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30 abril

मध्‍यप्रदेश का ताजा मतदान प्रतिशत देंखे

मध्‍यप्रदेश का ताजा मतदान प्रतिशत देंखे

म.प्र. के सभी क्षेत्रों का कृपया ताजा मतदान प्रतिशत देखने हेतु नीचे क्लिक करें

 

म.प्र. मतदान प्रतिशत सभी संसदीय क्षेत्र ( 30 अप्रेल 09)

गुरू- पुष्‍य, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि , तीन प्रबल योगों का संगम आज

गुरू- पुष्‍य, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि , तीन प्रबल योगों का संगम आज

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’

हालांकि अबकी बार लोकसभा के लिये मतदान सभी चरणों में गुरूवार को ही हो रहा है । लेकिन आज 30 अप्रेल को होने जा रहे मतदान में एक खास बात है वह यह कि आज गुरू पुष्‍य, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि जैसे परम सिद्ध प्रबल योग एक साथ मिलेंगे ।

आज श्रीमती सोनिया गांधी, लालकृष्‍ण आडवाणी, नरेन्‍द्र सिंह तोमर, और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया, तथा श्रीमती यशोधरा राजे जैसे दिग्‍गजों की तकदीर ई.वी.एम. में लॉक हो जायेगी ।

अब जन्‍म कुण्‍डली में जिनका गुरू प्रबल होगा या शनि उत्‍तम होगा या अष्‍टक में प्रबल होंगे वे स्‍पटत: बाजी मारेंगे । गुरू शनि की महादशा, अंतरदशा, प्रत्‍यन्‍तर दशा, प्राण या सूक्ष्‍म दशा से गुजर कर अष्‍टक में प्रबल रेखायें लेने वाले प्रचण्‍ड जीत भी पा सकते हैं ।

स्‍मरण कराना चाहूंगा कि यह लोकसभा चुनाव वक्री शनि के अन्‍तर्गत सम्‍पन्‍न हो रहा है, और मजे की बात है कि चुनाव परिणाम घोषित होने तक शनि वक्री रहेंगे यानि 16 मई तक फिर उसके बाद 17 मई को मार्गी हो जायेंगे । परिणाम यह होगा कि जो बिखर गये हैं और गठबंधन टूट गये हैं वे फिर से बन जायेंगे । तथा जो भी परिवर्तन लोगों को अचानक देखने को मिले वह सब यथावत वापसी की ओर अग्रसर होने लगेंगे ।

ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया की जन्‍म कुण्‍डली पर हम पृथक से आलेख देंगे , उनकी यह कुण्‍डली नवम्‍बर- दिसम्‍बर 2007 में हमें ग्‍वालियर महल से भेजी गयी थी , और इसे लाने वाले पण्डितजी को कुछ सुझाव भी हमारे द्वारा दिये गये थे , इसका सुखद परिणाम भी सामने आया । खैर अब इस कुण्‍डली पर एक विस्‍तृत चर्चा एक आलेख के रूप में करेंगे । अखबारों में छप रही या अब तक छपी सिंधिया की कुण्‍डली भिन्‍न है और असल से इतर है ।

 

आज गुरू पुष्‍य रात्रि में लगभग 1 बज कर 55 मिनिट पर प्रारंभ हो चुका है यह योग शुक्रवार 1 मई को रात्रि 12 बज कर 30 मिनिट तक रहेगा , सर्वाथ सिद्धि और अमृत सिद्धि भी इसी समय रात्रि 1 बज कर 55 मिनिट से प्रारंभ हुये हैं और कल शुक्रवार 1 मई को सुबह 5 बज कर 30 मिनिट तक रहेंगे ।

शुक्रवार को पुष्‍य नक्षत्र में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये, यह त्‍याज्‍य है और यह उत्‍पात योग कहलाता है ।       

 

मतदाता निर्भीक होकर मतदान करें : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की मतदाताओं से अपील

मतदाता निर्भीक होकर मतदान करें : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की मतदाताओं से अपील

भोपाल : 29 अप्रैल, 2009

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे.एस. माथुर ने प्रदेश के नागरिकों से निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में गुरूवार 30 अप्रैल को होने वाले मतदान की व्यापक तैयारियाँ हो चुकी हैं। सभी 16 संसदीय क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री माथुर ने कहा है कि नागरिकों को मताधिकार के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए मतदाता फोटो परिचय पत्र (ऐपिक) रखने वाले और इसके बगैर आयोग द्वारा पहचान के लिए निर्धारित 14 वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर मतदान किया जा सकेगा। श्री माथुर ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग चाहता है कि हर वास्तविक मतदाता को मतदान का अधिकार मिले, लेकिन ऐसे मतदाता की आड़ में फर्जी मतदान किसी को नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए खास ऐहतियात और चौकसी के इंतजाम किए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री जे.एस. माथुर ने शराराती, असामाजिक या निहित स्वार्थी तत्वों को आगाह किया है कि वे मतदान के दिन ऐसी कोई हिमाकत नहीं करें जो उनके लिए बड़ी जोखिम बन जाए। ऐसे तत्वों पर सतत और पैनी नज़र रखी जा रही है। उन्होंने चुनाव कार्य में तैनात सरकारी अमले से भी पूरी निष्पक्षता सेर् कत्तव्यों के निर्वहन की अपील की है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रदेश के नागरिकों से चुनाव प्रक्रिया के स्वतंत्र और निष्पक्ष संचालन में सहयोग करने की अपेक्षा की है।

 

मतदान केन्द्रों पर छाया, पानी तथा मतदान दलों को लू से बचाने तथा ओ.आर.एस. पैकेट की व्यवस्था

मतदान केन्द्रों पर छाया, पानी तथा मतदान दलों को लू से बचाने तथा ओ.आर.एस. पैकेट की व्यवस्था

मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश

राजनैतिक दलों को चुनाव बूथ पर छाया की व्यवस्था करने की अनुमति

भोपाल : 28 अप्रैल, 2009

 

मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी कलेक्टरों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि भारत निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप मतदान केन्द्रों पर छाया और पानी की व्यवस्था की जाये। इसके अलावा, अत्यधिक गर्मी को देखते हुये मतदान दलों को लू से बचाव के लिये आवश्यक दवायें, ओ.आर.एस. के पैकेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाये। यह भी कहा गया है कि मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को मतदान दलों के रवाना होने के पूर्व यह सभी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिये जायें। राज्य शासन से भी इस संबंध में आवश्यक प्रबंध करने की अपेक्षा की गई है।

निर्देश में यह भी कहा गया है कि मतदान कर्मियों के स्वास्थ्य सुविधा की दृष्टि से जितनी एम्बुलेन्स जिलों में उपलब्ध हो उनको आवश्यक उपकरणों और चिकित्सा दलों के साथ किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिये तत्पर रखा जाये।

मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी कलेक्टरों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि अत्यधिक गर्मी को देखते हुये मतदान के दिन मतदान केन्द्र से 200 मीटर की दूरी पर अभ्यार्थियों#राजनैतिक दलों को चुनाव बूथ पर छाया करने की अनुमति दी जाये।

ऐसे भवन जहां पर एक ही मतदान केन्द्र हैं, वहां अभ्यार्थी#राजनैतिक दलों को 20 मीटर के बाहर बूथ पर अधिकतम 8x8 वर्ग फीट साइज का टेन्ट लगाने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे भवन जहां पर एक से अधिक मतदान केन्द्र स्थित हैं, वहां मतदान केन्द्र की 200 मीटर की दूरी के बाहर यदि एक ही टेन्ट लगाना चाहते हैं तो ऐसी स्थिति में टेन्ट का अधिकतम आकार 12x12 वर्ग फीट ही होगा।

निर्देश में यह सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है कि टेन्ट में अनावश्यक रूप से भीड़ न हो। इन निर्देशों से सभी प्रेक्षकों, माइक्रो आब्जवर्स, सेक्टर मजिस्ट्रेट, पीठासीन अधिकारियों तथा जोनल अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। जिला स्तर के सभी अभ्यार्थियों तथा राजनैतिक दलों को भी इस निर्देश की जानकारी दी गई है।

 

दूसरे चरण के 16 संसदीय क्षेत्रों में 25,986 मतदान केन्द्रों पर डलेंगे वोट

दूसरे चरण के 16 संसदीय क्षेत्रों में 25,986 मतदान केन्द्रों पर डलेंगे वोट

पोलिंग बूथों पर हुई तैयारियां, आज पहुंचेंगे मतदान दल

भोपाल : 28 अप्रैल, 2009

मध्यप्रदेश में लोकसभा निर्वाचन के दूसरे चरण में 16 संसदीय क्षेत्रों में स्थापित 25 हजार 986 मतदान केन्द्रों पर 30 अप्रैल को वोट डाले जायेंगे। इनमें 25 हजार 633 मुख्य मतदान केन्द्र और 353 सहायक मतदान केन्द्र भी शामिल हैं। सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान के लिये तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। निर्धारित मतदान केन्द्रों पर मतदान दल एक दिन पूर्व 29 अप्रैल को पहुंचेंगे। दुर्गम स्थलों पर जिला निर्वाचन अधिकारी की अनुमति से मतदान दल एक दिन पूर्व पहुंच चुके हैं।

द्वितीय चरण के मतदान केन्द्र

क्र.

 

संसदीय क्षेत्र

 

मतदान केन्द्र

 

1.

 

मुरैना

 

1529

 

2.

 

भिण्ड

 

1659

 

3.

 

ग्वालियर

 

1651

 

4.

 

गुना

 

1620

 

5.

 

सागर

 

1515

 

6.

 

टीकमगढ़

 

1461

 

7.

 

दमोह

 

1708

 

8.

 

राजगढ़

 

1739

 

9.

 

देवास

 

1762

 

10.

 

उज्जैन

 

1583

 

11.

 

मंदसौर

 

1720

 

12.

 

रतलाम

 

1531

 

13.

 

धार

 

1384

 

14.

 

इंदौर

 

1834

 

15.

 

खरगौन

 

1541

 

16.

 

खण्डवा

 

1749

 

कुल मतदान केन्द्र

 

25,986

 

द्वितीय चरण के मतदान के लिये सबसे अधिक 1834 मतदान केन्द्र इन्दौर संसदीय क्षेत्र में तथा सबसे कम 1384 धार संसदीय क्षेत्र में हैं। इसके अलावा मुरैना संसदीय क्षेत्र में 1529, भिण्ड में 1659, ग्वालियर में 1651, गुना में 1620, सागर में 1515, टीकमगढ़ में 1461, दमोह में 1708, राजगढ़ में 1739, देवास में 1762, उज्जैन में 1583, मंदसौर में 1720, रतलाम में 1531, खरगौन में 1541 और खण्डवा संसदीय क्षेत्र में 1749 मतदान केन्द्र स्थापित किये गये हैं।

संसदीय क्षेत्रों में मुख्य मतदान केन्द्रों के अलावा सहायक मतदान केन्द्र भी स्थापित किये गये हैं। इनमें मुरैना संसदीय क्षेत्र में 10, ग्वालियर में 113, गुना में 6, सागर में 11, दमोह में 9, राजगढ़ में 3, देवास में 11, उज्जैन में 46, मंदसौर में 7, रतलाम में 11, धार में 7, इंदौर में 101, खरगौन में 15 और खण्डवा संसदीय क्षेत्र में 3 सहायक मतदान केन्द्र बनाये गये हैं।

भिण्ड, खण्डवा और मंदसौर संसदीय क्षेत्र के मेहगांव, बुरहानपुर और सुवासरा विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां सबसे अधिक 261-261 मतदान केन्द्र स्थापित किये गये हैं। धार संसदीय क्षेत्र का गंधवानी विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 142 मतदान केन्द्र हैं।

 

29 abril

म.प्र. जनसम्‍पर्क विभाग का पोर्टल बन्‍द , रिन्‍यूअल तो हुआ लेकिन साइट बन्‍द

म.प्र. जनसम्‍पर्क विभाग का पोर्टल बन्‍द , रिन्‍यूअल तो हुआ लेकिन साइट बन्‍द

भोपाल 28 अप्रेल 09, आज अचानक म.प्र. शासन के जनसम्‍पर्क विभाग का पोर्टल बन्‍द हो जाने से समाचार व मीडिया कर्मीयों को खासी दिक्‍कतों का सामना करना पड़ा ।

दर असल इस वेबसाइट का डोमेन 27 अप्रेल 2009 तक के लिये पंजीकृत था । नियमानुसार समयपूर्व इसका रिन्‍यूवल अनिवार्यत: होना था लेकिन शायद लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण या अन्‍य स्‍वतंत्र व अन्‍य सर्वर चयन की अपेक्षाओं के कारण म.प्र. शासन ने इसका रिन्‍यूवल नहीं करवाया होगा ।

हॉंलांकि 28 अप्रेल को रात्रि में सर्वर संचालक द्वारा अपनी ओर से रिन्‍यूवल कर इसे संरक्षित कर लिया है । लेकिन संभवत: अभी म.प्र. शासन को हस्‍तांतरित व प्राधिकृत नहीं दिये हैं । फिलवक्‍त समाचार लिखे जाने तक वेबसाइट सर्वर संचालक द्वारा निर्मित पृष्‍ठ ही दिखा रही थी । यह भी संभव है कि जितनी राशि सर्वर द्वारा डोमेन पंजीयन और रिन्‍यूवल के लिये तथा सर्वर होस्टिंग के लिये वसूली जा रही हो, उसकी तुलना में वेबसाइट को सुविधायें व उपकरणों से सुसज्जित कर अत्‍याधुनिक परिवेश में उच्‍च तकनीकी सुविधायें न देना रहा हो ।

खैर अभी म.प्र. शासन की यह वेबसाइट अत्‍यंत लोकप्रिय वेबसाइट थी और समाचार व मीडिया कर्मियों के लिये प्रमुख समाचार व सूचना संदर्भ स्‍त्रोत थी । तथा प्रतिदिन इसके काफी अधिक हिटस आते थे ।

वेबसाइट का रजिस्‍ट्रेशन रिकार्ड नीचे है । यह वेबसाइट सर्वर आई. पी. 209.44.115.24 जिसका आई.पी. लोकेशन मेगावेलोसिटी न्‍यूयार्क था पर संचालित हो रही थी ।  पिछले 7 साल में इसके 7 बार नेम सर्वर और जिसमें आई.पी. 4 बार और नेमसर्वर रिकार्ड 3 बार बदले गये  । यह सर्वर पहले से ही 67,654 अन्‍य डोमेन से ओवर लोडेड है । नीचे इसका रजिस्‍ट्रेशन रिकार्ड है ।     

 

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28 abril

म.प्र. बोर्ड हायर सेकण्‍ड्री परीक्षा परिणाम घोषित , विदिशा की नेहा और हरदा के महेश रहे प्रदेश में अव्‍वल

मुरैना जिला परीक्षा परिणाम

म.प्र. बोर्ड हायर सेकण्‍ड्री परीक्षा परिणाम घोषित , घटिया मार्किंग से दुखियाये चम्‍बल के छात्र छात्रायें

विदिशा की नेहा और हरदा के महेश रहे प्रदेश में अव्‍वल

भोपाल 28 अप्रेल 09, म.प्र. माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल ने आज हायरसेकण्‍ड्री के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिये । इस बार के परिणाम की खासियत यह रही कि चम्‍बल के बच्‍चों के साथ घटिया मार्किंग से सारे बच्‍चे दुखी नजर आये । अच्‍छे प्रतिशतांको की उम्‍मीद संजोये बैठे छात्र छात्राओं को उनके स्‍वमूल्‍यांकन व अपेक्षाओं से कम अंक प्राप्‍त हुये, वही कई प्रतिभाशाली छात्र छात्रायें अबकी बार बाउण्‍ड्री पर नजर आये तो वहीं हैरतअंगेज ढंग से कई अनुत्‍तीर्ण भी घोषित हो गये ।

परीक्षा परिणाम की संदिग्‍धता को लेकर उंगलियां उठ गयीं हैं ।

ग्‍वालियर चम्‍बल अंचल में शिवपुरी शांति निकेतन विद्यालय की की रोहणी नामदेव ने कृषि संकाय में 438 अंक पा कर पहला स्‍थान प्राप्‍त किया है । वहीं इसी शांति निकेतन विद्यालय की पूजा ओझा ने 436 अंक पा कर कृषि संकाय में ही दूसरा स्‍थान पाया हे । मुरेना की कुमारी कल्‍पना सिकरवार नं श्री कृष्‍ण उ.मा.वि. कैलारस से छात्रा रह कर गृह विज्ञान संकाय में 431 अंक पा कर दूसरा स्‍थान पाया है । शा. कन्‍या उ.मावि; लहार भिण्‍ड की पूजा श्रीवास्‍तव ने 433 अंक पाकर गृह विज्ञान संकाय में पहला स्‍थान पाया हे ।  हंमा कान्‍वेन्‍ट उ.मा.वि. ग्‍वालियर  की कु. अर्पणा शर्मा ने 462 अंक पा कर विज्ञान संकाय में दसवां स्‍थान पाया है । मध्‍यप्रदेश में सरस्‍वती शिशु मन्दिर तलैया विदिशा की छात्रा कु. नेहा जैन ने समूचे प्रदेश में सर्वाधिक अंक प्राप्‍त कर प्रदेश की मेरिट सूची में प्रथम स्‍थान पाया है । दूसरे स्‍थान पर हरदा के सरस्‍वती शिशु मन्दिर का छात्र महेश कुमार राजपूत रहा ळे जिसने 475 अंक पायें हैं । मेरिट सूची में कुल 40 छात्र छात्रायें शामिल हैं ।   

नीचे क्लिक कर के विस्‍तृत परिणाम देख सकते हैं ।

मुरैना जिला परीक्षा परिणाम                म.प्र. की सांख्यिकी एक नजर में

भिण्‍ड जिला परीक्षा परिणाम

 

 

Anuppur

Ashoknagar

Balaghat

Barwani

Betul

Bhind

Bhopal

Burhanpur

Chhatarpur

Chhindwara

Damoh

Datia

Dewas

Dhar

Dindori

Guna

Gwalior

Harda

Hoshangabad

Indore

Jabalpur

Jhabua

Katni

Khandwa

Khargone

Mandla

Mandsaur

Morena

Narsinghpur

Neemuch

Panna

Raisen

Rajgarh

Ratlam

Rewa

Sagar

Satna

Sehore

Seoni

 

Shahdol

Shajapur

Sheopur

Shivpuri

Sidhi

Tikamgarh

Ujjain

Umaria

Vidisha

 

 

हायर सेकण्डरी परीक्षा परिणाम 28 अप्रैल को

हायर सेकण्डरी परीक्षा परिणाम 28 अप्रैल को

भोपाल। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आयोजित हायर सेकण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट और 10 प्लस 2 परीक्षा का परिणाम 28 अप्रेल को यहां घोषित किया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सुधीर चतुर्वेदी 28 अप्रैल को दोपहर एक बजे परीक्षा परिणाम घोषित करेंगे। 02 मार्च से प्रारंभ हुई हायर सेकण्डरी की परीक्षा 08 अप्रेल को समाप्त हुई थी।

पहली बार मंडल द्वारा लगभग 3,70,000 छात्र छात्राओं का परीक्षा परिणाम अप्रैल माह में घोषित किया जा रहा है। परीक्षा परिणाम वेबसाइट पर देखा जा सकेगा।

 

भाजपा प्रत्‍याशी के पोस्‍टर बैनर फाड़े, स्टिकर उखाड़े, निदर्लीय ने चिपकाये अपने स्टिकर, आयोग को हुयी शिकायत

भाजपा प्रत्‍याशी के पोस्‍टर बैनर फाड़े, स्टिकर उखाड़े, निदर्लीय ने चिपकाये अपने स्टिकर, आयोग को हुयी शिकायत

मुरैना 27 अप्रेल 09, आज सायं बिजली कटौती के दौरान एक निर्दलीय प्रत्‍याशी भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष एवं मुरैना संसदीय क्षेत्र के प्रत्‍याशी नरेन्‍द्र सिंह तोमर के पोस्‍टर बैनर और स्टिकर फाड़ उखाड़ का अपने साथ ले गया और अपने स्टिकर जबरदस्‍ती लोगों के घरों पर चिपका गया ।

घटना शहर मुरैना के गांधी कालोनी और गोपालपुरा क्षेत्र में घटित हुयी (ग्‍वालियर टाइम्‍स ने साक्ष्‍य एकत्रित किये हैं) निर्दलीय प्रत्‍याशी द्वारा बिजली कटौती के दौरान इस प्रकार पोस्‍टर बैनर स्टिकर फाड़ने और उखाड़ कर ले जाने तथा बिना अनुमति जबरदस्‍ती अपने स्‍टकर चिपकाने से स्‍थानीय नागरिकों में भारी रोष है । उल्‍लेखनीय है कि कई पार्टी प्रत्‍याशीयों द्वारा भी बिना अनुमति जबरदस्‍ती अपने पोस्‍टर बैनर और स्टिकर लोगों के घरों पर चस्‍पा किये जा रहे हैं ।

गांधी कालोनी वासीयों ने अपनी शिकायत निर्वाचन आयोग को भेज दी है ।

26 abril

शनि अमावस्या पर शनि मन्दिर में बड़ी संख्या में श्रध्दालुओं ने शनि देव के दर्शन किये

शनि अमावस्या पर शनि मन्दिर में बड़ी संख्या में श्रध्दालुओं ने शनि देव के दर्शन किये

सुविधा की दृष्टि से प्रशासन की व्यवस्था चाक चौबन्द

ग्वालियर 25 अप्रैल 09। शनि अमावस्या शनिवार के दिन होने से इसका विशेष महत्व है। इस दिन शनि महाराज का तेल से अभिषेक फलदायी होता है। मुरैना जिले के ग्राम एेंती में स्थित देश के प्राचीन शनि मन्दिर में आज शनिदेव के लोगों ने दर्शन किये। इस मन्दिर में दर्शनों के लिये उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि भक्तों की मनोकामना, सिध्दि एवं उन्हें सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।

       ग्वालियर जिला मुख्यालय से लगभग 17 किलोमीटर दूर मुरैना जिले के एेंती ग्राम में स्थित शनि मन्दिर में बड़ी संख्या में श्रृध्दालुओं ने शनिदेव के दर्शन किये तथा प्रतिमा की प्रतिकृति पर तेल चढ़ाया। पूरा शनिचरा पर्वत सिध्दस्थल होने से श्रृध्दालुओं ने मुण्डन करवाया एवं शनिदेव का दर्शन लाभ लिया। दर्शन के बाद लोगों ने अपने पुराने वस्त्र, जूते एवं चप्पल का त्याग किया, जो यत्र तत्र विखरे पड़े थे। शनिदेव के दर्शन का सिलसिला कल रात्रि से प्रारंभ हुआ जो आज शाम तक निरन्तर चला। इस सिध्द स्थान पर दर्शन लाभ लेने के लिये आसपास के जिलों के अलावा राजस्थान, हरियाणा, उत्तरप्रदेश एवं देश के विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रृध्दालु आते हैं।

ज्योतिष एवं धर्मग्रन्थों के अनुसार ....

शनिदेव सूर्य की द्वितीय पत्नी छाया के पुत्र हैं । ज्योतिष की अवधारणा के अनुसार शनि एक राशि पर तीस माह तक भ्रमण करते हैं । शनि भगवान शंकर के शिष्य हैं । भैंसा शनि का वाहन है । कहते हैं कि हनुमान जी ने घायल शनि के जख्मों पर तिल्ली तथा सरसों के तेल के फोहे रखे जिससे उन्हें आराम मिला । तभी से शनिवार को शनिदेव के तैलाभिषेक की परम्परा प्रारंभ हुई ।

       ज्योतिषविद्ों का मानना है कि शनि न तो पीड़ादायक ग्रह और न ही भयभीत करने वाला। शनि वस्तुत: भक्तों को सौम्यता, शालीनता , न्याय प्रियता और अध्यात्मपरक मानसिकता का दाता है । शनि मकर और कुम्भ राशि का स्वामी है । मिथुन , कन्या, तुला और वृष राशियां इसकी मित्र हैं । गृहों में बुध और शुक्र शनि के मित्र गृह माने जाते हैं । शनि को नीलम, लोहा, काली उड़द, काले तिल, नमक, शीशम , काले रंग की वस्तुएं, तेल, नाग व भैंस आदि का स्वामी भी माना जाता है । शनि कल कारखानों व मशीनरी आदि सहित रहस्य विद्या और सफलता का द्योतक भी माना जाता है। 

 

खगोलविदों के अनुसार...

खगोलविदों के अनुसार शनि सौर मण्डल का सबसे सुन्दर और मनोरम पिण्ड है। शनि के चारों तरफ नीले वलय घूमते रहते हैं। पृथ्वी से 700 गुना विशाल गृह व 75 गुना भारी शनि मन्दगति से सूर्य की परिक्रमा करता है। एक शनि वर्ष पृथ्वी के 25 हजार दिन जितना लम्बा होता है।

 

 

      जनश्रुति एवं महन्त शिवराम दास त्यागी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शनि पर्वत क्षेत्र मे विश्व प्रसिध्द शनिदेव महाराज का मन्दिर अति प्राचीन काल से स्थापित है। इसकी स्थापना त्रेताकालीन मानी जाती है। किवदंतियों के अनुसार सृष्टि रचना के समय शनि पर्वत की भी रचना हो चुकी थी। संवत 1734 में शनि की शिला अहमदनगर गई थी, जहां अनंतगंगा में प्रवाहित कर दिया गया, जिसे शिंगणापुर कहते हैं। महंत शिवराम दास त्यागी बताते है कि शनि मंदिर की देखरेख का जिम्मा अनेक तत्कालीन शासकों का रहा। इनमें कुंतलपुर नरेश, कछवाहा, तोमर, गोहद के राजा हुकुमसिंह, राजस्थान के जाट शासक आदि शामिल हैं। वर्तमान में मॉफी औकाफ के पास मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी है। शनि मंदिर अब भव्य रूप ले चुका है तथा आगे इसे और भी भव्यता प्रदान करने की योजना है।

      शनि के पिता सूर्यदेव व माँ छाया तथा यमराज के बड़े भाई हैं। शरीर विशालकाय एवं श्यामरंग का है, जो शिवजी को अत्यंत प्रिय है। शनि ग्रहों में प्रधान न्यायाधीश माने जाते हैं, जो हाथों में लोहे का बना त्रिशूल, धनुष-वाण लिये हुये एक हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में भक्तों को अभयदान देने वाले है। शनि की बहन-यमुना, गुरू -शिवजी, गोत्र -कश्यप, रूचि -अध्यात्म, कानून, कूटनीति, राजनीति, जन्मस्थान -सौराष्ट्र, स्वभाव- गंभीर, त्यागी, तपस्वी, हठी, क्रोधी, अन्य नाम- कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, सौरी, शनैश्चर, कृष्णमंद, रौद्र, आतंक व यम, प्रिय सखा-कालभैरव, हनुमान जी, बुध, राहु, प्रिय राशि-कुंभ, मकर, अधिपति-रात, कार्यक्षेत्र-धरती का न्यायदाता, प्रियदिन-शनिवार-अमावस, रत्न-नीलम, प्रिय वस्तुयें-काली बस्तुयें, काला कपड़ा, कड़वा तेल, गुड़, उड़द, खट्टा, कसैले पदार्थ एवं प्रिय धातु लोहा व इस्पात है।

      शनि पर्वत पर शनिदेव के दर्शन के लिये आने वाले श्रध्दालुओं को कोई अवुविधा न हो, इसके लिये प्रशासन द्वारा चाक चौबंद व्यवस्थायें की गईं। दर्शन के समय व तेल चढ़ावे के समय अधिक लोग एक साथ इकठ्ठे नहीं होने पायें, इसके लिये लोहे का मजबूत बेरीकेटिंग किया गया है। बेरीकेटिंग में श्रध्दालु फब्बारों से स्नान भी कर सकते हैं। पीने के लिये शीतल पेयजल एवं छाया के लिये जगह-जगह टेंट लगे हुये थे। साथ ही ठहरने के लिये धर्मशालायें भी बनीं है। शनि मेला में आने वालों के लिये स्वयंसेवी संगठनों की ओर से पेयजल एवं प्रसाद की नि:शुल्क व्यवस्था थी। हरियाणा राज्य के सिरसा के स्वयंसेवी संगठन द्वारा श्रध्दालुओं के लिये नि:शुल्क भोजन व्यवस्था की गई थी। मेला स्थल पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नूराबाद के शासकीय चिकित्सक डॉ. एल आर. किसनियाँ के मार्गदर्शन में चिकित्सा दल श्रध्दालुओं के उपचार में सेवारत है। चिकित्सा दल के पास आवश्यक दवायें, एम्बुलेंस एवं चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं। मेला में आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा भी सुलभ है।

       मेला में कानून व्यवस्था की दृष्टि से चाक चौबंद बन्दोवस्त किये गये हैं।  जगह-जगह कार्य पालिक मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधिकारी तैनात है। साथ ही यातायात की दृष्टि से भी बेहतर इन्तजाम किये गये हैं। मेला स्थल पर मुंडन करने वाले नाइयों का पंजीयन कराया जा रहा है तथा प्रसाद की दुकानें व्यवस्थित तरीके से लगाई गई हैं।

 



कांग्रेस की जीत खोलेगी विकास के नए रास्ते, अशोक सिंह के समर्थन में पूर्वमंत्री अजय सिंह राहुल भैया ने ली भीड़ भरी सभाएं

कांग्रेस की जीत खोलेगी विकास के नए रास्ते, अशोक सिंह के समर्थन में पूर्वमंत्री अजय सिंह राहुल भैया ने ली भीड़ भरी सभाएं

ग्वालियर 25 अप्रैल । म. प्र. कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मंत्री अजय सिंह (राहुल भैया) ने आज ग्वालियर संसदीय क्षेत्र के करैरा सहित विभिन्न स्थानो पर कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह के समर्थन में भीड़ भरी चुनाव सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने पिछले पांच साल के कार्यकाल में समाज के विभिन्न क्षेत्रो के विकास के लिए जो महत्वपूर्ण याेंजनाएं क्रियान्वित की, उनके सही ढ़ंग से अमल एवं विकास का सिलसिला अनवरत बनाएं रखने के लिए आवश्यक है कि हम सब कांग्रेस को भारी मतो से विजयी बनाएं ।

          पूर्व मंत्री अजय सिंह ने ग्रामीणो को केंद्र सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछलें पांच साल में देश के विभिन्न क्षेत्रो में जो चहुंमुखी विकास हुआ है, वह मिसाल बन गया है । अजय सिंह ने भाजपा पर प्रदेश को विकास के मामले में पीछे धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह एनडीए सरकार के कार्यकाल में समूचा देश विकास के मामले में पीछे हो गया था, ठीक उसी प्रकार पांच साल के भाजपा सरकार के कार्यकाल में म. प्र. की अवनति हुई है । उन्होने कहा कि प्रदेश के भाजपा नेता संपन्न और शक्तिशाली हुए है जबकि गरीब और ज्यादा गरीब हुआ है ।

                  श्री अजय सिंह ने ग्वालियर वासियों का आव्हान किया कि वे अपने क्षेत्र को विकास के मामले में अव्वल बनाने, वंचित, कमजोर , अल्पसंख्यक वर्ग को भयमुक्त उत्साहपूर्ण माहौल सुलभ कराने एवं केंद्रीय योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदो तक सुलभतापूर्वक ढंग से सुलभ कराने के लिए कांग्रेस के जुझारू, कर्मठ, लोकप्रिय  एवं जनसेवी प्रत्याशी अशोक सिह को भारी मतो से जिताकर लोकसभा में पहुंचाएं । करैरा एवं दर्पण कालोनी मे पहुंचने पर अशोक सिह का स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने पुष्पाहार पहनाकर भव्य स्वागत किया । 

 

 

24 abril

भिण्‍ड- मुरैना तेज हुआ घमासान, राजनीतिक सुपर स्‍टारों का मेला और जमीनी युद्ध का बिगुल बजा

भिण्‍ड- मुरैना तेज हुआ घमासान, राजनीतिक सुपर स्‍टारों का मेला और जमीनी युद्ध का बिगुल बजा

चुनाव चर्चा-4

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’

भिण्‍ड सीट पर क्‍लीयर कट कांग्रेस की विजय और खतरे में भाजपा की खबरों से भाजपाई रणखेमे की नींद अचानक उड़ गयी है । लम्‍बे अर्से से भाजपा के गढ़ रहे भिण्‍ड और मुरैना में जहॉं अबकी बार मुरैना वापस क्‍लीयर कट भाजपा को प्रचण्‍ड वोटों के साथ मिलने और कांग्रेस को इसी तरह भिण्‍ड की सीट जाने और प्रचण्‍ड जीत दर्ज कराने की खबरें निसंदेह भाजपा के लिये चिन्‍ता जनक है मगर ऐसा हो रहा है और किया भी क्‍या जा सकता है ।

भिण्‍ड में भाजपा के ढेर होने जा रहे गढ़ के पीछे या कांग्रेस के जीतने के पीछे की वजह महज मात्र प्रत्‍याशी आधारित चुनाव हो जाना है । न तो भिण्‍ड में और न मुरैना में ही पार्टीयों के नाम की बकत इस समय है और न पार्टीयों के नाम का कोई असर ही अबकी बार के चुनाव पर ही है ।

डॉ भागीरथ भिण्‍ड के लोगों की निजी पसन्‍द हैं, इसे भाजपा दरकिनार नहीं कर सकती । भागीरथ कोई आजकल से नहीं बल्कि कई वर्षों से भिण्‍ड के लोगों की जुबान पर चढ़े हुये हैं, भिण्‍ड वाले गाहे बगाहे डॉ. भागीरथ के नाम पर गर्व करते आये हैं । जबकि भाजपा प्रत्‍याशी अशोक अर्गल भिण्‍ड की जनता के लिये नये व अपरिचित चेहरे हैं । डॉं भागीरथ अगर भिण्‍ड से लड़ने गये हैं तो उनके पॉजिटिव पाइण्‍टस भी हैं शायद यही सोच कर डॉ भागीरथ ने भिण्‍ड से लड़ने की इच्‍छा जताई होगी । अशोक अर्गल के पास अभी भिण्‍ड में किसी भी उपलब्धि का बखान करने या श्रेय लेने के लिये भी कुछ नहीं हैं । मुझे लगता है भिण्‍ड में भाजपा के लिये केवल इज्‍जत बचाने की लड़ाई ही शेष बची है ।

राजपूत वोटिंग के लिये मारामारी

भिण्‍ड में चुनाव प्रचार के इस आखरी चरण में राजनीतिक दलों के बीच राजपूत वोटों को हथियाने की जमीनी जंग शुरू हो गयी है । जहॉं भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने भिण्‍ड में ताबड़तोड़ सभायें लेकर आक्रामक हमले तेज कर दिये हैं वहीं भिण्‍ड में कल से राजपूत नेताओं और राजनीतिक सुपर स्‍टारों का मेला लगने जा रहा है । कल जहॉं भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राजनाथ सिंह परेड चौराहे पर सभा को संबोधित करेंगें वहीं, कांग्रेस के राजपूत नेता भी कल से ही भिण्‍ड में आगाज करेंगें कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के म.प्र. के अध्‍यक्ष अजय सिंह ‘’राहुल भैया’’ जहॉं भिण्‍ड के कई गॉंवों में जिसमें बबेड़ी भी शामिल है डॉं भागीरथ के लिये प्रचार करेंगें, उल्‍लेखनीय है कि म;प्र. के पूर्व मुख्‍यमंत्री और वर्तमान केन्‍द्रीय मंत्री अर्जुन सिंह का चम्‍बल के भिण्‍ड और मुरैना क्षेत्र के लोगों में काफी सम्‍मान और प्रभाव है, अजय सिंह राहुल भैया भी अपने मंत्री काल में भिण्‍ड और मुरैना में अपनी विशिष्‍ट छाप छोड़ कर अंचल के नौजवानों में खासा प्रभाव और आकर्षण रखते हैं । निसंदेह राजपूत वोटिंग ही नहीं बल्कि अन्‍य जातियों व समाजों की वोटिंग भी राहुल भैया के दौरे से काफी प्रभावित होगी । मुझे लगता है कि कांग्रेस को राहुल भैया को भिण्‍ड में लगातार कई कार्यक्रम करवाना चाहिये थे । फायदा कई गुना बढ़ जाता । दिग्विजय सिंह ने भाजपा के इस अभेद्य गढ़ को काफी हद तक भेद दिया है और भाजपा की बुनियादें हिला कर खोखला कर डाला है । राहुल भैया भी इस क्षेत्र में यही काम और भी अधिक सशक्‍त ढंग से कर सकते हैं

भिण्‍ड में राजनाथ सिंह और राहुल भैया के कल के कार्यक्रमों के बाद 26 को प्राइम मिनिस्‍टर इन वेटिंग लालकृष्‍ण आडवाणी तथा उनके ठीक पीछे 27 अप्रेल को कांग्रेस के राहुल गांधी के कार्यक्रम देखने को मिलेंगें । इस बीच दिग्विजय सिंह के कमरतोड़ झटके अभी भिण्‍ड के भाजपाईयों को और झेलने पड़ेंगे । अभी तो हालात ये हैं कि दिग्विजय सिंह का नाम सुनते ही भाजपाईयों को पसीने छूट जाते हैं । फिलवक्‍त दोनों पार्टीयों ने भिण्‍ड कवर करने के लिये राजपूत नेताओं की पूरी फौज झोंक दी हैं और घमासान तकरीबन युद्ध जैसे माहौल में बदल गया है ।

लो भईया भिण्‍ड में लव मैरिज और मुरैना में अरेंज्‍ड मैरिज, गुना ग्‍वालियर में दिल वाले दुल्‍हनियां ले जायेगे

आज दैनिक भास्‍कर ने चुनाव को दूल्‍हा, ई.वी.एम. को दुल्‍हन और मतदान को बारात कहा है, इससे मिलता जुलता किस्‍सा ग्‍वालियर चम्‍बल की चारों सीटों पर भी चल रहा है, इन चारों सीटों की सिचुयेशन कुछ यूं वर्णित की जानी चाहिये कि भिण्‍ड में लव मैरिज (मन पसन्‍द प्रत्‍याशी) , मुरैना में अरेंज्‍ड मैरिज (झेलना पड़ेगा मजबूरी का प्रत्‍याशी) , गुना और ग्‍वालियर में दिल वाले दुल्‍हनियां ले जायेंगे ( आल्‍हा ऊदल की तरह जंग करके दुल्‍हन हासिल की जायेगी) गुना ग्‍वालियर में दूल्‍हों की बारात पहले से ही घूम रही है और मुरैना भिण्‍ड में बारात अभी सज रही है । 

मुरैना आखिर चल ही गयी भेलसा की तोप

भाजपा ने मुरैना में जिस तरह सभी वल्‍नरेबलिटीयों का सूपड़ा साफ किया है, भाई वाकई नरेन्‍द्र सिंह तोमर की दाद देनी ही पड़ेगी । समानता दल के रमाशंकर शर्मा को भाजपा में दल सहित विलय करके अपने खिलाफ लगभग सारी बल्‍नरेबलिटीयों का सूपड़ा साफ कर दिया है । मैं समझता हूं इसका दूरगामी परिणाम भी बहुत लाजवाब होगा । राजनीतिक तौर पर मुरैना में नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने भाजपा की जड़े इतनी पुख्‍ता और गहरी कर दी हैं कि अब यहॉं भाजपा से पार पाना किसी के बूते की बात नहीं होगी । नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने जिस कदर हवा में तलवारें भांजी है उससे सारे राजनतिक आसमान के परिन्‍दे कट कट कर अपने आप उनकी झोली में आ गिरे हैं, यह वाकई हैरत अंगेज है । काबिले तारीफ है, भईया कुछ तो हमारे लिये छोड़ देते ।

वोटिंग वल्‍नरेबलिटी का आखरी धड़ा गूजर वोटों को एक मुश्‍त अपनी झोली में पटकने के लिये आखिर नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने तुरूप का इक्‍का चल ही दिया, एक पूर्व मंत्री के कारण गूजर वोट वल्‍नरेबल हो गये थे और कॉग्रेस की झोली में जाने के लिये बेताब हो उठे थे । उधर कॉंग्रेस प्रत्‍याशी ने मीणवाद का कार्ड खेला इधर भाजपा ने गूजर कार्ड आखिर चल ही दिया, गूजरों के हीरो कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला को आखिर मुरैना बुलवा ही लिया । इसके साथ ही मुरैना गूजर मतों की वल्‍नरेबलिटी पूरी तरह खत्‍म होकर नरेन्‍द्र सिंह तोमर के लिये एकमत हो जायेगी । पिछड़े वर्ग की अन्‍य जातियां पहले से ही राजपूतों की पक्षधर हैं । (यह चम्‍बल और राजपूताने का अनचेन्‍जेबल स्‍वत: संचालन सिस्‍टम है) 

कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला का आगमन निसंदेह कांग्रेस के रामनिवास के लिये अंतिम आस टूटने का स्‍पष्‍ट संकेत है । उल्‍लेखनीय है कि कर्नल बैसला का मुरैना के गूजरों पर अंध प्रभाव है और इस प्रभाव को डाउन करने का कोई तोड़ फिलहाल कांग्रेस के पास नहीं है । कर्नल जहॉं भी कहेंगे, गूजर वहीं जायेंगे । अब कोई भी चिल्‍लाता रहे, गूजर कुछ भी नहीं सुनेंगे । इस गलती की शुरूआत रामनिवास रावत ने मीणा कार्ड खेल कर की । मीणा वोट मुरैना सीट पर जहॉं नाममात्र के हैं वहीं भाजपा के मेहरबान सिंह रावत तथा पूर्व विधायक बूंदीलाल रावत एवं मुरैना के किरार यादवों द्वारा जो तोड़ फोड़ सबलगढ़ विजयपुर क्षेत्र में की जानी है वह भी रामनिवास के लिये खतरनाक है । कर्नल बैसला कल करहधाम पर सबेरे 11 बजे गूजरों की पंचायत लेंगे और नरेन्‍द्र सिंह तोमर के पक्ष में मतदान के लिये गूजरों से अपील करेंगे । इस क्षेत्र में ग्‍वालियर के राजा मान सिंह तोमर की रानी मृगनयनी के वंशज तोंगर गूजरों की भी भारी संख्‍या है जिनका पहले से ही झुकाव तोमरो के प्रति है ।   

करहधाम यूं तो उ.प्र. के सिकरवारों की मिल्कियत है और इस आश्रम का पूरा कण्‍ट्रोल यू.पी. के सिकरवार राजपूतों के पास है लेकिन गूजरों का यह सर्वमान्‍य तीर्थ स्‍थान है और मुरैना में इसका नियंत्रण संचालन और सम्‍पादन पूरी तरह गूजरों के हाथ है, इस आश्रम की विशिष्‍ट मान्‍यता यह है कि करह आश्रम से चला हुक्‍म गूजरों के लिये परामात्‍मा का एकमात्र आदेश है और जिसका उल्‍लंघन कतई नहीं हो सकता ।

दूसरा तीर्थ इसी क्षेत्र शनीचरा मंदिर है, जहॉं शनिदेव की प्रतिमा स्‍थापित है , संयोगवश कल यहॉं भी शनीचरी अमावस का मेला भरेगा । और इस मेले पर भी बैसला को भाजपा ले जा सकती है वहीं कल यह मेला राजनीति का मेला बन सकता है ।

भाजपा के लिये सिर्फ शहरी मुसलमान बल्‍नरेबलिटी शेष है, ग्रामीण मुसलमान तो विशुद्ध तोमर राजपूत हैं जिन्‍हें औरंग जेब ने मुसलमान बना दिया था । अत: ग्रामीण मुसलमान मत स्‍वत: ही भाजपा की ओर मुड़ गये हैं ।   

 

एक वोट से चुनें दो सांसद : श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया

एक वोट से चुनें दो सांसद : श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया

पोहरी एवं नरवर में अशोक सिंह के समर्थन में भीड़ भरी चुनावी सभाओं को कांग्रेस के स्टार प्रचारक का आव्हान, भाजपा पर किए तीखे वार

ग्वालियर 23 अप्रैल । कांग्रेस के स्टार प्रचारक एवं केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्यौगिकी राज्यमंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज शाम ग्वालियर संसदीय क्षेत्र के पोहरी एवं नरवर में कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह के समर्थन में भीड़ भरी जनचुनावी सभाएं लेते हुए कहा कि मतदाताओं के समक्ष इस चुनाव में एक वोट से दो सांसद चुनने का सुअवसर है । सिंधियां ने कहा कि चुनाव में विजयी होने पर अशोक सिंह तो सांसद के रूप में जनता की सेवा के लिए हाजिर रहेंगें ही, स्वंय वे खुद भी क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र के विकास के लिए सतत प्रयत्नशील रहेंगें ।

श्रीमंत सिंधियां ने ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के लोकप्रिय कर्मठ प्रत्याशी अशोक सिंह के समर्थन में धुआंधार प्रचार अभियान की शुरूआत आज शाम पोहरी में विहंगम चुनाव सभा के साथ की । श्रीमंत सिंधिया ने भाजपा पर बरसते हुए कहा कि वह पार्टी अब अपने राजनीतिक स्वार्थो की पूर्ति के लिए धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में कुख्यात हो चुकी है । उन्होने कहा कि जब भी विधायक चुनाव आते है , भाजपा को मंदिर एवं भगवान राम याद आते है, उन्होंने भाजपा पर तीखे कटाक्ष करते हुए कहा कि यह पार्टी मंदिर वहीं बनाएंगे '' की बात तो करती है लेकिन मंदिर बनाने की तारीख कभी नहीं बताती । श्रीमंत सिंधिया ने कहा कि भाजपा ने मंदिर एवं भगवान राम को सिर्फ अपनी सत्ता प्राप्ती का माध्यम मान लिया है । उन्होंने कहा कि जनता अब किसी भुलावे में नहीं फंसेगी एवं भाजपा को आईने में उसकी असली राजनैतिक हैसियत से बाकिफ करायंगी । श्रीमंत सिंधिया ने सर्वप्रथम पोहरी में अशोक सिंह के समर्थन में सभा ली उसके बाद हेलीकॉप्टर से नरवर पहुंचे जहां कई घंटों से चिलचिलाती धूप के वाबजूद प्रतीक्ष कर रहे ग्रामीणों के जनसमूह ने अपने प्रिय नेता का स्वागत किया और हाथ उठाकर कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह को भारी मतों से विजयी बनाने के लिए अपना संकल्प जताया ।

श्रीमंत सिंधिया ने नरवर में कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह के समर्थन में विहंगम् चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने पिछले 5 वर्ष के शासन काल में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विकास की भागीरथी प्रवाहित की है । उन्होंने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही अंचल को विकास देने में सक्षम है और कांग्रेस ने यह करके भी दिखाया है । श्रीमंत सिंधिया ने स्थानीय जनता को सिंधिया राजपरिवार से पुराने भावनात्मक एवं ऐतिहासिक संबंधों का स्मरण कराते हुए कहा कि सिंधिया राजपरिवार का अंचलवासियों से दिल का रिश्ता हैं । जब भी वहां के नागरिकों के हितों पर काई आंच आएगी, वे तथा अशोक सिंह जनहित की रक्षा के लिए संघर्ष की घड़ी में सबसे आगे रहेंगे । श्रीमंत सिंधिया ने अपने उद्बोधन में नरवर एवं पोहरी क्षेत्र में सड़क, तालाब, मोबाइल टावर आदि के विकास के लिए किए गए विभिन्न विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी । श्रीमंत सिंधिया ने मतदाता बंधुओं से क्षेत्र का विकास एवं समृद्वि सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस के लोकप्रिय प्रत्याशी अशोक सिंह को भारी मतों से विजयी बनाने का आव्हान किया ।

पोहरी एवं नरवर में सभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से वे नहीं बल्कि श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव लड़ रहे हैं । उनके पक्ष में दिया गया एक-एक वोट श्रीमंत सिंधिया के हाथ मजबूत करेगा एवं क्षेत्र के चहुंमुखी विकास का पथ सशक्त करेगा । सभाओं में पहुंचने पर श्रीमंत सिंधिया एवं अशोक सिंह का भव्य स्वागत किया गया । नरवर में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष संदीप माहेश्वरी, कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा, जिला पंचायत सदस्य जसवंत जाटव, जनपद सदस्य हाकिमसिंह रावत, मण्डी सदस्य परमाल सिंह गुर्जर, वीरेन्द्र कंषाना, बनारसीदास जैन मगरोनी, प्रदीप गोयल, धर्मा अग्रवाल, कुलदीप पाठक, पूर्व विधायक करनसिंह रावत, विधान सभा प्रत्याशी बाबू रामनरेश जाटव, करैरा के ब्लॉक अध्यक्ष मुन्नी राजा परमार, सतीश चौधरी एवं पोहरी में कांग्रेस नेता रामहेत आदिवासी, सेठ मेवालाल, सुरेश धाकड़ ब्लॉक अध्यक्ष, रामजीलाल धाकड़ आदि ने श्रीमंत सिंधिया एवं अशोक सिंह का भव्य स्वागत किया।

 

खबरों का खुलासा का विमोचन 25 अप्रैल को

खबरों का खुलासा का विमोचन 25 अप्रैल को

ग्वालियर 23 अप्रैल 09। प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार राकेश अचल की नई पुस्तक ''खबरों का खुलासा'' का विमोचन 25 अप्रैल 09 को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री अनूप मिश्रा करेंगे। अचल के 50 वें जन्म दिन पर प्रकाशित इस पुस्तक पर प्रो. प्रकाश दीक्षित कवि श्री प्रदीप चौबे एवं युवा पत्रकार राकेश पाठक अपना वक्तव्य देंगे। इस नितांत अनौपचारिक समारोह का आयोजन रीजेंसी स्क्वायर में सम्पन्न होगा। समारोह में नगर के वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार उपस्थित रहेंगे।

 

23 abril

आग लगाऊ दिग्विजय सिंह की सभाओं में सरकार भेजती है फायर ब्रिगेड

आग लगाऊ दिग्विजय सिंह की सभाओं में सरकार भेजती है फायर ब्रिगेड

चुनाव चर्चा-3

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’

आज के अखबारों में खबर छपी है हालांकि खबर का शीर्षक तो दुखद है लेकिन खबर के भीतर जो खबर है वह काफी हैरत अंगेज है, कम से कम मैं तो इसे पढ़ कर चौंक ही गया । खबर भिण्‍ड जिले के एक गॉंव के बारे में हैं, कल भिण्‍ड जिला में एक गॉंव आग लग गई तकरीबन 20 घर पूरी तरह जल कर खाक हो गये, सरकारी आकलन के मुताबिक 15 लाख का माल मशरूका जल कर भस्‍म हो गया ।

वैसे तो इन गर्मी के दिनों में एक तो विकट गर्मी के कारण हर चीज सूख कर ईंधन बन जाती है ऊपर से गर्म हवा की लपटों से जरा सी चिंगारी भी विकराल रूप धारण कर लेती है । हर साल अकेली चम्‍बल ही गर्मीयों में करीब 1 से 7-8 करोड़ रू का नुकसान आग से झेलती है । कई वजह से आग लगती है, कभी बिजली के शॉर्ट सर्किट से तो कभी सिगरेट बीड़ी के ठूंठ से तो कभी चूल्‍हे या बरोसी से उड़े तिलंगों से । चिंगारी से भड़कने वाली यह आग कभी ज्‍वाला बन जाती है तो कभी समूचे गॉंव या खेत खलिहान को भस्‍म कर डालती है । मैं जब छोटा सा था तब से अब तक यह आग देखता आ रहा हूँ हर साल लगती है और सैकड़ों किसानों ( कई जगह के ग्रामीण तो भूमिहीन होकर केवल पशुपालन या अन्‍य लोगों के खेतों में मजदूरी पर ही आश्रित हैं) व ग्रामीणों का सब अन्‍न दाना , कपड़ा लत्‍ता सब लील जाती है । मुझे लगता था कि मैं कुछ बना तो जरूर गरीब ग्रामीणों की इस समस्‍या के लिये कुछ न कुछ करूंगा । खैर चलो हम तो बन नहीं पाये लेकिन जो लोग बने उन्‍होंने कभी गरीब ग्रामीणों के इस आपत्ति काल व आकस्मिक समस्‍याओं के बारे में कभी नहीं सोचा, उन्‍हें अपनी वी.आई.पी. जिन्‍दगी से नीचे इस आम जिन्‍दगी की ओर झांकने का मौका तक नहीं मिला ।

किसी नेता या पत्रकार के लिये एक गॉंव का आग में स्‍वाहा हो जाना या लाखों करोड़ों का नुकसान हो जाना महज एक समाचार हो सकता है लेकिन एक गरीब किसान या ग्रामीण जो कि साल भर की पूरी मेहनत के साथ अपने पूरे घर गॉंव को जल कर भस्‍म होते देखता है, तो उसकी ऑंखों के ऑंसू थमने का नाम नहीं लेते और चन्‍द पलों के भीतर वह राजा से रंक हो जाता है । और मालिक से मजदूर बन जाता है, साल भर के पेट पालन के लिये न जाने क्‍या क्‍या बेचने और गिरवी धरने पर मजबूर हो जाता है । यहॉं तक कि बहू बेटियों की अस्‍मत भी । किसी नेता या किसी पार्टी ने हर साल गरीब ग्रामीणों पर आने वाली इस तयशुदा विपदा के लिये न कभी डायजास्‍टर मैनेजमेण्‍ट चलाया न इसके लिये कोई राहत कोष ही कभी स्‍थापित किया ।

किसान आयोग बनाने और खेती किसानी को मुनाफे को धन्‍धा बनाने या उद्योग का दर्जा देने की बात करने वाले सब इस मुद्दे से अनजान, बेपरवाह और खामोश है । किसान का घर जलना तो जैसे आम बात है , उफ शर्म शर्म शर्म ....

मुझे लोगों के लॉंक (फसल का ढेर गॉंवों में लॉंक कहा जाता है) के साथ साल, रोजी रोटी और सपनों को जिन्‍दा जलते देखने का अवसर कई बार मिला है । मुझे तकलीफ होती है । हर खबर जैसे मुझे झिंझोड़ देती है ।

आज भिण्‍ड के बारे में खबर अखबारों में आयी तो तकलीफ हुयी, भिण्‍ड से मेरा बहुत पुराना गहरा नाता है, पूरी प्रायमरी तक पढ़ाई लिखाई मुझे भिण्‍ड में ही नसीब हुयी वहीं सन्‍त कुमार लोहिया जैसा आदर्श गुरूओं की शिष्‍यता मुझे प्राप्‍त हुयी उनके आशीर्वाद और वरद हस्‍त ने मुझे ज्ञान और विवेक से परिचित कराया, राकेश पाठक (नई दुनिया के सम्‍पादक) प्रवीर सचान (इसरो के वैज्ञानिक) से लेकर विदेशों में सेवायें दे रहे बड़े बड़े वैज्ञानिक और इंजीनियर भारत की उच्‍च स्‍तरीय सेवाओं में पदस्‍थ कई अनमोल मित्र भी मुझे भिण्‍ड से ही मिले । आगे चल कर ससुराल भी भिण्‍ड ही बन गयी । संयोगवश लोकसभा चुनाव भी मैंने भिण्‍ड से ही लड़ा ।

भिण्‍ड में डॉं रामलखन सिंह (वर्तमान सिटिंग सांसद) के विरूद्ध मुझे लोकसभा का चुनाव लड़ने का मौका किला, उनका भी सांसदी का वह पहला चुनाव था मेरा भी यह पहला अवसर था । फर्क यह था कि वे भाजपा के बैनर पर थे हम पैदल थे । बाद में आगे चलकर डॉ. रामलखन सिंह भी हमारे रिश्‍तेदार बन गये ।

डॉं. रामलखन सिंह के हवाले से अखबारों में छपा है कि गॉंव में आग लगने की खबर उन्‍होंने प्रशासन को दी लेकिन प्रशासन ने कहा कि फायर ब्रिगेड उपलब्‍ध नहीं हैं, भिण्‍ड जिला में म.प्र. के पूर्व मुख्‍यमंत्री औंर कॉंग्रेस के राष्‍ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह की सभायें हो रहीं हैं सो फायर ब्रिगेड दिग्विजय सिंह की सभाओं में गयीं हैं ।

मुझे इस खबर से झन्‍नाटा लगना था सो लगा । दिग्विजय सिंह की सभाओं में फायरब्रिगेड भेजना मुझे कुछ अजीबो गरीब सा लगा । या तो हमारे डॉं. साहब झूठ बोल रहे हैं सरासर झूठ या फिर यह सच है तो हैरत अंगेज है ।

क्‍या दिग्विजय सिंह उमा भारती की तरह फायर ब्राण्‍ड नेता हैं जो आग लगाते फिरते हैं, सो सरकार को उनके संग हर सभा में फायर ब्रिगेड भेजनी पड़ती है ।

खैर भाजपाई सोच सकते हैं सोचो सोचो ...गालिब दिल बहलाने को ख्‍याल अच्‍छा है । यूं सोचो कि दिग्विजय सिंह जहॉं जाते हैं वहीं आग लगा आते हैं, जिसे बुझाने के लिये भाजपाईयों को दिन रात एक करके हफ्तों तक पसीना बहा कर पानी छिड़कना पड़ता है । और राजा हैं कि मानते ही नहीं, छेड़ना, ऊंगली करना, आग लगाना, खिला खिला कर मारना ये सब दिग्विजय सिंह की बहुत पुरानी आदतें हैं । और तो और आदमी एक बार आग लगा कर भाग जाये तो भी बात बने मगर दिक्‍कत ये है कि राजा रोज आ धमकते हैं और हनुमान जी जैसी पूंछ पसार कर कभी यहॉं तो कभी वहॉं आग लगा देते हैं, कहॉं कहॉं बुझायें कैसे कैसे बुझायें वाकई टेंशन है । भाजपा के लिये दिग्यिजय सिंह आग लगाऊ मशीन बन गये हैं । ज‍हॉं जाते हैं वहीं गड़बड़ कर देते हैं ।

लगता है भाजपा ने राजा का तोड़ खोज लिया है, इसलिये दिग्विजय सिंह की हर सभा में फायर ब्रिगेड भेजना शुरू कर दी है । अब भईया किसी गॉंव शहर में कहीं आग लगे तो फायर ब्रिगेड के बजाय राजा दिग्विजय सिंह को फोन लगायें जिससे कम से कम फायर ब्रिगेड तो पहुँच जायेगी । मैं तो कहता हूँ कि फोन डायरेक्‍ट्री में फायर ब्रिगेड का नंबर बदल कर राजा साहब का नंबर छाप देना चाहिये । अब भईया मेरे तो राजा साहब से भी अच्‍छे ताल्‍लुक हैं, उनके साथ काम करने का मौका भी मिला है, कभी मौका मिला तो उन्‍हें चिट्ठी लिखकर अवगत करा दूंगा कि अपना नंबर फायर ब्रिगेड में छपवा दीजिये । वैसे तो इस आलेख को वे इण्‍टरनेट पर वे पढ़ ही लेंगें उनके साथ और भी कई हाईप्रोफाइल पढ़ कर उनका नंबर फायर ब्रिगेड में डलवा ही देंगें ।

सिर उठाने लगा राजस्‍थान का मीणा गूजर मुद्दा

राजस्‍थान के गूजर मीणा संग्राम से लगभग सभी भारतवासी अवगत ही हैं, मुरैना से कांग्रेस प्रत्‍याशी रामनिवास रावत भी जाति से मीणा हैं । आज रावत ने अपनी मदद के लिये राजस्‍थान से नमो नारायण मीणा को बुलवाया हैं । उधर रावत के मीणा वाद से मुरैना के गूजर नेता भड़क गये हैं, गूजर वोटो पर अब तक आस टिकाये रामनिवास के लिये चम्‍बल के गूजर समुदाय से खतरे की घण्‍टी बजने लगी है । और रही सही गूजर वोट की आस भी जाती खिसकती नजर आने लगी है ।

गूजर पहले से ही कांग्रेस द्वारा मीणा (राम निवास रावत) को यहॉं टिकिट देने से खफा चल रहे थे अब खुल कर बोलने भी लगे हैं । हालांकि राजस्‍थान मुद्दे की बात गूजर केवल अपनी जाति समुदाय के बीच करते हैं लेकिन आम जनता में बड़ा अलग ही तर्क दे रहे हैं, उनका तर्क है कि मुरैना सामान्‍य सीट है या आरक्षित, अगर आदिवासी (चम्‍बल के गूजर चम्‍बल के मीणाओं को आदिवासी कहते हैं)  ही वोट देना है तो फिर इस सीट को समान्‍य कराने की जरूरत क्‍या थी ।

मैं गूजरों के ऐसे ओछे तर्कों से सहमत नहीं हूँ भई चम्‍बल में मीणा आदिवासी नहीं बल्कि पिछड़े वर्ग में आते हैं, राजस्‍थान की बात राजस्‍थान तक ही रहने दीजिये, और रामनिवास को भी राजस्‍थान से जातिवादी नेता इम्‍पोर्ट नहीं करना चाहिये थे ।

श्रम राज्यमंत्री श्री वर्मा के टेलीफोन नम्बर बदले

श्रम राज्यमंत्री श्री वर्मा के टेलीफोन नम्बर बदले

भोपाल 22 अप्रैल 09 । राजस्व एवं श्रम राज्यमंत्री, श्री करण सिंह वर्मा के शासकीय निवास के टेलीफोन नम्बर परिवर्तित हो गए है। श्री वर्मा के बी-2, श्यामला हिल्स स्थित निवास पर अब नए दूरभाष क्रमांक 0755-4251476 और 0755-2660607 होंगें। उनके मंत्रालय स्थित कक्ष क्रमांक 537 का दूरभाष क्रमांक 0755-2441016 यथावत रहेगा।

 

श्रमिकों को मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश

श्रमिकों को मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश

भोपाल 22 अप्रैल 09 । लोकसभा चुनाव 2009 में मध्यप्रदेश स्थित सभी स्थापनाओं में कार्यरत सभी श्रेणियों के श्रमिकों के लिये संबंधित क्षेत्र में मतदान के दिन चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सवैतनिक अवकाश रहेगा। श्रमायुक्त इन्दौर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिये है। इस सिलसिले में प्रदेश में स्थित सभी ऐसे प्रतिष्ठानों के नियोक्ताओं को श्रमायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि वे मतदान के दिन अपने श्रमिकों को उनके मताधिकार का उपयोग करने के लिए सवैतनिक अवकाश दें।

 

22 abril

लोकसभा निर्वाचन 09 :चुनावी शोरगुल थमने के बाद मतदान केन्द्र के 200 मीटर के दायरे में चुनावी कार्यालय संचालित नहीं हो सकेंगे

लोकसभा निर्वाचन 09 :चुनावी शोरगुल थमने के बाद मतदान केन्द्र के 200 मीटर के दायरे में चुनावी कार्यालय संचालित नहीं हो सकेंगे

ग्वालियर 18 अप्रैल 09। जिले में लोकसभा निर्वाचन को स्वतंत्र,निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के मकसद से चुनावी कार्यालयों के संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत कोई भी राजनैतिक दल या उम्मीदवार चुनाव प्रचार की समाप्ति के बाद मतदान केन्द्र के 200 मीटर की परिधि के भीतर चुनाव कार्यालय संचालित नहीं कर सकेंगे। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आकाश त्रिपाठी ने निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत इस आशय का प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। ज्ञातव्य हो ग्वालियर संसदीय क्षेत्र में 30 अप्रैल को मतदान होना है। मतदान समाप्ति के 48 घण्टे पूर्व अर्थात 28 अप्रैल को सांयकाल 5 बजे चुनावी शोरगुल थम जायेगा।

       जिला निर्वाचन अधिकारी श्री त्रिपाठी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि राजनैतिक दलों व अभ्यर्थियों द्वारा चुनावी कार्यालय सार्वजनिक या निजी सम्पत्ति पर अतिक्रमण कर नहीं बनाये जा सकेंगे। साथ ही चुनाव कार्यालय धार्मिक स्थान,शैक्षणिक संस्थान व अस्पताल की सीमा से लगे नहीं होने चाहिये। चुनावी कार्यालयों के समीप भीड़ इक्ठ्ठे होने की अनुमति नहीं दी जायेगी। ऐसे चुनाव कार्यालयों पर अधिकत्तम 4


8  वर्गफीट से अधिक का बैनर नहीं लगाया जा सकेगा।

       जिला दण्डाधिकारी श्री त्रिपाठी ने आदेश में साफतौर पर उल्लेख किया है कि इस आदेश का उल्लंघन होने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रावधानों के अन्तर्गत संबंधित के विरूध्द प्रकरण पंजीबध्द किया जायेगा।

 

भाजपा का व्यापारी विरोधी चरित्र उजागर ; दिग्विजय सिंह ने ली व्यापारी वर्ग की बैठक, मांझी समाज सहित विभिन्न वर्गों की बैठकों में अशोक सिंह को जिताने का संकल्प

भाजपा का व्यापारी विरोधी चरित्र उजागर ; दिग्विजय सिंह ने ली व्यापारी वर्ग की बैठक, मांझी समाज सहित विभिन्न वर्गों की बैठकों में अशोक सिंह को जिताने का संकल्प

ग्वालियर, 21 अप्रैल । कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने व्यापारी वर्ग के हितों की रक्षा के प्रति कांग्रेस की प्रतिष्ठा दोहराते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा के पिछले पांच वर्ष के शासनकाल में व्यापारी वर्ग की जितनी उपेक्षा एवं शोषण हुआ उसने भाजपा का व्यापारी विरोधी चेहरा सामने ला दिया है । उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में जहां व्यापारियों को सुरक्षा, संवर्धन एवं विकास के असीमित संसाधन मिले वहीं भाजपा ने व्यापार-व्यवसाय को प्रगति की पटरी से उतार दिया ।

       श्री दिग्विजय सिंह आज संध्या होटल सेंट्रल पार्क में व्यापारी वर्ग की भीड़ भरी बैठक को संबोधित कर रहे थे । बैठक में उपस्थित व्यापारी प्रतिनिधियों ने श्री दिग्विजय सिंह के आव्हान का पुरजोर समर्थन करते हुए तीस अप्रैल को होने वाले मतदान में ग्वालियर संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी श्री अशोक सिंह को भारी मतों से विजयी बनाने का संकल्प लिया । श्री दिग्विजय सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि उनके दस साल के शासनकाल में व्यापारियों से सत्ता पक्ष के किसी भी व्यक्ति द्वारा चंदा मांगने की एक भी घटना नहीं हुई । जबकि भाजपा का प्रदेश में पांच साल का शासनकाल व्यापारियों के उत्पीड़न, चंदाखोरी, नाजायज टैक्सवसूली एवं उन्हें हर वक्त आतंकित करने के नाम रहा । श्री सिंह ने कहा कि भाजपा से बड़ी धोखबाज एंव दोमुंही बात करने वाली दूसरी अन्य पार्टी नहीं है । भाजपा पहले वैट टैक्स लगाने की वकालत करती रही और फिर केन्द्र की सत्ता हटने के बाद यही भाजपा कहने लगी कि वैट नहीं लगना चाहिये । केन्द्र में एनडीए की सरकार में अरूण शौरी के विनिवेश मंत्री रहते वाल्को, सेंटोर होटल एवं मार्डन ब्रेड जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम कोंड़ियों के दाम बेच दिये गए, लेकिन यही भाजपा केन्द्र की सत्ता से बेदखल होते ही विनिवेश की विरोधी होने का ढोंग करने लगी ।

       श्री सिंह ने सभी व्यापारी बंधुओं से कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह को भारी मतों से जिताने का आव्हान किया । इससे पूर्व बैठक को संबोंधित करते हुए मप्र चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष गोविंददास अग्रवाल, व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष कैलाशनारायण गोयल, ऑटो मोबाइल संघ के सचिव के0 जे0 सिंह, ओमप्रकाश जैन ने भाजपा पर तीखे प्रहार किये । दिग्विजय सिंह का स्वागत उक्त वरिष्ठ व्यापारियों के अतिरिक्त जीवाजी क्लब के सचिव सुनील खण्डूजा, चेम्बर के राजू कुकरेजा, उदयवीर सिंह, शैलेन्द्र धाकरे, रोटरी क्लब के गिरीश अग्रवाल, संजय भंसाली, रोटरी अध्यक्ष अशोक जैन, ऑटो मोबाइल्स एसो0 के अशोक शर्मा आदि ने किया । दिग्विजय सिंह ने रात्रि में हजीरा मैदान में एक भीड़ भरी जनसभा भी ली । इससे पूर्व उन्होंने राजा की मण्डी में पार्षद केशव मांझी की उपस्थिति में मांझी समाज की बैठक को भी संबोधित किया । उन्होंने आमखो, हनुमान कालोनी गोला का मंदिर एवं दीनदयाल नगर में भी कार्यकर्ता बैठकें लीं। इन सभी बैठकों में कांग्रेस प्रत्याशी अशोक सिंह ने अपनी प्राथमिकता एवं संकल्प बताए ।

 

21 abril

भिण्‍ड विधायक हत्‍या काण्‍ड – गालिब दिल बहलाने को ख्‍याल अच्‍छा है

भिण्‍ड विधायक हत्‍या काण्‍ड गालिब दिल बहलाने को ख्‍याल अच्‍छा है

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’

चुनाव चर्चा-2

जैसे जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं प्रचार भी अपनी जवानी पर आता जा रहा है । जहॉं तक ग्‍वालियर चम्‍बल की बात है अंचल की चारों सीटों पर परिणाम तकरीबन साफ और परिदृश्‍य एकदम स्‍पष्‍ट दीवार पर लिखी इबारत के मानिन्‍द सुपाठ्य है ।

भिण्‍ड संसदीय सीट पर जहॉं कांग्रेस उम्‍मीदवार डॉ. भागीरथ भारी भरकम विजय परचम फहराने जाते दीख रहे हैं तो वहीं बिल्‍कुल ऐसा ही मुरैना सीट पर विकट जातीय ध्रुवीकरण के चलते भाजपा प्रत्‍याशी नरेन्‍द्र सिंह तोमर भी ऐतिहासिक जीत (रिकार्ड मतों के साथ) अंकित करने जा रहे हैं । मेरे विश्‍लेषण और आकलन के मुताबिक इन दोनों ही सीटों पर चुनाव लगभग एक चक्षीय से हो गये हैं । मुरैना में हालांकि जातीय और सामाजिक माहौल भाजपा प्रत्‍याशी नरेन्‍द्र सिंह तोमर के एकदम खिलाफ था और अंचल के मतदाता तोमर से एकदम खफा थे लेकिन जातीय ध्रुवीकरण (जो कि होना ही था) और एकमात्र दलीय राजपूत प्रत्‍याशी होने का लाभ न केवल नरेन्‍द्र सिंह तोमर को मिलने जा रहा है अपितु मजबूरी में मिले वोट ( लोगों का कहना है क्‍या करें मजबूरी में वोट देना पड़ रहा है ) भी रिकार्ड होंगें तथा यह भी कि इसमें केवल राजपूत वोट ही नहीं बल्कि अन्‍य तकरीबन सभी जातियों के वोट भी नरेन्‍द्र सिंह तोमर को मिलने जा रहे हैं (सभी वोट मजबूरी के वोट हैं) ।

भिण्‍ड में भी ऐसे ही हालात हैं लेकिन एकदम उल्‍टे यानि यहॉं इस संसदीय सीट पर कॉंग्रेस की यही स्थिति है ( यहॉं मजबूरी का वोट नहीं बल्कि मनपसन्‍द प्रत्‍याशी के लिये वोट होगा) । गोहद विधायक स्‍व. माखन लाल जाटव की हत्‍या के बाद डॉ भागीरथ की जीत पुख्‍ता और पुष्‍ट हो गयी है, यह जीत तो हत्‍या से पहले ही लगभग एकदम सुनिश्चित थी । भिण्‍ड सीट पर भाजपा चुनाव प्रचार की शुरूआत से ही प्रभावहीन थी । ऊपर से माखन लाल जाटव की हत्‍या से भाजपा का चुनाव प्रचार एकदम कोमा में पहुँच गया है और भाजपाई डरते दुबकते चुनाव की बात करते हैं । बचे खुचे भाजपा कार्यकर्ता मुरैना और गुना पलायन कर गये हैं ।

अशोक अर्गल (भाजपा प्रत्‍याशी) को जो जिल्‍लत भिण्‍ड में उठानी पड़ रही है वह स्‍वाभाविक ही थी, चम्‍बल की इन दोनों सीटों पर जो भी हो रहा है उसमें किंचित भी कुछ भी विस्‍मयकारी नहीं है ।

गुना ग्‍वालियर में सीधे मुकाबले भाजपा और कांग्रेस के बीच हैं और ग्‍वालियर में मामूली (अधिक भी संभव है)  अन्‍तराल पर कांग्रेस तथा गुना में लम्‍बे अन्‍तराल पर कांग्रेस का विजयी होना लगभग तय माना जा रहा है ।

मुरैना में सीधा मुकाबला भाजपा बसपा के बीच होगा , कांग्रेस और माकपा तीसरे व चौथे स्‍थान के लिये संघर्ष करेंगे । भिण्‍ड में त्रिकोणीय कहिये या एक पक्षीय कहिये कांग्रेस की विजय के साथ भाजपा और बसपा दूसरे व तीसरे स्‍थान के लिये संघर्ष करेंगीं । मुरैना में हालांकि भाजपा प्रत्‍याशी नरेन्‍द्र सिंह तोमर को बड़ी आसानी से हराया जा सकता है लेकिन प्रतिद्वंदी प्रत्‍याशी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे । अव्‍वल तो नरेन्‍द्र सिंह तोमर के कमजोर पक्ष (वीक पाइण्‍टस) से वे पूरी तरह या तो अज्ञान या अनजान हैं या फिर उठा नहीं पा रहे या उठाना नहीं चाह रहे । अन्‍य प्रत्‍याशीयों की तुलना नरेन्‍द्र सिंह तोमर का नकारात्‍मक पक्ष अधिक स्‍पष्‍ट व प्रबल था लेकिन यह नरेन्‍द्र सिंह तोमर का भाग्‍य या मुकद्दर है कि उनकी टक्‍कर में कांग्रेस और बसपा ताकतवर प्रत्‍याशी न देकर कमजोर प्रत्‍याशीयों को लेकर आयीं जो कि चुनाव प्रचार की सामान्‍य और बारीक कैसी भी रणनीति और रीति नीति से सर्वथा नावाकिफ हैं ।

मुरैना 23 करोड़ और विदिशा 37 करोड़ में बिके

मुरैना में हालांकि यह अफवाह भी है कि कांग्रेस ने मुरैना और विदिशा सीट क्रमश: 23 करोड़ और 37 करोड़ रू. में भाजपा को बेची हैं । अब इस अफवाह में कितनी दम है या कितनी सच्‍चाई है यह तो भाजपाई जानें या कांग्रेसी बन्‍धु जानें ।

पार्टीयां बेअसर

भिण्‍ड और मुरैना तथा गुना और ग्‍वालियर चारों सीटों पर राजनीतिक पार्टीयां पूरी तरह बेअसर हो गयीं है इन सीटों पर प्रत्‍याशी की व्‍यक्तिगत छवि और जातीय ध्रुवीकरण एवं सामाजिक समीकरणों पर चुनाव आध्‍धरित हो गये हैं ।  

माखनलाल हत्‍याकाण्‍ड- डेमेज कण्‍ट्रोल बेअसर

भाजपा और पुलिस द्वारा गोहद विधायक माखन लाल जाटव की हत्‍या से बनी स्थिति और हुये डेमेज के कण्‍ट्रोल के लिये खेले गये सर्कस और सीरीयल चुनावी अर्थों में बेअसर हो गये हैं । हत्‍याकाण्‍ड में कांग्रेसी नेताओं को लपेटना लोगों के गले नहीं उतर रहा जबकि हत्‍या की सुपारी के लिये पैसे कहॉं से आये किसने दिये, किसको दिये कब दिये कहॉं दिये जैसे सवाल अभी तक अधर में हैं, पैसे बरामद क्‍यों नहीं हुये, कई सवाल पुलिस की भूमिका और भाजपा नेताओं पर सवालिया निशान लगा रहे हैं । इसमें एक अहम सवाल यह भी है कि जो व्‍यक्ति 32 लाख रू. की सुपारी लेकर हत्‍या कर सकता है, क्‍या वही व्‍यक्ति ज्‍यादा रकम मिलने पर झूठा गुनाह नहीं कबूल कर सकता ( संभव है कि झूठा गुनाह कबूल करने के लिये भी पैसे मिले हों) अभी सवाल कई इस हत्‍याकाण्‍ड पर उठ रहे हैं और पुलिस की भूमिका दिनोंदिन संदिग्‍ध ही होती जा रही है ।