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30 abril

पूरी तरह ध्‍वस्‍त हुआ सूचना का अधिकार कानून, खामियों ने किया कमजोर और प्रभावहीन

पूरी तरह ध्‍वस्‍त हुआ सूचना का अधिकार कानून, खामियों ने किया कमजोर और प्रभावहीन

नरेन्‍द्र सिंह तोमर ‘’आनन्‍द’’

सूचना का अधिकार 2005- एक सिंहावलोकन भाग -7 (वर्ष सन 2005 से जारी आलेख)

  • नहीं मिलती आवेदकों को सूचना, तमाम विसंगतियां और सूराखों से मनमाने होते हैं निराकरण
  • धारा 4 का तीन साल बाद आज तक पालन नहीं किया किसी ने, सरकारी कार्यालयों के अलावा स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं ने बलाए ताक धरा कानून

पिछले अंक से आगे .......

अक्‍टूबर 2005 में जब भारत में सूचना का अधिकार अधिनियम लागू हुआ तो स्‍वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही भ्रष्‍टाचार, अनसुनेपन, मनमानेपन से त्रस्‍त लोगों को इससे काफी उम्‍मीद और आशा की किरणें जागीं, और जैसा कि इस कानून की मंशा को इसी कानून में लिखा गया कि यह पारदर्शिता लाने और भारत को भ्रष्‍टाचारमुक्‍त बनाने का ब्रह्मास्‍त्र साधन हो ।

कानून को सफलतापूर्वक सॅपादित करने हेतु इसके कुछ प्रारंभिक एवं कुछ प्रक्रियात्‍मक उपाय भी इस कानून में निर्धारित किये गये थे । कुल मिला कर कानून को क्रियान्वित व लागू किये जाने के लिये विशिष्‍ट व सकारात्‍मक प्रक्रिया अवधारित की गयी थी । जहॉं यह भारत का पहला ऐसा अधिनियम था जो जनता को सीधे सीधे सूचना प्राप्ति तथा उसके उपयोग किये जाने की केवल स्‍वतंत्रता ही नहीं देता था बल्कि इसके पश्‍चात अन्‍य कानूनी व प्रशासनिक तथा सार्वजनिक उपायों के जरिये हस्‍तक्षेप का पश्‍चातवर्ती अधिकार भी मुहैया कराता था ।

भारत में लम्‍बे अर्से से भ्रष्‍टाचार व अंधेरगर्दी की मलाई मार रहे अफसर इतना अधिक काला पीला नीला हरा किये बैठे हैं कि वे इस कानून के लागू होने के दिनांक 12 अक्‍टूबर 2005 से ही इससे अन्‍दरूनी दुश्‍मनी मान बैठे थे और हर हाल में शुरू से ही ठान कर बैठे थे कि इस कानून की न केवल धज्जियां ही उड़ानी हैं बल्कि इसे पूरी तरह असफल भी करना है । कानून लागू होने के दिन से ही उनका पुरजोर विरोध स्‍वत: ही चालू हो गया था, ठीक बिल्‍कुल उसी तरह जैसे इलेक्ट्रिकल इंजीनियर में लेन्‍ज का नियम होता है या न्‍यूटन का भौतिक शास्‍त्र का तीसरा नियम जिसे प्रतिक्रिया का नियम कहते हैं ।

इन राष्‍ट्र विरोधी तत्‍वों या अफसर वर्ग ने और उनके बाबू वर्गीय चेलों ने शुरू से ही न केवल हरेक को बरगलाना शुरू किया बल्कि अफवाह भी जम कर फैलायीं कि कुछ नहीं यह कानून तो पूरी तरह फेल हो चुका है और जल्‍दी ही इसे वापस लिया जा रहा है, या इसमें संशोधन किया जा रहा है वगैरह वगैरह .... मैंने इस प्रकार की कई अनर्गल बातें स्‍वयं कई जगह सुनीं । मुझे बड़ी कोफ्त होती थी और तकलीफ भी कि कल संभव है इन्‍हें खुद ही इसी कानून का सहारा लेना पड़ जाये और यही जो इस कानून को अवमंदित या भोंथरा करने की कोशिश जी तोड़ कर रहे हैं, खुद ही इसका इस्‍तेमाल करने लायक नहीं रहेंगे ।

इस कानून को ऐन दशहरे के दिन लागू किया गया था सो हिन्‍दू मान्‍यता के अनुसार इस त्‍यौहार के दिन दसों दिशायें चौकस खुलतीं हैं और इस दिन हुआ कार्य प्रत्‍येक दशा में पूर्ण सफल होता ही है ।

मैंने अब तक सूचना का अधिकार सम्‍बन्‍धी करीब डेढ़ दो हजार मामले हैण्‍डल किये और हर मामले का गहराई से अध्‍ययन करने का भी सुअवसर मुझे मिला ।

 

मुझे यह लिखने में कोई संकोच नहीं कि जनता का यह अमोध अस्‍त्र या अचूक हथियार आज न केवल दिशा से भटक कर दिशाहीन हो गया बल्कि इस कानून की शुरूआती ढांचागत खामियां इस अधिनियम के अवलंघन कारीयों के लिये न केवल वरदान सिद्ध हुयीं अपितु इस कानून की मंशा को पूरी तरह खत्‍म कर राष्‍ट्र विरोधी अवलंघनकारीयों की मंशा की गुलाम मात्र बनकर रह गयीं ।

शुरूआत में जब किसी महात्‍वाकांक्षी और दीर्घकालीय प्रभावक कानून की अवधारणा स्‍थापित की जाती है तो उसमें ढांचागत व अनुभवगत प्रक्रियात्‍मक दोषों का होना स्‍वा‍भाविक है किन्‍तु लम्‍बे अनुभव के बाद उन्‍हें निरन्‍तर रखा जाना तो त्रुटि नहीं बल्कि जानबूझ कर किया गया अपराध बन जाती है । इस कानून को स्‍थापित किये जाने और प्रचलन में लाये जाने तक जो विसंगतियां और खामियां थीं, यदि वक्‍त वक्‍त पर उनका सिंहावलोकन कर उन्‍हें ठीक किया जाता रहता तो इतने ताकतवर कानून की यह दुर्दशा और दुर्गति नहीं होती ।

 

अभी हाल ही में शीर्ष न्‍यायालय तक ने इस कमजोर अधिनियम का तीखा उपहास बना दिया, मामले ने एकसी विसंगतियों की स्थिति उत्‍पन्‍न कर दी कि गोया अब अधिनियम नहीं अल्कि अधिनियम से शासित व्‍यक्ति तय करेगा कि अधिनियम उस पर लागू है कि नहीं । खैर इसमें शीर्ष अदालत का अहम्‍मन्‍यतापूर्ण व्‍यवहार रहा हो या अधिनियम की अपने हिसाब से व्‍याख्‍या करने की कवायद, जो भी रहा हो देश में इसका संदेश कतई अच्‍छा नहीं गया । और इस अधिनियम की बची खुची दुर्गति हो गयी सो अलग । ऐसी अपमान जनक परिस्थितियों में जनता का कानून कहे जाने वाले इस अधिनियम को तो वापस ले लिया जायेगा तो बेहतर होगा, कम से कम जनता का झूठा भ्रम या आस तो टूटेंगे ।

 

क्रमश: जारी अगले अंक में ..............

मुरैना में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 1 मई से राधिका पैलेस में

मुरैना में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 1 मई से राधिका पैलेस में

मुरैना 29 अप्रेल 08, जिले के प्रसिद्ध व प्रतिष्ठित उद्योगपति राजपूत घराने एस.के.टी. के तत्‍वाधान में आगामी 1 मई से अमृत कथा श्रीमद्भागवत का ज्ञान यज्ञ आयोजन शहर के विख्‍यात होटल राधिका पैलेस के प्रांगण में होगा ।

एस.के.टी. प्रतिष्‍ठान के संस्‍थापक श्री श्रीकृष्‍ण सिंह तोमर एवं उनकी धर्मपत्‍नी श्रीमती विमलादेवी तोमर द्वारा आयेजित इस परम पुण्‍यदायी कथा के श्रवण व रसपान हेतु सभी ईश्‍वर प्रेमियों तथा धर्म मार्ग गामीयों व आध्‍यात्‍म हेतुकों को सादर सप्रेम आमंत्रित किया है ।

वृन्‍दावन निवासी सुप्रसिद्ध रस सिद्ध व्‍याख्‍याता आचार्य पियूष जी महाराज व्‍यास पीठ पर सुशोभित होकर अपनी मंत्र मुग्‍ध वाणी से भागवत कथा की मन्‍दाकिनी प्रवाहित करेंगे ।

कथा का समय प्रात: 11 बजे से सायं 5 बजे तक रहेगा । और 7 मई तक कथा का प्रवाह चलेगा । इसके पश्‍चात 8 मई को यज्ञ का हवन व भण्‍डारा आयोजत होगा ।

उल्‍लेखनीय है कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्‍ण की अद्भुत व विलक्षण लीलाओं व तोमर राजवंश की अद्भुत कथा है जिसमें पाण्‍डवों के पौत्र राजा परीक्षत को श्रापग्रस्‍त होने पर व्‍यास मुनि द्वारा श्रीमद्भगवत कथा का श्रवण कराया गया था । तोमर राजवंश पाण्‍डवों के ही उत्‍तराधिकारी हैं और राजा परीक्षत के वंशज हैं ।    

 

पंचायत सचिवों को नया वेतनमान और पदनाम

पंचायत सचिवों को नया वेतनमान और पदनाम

प्रदेश के पंचायत सचिव इस वित्त वर्ष से नियमित वेतनमान में वृध्दि के साथ ही महंगाई भत्ते के पात्र भी होंगे। उनका पदनाम पंचायतकर्मी के स्थान पर ग्राम पंचायत सचिव होगा। अब ग्राम पंचायत सचिव, 2200-3700 का वेतनमान 36 प्रतिशत महंगाई भत्ते एवं 250 रूपये प्रतिमाह यात्रा भत्ते के साथ प्राप्त करेंगे। अभी उन्हें 1600 रूपये प्रतिमाह का मानदेय प्राप्त हो रहा था। पंचायत सचिव को 01 अप्रैल 2008 से प्रतिमाह 3242 रूपये की इस राशि के अलावा बीमा योजना का लाभ भी प्राप्त होगा। राज्य सरकार जन स्वास्थ्य रक्षकों और आशा कार्यकर्ताओं की मांगों के निराकरण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा अनुसार आवश्यक कदम उठायेगी।

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने इस आशय की घोषणा आज यहाँ टी.टी. नगर स्थित दशहरा मैदान में मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन द्वारा आयोजित स्वागत महापंचायत में की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान को पंचायत सचिवों के रक्तदान से एकत्र रक्त से तौल कर उनका अभिनंदन किया गया एवं आभार व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न वर्गों की तकलीफें दूर करने के ठोस प्रयास हुए हैं। कर्मी कल्चर को पूरी तरह समाप्त करते हुए विभिन्न श्रेणी के शिक्षकों के बाद अब पंचायत सचिवों के हित में निर्णय लिया गया है। श्री चौहान ने कहा कि बीमा योजना तहत पंचायत सचिवों की प्राकृतिक या अप्राकृतिक मृत्यु की दशा में परिवार की सहायता के लिए एक लाख रूपये की राशि प्रदान की जाएगी। बीते वर्ष में जो 22 पंचायत सचिव असमय दिवंगत हुए थे उनके परिवार को भी यह राशि प्राप्त होगी। श्री चौहान ने पंचायत सचिवों द्वारा रक्तदान के माध्यम से रोगियों की जीवन रक्षा के प्रयास की सराहना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री राघवजी का भी अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान का पुष्पहार, साफा बांधकर एवं सूर्य प्रतिमा भेंटकर सम्मान किया गया।

प्रारंभ में कर्मचारी नेता श्री दिनेश चंद्र शर्मा, भारत सिंह ठाकुर आदि ने सभा को सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पंचायत सचिव, जन स्वास्थ्य रक्षक आदि उपस्थित थे।

 

27 abril

भूतपूर्व सैनिकों से आवेदन आमंत्रित

भूतपूर्व सैनिकों से आवेदन आमंत्रित 

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पन्ना 27 अप्रैल- जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कार्यालय छतरपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक निजी कंपनी में प्रशासनिक प्रमुख का पद रिक्त है। यह पद केवल आनरेरी कैप्टन/लेफिटनेन्ट/सूबेदार हेतु है व पदस्थापना भोपाल/इन्दौर में होगी। इसके अतिरिक्त एक पद भ0पू0 जेसीओ/एनसीओ हेतु म0प्र0 के विभिन्न जिलों में है। इच्छुक भूतपूर्व सैनिक इस संबंध में विस्तृत जानकारी जिला सैनिक कल्याण कार्यालय छतरपुर से प्राप्त कर सकते हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री सिंह अन्नपूर्णा योजना समारोह में भाग लेंगे

मुख्यमंत्री श्री सिंह अन्नपूर्णा योजना समारोह में भाग लेंगे

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पन्ना 27 अप्रैल- गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारों को गुजर-बसर करने में मदद देने और उनके कठिन जीवन को आसान बनाने के मकसद से प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना कार्यक्रम में 28 अप्रैल 2008 को महिला पालीटेक्निक ग्राउण्ड पन्ना में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भाग लेंगे। इस समारोह में जनप्रतिनिधियों के अलावा बडी संख्या में जिले भर से आने वाले बी0पी0एल0 परिवारों के लोग सम्मिलित होंगे। योजना के तहत बीपीएल कार्डधारियों को अब राशन दुकानों से तीन रूपये प्रति किलो गेहूं और साढे चार रूपये प्रति किलो चावल प्रतिमाह प्रदाय किया जाएगा। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को कुल 20 किलो खाद्यान्न प्रतिमाह दिया जाएगा।

 

पर्यावरण जागरूकता रैली आज

पर्यावरण जागरूकता रैली आज

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पन्ना 27 अप्रैल- पन्ना टाईगर रिजर्व एवं सर्वशिक्षा अभियान द्वारा संयुक्त संचालित आवासीय ब्रिजकोर्स शिविर बहेलिया/पारधी वनवासियों के अध्ययनरत छात्राओं द्वारा 27 अप्रैल 2008 को पर्यावरण जागरूकता रैली का संचालन शहर में किया जाएगा। रैली का मुख्य उद्देश्य जनमानस में वन एवं वन्य प्राणियों के प्रति सहानुभूति पैदा करना, पानी के सदुपयोग हेतु चेतना लाने के साथ-साथ बहेलिया बच्चों में पर्यावरण के प्रति लगाव पैदा करना है। यह रैली प्रात: 8 बजे गांधी चौक से प्रारंभ होकर कलेक्ट्रेट, अजयगढ चौराहा, बडा बाजार, इतवारी बाजार होते हुए अम्बेडकर चौराहा कोतवाली पहुंचेगी।

 

मुख्यमंत्री चौहान 28 अप्रैल को पन्ना आएंगे

मुख्यमंत्री चौहान 28 अप्रैल को पन्ना आएंगे

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पन्ना 27 अप्रेल- प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 28 अप्रैल 2008 को दोपहर   12.30 बजे टीकमगढ से हैलीकाप्टर द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 1.10 बजे पन्ना आकर स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेने के बाद दोपहर 2.40 बजे हैलीकाप्टर से सतना के लिए रवाना हो जाएंगे।

 

25 abril

संभाग आयुक्त डा. कोमल सिंह ने लक्ष्मीगंज मंडी के सरकारी खरीदी केन्द्र का जायजा लिया

संभाग आयुक्त डा. कोमल सिंह ने लक्ष्मीगंज मंडी के सरकारी खरीदी केन्द्र का जायजा लिया

ग्वालियर 24 अप्रैल 08 । समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिये प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित किये गये केन्द्रों की बदौलत हम किसानों को अपनी फसल के वाजिब दाम मिल सके हैं । लक्ष्मीगंज स्थित कृषि उपज मंडी में स्थापित सरकारी खरीदी केन्द्र पर गेहूं की फसल बेचने आये रायरू के किसान श्री नरेन्द्र सहित अन्य किसानों को यह कहना है । संभाग आयुक्त डॉ. कोमल सिंह के समक्ष अपनी खुशी का इजहार करते हुये किसानों ने कहा कि जिस दर पर सरकार गेहूं खरीद रही है उस दर पर बाजार में कोई भी खरीदी के लिये तैयार नहीं है, इसलिये अधिकांश किसान सरकारी खरीदी केन्द्रों पर ही गेहूं लेकर आ रहे हैं । संभाग आयुक्त आज जिला कलेक्टर श्री राकेश श्रीवास्तव के साथ आकस्मिक रूप से यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे । इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त डॉ. पवन शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उनके साथ थे ।

       संभाग आयुक्त डॉ. कोमल सिंह ने खरीदी केन्द्र से जुड़े अधिकारियों को हिदायत दी कि यहां किसानों को कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिये। किसानों से गेहूं की खरीद जल्द से जल्द करें, जिससे अनावश्यक रूप से उनका समय जाया न हो। उन्होंने किसानों को शीघ्र भुगतान कराने तथा उनके लिये पेयजल की सुदृढ़ व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुविधाये जुटाने के भी निर्देश दिये । जिला कलेक्टर श्री राकेश श्रीवास्तव ने इस अवसर पर किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें समय से भुगतान होगा।

       उल्लेखनीय है कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिये स्थापित केन्द्रों पर किसानों से ग्यारह सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी की जा रही है। जिसमें राज्य शासन की ओर से 100 रूपये का अनुदान शामिल है । यहां लक्ष्मीगंज स्थित कृषि उपज मंडी में स्थापित खरीदी केन्द्र पर अब तक लगभग     5 हजार बोरी गेहूँ खरीदा जा चुका है । 

 

शिक्षकों के पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां बुलाई प्रस्ताव भेजे जाने की तारीखें तय

शिक्षकों के पुरस्कार के लिए प्रविष्टियां बुलाई  प्रस्ताव भेजे जाने की तारीखें तय

भोपाल : 23 अप्रैल, 2008

शिक्षकों को दिए जाने वाले दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार और राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रविष्टियां बुलाई हैं।

राष्ट्रीय पुरस्कार के प्रस्ताव प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजे जायेंगे। राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए प्रस्ताव संस्था प्रमुखों और जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से लोक शिक्षण संचालनालय प्राप्त करेगा।

राष्ट्रपति द्वारा हर साल दिए जाने वाला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार चरित्रवान एवं उत्कृष्ट शिक्षकों को प्रदान किया जाता है। वर्ष 2008 में इस पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन किया जा रहा है। राष्ट्रीय पुरस्कार की पात्रता 31 दिसम्बर, 2007 की स्थिति में कक्षा शिक्षकों के लिए न्यूनतम 15 वर्ष और प्रधानाध्यापक और प्राचार्यों के लिए 20 वर्ष की सतत सेवा होगी। इसके प्रस्ताव निर्धारित प्रपत्र में संबंधित शिक्षक के उत्कृष्टता प्रमाण-पत्रों और अभिलेखों के साथ भेजे जायेंगे।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2008 के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रस्ताव भेजे जाने की तिथियां निर्धारित की गई हैं। इसके मुताबिक जिला स्तर पर ऐसे प्रस्तावों का संकलन 15 सितम्बर, 2008 तक होगा। इसके बाद इन प्रस्तावों का परीक्षण कर इन्हें 30 सितम्बर तक संभागों को भेजा जायेगा। संभाग इनका परीक्षण कर 15 अक्टूबर तक लोक शिक्षण संचालनालय भेजेंगे।

इसी तरह राज्यपाल द्वारा हर साल दिये जाने वाले राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान के लिये प्रस्तावों की तारीखें भी तय कर दी गई हैं। इसके मुताबिक प्रस्तावों का जिला स्तर पर संकलन 10 जून, 2008 तक किया जायेगा। इन प्रस्तावों को परीक्षण के बाद 25 जून तक संभाग स्तर पर भेजा जायेगा फिर वहां से परीक्षण कर इन्हें 10 जुलाई तक लोक शिक्षण संचालनालय को भेजा जायेगा।

 

 

उपभोक्ता फोरम द्वारा क्षतिपूर्ति एवं कार्यवाही व्यय भुगतान का आदेश पारित

उपभोक्ता फोरम द्वारा क्षतिपूर्ति एवं कार्यवाही व्यय भुगतान का आदेश पारित

पन्ना 24 अप्रेल- उपभोक्ता संरक्षण जिला फोरम पन्ना ने श्री भरत भूषण शर्मा प्रोप्राइटर शर्मा फर्नीचर मार्ट पन्ना को आदेश दिया है कि यदि उन्होंने अपने ग्राहक को वाजिब सेवा नहीं दी तो उन्हें 1500 रूपये क्षतिपूर्ति और 500 रूपये कार्रवाई व्यय अपने ग्राहक परिवादी श्री दीपक उपाध्याय जगात चौकी पन्ना को अदा करना होगा।

     इस मामले में श्री दीपक उपाध्याय ने शर्मा फर्नीचर मार्ट पन्ना से सोफा खरीदा था। किन्त सोफा को कसा नहीं गया था। जिला उपभोक्ता फोरम ने आदेशा पारित किया है कि प्रतिपक्ष परिवादी को दिए गए सोफे को उचित रूप से फिट करे तथा परिवादी को संतुष्ट कर संतुष्टि प्रमाण पत्र प्रस्तुत करे। प्रतिपक्ष द्वारा परिवादी के सहयोग के बाद यदि उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जाता है तो प्रतिपक्ष परिवादी को 1500 रूपये अदा करेगा। साथ ही प्रतिपक्ष परिवादी को इस कार्यवाही का व्यय 500 रूपये भी अदा करेगा।

आम के वृक्षों के फलों की नीलामी 30 अप्रैल को

आम के वृक्षों के फलों की नीलामी 30 अप्रैल को

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पन्ना 24 अप्रैल- अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग कार्यालय पन्ना प्रथम समेत विभिन्न संबंधित मार्गो पर लगे आम वृक्षों के फलों की वार्षिक नीलामी 30 अप्रेल 2008 को दिन के 3 बजे उक्त कार्यालय में की जाएगी। इस संबंध में विस्तृत जानकारी अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग पन्ना प्रथम से प्राप्त की जा सकती है।

 

ग्रामीण लोगों की आरटीआई तक पहुँच

ग्रामीण लोगों की आरटीआई तक पहुँच

राज्यसभा

       प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री और कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री पृथ्वीराज चव्हाण ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) सोसाइटी ऑफ पार्टी सीपेटरी रिसर्च इन एशिया द्वारा आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में किए गए एक अध्ययन के अनुसार ग्रामीण जनत कम जागरूकता के कारण सूचना का अधिकार अधिनियम का ज्यादा प्रयोग  नहीं कर पा रही है।

       सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन होने की स्थिति में उपचारात्मक कार्रवाई करने के लिए इस अधिनियम में पर्याप्त प्रावधान दिए गए हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदनों को किसी अधिकारी द्वारा अस्वीकार कर दिए जाने की किसी भी शिकायत पर तदनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

 

24 abril

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत एक करोड 96 लाख रूपये स्वीकृत

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत एक करोड 96 लाख रूपये स्वीकृत

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पन्ना 23 अप्रेल- कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक एन0आर00जी0एस0 श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने जनपद पंचायत अजयगढ, शाहनगर, गुनौर एवं पन्ना में 6 कार्यो हेतु एक करोड 95 लाख 94 हजार रूपये की राशि की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इसमें जनपद पंचायत अजयगढ की ग्राम पंचायत बरियारपुर कुर्मियान में गडरपुरा से सलैया तक जीएसबी रोड निर्माण हेतु 21 लाख 3 हजार रूपये, ग्राम पंचायत बिलाही में बरियारपुर से कुडई होते हुए गुमानगंज मार्ग तक जीएसबी रोड निर्माण हेतु 21 लाख 3 हजार रूपये, जनपद पंचायत शाहनगर की ग्राम पंचायत बधवार में बधवार से फतेहपुर तक 8 कि0मी0 मार्ग उन्नयन हेतु 24 लाख 12 हजार रूपये, ग्राम पंचायत डोहली में रतनगांव से डोहली तक 5 कि0मी0 मार्ग उन्नयन हेतु 15 लाख 55 हजार रूपये, जनपद पंचायत गुनौर की ग्राम पंचायत डिघौरा में गुनौर से डिघौरा तक जी0एस0बी0 मार्ग निर्माण हेतु 14 लाख 18 हजार रूपये तथा जनपद पंचायत पन्ना की ग्राम पंचायत गहरा एन0एम0डी0सी0 में निरपत सागर पहाडी को हरा-भरा करने हेतु एक करोड 3 हजार रूपये की प्रदत्त राशि शामिल है।

 

राज्य ओपन स्कूलों के हायरसेकण्‍ड्री के नतीजे घोषित

राज्य ओपन स्कूलों के हायरसेकण्‍ड्री के नतीजे घोषित

42.20 प्रतिशत छात्र हुए पास

मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल द्वारा जनवरी 2008 में ली गई हायर सेकण्डरी परीक्षा के नतीजे आज घोषित कर दिये गये। इसमें 42.20 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। नतीजों को राज्य ओपन स्कूल की वेबसाइट www.mpsos.nic.in पर भी देखा जा सकेगा।

कायम 240 अध्ययन केन्द्रों के जरिए 11 हजार 816 नए छात्र और 12 हजार 531 पूर्व के वर्षों के पात्र छात्र शामिल थे। परीक्षा प्रदेश में 170 केन्द्रों पर आयोजित की गई थी। उल्लेखनीय तौर पर 1104 छात्र पहले नंबर पर पास हुए। इसी तरह 5243 छात्र द्वितीय श्रेणी और 3923 छात्र तृतीय श्रेणी में पास हुए।

इस परीक्षा में फेल और इसके पहले की परीक्षाओं के ऐसे पात्र छात्र नियमानुसार निर्धारित शुल्क जमा कर अगली परीक्षा में बैठ सकेंगे।

 

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 5 कार्यो हेतु 13 लाख रूपये की प्रथम किश्त जारी

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 5 कार्यो हेतु 13 लाख रूपये की प्रथम किश्त जारी

पन्ना 23 अप्रेल- अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एन0आर00जी0एस0 जिला पंचायत श्री नागेन्द्र मिश्रा ने जनपद पंचायत अजयगढ, शाहनगर, गुनौर एवं पन्ना में 5 कार्यो हेतु 13 लाख रूपये की राशि की प्रथम किश्त जारी की है। इसमें जनपद पंचायत अजयगढ की ग्राम पंचायत बिलाही में बरियारपुर से कुडई होते हुए गुमानगंज मार्ग तक जी0एस0बी0 रोड निर्माण हेतु 2 लाख रूपये, जनपद पंचायत शाहनगर की ग्राम पंचायत बधवार में बधवार से फतेहपुर तक 8 कि0मी0 मार्ग उन्नयन कार्य हेतु 2 लाख रूपये, ग्राम पंचायत डोहली में रतनगांव से डोहली तक 5 कि0मी0 मार्ग उन्नयन कार्य हेतु 2 लाख रूपये, जनपद पंचायत गुनौर की ग्राम पंचायत डिघौरा में गुनौर से डिघौरा तक जी0एस0बी0 मार्ग निर्माण हेतु 2 लाख रूपये तथा जनपद पंचायत पन्ना की ग्राम पंचायत गहरा एन0एम0डी0सी0 में निरपत सागर पहाडी को हरा-भरा करने हेतु 5 लाख रूपये की प्रथम किश्त की राशि शामिल है।

 

चालीस हजार से अधिक ग्राम जल स्वच्छता समितियां गठित (समग्र स्वच्छता अभियान)

चालीस हजार से अधिक ग्राम जल स्वच्छता समितियां गठित (समग्र स्वच्छता अभियान)

समिति में शत-प्रतिशत सदस्यता महिलाओं को

ग्वालियर 23 अप्रैल 08 । समग्र स्वच्छता अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 40 हजार से अघिक ग्राम जल स्वच्छता समितियों का गठन किया जा चुका हैं। समितियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें सभी सदस्य महिलाएं हैं।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने बताया कि राज्य शासन ने ग्राम जल स्वच्छता समितियों में महिलाओं की शत-प्रतिशत भागीदारी इसलिए सुनिश्चित की है क्योंकि पेयजल व शौच की समस्याओं से महिलाओं को ही ज्यादा जूझना पड़ता है। श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में करीब 50 हजार ग्राम जल स्वच्छता समितियों का गठन किया जा रहा है। अभियान के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ग्राम जल स्वच्छता समितियों को व्यापक स्तर पर प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। हर गांव के लिए प्रशिक्षण मॉडयूल बनाया गया है। पच्चीस प्रतिशत से अधिक गांवों में यह कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के समस्त जिलों में समग्र स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पारिवारिक स्वच्छ शौचालयों के निर्माण के लिए शासन से तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी के साथ शालाओं में स्वच्छता सुविधाओं की उपलब्धता, महिलाओं के लिए स्वच्छता परिसरों का निर्माण और समुदाय में व्यक्तिगत स्वच्छता एवं स्वच्छता सुविधाओं के उपयोग के प्रति जनसाधारण को जागरूक करने के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। जिलों में कार्यक्रम का क्रियान्वयन जिला जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से किया जाता है।

 

कृषकों को सुगमता से बीज उपलब्ध कराने के लिये बीज उत्पादन कार्यक्रम

कृषकों को सुगमता से बीज उपलब्ध कराने के लिये बीज उत्पादन कार्यक्रम

ग्वालियर 23 अप्रैल 08 । राज्य शासन द्वारा किसानों को प्रमाणित बीज उनके ही क्षेत्र में उत्पादित कर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सूरजधारा योजना के अन्तर्गत बीज उत्पादन कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसके तहत शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों के 10 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लधु सीमांत कृषकों के खेतों पर तिलहन एवं दलहन फसलों का बीज उत्पादन कार्यक्रम लिये जाने का प्रावधान है।

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत कृषक को कम से कम 0.2 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन कार्यक्रम लेना आवश्यक है। कृषकों को आधार बीज उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके लिये उसे 25 प्रतिशत कीमत का बीज या नगद राशि शासन को देना होगा। बीजोत्पादन कार्यक्रम के लिए बीज प्रमाणीकरण संस्था में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा, जिसका शुल्क शासन द्वारा दिया जायेगा। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्पादित बीज के प्रोसेसिंग और पेकिंग की कार्रवाई प्रक्षेत्र के निकटतम प्रक्रिया केन्द्र पर करवाई जायेगी।

बीज उत्पादन कार्यक्रम में उत्पादित बीज की व्यवस्था उत्पादन समिति के द्वारा की जायेगी। जिसका गठन बीज उत्पादक कृषकों के सहयोग से प्रक्षेत्र अधीक्षक द्वारा किया जायेगा। समिति के अध्यक्ष एवं प्रत्येक प्रक्षेत्र का संयुक्त खाता बैंक में खोला जायेगा। बीज उत्पादक कार्यक्रम एवं उसका वितरण समिति के माध्यम से किया जायेगा।

 

सूखा घोषित क्षेत्र की शालाओं में गर्मी की छुट्टियों में मध्यान्ह भोजन वितरित होगा

सूखा घोषित क्षेत्र की शालाओं में गर्मी की छुट्टियों में मध्यान्ह भोजन वितरित होगा

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पन्ना 23 अप्रैल- जिले के सूखा घोषित क्षेत्रों में गर्मी की छुट्टियों में प्राथमिक शालाओं के विद्यार्थियों हेतु मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाना है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने जिला समन्वयक सर्वशिक्षा अभियान जिला शिक्षा केन्द्र पन्ना एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पन्ना, अजयगढ, गुनौर, पवई तथा शाहनगर को निर्देश दिए है कि सूखा घोषित क्षेत्रों में शासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्त केवल प्राथमिक शालाओं के विद्यार्थियों को गर्मी की छुट्टियों (मई-जून 2008 के सभी दिनों) में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के तहत मीनू (गेहूं प्रचलन क्षेत्रों में रोटी-दाल-सब्जी) अनुसार पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाए। प्राथमिक शालाओं में गर्मिर्यो की छुट्टियों में एक मई से 30 जून तक सभी 61 दिवसों में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम नियमित व सुचारू रूप से क्रियान्वयन हेतु विस्तृत निर्देश संबंधितों को दिए गए है।

 

राज्य ओपन स्कूलों के हायरसेकण्‍ड्री के नतीजे घोषित

राज्य ओपन स्कूलों के हायरसेकण्‍ड्री के नतीजे घोषित

42.20 प्रतिशत छात्र हुए पास

मध्यप्रदेश राज्य ओपन स्कूल द्वारा जनवरी 2008 में ली गई हायर सेकण्डरी परीक्षा के नतीजे आज घोषित कर दिये गये। इसमें 42.20 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। नतीजों को राज्य ओपन स्कूल की वेबसाइट www.mpsos.nic.in पर भी देखा जा सकेगा।

कायम 240 अध्ययन केन्द्रों के जरिए 11 हजार 816 नए छात्र और 12 हजार 531 पूर्व के वर्षों के पात्र छात्र शामिल थे। परीक्षा प्रदेश में 170 केन्द्रों पर आयोजित की गई थी। उल्लेखनीय तौर पर 1104 छात्र पहले नंबर पर पास हुए। इसी तरह 5243 छात्र द्वितीय श्रेणी और 3923 छात्र तृतीय श्रेणी में पास हुए।

इस परीक्षा में फेल और इसके पहले की परीक्षाओं के ऐसे पात्र छात्र नियमानुसार निर्धारित शुल्क जमा कर अगली परीक्षा में बैठ सकेंगे।

 

कृषकों को सुगमता से बीज उपलब्ध कराने के लिये बीज उत्पादन कार्यक्रम

कृषकों को सुगमता से बीज उपलब्ध कराने के लिये बीज उत्पादन कार्यक्रम

ग्वालियर 23 अप्रैल 08 । राज्य शासन द्वारा किसानों को प्रमाणित बीज उनके ही क्षेत्र में उत्पादित कर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सूरजधारा योजना के अन्तर्गत बीज उत्पादन कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसके तहत शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों के 10 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लधु सीमांत कृषकों के खेतों पर तिलहन एवं दलहन फसलों का बीज उत्पादन कार्यक्रम लिये जाने का प्रावधान है।

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत कृषक को कम से कम 0.2 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन कार्यक्रम लेना आवश्यक है। कृषकों को आधार बीज उपलब्ध कराया जायेगा, जिसके लिये उसे 25 प्रतिशत कीमत का बीज या नगद राशि शासन को देना होगा। बीजोत्पादन कार्यक्रम के लिए बीज प्रमाणीकरण संस्था में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा, जिसका शुल्क शासन द्वारा दिया जायेगा। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्पादित बीज के प्रोसेसिंग और पेकिंग की कार्रवाई प्रक्षेत्र के निकटतम प्रक्रिया केन्द्र पर करवाई जायेगी।

बीज उत्पादन कार्यक्रम में उत्पादित बीज की व्यवस्था उत्पादन समिति के द्वारा की जायेगी। जिसका गठन बीज उत्पादक कृषकों के सहयोग से प्रक्षेत्र अधीक्षक द्वारा किया जायेगा। समिति के अध्यक्ष एवं प्रत्येक प्रक्षेत्र का संयुक्त खाता बैंक में खोला जायेगा। बीज उत्पादक कार्यक्रम एवं उसका वितरण समिति के माध्यम से किया जायेगा।