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28 febrero

स्वैच्छानुदान मद से 13 हजार रूपये स्वीकृत

स्वैच्छानुदान मद से 13 हजार रूपये स्वीकृत

पन्ना 25 फरवरी- प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले के तीन व्यक्तियों हेतु 13 हजार रूपये की स्वेच्छानुदान राशि स्वीकृत की है। इसमें गुनौर तहसील के ग्राम मढिया निवासी गोबिन्द सिंह को माताजी के हाथ के उपचार हेतु    3 हजार रूपये, शा0मा0शाला भटिया के प्रधानाध्यापक किशोरीलाल वर्मा को गले के कैंसर उपचार हेतु 5 हजार रूपये तथा जनपद पंचायत पन्ना की रानीगंज मोहल्ला निवासी श्रीमती निर्माला पोहानी को हृदय रोग के उपचार हेतु 5 हजार रूपये की स्वैच्छानुदान मद से स्वीकृत राशि शामिल है। कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने संबंधित तहसीलदार को शीघ्र राशि वितरित करने के निर्देश दिए हैं।

 

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 3 कार्यो हेतु 68.07 लाख रूपये स्वीकृत

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 3 कार्यो हेतु 68.07 लाख रूपये स्वीकृत

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पन्ना 25 फरवरी- अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एन0आर00जी0एस0 श्री नागेन्द्र मिश्रा ने तीन कार्यो हेतु 68 लाख 7 हजार रूपये की प्रथम किश्त जारी की है। जारी स्वीकृति में जनपद पंचायत शाहनगर की ग्राम पंचायत सिमरी में श्यामरघाट स्टापडैम निर्माण हेतु 21 लाख 56 हजार रूपये, जनपद पंचायत पवई की ग्राम पंचायत गढकरहिया में मेहदीघाट स्टापडैम निर्माण हेतु 21 लाख 81 हजार रूपये, तथा जनपद पंचायत गुनौर की ग्राम पंचायत सथनिया में खबरा स्टापडैम कम काजवे निर्माण हेतु 24 लाख 70 हजार रूपये की दी गई प्रशासकीय स्वीकृति शामिल है। इन निर्माण कार्यो हेतु कार्यकारी एजेन्सी कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग पन्ना को बनाया गया है।

 

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 3 कार्यो हेतु 136.04 लाख रूपये

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 3 कार्यो हेतु 136.04 लाख रूपये

की प्रथम किश्त जारी

पन्ना 25 जनवरी- कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक एन0आर00जी0एस0 श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने 3 कार्यो हेतु एक करोड 36 लाख 4 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इसमें जनपद पंचायत पवई की ग्राम पंचायत गढी करहिया में मेहदी घाट स्टापडैम निर्माण हेतु 43 लाख 62 हजार रूपये, जनपद पंचायत गुनौर की ग्राम पंचायत सथनिया में खबरा स्टापडैम कम काजवे निर्माण हेतु 49 लाख 39 हजार रूपये तथा जनपद पंचायत शाहनगर की ग्राम पंचायत सिमरी में श्यामर घाट स्टापडैम निर्माण हेतु 43 लाख 3 हजार रूपये की दी गई प्रशासकीय स्वीकृति शामिल है।

 

25 febrero

देवेन्द्रनगर बांध से पानी छोड़ने कृषकों की सभा में सांसद कुसमरिया और विधायक बागरी भी हुए शामिल

देवेन्द्रनगर बांध से पानी छोड़ने कृषकों की सभा में सांसद कुसमरिया और विधायक बागरी भी हुए शामिल

 

पन्ना 23 फरवरी- सूखे की मार से देवेन्द्रनगर सिंचाई तालाब कमाण्ड क्षेत्र की गेहूॅ की सूख रही फसल के लिए 2 फिट पानी छोड़े जाने पर बुलाई गई कृषकों की सभा देवेन्द्रनगर कृषि उपज मण्डी में आयोजित की गई। इस सभा में खजुराहो निर्वाचन क्षेत्र सांसद डॉ0 रामकृष्ण कुसमरिया, अमानगंज विधायक श्री काशी प्रसाद बागरी, पूर्व विधायक श्री जय प्रकाश पटेल, देवेन्द्रनगर सिंचाई तालाब उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य, कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री संजय जैन, उप संचालक कृषि श्री जी0पी0 पटेल, सिंचाई विभाग के अनुविभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में देवेन्द्रनगर सिंचाई तालाब कमाण्ड क्षेत्र देवेन्द्रनगर, जिगदहा, बम्हुरी, तिघरा, तिघरी, बम्हुरइया, बडागांव, खपटहा सहित 19 ग्राम के कृषक मौजूद थे।

 

              कृषकों की सभा में खजुराहो निर्वाचन क्षेत्र डॉ0 कुसमरिया ने कहा कि कृषक भाई द्वेश भावना नहीं रखें, यदि 750 एकड़ रकबे में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध है, तो उन्हें दिया जाना चाहिए। उन्होंने देवेन्द्रनगर बांध से पानी की चोरी रोकने बात कही तथा कहा कि जितने भी कृषकों की फसल बचाई जा सकती उतनी बचाई जानी चाहिए।

 

              इसके पूर्व कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने तालाब में उपलब्ध पानी और उसके ग्रीष्म ऋतु में उपयोग के लिए बनाई गई रणनीति की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन देवेन्द्रनगर सिंचाई तालाब से दो फिट पानी छोड़ने पर राजी है, परन्तु निर्णय सर्व सम्मति से लिया जाना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई हेतु पानी सबसे पहले छोटे किसानों के खेतों में पहुंचे और उनकी फसलें नहीं सूखें यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देवेन्द्रनगर सिंचाई तालाब का पानी पीने के पानी के लिए सुरक्षित रखा गया है। जरूरत पड़ने पर मवेशियों के लिए और निस्तार के लिए बांध का पानी नालों और नहरों के द्वारा दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि देवेन्द्रनगर से अमानगंत तरफ जल के ऐसे कोई स्त्रोत नहीं हैं, जो गरमी तक पेयजल  और निस्तार आदि के लिए पानी उपलब्ध करा सकें। उन्होंने क्षेत्र के कृषकों से सच बोलने और समझने का आग्रह कृषकों से किया। उन्होंने कहा कि पेयजल के लिए सुरक्षित पानी के अलावा बांध में से दो फिट पानी छोड़ने पर मात्र 750 एकड रकबे में सिंचाई हो सकेगी, किन्तु आवश्यकता 4 हजार एकड की है। उन्होंने सभी कृषकों से आग्रह किया कि वे ऐसा निर्णय लें जिससे पेयजल, निस्तार और मवेशियों को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पडे और गर्मियों में आने वाली पानी की विकराल समस्या में किसी प्रकार की खून-खराबे या जनहानी की स्थितियां निर्मित नहीं हों। सभा के अंत में उन्होंने क्षेत्र के किसानों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में आने वाली समस्याओं के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर पानी छोड़ने के संबंध में यथोचित निर्णय लिया जाएगा और क्षेत्र के किसानों की फसल नहीं सूख,े पानी की उपलब्धता के आधार पर शीघ्र ही बांध से दो फिट पानी छोड़ने का आदेश जारी किया जाएगा।

 

              किसानों की इस सभा में बांध से पानी नहीं छोड़ने का आग्रह हेतराम पटेल, जिग्दहा के श्री रमाकांत, श्री रामकृपाल पटेल सहित, बिरवाही, बम्हरईया और खपटिया के कृषकों द्वारा किया गया जबकि देवेन्द्रनगर के कृषकों द्वारा दो फिट पानी सिंचाई हेतु छोड़ने की मांग की गई। सभा को पूर्व विधायक श्री जय प्रकाश ने भी संबोधित किया।

 

24 febrero

स्वैच्छानुदान मद से 1.37 लाख रूपये स्वीकृत

स्वैच्छानुदान मद से 1.37 लाख रूपये स्वीकृत

पन्ना 22 फरवरी- विधानसभा क्षेत्र पवई के विधायक की अनुशंसा पर कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने विधानसभा क्षेत्र पवई के 33 व्यक्तियों हेतु एक लाख 37 हजार रूपये की स्वेच्छानुदान राशि स्वीकृत की है।

         इसके  अनुसार ग्राम सुडौर के मूलचंद दीक्षित को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 5 हजार रूपये, रामप्रसाद यादव को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 5 हजार रूपये, प्रीतमलाल यादव को सांस्कृति कार्यक्रम सामग्री क्रय हेतु 10 हजार रूपये, बिहारीलाल यादव को दीपावली महोत्सव कार्यक्रम आयोजन की सामग्री क्रय हेतु 10 हजार रूपये, रामशरण चौबे को रामलीला मंडली की सामग्री क्रय हेतु 10 हजार रूपये, चौपरा के रमाकांत शर्मा को बजरंग संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 5 हजार रूपये, महिलवारा के शिवराज नाई को संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 3 हजार रूपये, बधवार के लल्लाराम लोधी को संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 4 हजार रूपये, बूढा के मुलायम सिंह को कृष्ण संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 3 हजार रूपये, महगंवा की गायत्री देवी को महिला संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 3 हजार रूपये, बूढा सिमरी की सम्पत राजा को महिला भजन मंडली के साजबाज क्रय हेतु 5 हजार रूपये, पवई के रज्जे चौरसिया को सार्वजनिक चबूतरा निर्माण हेतु 5 हजार रूपये, जमुना खटीक को संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 5 हजार रूपये, मेहमूद अख्तर को कब्बाली पार्टी के साजबाज क्रय हेतु 5 हजार रूपये, सिमरिया के गोकुल चंद जैन को संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 3 हजार रूपये, हीरापुर की गुनिया बाई को महिला संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 3 हजार रूपये, झाला डुमरी की रामप्यारी सिंह महिला संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 2 हजार रूपये, सिहारन के कोमल सिंह को बजरंग संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 3 हजार रूपये, कृष्णगढ के बालादीन रैकवार को संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 3 हजार रूपये, इटौरा की ज्ञानबाई को महिला संकीर्तन मंडल की सामग्री क्रय हेतु 3 हजार रूपये, हरदुआ खम्हरिया की विमला सुनार को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 3 हजार रूपये, पवई के अमीन कादरी को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 3 हजार रूपये, सिमरिया के माखन लाल नामदेव को शिव संगीत मंडल की सामग्री क्रय हेतु 3 हजार रूपये, पलोही के अर्जुन सिंह को एकता क्रिकेट टीम की सामग्री क्रय हेतु 3 हजार रूपये, पिपरहा के रावेन्द्र यादव को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 3 हजार रूपये, मोहन्द्रा के आशीष चौरसिया को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 5 हजार रूपये, सरसेला के मुलायम सिंह को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 5 हजार रूपये, पवई के संतोष ढीमर को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 2 हजार रूपये, मोहन्द्रा के मुन्ना चौरसिया को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 3 हजार रूपये, बद्री पुराणिक को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 3 हजार रूपये, बोटू महराज को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 3 हजार रूपये, गेंदाबाई चौरसिया को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 3 हजार रूपये तथा ग्राम पंचायत हरदुआ खम्हरिया के ईश्वरी प्रसाद शर्मा को अज्ञात बीमारी के इलाज हेतु 3 हजार रूपये की राशि स्वैच्छानुदान मद से स्वीकृत की गई है।

 

अनुसूचित जाति आश्रमों/छात्रावासों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं की दो दिवसीय जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का समापन

अनुसूचित जाति आश्रमों/छात्रावासों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं की

दो दिवसीय जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का समापन

पन्ना 22 फरवरी- पुलिस परेड ग्राउण्ड पन्ना में अनुसूचित जाति आश्रमों और छात्रावासों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं की दो दिवसीय जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आज रंगा-रंग समापन हुआ। इस अवसर पर छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पन्ना श्री बृजेन्द्र सिंह बुन्देला, कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण श्री पी0के0 श्रीवास्तव सहित अनुसूचित जाति के छात्रावास/आश्रमों के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं, छात्रावास अधीक्षक, खेलप्रेमी दर्शकगण उपस्थित थे।

        कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मे ंउपस्थित नगर पालिका अध्यक्ष श्री बुन्देला ने कहा कि पढाई के साथ-साथ खेलकूद भी जरूरी है। खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बच्चों में बौद्विक विकास के साथ -साथ क्षमता का भी विकास होता है। कार्यक्रम की अध्यक्ष कलेक्टर श्रीमती रस्तोगी ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं राष्ट्रीय-अर्न्तराष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त करती हैं। उन्होंने कहा कि आश्रमों/छात्रावासों के ऐसे छात्र-छात्राएं जो विशेष हुनर रखते हों, उनमें दक्षता हासिल करने के लिए प्रयास किए जाएं। इसके लिए उन्होंने विशेष आहार दिए जाने की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने छात्रावासों और आश्रमों में बच्चों की क्षमता विकास और सशक्त मांस पेसियां निर्मित करने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने पर बल दिया। अनुसूचित जाति के आश्रमों/छात्रावासों में पढने वाले बालक-बालिकाओं की दो दिवसीय जिला स्तरीय  प्रतियोगिताओं में कबड्डी, खो-खो, सौ मीटर और दो सौ मीटर की दौड आदि सीनियर, जूनियर वर्ग के लिए आयोजित की गई।

         इस अवसर पर विजेता, उपविजेता छात्र-छात्राओं को अतिथियों ने पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित किए। समापन अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह ने भी संबोधित किया। विभागीय प्रतिवेदन आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक श्री पी0के0 श्रीवास्तव द्वारा पढा गया।

 

जनभागीदारी योजनान्तर्गत 15 लाख रूपये स्वीकृत

जनभागीदारी योजनान्तर्गत 15 लाख रूपये स्वीकृत

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पन्ना 22 फरवरी- कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी द्वारा नगर पंचायत पवई में जनभागीदारी योजनान्तर्गत 2 कार्यो हेतु 15 लाख रूपये की स्वीकुति जारी की गई है। इनमें नगर पंचायत में बस स्टैण्ड परिसर में शापिंग काम्पलेक्स एवं बस स्टैण्ड निर्माण कार्य हेतु 10 लाख रूपये तथा बस स्टैण्ड परिसर पवई में शापिंग काम्पलेक्स एवं बस स्टैण्ड निर्माण के निर्माण कार्य हेतु 5 लाख रूपये जन भागीदारी योजनान्तर्गत अंशदान राशि शामिल है।

 

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 5 कार्यो हेतु 36.82 लाख रूपये की प्रथम किश्त जारी

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 5 कार्यो हेतु 36.82 लाख रूपये की

प्रथम किश्त जारी

पन्ना 22 फरवरी- अतिरिक्त कार्यक्रम समन्वयक एन0आर00जी0एस0 श्री नागेन्द्र मिश्रा ने   5 कार्यो हेतु 36 लाख 82 हजार रूपये योजनान्तर्गत प्रथम किश्त जारी की है। इसमें जनपद पंचायत पवई की ग्राम पंचायत कोठी में दमुइया से हरदुआ मार्ग निर्माण हेतु 6 लाख 20 हजार रूपये, अधराडी से दानदाई मार्ग निर्माण हेतु 7 लाख 24 हजार रूपये, हडा में कढना से मझगंवा मार्ग निर्माण हेतु 7 लाख 60 हजार रूपये, मझगंवा से बेलडावर मार्ग निर्माण हेतु    6 लाख 24 हजार रूपये तथा जनपद पंचायत अजयगढ की ग्राम पंचायत उदयपुर में उदयपुर स्टापडैम कम रपटा निर्माण कार्य हेतु 9 लाख 54 हजार रूपये प्रथम किश्त की राशि शामिल है।

 

विधायक निधि से 70 हजार रूपये स्वीकृत

विधायक निधि से 70 हजार रूपये स्वीकृत

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पन्ना 22 फरवरी- विधानसभा क्षेत्र पवई विधायक की अनुशंसा पर ग्राम पंचायत कढना के ग्राम बेल्डावर में सार्वजनिक चबूतरा निर्माण हेतु 20 हजार रूपये तथा ग्राम पंचायत बोदा में सार्वजनिक यात्री प्रतीक्षालय निर्माण हेतु 50 हजार रूपये की राशि स्वीकृत कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने जारी की है।

 

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 5 कार्यो हेतु 91.44 लाख रूपये स्वीकृत

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 5 कार्यो हेतु 91.44 लाख रूपये स्वीकृत

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पन्ना 22 फरवरी- कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक एन0आर00जी0एस0 श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने पांच कार्यो हेतु 91 लाख 44 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। जारी स्वीकृति में जनपद पंचायत पवई की ग्राम पंचायत कोठी में दमुइया से हरदुआ मार्ग निर्माण हेतु 15 लाख 50 हजार रूपये, अधराडी से दानदाई मार्ग निर्माण हेतु 18 लाख  9 हजार रूपये, कोठी में कढना से मझगंवा मार्ग निर्माण हेतु 19 लाख रूपये, हडा में मझगंवा से बेलडावर मार्ग निर्माण हेतु 15 लाख 60 हजार रूपये तथा जनपद पंचायत अजयगढ की ग्राम पंचायत उदयपुर में उदयपुर स्टापडैम कम रपटा निर्माण हेतु 23 लाख 85 हजार रूपये की दी गई प्रशासकीय स्वीकृति शामिल है। इन निर्माण कार्यो हेतु कार्यकारी एजेन्सी वनमण्डलाधिकारी दक्षिण वनमंडल एवं  कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग पन्ना को बनाया गया है।

 

देवेन्द्रनगर कृषकों की मांग पर निर्णय लेने महत्वपूर्ण बैठक आज

देवेन्द्रनगर कृषकों की मांग पर निर्णय लेने महत्वपूर्ण बैठक आज

क्षेत्र के कृषकों से बैठक में उपस्थित होने कलेक्टर ने की अपील

पन्ना 22 फरवरी- देवेन्द्रनगर क्षेत्र के कतिपय कृषकों ने फसल सूखने की संभावना को देखते हुए देवेन्द्रनगर बांध से सिंचाई हेतु पानी देने की मांग जिला प्रशासन से की है । इसके मद्देनजर कलेक्टर श्रीमती दीपाली रस्तोगी द्वारा 23 फरवरी 2008 को अपरान्ह 3 बजे मंडी प्रांगण देवेन्द्रनगर में आवश्यक बैठक बुलाई गई है। बैठक में पानी की उपलब्धता को देखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। श्रीमती रस्तोगी ने देवेन्द्रनगर बांध से लाभान्वित होने वाले समस्त कृषकों से बैठक में अनिवार्यत: उपस्थित होने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा जिले में सूखे की स्थिति के कारण सिंचाई विभाग के देवेन्द्रनगर तालाब का अधिग्रहण कर उसमें से सिंचाई हेतु पानी लिया जाना वर्जित किया गया था।

 

22 febrero

हीरों के उत्पादन ने बनाए कई लखपति चमक बरकरार है पन्ना के हीरा खनिक क्षेत्र की

हीरों के उत्पादन ने बनाए कई लखपति चमक बरकरार है पन्ना के हीरा खनिक क्षेत्र की

 

पन्ना 12 फरवरी/ अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर डायमण्ड सिटी के रूप में पहचान बना चुके पन्ना ने हीरा उथली खदानों के जरिए तमाम लोगों की तकदीर ही नहीं, उनके जीवन की तस्वीर भी बदल दी है। बेरोजगारों और जरूरतमंदों की माली हालत सुधारने के लिए राज्य सरकार के खनिज विभाग द्वारा हीरा उथली खदानों के पट्टों को बढ़ावा देने से कई लोग लखपति बन गए हैं।

 

              ये हीरा खदानें पूंजी निर्माण और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कई ऐसे हीरा उत्पादक हैं, जिनने हीरा उत्पादन से हुई आय से अपनी इच्छानुसार उद्योग स्थापित कर लिए हैं। पन्ना के हीरों ने तमाम बेरोजगारों की जिन्दगी संवारते हुए अपने उत्पादन का एक लम्बा फासला तय किया और इस यात्रा में पन्ना ने हीरा नगर के रूप में दुनिया में अपनी साख बनाई। दूसरों के घरों को रोशन करने में यहॉ के हीरों की चमक आज भी बरकरार है। इसलिए इस शहर को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक केन्द्र होने का भी गौरव मिला है।

 

              मजे की बात यह है कि पन्ना जिला सहित देश के विभिन्न हिस्सों से यहां आए लोगों ने उथली हीरा खदानें शुरू कीं। कई मायनों में खदानों का जोखिम उठाने का चलन उन खदान लेने वालों के लिए बिल्कुल सही साबित होता है, जो पन्ना की हीरा खदान आने के लिए अपना सब कुछ दाव पर लगा देते हैं। जिला हीरा अधिकारी श्री जे0के0 सोलंकी ने बातचीत में कहा कि अगर आपके खून में जोखिम लेने का हौंसला है, तो खदानों में बहुत मौके हैं। साथ ही यहॉ की मामूली शुल्क पर पट्टे देने की व्यवस्था उद्यमशीलता को बढ़ावा देती है। श्री सोलंकी का यह भी कहना था कि वर्ष 2000-01 से वर्ष 2007-08 के आठ वर्षों के बीच पन्ना जिले की उथली खदानों से कुल 2949.66 कैरेट के 5220 हीरों का उत्पादन हुआ। इनकी कीमत 1 करोड 78 लाख 76 हजार 339 रूपये होती है।   उथली हीरा खदानों ने इस अवधि में 55 हजार 330 लोगों को रोजगार दिया और खनिज विभाग ने उथली हीरा खदानों से 49 लाख 76 हजार 956 रूपये तथा पन्ना जिले में कार्यरत राष्ट्रीय खनिज विकास निगम से 21 करोड़ 66 लाख 5 हजार 848 रूपये का राजस्व प्राप्त किया। उथली हीरा खदानों से उत्पादित हीरों की यहां बाकायदा नीलामी होती है। इस नीलामी में दूर-दूर से हीरा व्यापारी भाग लेने पन्ना आते हैं।

 

              हीरों के उत्पादन के प्रति लोगों की बढ़ती रूचि के कारण वर्ष 2000-01 मेें खदान लेने वाले कुछ ज्यादा ही रहे। इस वर्ष 21 लाख 53 हजार 340 रूपये मूल्य के 442.07 कैरेट के 834 हीरों का उत्पादन हुआ। हीरा अधिकारी श्री सोलंकी बताते हैं कि इसके मुनाफे को देखते हुए देश के कई हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग हीरा खदानों के पट्टे लेकर हीरों का उत्पादन लेने के लिए आगे आने लगे। जिससे वर्ष 2001-02 में 27 लाख 51 हजार 226 रूपये मूल्य के 395.41 कैरेट के 642 हीरों, वर्ष 2002-03 में 14 लाख 49 हजार 719 रूपये मूल्य के 252.94 कैरेट के 395 हीरों का, वर्ष 2003-04 में 8 लाख 86 हजार 528 रूपये मूल्य के 246.43 कैरेट के 321 हीरों, वर्ष 2004-05 में 12 लाख 39 हजार 464 रूपये मूल्य के 246.64 कैरेट के 447 हीरों, वर्ष 2005-06 में 15 लाख 6 हजार 144 रूपये मूल्य के 393.57 कैरेट के 850 हीरों, वर्ष 2006-07 में 30 लाख 26 हजार 480 रूपये मूल्य के 480.29 कैरेट के 867 हीरों का उत्पादन हुआ तथा वर्ष 2007-08 में अब तक 48 लाख 63 हजार 438 रूपये मूल्य के 492.31 कैरेट के 864 हीरों की बिक्री हो चुकी है। इस तरह हीरों के उत्पादन से कई लोग लखपति बन गए हैं।

 

पेंच टाइगर रिजर्व को बेस्ट मेनटेन्ड टूरिस्ट फ्रेन्डली नेशनल पार्क अवार्ड

पेंच टाइगर रिजर्व को बेस्ट मेनटेन्ड टूरिस्ट फ्रेन्डली नेशनल पार्क अवार्ड

भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार के अंतर्गत ''बेस्ट मेनटेन्ड टूरिस्ट फ्रेन्डली नेशनल पार्क अवार्ड'' (श्रेष्ठ व्यवस्थित पर्यटक हितैषी) पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार वर्ष 2006-07 की उपलब्धियों के आधार पर दिया जा रहा है! जिसे आगामी 27 फरवरी को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित नेशनल टूरिज्म अवार्ड कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया जाएगा।

जंगल बुक लिखने का प्रेरणा स्त्रोत

पेंच टाईगर रिजर्व के वन क्षेत्रों का गौरवशाली इतिहास रहा है। इसके प्राकृतिक सौंदर्य एवं समृध्दि का वर्णन आईने-अकबरी एवं अन्य कई प्राकृतिक इतिहास की पुस्तकें जैसे आर.ए. स्ट्रेन्डल की ''सिवनी, कैम्प लाईफ इन दा सतपुड़ा'', फोर्सेथ की ''हाई लैण्डस आफ सेन्ट्रल इंडिया'', डनबर ब्रेन्डर की ''वाईल्ड एनीमल्स आफ सेन्ट्रल इंडिया'' में है। स्टे्रन्डल की आत्मकथा जैसी किताब ''सिवनी'' रूदियार्ड किपलिंग की ''दा जंगल बुक'' लिखने में मुख्य प्रेरणा स्त्रोत थी।

पेंच टाईगर रिजर्व, इंदिरा प्रियदर्शनी पेंच राष्ट्रीय उद्यान, मोंगली पेंच अभ्यारण्य एवं अन्य बफर वनों से मिलकर बना है। यह मध्य भारत में सतपुड़ा पर्वत श्रंखलाओं के दक्षिण छोर में सिवनी जिले में स्थित है। पेंच नदी इसकी जीवन रेखा है, जो इसके बीचो बीच बहती है। टाईगर रिजर्व के दक्षिण में महाराष्ट्र प्रदेश का टाईगर रिजर्व क्षेत्र है। इस तरह यह क्षेत्र देश का पहला अन्तर्राज्यीय टाईगर क्षेत्र है। वर्ष 1977 में 449.39 वर्ग कि.मी. वन क्षेत्र को पेंच अभ्यारण्य क्षेत्र घोषित किया गया था। वर्ष 1983 में इसमें से 292.850 वर्ग कि.मी. क्षेत्र को पेंच राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया था एवं 118.47 वर्ग कि.मी. क्षेत्र पेंच अभ्यारण्य के रूप में रखा गया। वर्ष 1992 में भारत सरकार द्वारा पेंच राष्ट्रीय उद्यान, पेंच अभ्यारण्य एवं कुछ अन्य वन क्षेत्रों को सम्मिलित कर 757.850 वर्ग कि.मी. क्षेत्र को देश का 19वां प्रोजेक्ट टाईगर रिजर्व बनाया गया।

यहां पर 1200 से अधिक प्रजाति के वनस्पतियों की पहचान की जा चुकी है। जिसमें अनेक संकटापन्न एवं विलुप्तप्राय: प्रजातियां तथा बहुमूल्य वन औषधियां भी शामिल हैं।

पेंच जल विद्युत परियोजना के अंतर्गत वर्ष 1973 से 1988 के मध्य पेंच नदी पर तोतलाडोह जलाशय का निर्माण किया गया। जिससे 72 वर्ग कि.मी. क्षेत्र डूब में आया। इसमें से 54 वर्ग कि.मी. डूब क्षेत्र मध्यप्रदेश एवं शेष महाराष्ट्र में है।

अधिकांश वन क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में घास पायी जाती है। सागौन वनां में भी पर्याप्त मात्रा में घास उगती है। जो शाकाहारी वन्यप्राणियों विशेष रूप से चीतल के लिए उपयुक्त रहवास है।

पेंच टाईगर रिजर्व के विभिन्न प्रकार के रहवास में अनेक प्रकार के वन्यप्राणी पाये जाते है। मुख्य परभक्षी वन्यप्राणियों में बाघ, तेंदुआ, सोनकुत्ता एवं भेड़िया हैं। इस क्षेत्र में पाये जाने वाले मुख्य शाकाहारी वन्यप्राणियों में चीतल, सांभर, नील गाय, जंगली सुअर की बहुतायत में पाये जाते हैं। पेंच टाईगर रिजर्व में तृण भक्षी वन्यप्राणियों का घनत्व भारत वर्ष में सबसे अधिक (90.3 प्रति वर्ग कि.मी.)ं। तथा बायोमास के अनुसार नागरहोले राष्ट्रीय उद्यान के बाद भारत वर्ष में द्वितीय स्थान (6013 कि.ग्रा. प्रति वर्ग कि.मी.) पर है।

पेंच टाईगर रिजर्व के क्षेत्र में अन्य वन्यप्राणियों में चिंकारा, सियार, लोमड़ी, कबर बिज्जू, छोटी इंडियन कबर बिज्जू, जंगली बिल्ली, कॉमन मंगूस, स्माल इंडियन मंगूस, रडी मंगूस, लकड़बग्गा, सेही रेटल इत्यादि हैं। यहां पर 325 से अधिक प्रजाति के प्रवासी एवं अप्रवासी पक्षी पाये जाते हैं। जिनमें मुख्यतया मालाबार पाईड हार्नबिल, इंडियन पिट्टा, आस्प्रे, ग्रे हेडेड फिसिंग ईगल, व्हाईट आईड बजार्ड, शार्ट टोड ईगल एवं 6 प्रकार के गिध्द इत्यादि हैं। शीत ऋतु में हजारों की संख्या में अप्रवासी पक्षी जिसमें ब्राहमनी डक, पिन्टेल डक, बारहेडेड गीस, कूट्स, पोचार्ड, विजन, सुरखाब, टील इत्यादि के जलीय क्षेत्रों में आते हैं। इस प्रकार पेंच टाईग रिजर्व का क्षेत्र वर्ड वाचिंग के लिए एक उपयुक्त स्थान है। अन्य जीव जन्तुओं में 50 प्रकार की मछलियां, 13 प्रकार के उभयचर, 37 प्रकार के सरीसृप, 105 प्रकार की तितलियां, 100 प्रकार के पतंगे, 20 प्रकार के मकड़ियां, 35 प्रकार के डे्रगन एवं डेम्सेल फ्लाई तथा अन्य अनेकों प्रकार के कीट पाये जाते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में बेहतर वन्यप्राणी प्रबंधन एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास के कारण पर्यटकों की संख्या में उत्तरोत्तर वृध्दि हुई है।

जहाँ वर्ष 1999 में मात्र 1333 पर्यटकों का आगमन हुआ था, वहीं वर्ष 2006-07 में यह संख्या बढ़कर 45556 हो गई है। पर्यटकों की संख्या में वृध्दि, पेंच टाईगर रिजर्व की प्रसिध्दी का परिचायक है।

पर्यटकों के लिए राष्ट्रीय उद्यान में वाहन द्वारा जंगल भ्रमण, हाथी पर भ्रमण, नौकायन, रिवर रॉपटिंग, ट्रेकिंग आदि सुविधाएं उपलब्ध है। संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मुख्य द्वार पर इन्टरप्रिटेशन सेन्टर भी बनाया गया है। पर्यटको को ठहराने के लिए कर्माझिरी में पेंच टाईगर रिजर्व के विश्राम गृह एवं टूरिया तथा आवरघनी में निजी टूरिस्ट लॉजेज उपलब्ध हैं।

 

भ्रष्‍ट कार्यपालन यंत्री को ग्‍वालियर न्‍यायालय ने दो साल की सजा सुनाई

भ्रष्‍ट कार्यपालन यंत्री को ग्‍वालियर न्‍यायालय ने दो साल की सजा सुनाई

विशेष न्यायालय ग्वालियर ने लोक निर्माण विभाग खण्ड क्रमांक-2 के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री सुभाषचन्द्र जैन के पास अनुपातहीन संपत्ति मिलने पर दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कार्यपालन यंत्री को 20 हजार रूपये के अर्थदण्ड से भी दंडित किया गया है। अर्थदण्ड अदा न करने पर उसे तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भोगनी होगी। उसके पास से मिली 7 लाख 77 हजार 656 रूपये की अनुपातहीन संपत्ति को राजसात करने के आदेश दिये गये है।

उक्त कार्यपालन यंत्री के विरूध्द अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्रकरण पंजीबध्द किया गया था। प्रकरण में आरोपी के ग्वालियर स्थित निवास से विधिवत तलाशी के दौरान लगभग 19 लाख 72 हजार 564 रूपये की चल-अचल संपत्ति पाई गई थी।

 

सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों के लिए सीएलसीएसएस योजना जारी रहेगी

सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों के लिए सीएलसीएसएस योजना जारी रहेगी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुक्ष्म और मध्यम उद्योगों के लिए '' क्रेडिट लिंकड कैपिटल सब्सिड़ी योजना''को ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान आगे जारी रखने के लिए आज अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके कारण ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान सुक्ष्म और मध्यम उद्योगों को आध्ुनिकीकरण और प्रतिस्पद्र्वा में बने रहने के लिए बढ़ावा मिलेगा।

 

मंत्री ने रेल बजट से पहले किराया प्रस्ताव से संबंधित किसी भी बयान से इंकार किया

मंत्री ने रेल बजट से पहले किराया प्रस्ताव से संबंधित किसी भी बयान से इंकार किया
कुछ समाचार माध्यमों में प्रचार किया जा रहा है कि केंद्रीय रेल राज्यमंत्री श्री आर वेलू ने कहा है कि वर्ष 2008-09 के रेल बजट में रेल भाड़े में कोई बढ़ोत्तरी नही की जा रही है। यहां यह स्पष्ट किया जा रहा कि आज विज्ञान भवन में '' हाई एक्सल लोड'' पर एक सम्मेलन के बाद मीडिया के साथ बातचीत में मंत्री महोदय ने केवल इतना ही कहा था कि बजट में जनता के हितों का ध्यान रखा जाएगा और जब एक पत्रकार ने बजट में रेल भाड़ा वृद्वि के बारे में पूछा तो मंत्री महोदय ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया था। मंत्री महोदय ने रेल भाड़े के बारे में कोई बयान नहीं दिया था क्योंकि यह बात पहले से ही सुनिश्चित है कि माननीय केंद्रीय रेल मंत्री के द्वारा संसद में बजट पेश करने से पहले बजट प्रस्तावों को सार्वजनिक नहीं किया जाता।

 

उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या को बढाने के लिए उच्चतम न्यायालय अधिनियम(न्यायाधीशों की संख्या),1956 में संशोधन

उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या को बढाने के लिए उच्चतम न्यायालय अधिनियम(न्यायाधीशों की संख्या),1956 में संशोधन
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या को बढाने के लिए उच्चतम न्यायालय अधिनियम(न्यायाधीशों की संख्या),1956 में संशोधन करते हुए इस संदर्भ में एक विधेयक को संसद में पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका उदेश्य उच्चतम न्यायालय में भारत के मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या को 25 से 30 तक बढाना है।

उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्वि से अदालत की कार्यप्रणाली में और तीव्रता आ सकेगी और इस दिशा में तय लक्ष्य को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने के लिए वादी जनता को मिलने वाली न्याय प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकेगी।

 

21 febrero

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 8 कार्यो हेतु 49.89 लाख रूपये की प्रथम किश्त जारी

एनआरईजीएस योजनान्तर्गत 8 कार्यो हेतु 49.89 लाख रूपये की प्रथम किश्त जारी

पन्ना 19 जनवरी- अतिरिक्त कार्यक्रम समन्वयक एन0आर00जी0एस0 श्री नागेन्द्र मिश्रा ने 8 कार्यो हेतु 49 लाख 89 हजार रूपये योजनान्तर्गत प्रथम किश्त जारी की है। इसमें जनपद पंचायत पन्ना की ग्राम पंचायत खपटहा में खपटहा वियर कम स्टापडैम निर्माण हेतु 6 लाख 63 हजार रूपये, बडवारा में बडवारा वियर कम स्टापडैम निर्माण हेतु 5 लाख 53 हजार रूपये, पुरूषोत्तमपुर में कुडिया नाला डायवर्सन कार्य हेतु 12 लाख 18 हजार रूपये, रमखिरिया में रमखिरिया वियर कम स्टापडैम निर्माण हेतु    5 लाख 80 हजार रूपये तथा जनपद पंचायत शाहनगर की ग्राम पंचायत बिलपुरा में बिलपुरा से सरईखेडा मार्ग उन्नयन कार्य हेतु एक लाख 63 हजार रूपये, फतेहपुर में मढवा से फतेहपुर मार्ग निर्माण हेतु 15 लाख 7 हजार रूपये, शाहपुर कला में शाहपुरकला से पडरहा मार्ग उन्नयन हेतु एक लाख 25 हजार रूपये एवं ग्राम पंचायत शाहपुर कला में शाहपुर कला से तिगैला मोड मार्ग उन्नयन कार्य हेतु एक लाख     60 हजार रूपये प्रथम किश्त की राशि शामिल है।

 

मुख्‍यमंत्री मुरैना आयेंगें, हो सकती है तंवरघार पर नजरे इनायत

मुख्‍यमंत्री मुरैना आयेंगें, हो सकती है तंवरघार पर नजरे इनायत

संजय गुप्‍ता मांडिल ब्‍यूरो चीफ

मुरैना 21 फरवरी । मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह की आगामी एक दो दिन में मुरैना यात्रा संभव है । संभवत: यह यात्रा अम्‍बाह पोरसा अंचल में होगी ।

अम्‍बाह पोरसा विशिष्‍ट राजपूत बेल्‍ट होने से यदि श्री शिवराज सिंह की यह यात्रा इस क्षेत्र में यदि होती है तो इसे राजनीतिक तौर पर काफी महत्‍वपूर्ण माना जा सकता है ।

परिसीमन लागू हो जाने और प्रदेश कांग्रेस में हुये तगड़े फेर बदल से उपजी स्थितियां अनेक राजनीतिक दलों के लिये चिन्‍ता का विषय बन गयी हैं ।

जहॉं बहुजन समाज पार्टी जिस सोशल इंजीनियरिंग के सेटअप को पिछले पॉंच साल से अंचल में सेट कर रही थी वह नये परिसीमन से पूरी तरह ध्‍वस्‍त हो गयी है ।

ब्राहमण और दलित समाज का उसका एकीकरण वोट बैंक अभियान फिस्‍स होकर रह गया है । नये परिसीमन में ब्राहमण वोट विकेन्‍द्रीकृत होकर छितरा गये हैं और वे पूरे संसदीय क्षेत्र में कहीं भी प्रभवकारी स्थिति या निर्णायक स्थिति में नहीं रहे हैं ।

दूसरी ओर राजपूतों को अब जहॉं अनेक सीटों पर निर्णायक स्थिति भी मिल गयी है वहीं अब दिमनी विधानसभा और मुरैना लोकसभा सीट आरक्षित से सामान्‍य हो जाने से तोमर राजपूत 32 वर्ष के लम्‍बे अन्‍तराल बाद राजनीति में पुन: शिरकत करेंगे । तोमरो की स्थिति अंचल में काफी ताकतवर और प्रभावशाली एवं प्रतिष्ठित है ।

ऐसे हालातों में तंवरघार में मुख्‍यमंत्री की यात्रा कई मायनों में अनेक राजनीतिक संदेश समेटे हुये हो सकती है ।

राजपूताना के इस अहम बेल्‍ट को भाजपा का गढ़ माना जाता है, वहीं यहॉं के राजपूत अभी भी वचन के पक्‍के माने जाते हैं और अहसान का बदला जान देकर चुकाने में गर्व महसूस करते हैं । अत: यह हैरत अंगेज नहीं होगा कि चम्‍बल के इन ठाकुरों को मुख्‍यमंत्री अपने वशीकरण में लेने हेतु सौगातें बरसा दें ।

अम्‍बाह पोरसा अंचल को बहादुरी, शूरवीरता और बदला लेने वाला क्षेत्र माना जाता है । नये परिसीमन के बाद इस क्षेत्र को मुरैना संसदीय क्षेत्र में अचानक काफी अहम रूप में देखा जा रहा है ।

 

बैकवर्ड रीजन ग्रांट फण्ड से 6 कार्य हेतु 239.06 लाख रूपये स्वीकृत

बैकवर्ड रीजन ग्रांट फण्ड से 6 कार्य हेतु 239.06 लाख रूपये स्वीकृत

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पन्ना 19 फरवरी- मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री नागेन्द्र मिश्रा द्वारा बैकवर्ड रीजन ग्रांट फण्ड योजनान्तर्गत 6 निर्माण कार्यो हेतु 2 करोड 39 लाख 6 हजार रूपये की स्वीकृति जारी की गई है। इसके अंतर्गत जनपद पंचायत पन्ना की ग्राम पंचायत गुखौर में मकरी कुठार से गुखौर तक सडक निर्माण हेतु 52 लाख रूपये, शाहनगर की ग्राम पंचायत टिकरिया में टिकरिया से बुधरौंड तक सडक निर्माण हेतु 96 लाख रूपये, अजयगढ की ग्राम पंचायत शहपुरा में शहपुरा से बहिरवारा रूंझ नदी पर पुल एवं सडक निर्माण हेतु 46 लाख रूपये, शाहनगर की ग्राम पंचायत नुनागर में नुनागर-बिहरया रपटना निर्माण हेतु 14 लाख 6 हजार रूपये, ग्राम पंचायत पुरैना में पुरैना स्टापडैम कम काजवे पुरैना से महंगवा तिलिया केन नदी कार्य हेतु 18 लाख रूपये तथा जनपद पंचायत पवई की ग्राम पंचायत हीरापुर में हीरापुर से राजापुर काजवे कम स्टापडैम निर्माण कार्य हेतु 13 लाख रूपये की स्वीकृति शामिल है।