लेकर सरकारी वर्दी के पीछे कर्तव्य पालन की वेदी पर भेंट चढ़ जातीं हैं और अक्सर सरकारी अफसरों को हम सदा एक अलग नजरिये से देखते हैं !

मैंने इण्टरनेट पर भीड़ में से सदा कुछ विशिष्ट लोगों की तलाश की है, आज मैं कुछ तलाश रहा था कि अचानक एक जाना पहचाना चेहरा (जाने पहचाने लोग इण्टरनेट पर यदा कदा ही मिलते हैं) मेरी नजर में आया और मुरैना के कुन्तलपुर यानि कुतवार पर आलेख पढ़ते पढ़ते मुझे लगा कि किसी ने वाकई बड़ा बेहतरीन आलेख लिखा है वह भी मय चित्रों के ! जिज्ञासावश लेखक को जानने की इच्छा हुयी तो जो श्रीमान इस लेख के रचयिता थे उनकी प्रोफाइल देखकर मैं चौंक गया !

इस आलेख के रचयिता थे मुरैना की मशहूर पुलिस हस्ती भाई अनुराग शर्मा जो कि मुरैना में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हैं ! उसके बाद मैंने उनका सारा ब्यौरा और सारा ब्लाग देखा ! मुझे कुछ खास बात लगी तो मैंने आपके साथ शेयर करना उचित समझा !

अभी तक आप सब हमारे बिहार के मुजफ्फरनगर के डी.आई.जी. पुलिस अरविन्द पाण्डेय से खास परिचित हो ही गये होंगे ! उनकी प्रतिभा, कला और भावनाओं का वाकई मैं कायल हूँ और जब भी उनकी कोई नई पोस्ट आती है, मैं तुरन्त मॉडरेशन में प्रकाशित कर देता हूँ ! उनकी भावनायें और रचनायें इतनी श्रेष्ठ होतीं हैं कि लगता है कि काश हर पुलिस आफिसर मानवता के इतने नजदीक होता ! उनके गीत और कविताये तो दिल को छू जातीं हैं , कुछ गीत तो उन्होंने अपनी बिटिया के स्वर में प्रस्तुत किये हैं ! हालांकि पाण्डेय जी शायद तकनीकी स्त्राेतों व संसाधनों का बेहतर उपयोग नहीं कर पा रहे हैं या शायद अनभिज्ञ हैं, वरना और भी करिश्मा उभर कर आता ! अब तो उनका प्रकरणों को सुलझाने का सामाजिक व पारिवारिक स्टाइल भी मुझे खूब भाया !

अभी तक अरविन्द पाण्डेय भैया का इण्टरनेट पर धमाल मचा था लेकिन अब हमारे मुरैना के एडीशनल एस.पी. अनुराग शर्मा जी ने भी दस्तक दे दी है ! और एण्ट्री भी काफी धमाकेदार है !

आप जो लिखते हैं, आपके साहित्य व विचार से आपका व्यक्तित्व भली भांति जाना जा सकता है !

अनुराग शर्मा जी ने अपने ब्लाग पर जो भी अभी तक प्रस्तुत किया है वह जिज्ञासुओं और अन्वेषकों तथा उत्कृष्ट साहित्य के इच्छुकों के लिये बहुत बेहतर है ! उनके द्वारा लिखे गये लेख वाकई बेहतरीन उत्कृष्ट कोटि के हैं तथा भाषा व साहित्य के व्याकरण पर पकड़ भी इतनी बेहतर है कि अच्छे अच्छे पत्रकार व साहित्यकार (जो खुद को उच्च कोटि का साहित्यकार या पत्रकार मानते हैं वे अनुराग शर्मा जी को जरूर पढ़ें ) बेहद संतुलित व संयमित वाक्यावली स्वत: ही मनमोहन हैं !

उनके द्वारा प्रदत्त जानकारीयां प्रमाणिक व उच्च स्तरीय हैं और चौंकाने वाली भी क्योंकि जो काम हम लोग कर रहे हैं या हमें करना है उसे कोई और भी गुप्त तरीके से भी कर रहा है ! और हम सबसे अधिक बेहतर तरीके से ! फोटोग्राफों की क्वालिटी भी उच्च कोटि की है !

उनके आलेखों में विद्वता, रिसर्च और प्रमाणिकता का तत्व स्वत: ही महसूस हो जाता है ! हालांकि ककनमठ, कुतवार और बटेश्‍वरा पर उनका आलेख तथ्यात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण है और मैंने इस सम्बन्ध में उन्हें टिप्पणी के जरिये संकेत भी कर दिया है !

अनुराग जी का ब्लॉग ब्लागर पर बना हुआ है और ऍंग्रेजी वाक्य इम्प्रेशन्स के नाम से है ! आप यहाँ क्लिक करके उन्हें पढ़ सकते हैं ! http://yoursanurag.blogspot.com/ उनका ब्लागर पर आगमन फरवरी 2009 में हुआ है तथा पहली पोस्ट मार्च में लिखी है एवं अंतिम अपडेट 10 मई 2009 को हुयी है !

अनुराग शर्मा जी कवितायें भी लिखते हैं यहॉं ग्‍वालियर टाइम्‍स पर हम उनकी लिखी हुयी कविता दे रहे हैं जिससे आप उनके इस पहलू से भी वाकिफ हो सकें ! उनकी कविता तथा कुछ लेख आप ग्वालियर टाइम्स पर पढ़ सकेंगे ! तथा भविष्य में सिंडीकेशन के जरिये उनके ताजे अपडेट भी ग्वालियर टाइम्स पर देखने को मिलेंगे !

अनुराग शर्मा जी को पुराने फिल्मी गाने पसन्द हैं , उनके पसन्दीदा गायक जगजीत सिंह व चित्रा सिंह गजल गायक हैं फिल्मी गीत उन्हें यसुदास के और गुलजार के पसन्द हैं ! उन्हें अंग्रेजी फिल्में पसन्द हैं ! पसन्दीदा फिल्मों की उनकी सूची काफी लम्बी है ! अनुराग शर्मा की पसन्दीदा पुस्तकें शरलॉक होम्स, पेरी मेसन की किताबें, और राग दरबारी हैं ! अभी तक उनकी प्रोफाइल करीब 250 बार विजिट की गयी है !  

 

लोक उपयोगी सेवाओं की लोक अदालत हर माह अन्तिम शनिवार को

लोक उपयोगी सेवाओं की लोक अदालत हर माह अन्तिम शनिवार को

शुक्रवार 22 मई वाले प्रकरणों की सुनवाई शनिवार 30 मई को होगी

ग्वालियर 20 मई 09। लोक उपयोगी सेवाओं की लोक अदालत अब हर माह अन्तिम शनिवार को होगी। यह जानकारी जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अरूण प्रधान ने दी है। उन्होंने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार यह व्यवस्था की गई है। पूर्व में लोक उपयोगी सेवाओं की लोक अदालत का आयोजन हर शुक्रवार को किया जाता था। परिवर्तन के फलस्वरूप शुक्रवार 22 मई को नियत प्रकरणों की सुनवाई अब इस माह के अन्तिम शनिवार 30 मई को प्रात: 10.30 बजे से की जायेगी। उन्होंने सम्बन्धित पक्षकारों को 30 मई को लोक उपयोगी सेवाओं की लोक अदालत में उपस्थित होने को कहा है।

      उल्लेखनीय है कि लोक उपयोगी सेवाओं की लोक अदालत में वायु, जल, सड़क, परिवहन सेवा, डाकतार, दूरभाष, सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, जल प्रदाय सेवा, मलवहन/स्वच्छता प्रणाली, चिकित्सा सेवायें, बीमा सहित लोक उपयोगी सेवाओं से सम्बन्धी प्रकरणों का निराकरण किया जाता है।

 

पशुपालक पौष्टिकता बढ़ाने के लिये भूसा/पुआल का यूरिया उपचार करें

पशुपालक पौष्टिकता बढ़ाने के लिये भूसा/पुआल का यूरिया उपचार करें

Article Presented BY : Zonal Public Relations Office , Gwalior – Chambal Zone

ग्वालियर,20 मई 09। पशुओं के स्वास्थ्य व दुग्ध उत्पादन हेतु हरा चारा व पशु आहार एक आदर्श भोजन है किन्तु हरे चारे का वर्ष भर उपलब्ध न होना तथा पशुआहार की अधिक कीमत पशु पालकों के लिए एक समस्या है।

      सामान्यत: धान और गेंहूँ का भूसा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहता है । लेकिन इनमें पोषक तत्व बहुत कम होते हैं । प्रोटीन की मात्रा 4 प्रतिशत से भी कम होती है । भूसे का यूरिया से उपचार करने से उसकी पौष्टिकता बढती है और प्रोटीन की मात्रा उपचारित भूसे में लगभग 9 प्रतिशत हो जाती है। पशु को यूरिया उपचारित चारा खिलाने पर उसको नियमित दिये जाने वाल पशुआहार में 30 प्रतिशत तक की कमी की जा सकती है । उपचार के लिये चार किलो यूरिया को 40 लीटर पानी में (समिति की दूध वाली केन के बराबर) घोलें । एक क्विंटल भूसे को जमीन में इस तरह फैलायें कि परत की मोटाई लगभग 3 से 4 इंच रहे । तैयार किये गये 40 लीटर घोल को इस फैलाये गये भूसे पर हजारे से छिड़कें । फिर भूसे को पैरों से अच्छी तरह चल-चल कर या कूद-कूद कर दबायें । इस दबाये गये भूसे के ऊपर पुन: एक क्विंटल भूसा फैलाएं और पुन:चार किलो यूरिया को 40 लीटर पानी में घोलकर, हजारे से भूसे के ऊपर छिड़काव करें और पहले की तरह इस परत  को भी चल-चल कर या कूद-कूद कर दबायें ।

      इस तरह एक के ऊपर एक सौ-सौ किलो की 10 पर्ते डालते जायें,घोल का छिड़काव करते जायें और दबाते जायें । उपचारित भूसे को प्लास्टिक शीट से ढक दें और उससे जमीन में छूने वाले किनारों पर मिट्टी डाल दें । जिससे बाद में बनने वाली गैस बाहर न निकल सके । प्लास्टिक शीट न मिलने की स्थिति में ढेर के ऊपर थोड़ा सूखा भूसा डालें । उस पर थोड़ी सूखी मिट्टी /पुआल डालकर चिकनी गीली मिट्टी /गोबर से लीप भी सकते हैं । एक बार में कम से कम एक टन (1000 किलो) भूसे का उपचार करना चाहिये । एक टन भूसे के लिए 40 किलो यूरिया और 400 लीटर पानी का आवश्यकता होती है ।

यूरिया को कभी जानवर को सीधे खिलाने का प्रयास नहीं करना चाहिये । यह पशु के लिए जहर हो सकता है । साथ ही भूसे के उपचार के समय यूरिया के तैयार घोल को भी पशुओं से बचाकर रखें ।

उपचार करने के लिए पक्का फर्श अधिक उपयुक्त रहता है । यदि फर्श कच्चा ही हो तो जमीन में भी एक प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है । यह उपचार किसी बंद कमरे में या आंगन के कोने में अधिक सुविधाजनक रहता है ।

फसल की कटाई के समय यदि पशु पालक किसान खेत में या घर में चट्टा (बिटौरा/कूप) बनाकर भूसा रखते हों,तो चट्टा बनाने के समय ही भूसे को उपरोक्त विधि से उपचारित कर सकते हैं। इससे अतिरिक्त श्रम की बचत भी होगी । उपचार किये गये भूसे के ढेर को गर्मी में 21 दिन व सर्दी में 28 दिन बाद ही खोलें । खिलाने से पहले भूसे को लगभग 10 मिनट तक खुली हवा में फैला दें । जिससे उसकी गैस उड़ जाये । शुरूआत में पशु को उपचारित भूसा थोड़ा थोड़ा दें । धीरे-धीरे आदत पड़ने पर पशु इसे चाव से खाने लगता है।

 

आतंकवाद विरोधी दिवस आज

आतंकवाद विरोधी दिवस आज

ग्वालियर 20 मई 09। आतंकवाद राष्ट्रीय हितों के प्रतिकूल है तथा युवकों को आतंकवादी एवं हिंसावादी गतिविधियों से पृथक करने के उद्देश्य से 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जायेगा। इस दिन विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे।

      आतंकवाद विरोधी दिवस को विद्यालयों व महाविद्यालयों और विश्व विद्यालयों में बाद-विवाद चर्चायें आयोजित होंगी। इसी प्रकार आतंकवाद और हिंसा के खतरे के संबंध में परिचर्चा, सेमीनार, व्याख्यान, पोस्टर- पेम्पलेट, समाचार पत्र- पत्रिकाओं, दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से जनजागृति लाने का कार्य किया जायेगा। साथ ही खेलों, फिल्मों की प्रमुख हस्तियों, प्रसिध्द हस्तियों के कार्यक्रम शामिल किये जा सकते हैं। स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक और सांस्कृतिक निकायों के कार्यक्रम सहित शासकीय कार्यालयों में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किये जायेंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम 21 मई को दोपहर पूर्व ग्यारह बजे होगा।

शपथ

       हम भारतवासी अपने देश की अहिंसा एवं सहनशीलता की परंपरा में दृढ़ विश्वास रखते हैं तथा निष्ठापूर्वक शपथ लेते हैं कि हम सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करेंगे। हम मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भावना तथा सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुँचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की भी शपथ लेते हैं।

 

20 mayo

पेयजल समस्या के निराकरण में विलम्ब पर कार्रवाई होगी – कलेक्टर

पेयजल समस्या के निराकरण में विलम्ब पर कार्रवाई होगी कलेक्टर

मुरैना 19 मई 2009/ कलेक्टर श्री एम.के. अग्रवाल ने आज जिले की पेयजल व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को पेयजल समस्या का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए । उन्होने स्पष्ट किया कि पेयजल सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है । अधिकारियों को चाहिए कि वे जिले के सभी क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेंकिसी भी क्षेत्र में कहीं भी पेयजल संकट पाये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूध्द कठोर कार्रवाई की जायेगी । इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय वर्मा, सबलगढ़, जौरा और मुरैना के एस.डी.एम., लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी, तहसीलदार, जनपद सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ उपस्थित थे।

       कलेक्टर ने कहा कि ग्रीष्म काल में कहीं भी पेयजल कासंकट उत्पन्न नहीं होना चाहिए। इसके लिए बंद हैड पंप एवं नल-जल योजनाओं को तत्काल दुरूस्त कराने की कार्रवाई की जाये । पानी की कमी बाले क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर परिवहन के जरिये पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित किया जाये । बैठक में बताया गया कि जिले में स्थापित 12 हजार 733 हैडपम्पों में से 260 पानी की कमी और लाइन गिर जाने के कारण बंद है । जिले में स्थापित 111 नल जल योजनाओं में से विद्युत अवरोध के कारण बंद  46 योजनाओं को चालू कराने के प्रयास किये जा रहे है । इनके लिए विद्युत वितरण कम्पनी को आवश्यक धन राशि भी उपलब्ध कराई जा रही है । अल्प वर्षा की स्थिति में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 180 नलकूपों का खनन व हैण्ड पम्पों की स्थापना , 50 नलकूपों में समर्सीबल पम्पों की स्थापना, तीस बंद नल- जल स्थल जल प्रदाय योजनाओं को पुन: चालू कराना तथा 50 भरे-पटे नलकूपों की सफाई का कार्य प्रस्तावित है ।

       कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि पेयजल समस्या के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाय । समस्या के निराकरण में अनावश्यक विलम्ब वर्दाश्त नहीं किया जायेगा और इसके लिए दोषी अधिकारियों के विरूध्द कठोर कार्रवाई की जावेगी ।

       सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने संबंधित नोडल अधिकारियों को हिदायत की कि वे वितरण दिनाकों में संबंधित उचित मूल्य दूकान पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रह कर अपने समक्ष में खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करायें । चितरण दिनांकों में नोडल अधिकारी की अनुपस्थिति पर कार्रवाई की जायेगी । उन्होंने अनुविभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि वे वितरण व्यवस्था पर सजग व सतर्क निगाह रखें और कहीं भी किसी प्रकार की गडवड़ी पाये जाने पर कार्रवाई प्रस्तावित करें । इस अवसर पर संबंधित अधिकारी उपस्थित थे ।

 

राष्ट्रीय बाल श्री सम्मान के लिये पंजीकरण 30 मई तक

राष्ट्रीय बाल श्री सम्मान के लिये पंजीकरण  30 मई तक

ग्वालियर 19 मई 09। राष्ट्रीय बाल श्री सम्मान 2009 के लिये स्थानीय स्तर पर सृजनात्मक प्रदर्शन कला, सृजनात्मक कला, वैज्ञानिक नवीकरण एवं सृजनात्मक लेखन कला के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर चयन हेतु पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 मई 2009 है। 5 से 16 वर्ष के इच्छुक बच्चे 30 मई 09 तक अपना पंजीकरण जवाहर बाल भवन 129 मयूर नगर ठाटीपुर ग्वालियर में कार्यालयीन समय में आकर करवा सकते हैं। प्रतियोगिता के विषय में विस्तृत जानकारी भी कार्यालय से प्राप्त ही जा सकती है।

 

आकाशवाणी द्वारा संगीत प्रतियोगिता के आवेदन आमंत्रित

आकाशवाणी द्वारा संगीत प्रतियोगिता के आवेदन आमंत्रित 

ग्वालियर,19 मई 09/ प्रति वर्षानुसार आकाशवाणी द्वारा युवा प्रतिभाओं की खोज और उनको प्रोत्साहन देने के लिये अखिल भारतीय आकाशवाणी संगीत प्रतियोगिता 2009 का आयोजन किया जा रहा है । यह प्रतियोगिता दो चरणों में होगी । प्रथम प्रतियोगिता प्रत्येक आकाशवाणी केन्द्र पर आयोजित होगी। अंतिम प्रतियोगिता हिन्दुस्तानी संगीत के लिये दिल्ली तथा कर्नाटक संगीत के लिये चेन्नई में आयोजित की जायेगी ।

      प्रतियोगिता के लिये प्रवेश शुल्क 100 रूपये निर्धारित है, जो केन्द्र निदेशक आकाशवाणी ग्वालियर के पक्ष में मनीआर्डर के द्वारा ही देय होगी । इस प्रतियोगिता में वे सभी प्रतियोगी भाग ले सकेंगे जिनकी आयु 29 जून 2009 को 16 से 24 वर्ष के बीच होगी तथा जो स्थानीय स्वर परीक्षण समिति अथवा स्वर परीक्षण समिति महानिदेशालय द्वारा किसी भी केन्द्र पर अनुमोदित कलाकार नहीं है । प्रतियोगिता विभिन्न  वर्गो में आयोजित होगी । इनमें कंठ संगीत में शास्त्रीय संगीत,उप शास्त्रीय संगीत,सुगम संगीत तथा लोक संगीत,वाद्य संगीत में शास्त्रीय संगीत,सुगम संगीत तथा लोक संगीत,वृन्दागान तथा लोक वाद्य शामिल हैं।

      प्रथम प्रतियोगिता दस अगस्त 09 से 28 अगस्त 09 के मध्य आयोजित की जायेगी। इसमें चयनित प्रतियोगियों की रिकार्डिंग अंतिम प्रतियोगिता हेतु की जायेगी। जिसमें विजेता को पारितोषिक प्रदान किया जायेगा। इच्छुक प्रतियोगी द्वारा प्रतियोगिता के लिये आवेदन पत्र आकाशवाणी ग्वालियर के संगीत अनुभाग से किसी भी कार्य दिवस में प्राप्त किये जा सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे हुये आवेदन पत्र कार्यालय में प्राप्त होने की अंतिम तिथि 12 जून 2009 निर्धारित है। इसके बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार किया जाना संभव नहीं होगा। 

 

19 mayo

लाभकारी है- नीबू वर्गीय फलों की खेती

लाभकारी है- नीबू वर्गीय फलों की खेती

ग्वालियर,18 मई 09। नीबू वर्गीय फलों में माल्टा, मौसम्बी, किन्नू, संतरा, लेमन, कागजी नीबू, ग्रेपफ्रूट, चकोतरा आदि आते हैं । गिर्द क्षेत्र की जलवायु लगभग सभी प्रकार के नीबू वर्गीय फलों की खेती हेतु उत्तम है । परन्तु अभी तक इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा कागजी नीबू,ही लोकप्रिय है एवं अधिकांश क्षेत्रों में इसकी खेती बड़ी आसानी से की जा रही है । माल्टा,मौसम्बी,नारंगी एवं किन्नू के पौधे भी जहाँ पर लगाये गये हैं उनकी वानस्पतिक वृद्वि व फलत अच्छी है । सीडलैस नीबू लगाने की इस क्षेत्र में काफी संभावनायें हैं ।

नीबू वर्गीय फलों की वृद्वि एवं फलत प्रारम्भ में अच्छी होती है । परन्तु समुचित रख-रखाव के अभाव में कुछ समय पश्चात इनकी वृद्वि धीरे-धीरे कम होने लगती है । प्रतिकूल घटकों के प्रभाव से नीबू वर्गीय फलों में हृास के लक्षण जैसे पौधों में पत्तियाँ पीली व छोटी हो जाना,टहनियाँ सूखना,फलों का आकार छोटा होना एवं फलत कम हो जाने से धीरे-धीरे पौधा अनुत्पादक हो जाता है । नीबू वर्गीय फलों के पौधों के ह्रास को रोकने के लिए एवं नये बगीचे लगाने से पहले कुछ जानकारियां रखना नितान्त आवश्यक होता है । मसलन उद्यान लगाने हेतु दोमट एवं बलुआ दोमट भूमि अच्छी रहती है जिसमें उचित जल निकासी हो सके।

भूमि का पी एच. मान 6 से 7.5 के बीच हो। स्वस्थ एवं विश्वसनीय स्त्रोत के पौधे ही रोपे जावें। पौधों को लगाते समय गङ्ढों में 40 ग्राम क्लोरोपाइरीफास दवा एवं 25 किलो सड़ा गोबर खाद/कम्पोस्ट  तथा 100 ग्राम डी.ए.पी.,125 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटास डालें। फिर एक-दो पानी लगाने के बाद 125 ग्राम यूरिया प्रति वर्ष दें । इस मात्रा को पौधों की उम्र के हिसाब से हर साल बढ़ाते रहें । 'जब पौधे की उम्र दस साल हो जाये तब खाद एवं उर्वरक की मात्रा स्थिर कर देना चाहिये । उर्वरक की आधी मात्रा सितम्बर तथा आधी दिसम्बर में देना चाहिये । इसके अलावा दस साल की उम्र के पौधे को लेश तत्व 15 किलो मैग्नीशियम तथा 30 किलो सल्फर का उपयोग करें । साथ ही जिंक,कॉपर,बोसन,कैल्सियम,आयरन आदि सूक्ष्म तत्वों का भी छिड़काव करें ।

समय-समय पर उद्यानों/बगीचों में लगाये पौधों का अवलोकन कर उनके थालों की साफ सफाई एवं निंदाई-गुड़ाई तथा सिंचाई करते रहना चाहिये । जुलाई-अगस्त के महीनों में कागजी नीबू एवं किन्नू के पौधों में केंकर का प्रकोप अधिक होता है । अत: इसकी रोकथाम हेतु 3 ग्राम ब्लीटोक्स प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें तथा स्ट्रेप्टोसायक्लीन दवा का 100-200 ग्राम पी.पी.एम.का घोल का दो-तीन बार 15 दिनों के अन्तर से छिड़काव करें । यदि पौधों की जड़ों एवं तनों पर गौंद निकल आये तो 450 ग्राम कॉपर सल्फेट, 900 ग्राम चूना 9 लीटर पानी में घोलकर प्रभावित जड़ तनों की छाल छील कर लेप कर दें।

साधारणत: पोषक तत्वों की कमी के लक्षण अलग-अलग पहचानना कठिन होता है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए जिंक सल्फेट 2.25 कि.ग्रा.,कॉपर सल्फेट 1.35  कि.ग्रा.,मैग्नीशियम सल्फेट 0.90 कि.ग्रा.,फेरस सल्फेट 0.90कि.ग्रा.,बोरिक अम्ल 0.45 कि.ग्रा.,मैग्नीशियम सल्फेट 0.90 कि.ग्रा.,यूरिया 4.50 कि.ग्रा.,चूना 4.00कि.ग्रा.,पानी 450 लीटर में घोल बनाकर छिड़काव करें। यह घोल एक हेक्टर क्षेत्र के लिए पर्याप्त होगा ।

पुराने उद्यानों का जीर्णोद्वार-ऐसे बगीचे जो देखरेख की कमी के कारण अनुत्पादक हो गये हैं । उनकी अच्छी देखभाल कर आर्थिक दृष्टि से उपयोगी बनाया जा सकता है । दिसम्बर के अन्तिम सप्ताह में पौधों की सूखी टहनियों की कटाई छंटाई करें। थालों की गुड़ाई कर प्रति पेड़ एक किलोग्राम डी.ए.पी.,750 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटास तथा 40-50 किलो ग्राम सड़े हुए गोबर खाद को भली भाँति मिला दें। तत्पश्चात पेड़ों की सिंचाई करें। जनवरी-फरवरी में फूल आने के बाद सिंचाई कम करें। नमी बनाये रखें जब तक फल सेट नहीं हो जाता अप्रैल में 750 ग्राम यूरिया,750 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटास प्रति पेड़ की दर से गुड़ाई कर थालों में मिला दें । 3-5 ग्राम एग्रीमीन नामक दवाई प्रति लीटर पानी में छिड़काव करें । जुलाई-अगस्त में क्लाइटॉम्स या डायथेन जेड-78 दवा 3 ग्राम एक लीटर पानी में तथा यूरिया 1-2 प्रतिशत का घोल एक साथ मिलाकर छिड़काव करें । पुराने अनुत्पादक बगीचे से अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा ।

नीबू वर्गीय फलों की उन्नत ढंग से खेती करने या इससे सम्बंधित समस्या के निराकरण हेतु जिले के उपसंचालक उद्यान एवं सहायक संचालक उद्यान तथा विकास खण्ड स्तर पर उद्यान अधीक्षक एवं ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों से सम्पर्क कर सकते हैं । 

 

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो उपयंत्री निलंबित, पेयजल संबधी समस्याओं के निराकरण के संबंध में बैठक सम्पन्न

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो उपयंत्री निलंबित

पेयजल संबधी समस्याओं के निराकरण के संबंध में बैठक सम्पन्न

ग्वालियर 18 मई 09। पेयजल संबंधी समस्या के निराकरण के लिये आज यहां आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित नहीं होने पर कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो उपयंत्रियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित उपयंत्रियों का प्रभार अन्य को देने के निर्देश उन्होंने विभागीय अधिकारियों को दये हैं।

       कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में आज यहां जिले की पेयजल संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो उपयंत्री अनुपस्थित रहे, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनमें उपयंत्री श्री राजपूत एवं श्री महेश दुबे शामिल हैं। निलंबित उपयंत्रियों का प्रभार अन्य को देने के निर्देश उन्होंने विभागीय अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे प्रत्येक शुक्रवार को बैठक कर उनके क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता की नियमित समीक्षा करें और पेयजल संबंधी प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करायें। इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के उपयंत्रियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक ब्लाक में कार्यरत पेयजल प्रकोष्ठ में नियमित रूप से बैठें। ताकि पेयजल संबंधी समस्याओं का शीघ्र निराकरण हो सके। श्री त्रिपाठी ने हिदायत दी कि हैण्डपंपों के संधारण कार्य के लिये सामग्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग उपलब्ध करायेगा। यह कार्य ग्राम पंचायतों से नहीं कराया जाये।

       नवीन हैण्डपंप खनन के संबंध में कलेक्टर ने निर्देश दिये कि स्वीकृत हैण्डपम्पों का खनन कार्य समय से कराया जाये, ताकि इनका लाभ समय से लोगों को मिल सके। साथ ही अधिक आवश्यकता वाले गांवों में निजी टयूबवेलों को अधिगृहित कर ग्रामीणों को पेयजल मुहैया कराया जाये। इसके लिये संबंधित एस डी एम. को शीघ्र प्रस्ताव भेजे जायें, ताकि वे टयूबवेल के अधिगृहण की कार्रवाई कर सकें। उन्होंने पेयजल के लिये ब्लाक स्तर पर गठित नियंत्रण कक्ष को नियमित चालू रखने के भी निर्देश दिये। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद शर्मा, एस डी एम. श्री आदित्य सिंह तोमर एवं श्री शिवराज सिंह वर्मा, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

18 mayo

दैनिक भास्‍कर में खबर छपते ही नपा ने शहर की पेयजल सप्‍लाई ठप्‍प की

नगरपालिका ने ठप्‍प की शहर की वाटर सप्‍लाई, भीषण गर्मी में दो बूंद पानी के लिये हाहाकार

दैनिक भास्‍कर में खबर छपते ही नपा ने शहर की पेयजल सप्‍लाई ठप्‍प की

मुरैना 18 मई 09, आज देनिक भास्‍कर द्वारा नगर मुरेना के कुछ अंचलों में गंदा पानी सप्‍लाई किये जाने की खबर प्रकाशित किये जाने के बाद मुरैना नगर पालिका ने पूरे मुरैना शहर की पेयजल आपूर्ति ठप्‍प कर दी हे ।

इसमें वे क्षेत्र भी शामिल हें जिनमें नगरपालिका के पृथक से लगाये गये जेट पम्‍पों से सप्‍लाई की जाती हे । गांधी कालोनी में भी पृथक से लगाये गये जेट पंप से पानी सप्‍लाइ्र की जाती है , यह पम्‍प भी आज सुबह से चालू नहीं किया गया है ।

ग्‍वालियर टाइम्‍स ने मुरेना के तकरीबन हर वार्ड में नागरिकों से फोन लगा कर बातचीत की तो पता चला कि पूरे शहर की ही पेय जल आपूर्ति नगरपालिका ने ठप्‍प कर दी है । और सारे शहर में दो बूंद पानी के लिये हाहा कार मच गया है ।

जब नगरपालिका के मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी संदेश गुप्‍ता से हमने बात करना चाही तो किसी भी पत्रकार के पास सी.एम.ओं. का मोबाइल नंबर उपलब्‍ध नहीं था यहॉं तक कि जनसम्‍पर्क कार्यालय के पास भी नगरपालिका सी.एम.ओ. का नंबर उपलब्‍ध नहीं था । कार्यालयीन फोन आउट ऑफ आर्डर आ रहा था ।

समरणीय हे कि जहां भीषण गर्मी से शहर के नागरिक व्‍याकुल हैं वहीं चारों ओर व्‍याप्‍त गंदगी और मच्‍छरों की फौज से पहले ही शहर में त्राहि त्राहि मची हुयी है । सारी नागरिक समस्‍याओं पर कान में तेल डालकर बैठी नगरपालिका ने आज शहर की पेयजल आपूर्ति ठप्‍प कर मुरैना शहर में हड़कम्‍प मचा दिया है । 

 

ग्रामीण पत्रकारिता – समर्पण, मिशन और सामाजिकता-आर.एम.पी.सिंह

ग्रामीण पत्रकारिता समर्पण, मिशन और सामाजिकता

-आर.एम.पी.सिंह  

rmpsingh50@yahoo.com अपर संचालक, जनसम्‍पर्क संचालनालय म.प्र;शासन भोपाल

Article Presented By: Zonal Public Relations Office- Gwalior –Chambal Zone

       ईश्वर ने गांव को बनाया, मनुष्य ने शहर बनाया । गांव में खेत हैं, खलिहान हैं, नदी है, तालाब है,बाग-बगीचा है, पक्षियों का कलरव है, रंभाती गायें हैं, वहां प्रकृति बसती है, भारत माता गांव में ही रहती है । बापू जी ने भी कहा था भारत की आस्था गाँव में रहती है । सुमित्रा नंदन पंत ने कहा - मरकत डिब्बे सा खुला ग्राम।शहर बढ़ते गये गाँव लुटता चला गया। गाँवों में भी अब शहरों की नकल होने लगी । शहर गांव का शोषण करने लगा ।

      भारत की पत्रकारिता - स्वतंत्रता संग्राम की देन है । स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कहीं न कहीं पत्रकारिता से जुड़े थे । वे पत्र निकालते थे, पत्रों में लिखते थे । उनका उध्देश्य था गुलामी की बेड़ी से भारत माता को मुक्त कराना । इस कार्य में वे सफल हुए । इमें आजादी मिली । आजादी के बाद जो ह्रास राजनीति का हुआ, वहीं पत्रकारिता का भी । हम गाँव से आये लेकिन गाँव को भूलते चले गये ।

       स्वतंत्रता प्राप्ति तक पत्रकारिता मिशन थी , अब प्रोफेशन हो गई । इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के उद्भव के पश्चात समाचारों में एक विस्फोट आया है । मुझे प्रसन्नता होती है जब छोटी-छोटी खबरें भी इलेक्ट्रॉनिक चैनेल्स पर आती हैं । लेकिन जिस प्रकार ' विलेज जर्नलिज्म' को उभर कर आना चाहिये, नहीं आया है । राजधानी और बड़े शहरों की पत्रकारिता का स्तर बड़े-बड़े राजनीतिज्ञों और सत्ता के गलियारों में बैठे नौकरशाहों के संबंधों के आधार पर मापा जाता है । गाँव की समस्याओं को सुलझाने में क्या मिलने वाला  है । शहर में शान है, शोहरत है, पैसे हैं । लेकिन गाँव में खबरें हैं। मौलिक खबर ।

       भगवान कृष्ण गाँव से जुड़े थे, तत्कालीन समस्याओं के निराकरण में क्रियाशील थे। समाज ने उन्हें भगवान बना दिया । भगवान राम शहर से गांवों में गये । उनका वनवास तत्कालीन 'रूरल जर्नलिज्म' से जुड़ा था । जब वे चलते थे, तो ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की जानकारी लेते थे, उनसे चर्चायें करते थे ।

'' पूछत ग्राम वधु सिय सों सखि सांवर है सो रावर को है ''

और '' समाचार पुरवासिन्ह पाये ।''

उस समय शांति के क्षेत्र में कुछ राक्षसों द्वारा लूट-पाट की जाती थी । जो विरोध करता उसे मौत के घाट उतार दिया जाता था। अत: श्रीराम ने चित्रकूट से प्रस्थान के समय '' पत्रकार वार्ता'' बुलाई थी जिसमें यह घोषणा की थी कि इस धरती को मैं उत्पातियों से मुक्त कर दँगां '' और श्री राम के इस संदेश को ऋषि मुनियों और उनके आश्रम में रह रहे शिष्यों ने इतना प्रचारित प्रसारित किया कि रावण और उसकी लंका तक यह समाचार पहुंच गया कि श्रीराम मनुष्य नहीं, ईश्वर हैं । शारीरिक रूप से रावण को श्रीराम ने परास्त किया, परन्तु मानसिक रूप से उसे तत्कालीन मीडिया ने पराजित कर दिया था । ग्रामीण पत्रकारिता का प्रतिफल था कि जब श्रीराम अयोध्या से चले थे, तो एक मनुष्य थे, लेकिन 14 वर्ष के बाद जब लौटे तो भगवान बन गये थे ।

      यहां मैं दो पत्रकारों की चर्चा करना चाहूंगा। अमेरिका में '' विलेज जर्नलिज्म' के जनक हैं रूडी एवरामसन । वे रूरल रिपोर्टर के रोल मॉडल थे । उन्होंने अमेरिका में ' रूरल जर्नलिज्म संस्थान ' की स्थापना की थी । वे आजीवन इस बात के लिये संघर्ष करते रहे कि रिपोर्टिंग के माध्यम से जनता की सेवा करों । वे आजीवन अपने आप से अनजान बने रहे और ' आत्म महत्व ' को कभी महत्व नहीं दिया । उन्होंने ग्रामीण पत्रकारिता में अमेरिका में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया थ ।

       अपने देश में भी एक पत्रकार 'द हिन्दू ' के श्री पी साईंनाथ हैं जो इस पत्र में ' रूरल एफेयर्स ' के एडिटर हैं । उन्हें  ' ग्रामीण भारत की आवाज ' की संज्ञा दी गई है । सांईनाथ वर्तमान में रूरल रिपोर्टर में अग्रणी हैं । उन्होंने रूरल इंडिया पर 84 रिपोर्ट लिखे । उनकी प्रसिध्द पुस्तक है' ''Every body loves a good Drought''  श्री साईंनाथ आज भी ग्रामीण क्षेत्र की वास्तविकता से सवयं को परिचित कराने के लिये वर्ष में 280 दिन ग्रामीण क्षेत्र में बिताते हैं । उन्हें 2007 में रमन मेगासेसे पुरस्कार से नवाजा गया है  और भी कई पुरस्कार और सम्मान उन्हें मिले हैं । उनका मनना है कि आप जिस स्थान की रिपोर्टिंग करने जाते हैं- वहां के इतिहास, भूगोल, जलवायु आदि का पूरा ज्ञान होना चाहिये ।

क्या देखें -

      ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य रूप से कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रीति-रिवाज, भेद-भाव, गरीबी, कुपोषण, वनों का क्षरण, खनिजों का दोहन आदि समस्यायें रहती हैं । आज के ढ़दृ'द्म कुछ तो अच्छा कर रहे हैं, कुछ ढ़दृ के माध्यम से पैसा कमा रहे हैं। ऐसे संगठनों पर भी आप सबकी दृष्टि रहनी चाहिये । आमजनों की समस्याओं पर ध्यान आकृष्ट करना ग्रामीण पत्रकारिता का उध्देश्य है ।

       मैं अपने विभाग के अधिकारियों से कहना चाहूंगा कि वे भी ग्रामीण क्षेत्रों में जायें। बहुत सी ऐसी बाते हैं जिसे आप लिख तो नहीं सकते , लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के ध्यान में लाई जा सकती हैं । इससे उसके निराकरण के प्रयास होंगे। जन सम्पर्क के लोग जनता से जुड़ें  तो उनके कार्य में और निखार आयेगा । छोटी से छोटी बात उच्च स्तर पर महत्वपूर्ण हो जाती है । आप अपने वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट करते रहें। मीडिया में आने से पूर्व अधिकारियों को मालूम हो जाये ऐसा प्रयास आपके स्तर पर होना चाहिये ।

 

पशुओं को बीमारी से बचाने के लिये पशुपालकों को सलाह

पशुओं को बीमारी से बचाने के लिये पशुपालकों को सलाह

ग्वालियर 17 मई 09। ग्वालियर-चंबल संभाग के पशु पालकों को संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाओं ने पशुओं को मौसमी बीमारियों से बचाने के लिये सलाह दी है। उन्होंने पशुओं के घावों में कीड़े पड़ने, कुत्ता के काटने, सांप काटने, पशु को जूँ तथा किलनी लगने, अफरा या पेट फूलने तथा पशु पालन के लिये ध्यान रखने योग्य सामान्य बातों के बारे में पशु पालकों को सलाह दी है।

पशु टीकाकरण

दुधारू जानवरों को खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू,लंगड़ा बुखार और संक्रामक गर्भपात (ब्रूसेल्लोसिस) जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिये आवश्यक है कि पशुओं को नियमित रूप से टीके लगवाये जायें।

रक्षा ओवैक (खुरपका-मुँहपका) बीमारी के लिये पहला डोज चार माह की उम्र में उसके बाद नौ माह की उम्र में तथा प्रत्येक वर्ष में एक बार दिया जाना चाहिये। रक्षा-एचएस(गलघोंटू) के लिये छ: माह एवं प्रत्येक वर्ष, रक्षा-बीक्यू (लंगड़ा-बुखार) के लिये छ:माह तथा प्रत्येक वर्ष दिया जाना चाहिये। एक से अधिक बीमारियों के संयुक्त टीके में रक्षा एच एस बीक्यू के लिये छ: माह तथा प्रत्येक वर्ष, इसीप्रकार रक्षा बायोवैक के लिये चार माह, नौ माह तथा प्रत्येक वर्ष, रक्षा-ट्रायोवैक के लिये चार माह तथा प्रत्येक वर्ष एवं ब्रूवैक्स (संक्रामक गर्भपात) के लिये 4-8 महीने के उम्र के केवल बछियों को (जीवन में एक बार) दिया जाना चाहिये।

 

       पशुओं का समय पर इलाज न करवाने पर या घाव पुराना होने पर कभी-कभी उनमें कीड़े पड़ जाते हैं। उसे पोटाश (लालदवा) डिटाल या सेवलान के घोल से अच्छी तरह साफ करके थोड़ा तारपीन का तेल लगाना चाहिये। इससे कीड़े मर जाते हैं। बाद में कोई कीटाणुनाशक मलहम जैसे लोरेक्सीन या सल्फानिलामाइड का चूर्ण डालकर पट्टी बांधनीं चाहिये जिससे घाव भर जायें। इसी प्रकार पशु को अगर कुत्ता काट ले तो घाव को तुरन्त काफी देर तक नल के पानी की धार में धोना चाहिये। यदि नल न को तो किसी बर्तन से पानी डालें। नहाने के साबुन (जैसे लाईफ बॉय) को घाव पर लगाकर धीरे-धीरे मलें और फिर धोयें। तत्पश्चात टिंचर आयोडीन लगवायें तथा पास के पशु चिकित्सक से आगे के इलाज के लिये सलाह लें।

       पशु को जिस स्थान पर सांप ने काटा हो, तुरंत ही उसके 3-4 इंच ऊपर पतली डोरी कसकर बांध दें। सांप के काटे हुये स्थान पर ब्लेड से छोटा चीरा लगाकर छोड़ दें जिससे धीरे धीरे खून बहेगा और साथ ही विष भी। ऐसा करने के साथ ही पशु चिकित्सक को तत्काल बुलायें। यदि पशु को जूँ तथा किलनी हो गई है, तो पशु को पोटाश (लालदवा) के पानी से अच्छी तरह नहलायें। प्रभावित स्थान के बाल काटकर वहां कीटनाशक दवा जैसे डीडीटी/गैमक्सेन चूर्ण को खड़िया के चूरे या राख में मिलाकर लगायें। कटे बालों को इधर-उधर न फैंकें, बल्कि जला दें दवा लगाने के पहले पशु को खूब पानी पिलायें जिससे वह कीटनाशक दवा न चाट ले। पशु द्वारा अधिक बरसीम, लूसर्न आदि हरे चारे या अनाज खा लेने से गैस बनती है और पेट फूल जाता है। ऐसे में पानी बिल्कुल न पिलायें और पशु को बैठने न दें। 100 ग्राम काला नमक, 30 ग्राम हींग, 100 मिली लीटर तारपीन का तेल व 500 मिलीलीटर अलसी का तेल मिलाकर पशु को पिलायें और पशु चिकित्सक से सलाह लें।

यदि पशु अस्वस्थ है तो उसके स्वस्थ होने के पश्चात ही बीमारियों के टीके लगायें जाना चाहिये। यदि पशु गर्भावस्था में है तो टीके लगाने में कोई परेशानीं नहीं होती है, किन्तु गर्भावस्था के अन्तिम माह में सामान्यत: टीका नहीं लगवाना चाहिये क्योंकि पशु को पकड़ते समय उसको चोट लग सकती है जिससे उसके बच्चे को खतरा हो सकता है। पशुओं में कई बीमारियों के संयुक्त टीके उपलब्ध हैं जिनको लगवाने से एक ही टीके से कई बीमारियों का बचाव किया जा सकता है जैसे, गलघौंटू, एकटंगिया, खुरपका मुँहपका का संयुक्त टीका उपलब्ध है। पशुओं में दूध उतारने के लिये ऑक्सीटोसिन की सुई लगाने से पशु की आन्तरिक जैविक क्रियाओं में असंतुलन हो जाता है जिससे पशु में गर्भधारण की समस्यायें आ सकती हैं साथ ही ऐसे पशु का कच्चा दूध पीने से मनुष्य को भी हानि हो सकती है। दूध उतारने के लिये बिना चिकित्सक की सलाह के ऑक्सीटोसिन का प्रयोग हानिकारक है।

 

लोकसभा निर्वाचन 2009 : गुना से ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया विजयी घोषित

लोकसभा निर्वाचन 2009 : गुना से ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया विजयी घोषित

ग्वालियर 16 मई 09गुना संसदीय क्षेत्र के निर्वाचन के परिणाम आज घोषित किये गये हैं।

       जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुना संसदीय क्षेत्र के निर्वाचन में जो अभ्यर्थी मैदान में थे, जिन्हें निम्नानुसार मत प्राप्त हुये हैं। कृपया चित्र पर क्लिक करके पूरा परिणाम देंखें