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30 octubre विद्यार्थी देश के नवनिर्माण में भागीदार बनें - राज्यपाल श्री ठाकुर, महामहिम राज्यपाल ने जीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपाधियाँ प्रदान कींविद्यार्थी देश के नवनिर्माण में भागीदार बनें - राज्यपाल श्री ठाकुर, महामहिम राज्यपाल ने जीवाजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपाधियाँ प्रदान कीं ग्वालियर, 29 अक्टूबर 09/ कुलाधिपति एवं महामहिम राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर की अध्यक्षता में आज आयोजित हुए जीवाजी विश्व विद्यालय के दीक्षांत समारोह में डी.एस.सी. की एक मानद उपाधि व डी.लिटि की एक उपाधि सहित कुल 75 शोधार्थियों को पी.एच.डी.,35 विद्यार्थियों को एम.फिल 31 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल व 45 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने जाने माने वैज्ञानिक व प्रौद्योगिकी क्षेत्र के यशस्वी शिक्षाविद् एवं संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो.डी.पी.अग्रवाल को डॉक्टर ऑफ सांइस (डी एस सी.) की मानद उपाधि से विभूषित किया। समारोह में महामहिम राज्यपाल तथा जीवाजी विश्व विद्यालय के कुलपति श्री मजाहिर किदवई द्वारा कुल 188 उपाधियाँ प्रदान की गईं। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे शिक्षा ग्रहण करते समय अपने मन मस्तिष्क में मानव कल्याण और देशसेवा की भावना को सर्वोपरि स्थान दें । उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि आज समारोह में ली गई प्रतिज्ञा के प्रति पूर्ण निष्ठावान बनें और इसे अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व में आत्मसात करें । श्री ठाकुर ने कहा कि अच्छे ध्येय के प्रति संकल्पित होने के लिए आत्मबल की आवश्यकता होती है और यह आत्मबल प्रतिज्ञा के प्रति निष्ठावान रहने से मिलता है । राज्यपाल ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सदैव तत्पर रहें और देश के नव निर्माण में अपनी सम्मानजनक भागीदारी स्थापित करें। राज्यपाल श्री ठाकुर ने दीक्षांत समारोह को भारतीय सनातन पंरपरा का अभिन्न अंग प्रतिपादित करते हुये कहा कि यह समारोह विद्यार्थियों के जीवन के महत्वपूर्ण संस्कार सदृश्य हैं। इस बात की पुष्टि दीक्षांत समरोह के अध्यादेश में उल्लेखित उस शपथ से होती है, जो उपनिषदों से ली गई है । उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने से विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। इसी बात को ध्यान में रखकर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह आयोजित कराये गये हैं। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जिन विश्वविद्यालयों में लंबे अरसे से दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं हुए थे वहां भी दीक्षांत समारोह आयोजित कराये गये हैं। उन्होंने कहा मौजूदा माह के अंत तक प्रदेश के सभी विश्व विद्यालयों में दीक्षांत समारोह आयोजित हो जायेंगे। राज्यपाल ने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षक समुदाय का राष्ट्र निर्माण में हमेशा ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है, आज भी है और भविष्य में भी रहेगा। उन्होंने कहा बदलते परिवेश में विद्यार्थियों को वैज्ञानिक एंव तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के शाश्वत मूल्यों के प्रति निष्ठावान बनने के लिये प्रेरित करने की जरूरत है। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। श्री ठाकुर ने कहा चाणक्य के मार्गदर्शन में चन्द्रगुप्त मौर्य, नागार्जुन के मार्गदर्शन में कनिष्क, स्वामी रामकृष्ण परमहंस के मार्गदर्शन में विवेकानंद और निजामुद्दीन औलिया के मार्गदर्शन में अमीर खुसरो ने जो कर्तव्य परायणता निभाई वह सर्वविदित है। राज्यपाल ने इस अवसर पर शिक्षको का आह्वान किया कि वे देश एवं समाज की सेवा भावना से ओतप्रोत, सुसंस्कृत और चरित्रवान पीढ़ी का निर्माण करें। साथ ही विश्वविद्यालय समय की मांग के अनुरूप विषय-विशेषज्ञों का निर्माण करने पर ध्यान केन्द्रित करें। ऐसा करने से हमारे विद्यार्थी देश के प्रति निष्ठा के भाव से अनुप्राणित होंगे और देश विकास के पथ पर सदैव अग्रसर बना रहेगा। उन्होंने कहा हमारा देश ज्ञान के क्षेत्र में पुरातन से ही विश्व गुरू रहा है। हमारे देश के मनीषियों ने विश्व में नाम कमाया है। इस प्रतिष्ठा को कायम रखने के लिये सतत रूप से हर संभव प्रयास जारी रखने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालयों को यह अहम जिम्मेदारी पूरी निष्ठा, लगन और ईमानदारी से वहन करनी चाहिये। श्री ठाकुर ने कहा आजादी के बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हमारे देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है, हमारे वैज्ञानिक विदेशों में भी शीर्ष पदों पर कार्यरत होकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इन सुखद तथ्यों से हम सब अवगत हैं और स्वयं को गौरवान्वित भी अनुभव करते हैं। इस परंपरा को जारी रखना होगा। कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को इस अवसर पर परामर्श दिया कि वे महात्मागांधी के उस ध्येय को हमेशा अपने अंतर्मन में रखें जो बापू की समाधि स्थल राजघाट के मुख्य द्वार पर अंकित है। इस ध्येय वाक्य का भाव यह है कि हम जब भी कोई विशेष कार्य-योजना बनायें, तो यह अवश्य जांच कर लें कि उससे सबसे गरीब तबके के व्यक्ति को अवश्य लाभ हो। अगर हम इस ध्येय वाक्य को अपने जीवन में आत्मसात कर पाये तो गांधीजी के सपनों के भारत का निर्माण हम अवश्य कर पायेंगे। दीक्षांत समारोह में महामहिम राज्यपाल ने श्री कमल कुमार जैन को डी लिट. की उपाधि से विभूषित किया। दीक्षांत समारोह में 75 शोधार्थियों को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पी एच डी.) प्रदान की गई। जिनमें कला संकाय व सामाजिक विज्ञान संकाय के 25-25, विज्ञान संकाय के 13, वाणिज्य के 2, प्रबंधन व शिक्षा के तीन-तीन व गृह विज्ञान संकाय के 4 शोधार्थी शामिल हैं। समारोह में 35 विद्यार्थियों को मास्टर ऑफ फिलॉस्फी (एम फिल.) की डिग्री प्रदान की गईं। जिनमें कला के 11, सामाजिक विज्ञान के 7,विज्ञान के 9, जीवन विज्ञान व वाणिज्य संकाय के चार-चार विद्यार्थी शामिल हैं। दीक्षांत समारोह में अपने-अपने संकाय में अव्वल रहे 31 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडलों से नवाजा गया। इसी तरह विभिन्न संकायों के 45 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर की उपधियाँ प्रदान की गईं। जिनमें कला के 6, सामाजिक विज्ञान के 12, विज्ञान के 7, जीवन विज्ञान के 8, वाणिज्य के एक, प्रबंधन के 5, शिक्षा के 3, विधि के 2 व आयुर्वेद स्नोतकोत्तर की एक उपाधि दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह का शुभारंभ महामहिम राज्यपाल श्री रामेश्वर ठाकुर के आगमन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। जीवाजी विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. मजाहिर किदवई ने दीक्षांत समारोह शुरू करने की ऑपचारिक घोषणा की। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्यगणों व अधिकारी कर्मचारियों समेत विधायक श्री मदन सिंह कुशवाह, साडा अध्यक्ष श्री जय सिंह कुशवाह, पुलिस महानिरीक्षक चंबल श्री एस के. झा, कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री ए सांई मनोहर, नगर के जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक व विश्वविद्यालयीन छात्र-छात्रायें मौजूद थीं।
28 octubre हस्त प्रक्षालन दिवस मनाया गया - बच्चों और शिक्षकों ने सफाई और स्वच्छता के संवर्धन की प्रतिज्ञा लीहस्त प्रक्षालन दिवस मनाया गया - बच्चों और शिक्षकों ने सफाई और स्वच्छता के संवर्धन की प्रतिज्ञा ली
नई दिल्ली 27 अक्टूबर 09, अच्छे स्वास्थ्य और स्वास्थ्य विज्ञान को बनाये रखने में इसके महत्त्व के विषय में लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के संदेश के साथ आज हस्त प्रक्षालन दिवस मनाया गया । ग्रामीण विकास राज्य मंत्री सुश्री अगाथा संगमा ने कार्यक्रम की अगुवाई की । उन्होंने भोजन से पूर्व और मल त्याग के पश्चात् साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने के संदेश के प्रचार द्वारा स्वच्छता और सफाई के संवर्धन के लिए कार्य करने हेतु समालखा में सर्वोदय कन्या विद्यालय में समारोह में बच्चों और शिक्षकों को शपथ दिलायी ।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए मंत्री महोदया ने सभी विद्यालयों में नियमित आधार पर साबुन की उपलब्धता, पर्याप्त जल और हाथ धोने की सुविधा और विद्यालयों में स्वास्थ्य विज्ञान पर जोर देने के साथ अच्छे रख-रखाव वाली जल और सफाई सुविधा को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया । उन्होंने पूरे वर्ष हस्त प्रक्षालन पर जोर देने के साथ स्वच्छता और सफाई के संवर्धन में मदद करने के लिए ग्रामीण समुदाय से भी आग्रह किया ताकि विद्यालय जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और बेहतरी को सुनिश्चित किया जा सके ।
इस अवसर पर विद्यालय के बच्चो और शिक्षकों द्वारा हस्त प्रक्षालन के महत्त्व पर प्रहसन, मध्याह्न भोजन सहित अनेक कार्य-कलाप आयोजित किए गए थे । महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से संदेश के साथ हस्त प्रक्षालन के महत्त्व पर एक फिल्म की स्क्रीनिंग एक दूसरा महत्त्वपूर्ण आकर्षण था ।
इस वर्ष के हस्त प्रक्षालन दिवस के केन्द्र बिन्दु शिक्षक हैं जिन्हें मध्याह्न भोजन से पूर्व साबुन अथवा सफाई की अन्य वस्तु से सभी बच्चों का हाथ धोना सुनिश्चित करने हेतु अभिमुख किया गया है ।
स्कूल के बच्चों और शिक्षकों को सम्बोधित करने वालों में ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन पेयजल आपूर्ति विभाग में संयुक्त सचिव श्री जे.एस. माथुर, जल एवं वातावरणीय सफाई, यूनिसेफ इंडिया की प्रमुख सुश्री लिजेन बर्गर्स, यूनिसेफ के उप-प्रतिनिधि श्री केविन एस एल लुइस और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल हैं ।
राष्ट्रीय राजधानी में यह कार्यक्रम पेय जलापूर्ति विभाग, सर्व शिक्षा अभियान, मध्याह्न भोजन कार्यक्रम, जी नेट दिल्ली और यूनिसेफ (यूएनआईसीईएफ) के सहयोग से आयोजित किया गया था ।
सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 लागूसूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 लागू नई दिल्ली 27 अक्तूबर, 2009 सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 आज से लागू हो गया है। सेक्शन 52 ( अध्यक्ष तथा सदस्यों के वेतन, भत्तो तथा अन्य शर्ते और नियम), सेक्शन 54 (दर्ुव्यवहार की जांच के लिए प्रक्रिया या अध्यक्ष तथा सदस्यों की अक्षमता), सेक्शन 69 ( सूचना का अवरोधन, निगरानी तथा अवमूल्यन प्रक्रिया तथा सुरक्षा उपाय), सेक्शन 69ए ( आम जनता द्वारा सूचना तक पहुंच तथा रोक के लिए प्रक्रिया तथा सुरक्षा उपाय ), सेक्शन 69बी ( सूचना या आंकड़ा एकत्रिकरण्ा तथा निगरानी के लिए प्रक्रिया तथा सुरक्षा उपाय) के अनुकूल नियमों तथा सेक्शन 70बी के तहत भारतीय कंप्यूटर आपातकाल अनुक्रिया टीम के लिए भी अधिसूचना जारी की दी गई है। सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम को वर्ष 2000 में लागू किया गया था। 15 दिसंबर, 2006 में सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन ) अधिनियम, 2006 को लोकसभा में पेश किया गया और 23 दिसंबर, 2008 को संसद के दोनों सदनों ने इसे पारित कर दिया। इसके बाद 5 फरवरी, 2009 को सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन ) अधिनियम, 2008 को राष्ट्रपति ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी और इसे भारत के राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया।
ई-सेवाओं में तेजी लाने के मुद्दे पर सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्रियों का सम्मेलनई-सेवाओं में तेजी लाने के मुद्दे पर सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्रियों का सम्मेलन
05 कार्तिक, 1931 नई दिल्ली-27 अक्तूबर, 2009
देश भर में विभिन्न राज्य सरकारों ने राष्ट्रीय ई-गवनर्ेंस योजना के अधीन 1,00,000 साझा सेवा केन्द्रों में से 55,000 केन्द्र चालू किए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने सभी राज्यों को शामिल करने के उद्देश्य से 1,50,000 अतिरिक्त केन्द्रों को स्थापित करने की एक योजना तैयार की है। इस प्रकार इन केन्द्रों की कुल संख्या 2,50,000 हो जाएगी। केन्द्रीय सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ए. राजा ने आज यहां सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। मंत्री महोदय ने बताया कि ये साझा सेवा केन्द्र भारत निर्माण के अधीन सेवा प्रदान करने के साथ-साथ राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन आदि जैसे अन्य पऊलैगशिप कार्यक्रमों को अपना सहयोग प्रदान करेंगे।
फिलहाल कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन निगमित क्षेत्रों द्वारा पंजीकरण और रिटर्न दाखिल करने से जुड़ी सेवाएं, आयकर रिर्टन की ई-फाइलिंग और आयकर विभाग द्वारा रिफंड करने, 28 राष्ट्रीय बैंकों के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों का ई-पेमेंट करने, पेंशनर्स पोर्टल के माध्यम से पेंशन भोगियों के लिए ई-सेवाओं सहित 100 से भी अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
श्री राजा ने कहा कि इन साझा सेवा केन्द्रों के स्थापना के साथ ही आम आदमी का सशक्तीकरण करना होगा ताकि वे इनसे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल और प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं तक पहुंच कायम करने के क्रम में सरकार ने जीएनयू लाइक्स लोकलाइज्ड डेस्कटॉप डिस्ट्रीब्यूशन, भारत ऑपरेटिंग सिस्टम सोल्यूशंस विकसित किए हैं, जिनका लक्ष्य भारतीय भाषा को समर्थन प्रदान करने के साथ ही भारतीय जरूरतों की पूर्ति करना है और उम्मीद है की ई-गवर्नेस और ई-एजुकेशन से संबंधित विभिन्न जरूरतों की पूर्ति होगी।
इसके अलावा उद्योग जगत और सरकार दोनों के लिए साथ मिलकर काम करना जरूरी है तभी इस प्रयास के प्रति भागीदारी के माध्यम से इनका शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो पाएगा। उद्योग जगत को सार्वजनिक सेवाओं के वितरण के प्रति भागीदारी के लिए अवसर उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक वैधानिक कार्यक्रम तैयार किए गए हैं।
इस अवसर पर सूचना और संचार प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री सचिन पायलट और सूचना प्राद्योगिकी विभाग के सचिव श्री आर. चन्द्रशेखर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
गृह मंत्रालय द्वारा भारतीय यात्रियों को पाकिस्तान न जाने की सलाहगृह मंत्रालय द्वारा भारतीय यात्रियों को पाकिस्तान न जाने की सलाह नई दिल्ली 27 अक्टूबर 09, गृह मंत्रालय ने भारतीय यात्रियों को सलाह दी है कि वे पाकिस्तान के बिगड़ते सुरक्षा हालातों को देखते हुए वहां न जाएं। गृह मंत्रालय ने परामर्श दिया है कि भारत सरकार का विचार है कि ऐसे समय में जबकि पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में, जहां अनेक गुरूद्वारे स्थित हैं, लगातार हो रहे आतंकी हमलों को देखते हुए भारतीय यात्री वहां न जाएं। भारत सरकार के परामर्शानुसार जब तक पाकिस्तान के सुरक्षा हालातों में सुधार नहीं होता, सभी भारतीय नागरिक गुरूद्वारों के दर्शनार्थ पाकिस्तान की अपनी यात्रा को टाल दें।
केंद्रीय पुलिस बलों का विस्तार राज्य पुलिस बलों में अपर्याप्तता का संकेत : श्री पी. चिदंबरमकेंद्रीय पुलिस बलों का विस्तार राज्य पुलिस बलों में अपर्याप्तता का संकेत : श्री पी. चिदंबरम
नई दिल्ली 27 अक्टूबर 09, केंद्रीय गृहमंत्री श्री पी. चिदम्बरम ने कहा है कि केंद्रीय पुलिस बलों का विस्तार राज्यों में राज्य पुलिस बलों की कमी का संकेत है। श्री चिदम्बरम आज नई दिल्ली में गृह मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में बोल रहे थे। बैठक में चर्चा का विषय '' राष्ट्रीय पुलिस अभियान'' था। गृहमंत्री ने बताया कि केंद्रीय अर्ध्द-सैनिक बलों की संख्या आठ लाख है। उन्होंने इस ओर भी ध्यान दिलाया कि राज्य पुलिस बलों में दोनों ही स्तराें ंपर काफी संख्या में पद खाली पड़े हैं। श्री चिदम्बरम ने कहा कि देश में पुलिस-जनसंख्या अनुपात काफी कम है, जबकि इसे 220 होना चाहिए और यह अंतर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग है। उन्होंने पुराने उपकरणों तथा प्रशिक्षण की कमी जैसी अन्य समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया। गृहमंत्री ने कहा कि राज्य में पुलिस बलों की संख्या में कमी तथा केंद्रीय अर्ध्द-सैनिक बलों पर निर्भरता संघीय ढ़ांचे के लिए अच्छा संकेत नहीं है। राज्य अब परिस्थितियाें की गंभीरता को समझ रहे हैं और पुलिसकर्मियों की भर्ती, प्रशिक्षण और आधुनिकीकरण पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। श्री चिदम्बरम ने कहा कि देश में लंबे समय सक से पुलिस का नज़रांदाज किया जा रहा है और राज्यों की पुलिस व्यवस्था में तुरंत सुधार की ज़रूरत है।
इस बैठक में राज्यसभा से डॉ0 के. मलईसामी, डॉ0 के. केशव राव, श्री महमूद ए.मदानी, मोहिन्दर सिंह मजीठा, रीशांग किशिंग तथा मोहम्मद अली खान और लोकसभा से डॉ0 थोकचोम मैन्या, डॉ0 मोनाज़ीर हसन, डॉ0 रतन सिंह अजनाला, श्री खगन दास, श्री एस. अलगिरी, श्री डी.बी. चदेंगौडा, श्री योगी आदित्य नाथ, कल्याण बनर्जी, श्री वेणुगोपाल रेड्डी, श्री जे.पी अग्रवाल, श्री शीशराम ओला, इस्माईल हुसैन तथा श्री महाबल मिश्र उपस्थित थे। इस बैठक में गृह राज्यमंत्रियों श्री अजय माकन तथा मुल्लापल्ली रामचंद्रन सहित गृह सचिव, सीमा प्रबंधन सचिव, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के महानिदेशक भी उपस्थित थे
27 octubre विधान सभा चुनाव परिणाम, ऐसा पहली बार हुआ है .........विधान सभा चुनाव परिणाम, ऐसा पहली बार हुआ है ......... निर्मल रानी, 163011, महावीर नगर, अम्बाला शहर,हरियाणा, फोन -0171-2535628 email: nirmalrani@gmail.com
महाराष्ट्र् ,हरियाणा तथा अरूणाचल प्रदेश विधान सभा के चुनाव परिणाम आ चुके हैं्। अरूणाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी 60 सदस्यों की विधान सभा में 40 सीटें जीतकर दो तिहाई बहुमत प्राप्त कर चुकी है,वहीं महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी पहली बार लगातार सत्ता की तीसरी पारी खेलने जा रही है। यहां भी कांग्रेस व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी गठंबंधन को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हो गया है। उधर हरियाणा में भले ही अत्यधिक आत्मविश्वास में डूबी कांग्रेस को बहुमत का आंकडा न प्राप्त हुआ हो परन्तु 40सीटें जीतकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उसने अपनी सबसे मंजबूत उपस्थिति एक बार फिर से दजर् कराई है। ंखबर है कि स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए 7 विधायकों का समर्थन भी कांग्रेस को प्राप्त होने जा रहा है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री तथा इनेलो नेता ओम प्रकाश चौटाला तो कांग्रेस पार्टी का सूपड़ा साफ करने की रट लगाए हुएथे। परन्तु उसके बावजूद कांग्रेस पार्टी ही सबसे बड़े दल के रूप में उभर कर सामने आई। हां कांग्रेस पार्टी का सूपड़ा âæफ करने की रट लगाने से चौटाला को अपनी पार्टी इनेलो के पक्ष में ंजबरदस्त सकारात्मक परिणाम अवश्य देखने को मिले। इसमें कोई संदेह नहीं कि देश में इस समय मंहगाई विशेष कर दैनिक उपयोगी वस्तुओं की कीमत में आया भारी उछाल पहले कभी देखने को नहीं मिला था। बावजूद इसके कि इस मंहगाई के विषय में केंद्र सरकार द्वारा बार-बार यह बताया जा रहा है कि वर्तमान मंहगाई की समस्या केवल भारतवर्ष की ही नहीं बल्कि यह एक अंतर्राष्ट्रीय समस्या है। पूरी दुनिया इस मंहगाई की चपेट में है। परन्तु उसके बावजूद हरियाणा में कांग्रेस के विरोधी दलों ने विशेषकर इनेलो ने अपने प्रचार माध्यमों के द्वारा मंहगाईका ऐसा रोना रोया कि आखिरकार इस विलाप ने मृतप्राय होती जा रही इनेलो को गत् विधान सभा में प्राप्त की गई 9 सीटों के स्थान पर नवनिर्वाचित विधानसभा में 32 के आंकडे तक पहुंचा दिया। यहां यह सोचना काफी है कि यदि मंहगाई इतनी अधिक न होती तथा उसका विलाप इस ंकद्र कांग्रेस विरोधियों द्वारा न किया गया होता तो 40 सीटें जीतने वाली कांग्रेस पार्टी दस-पंद्रह सीटों पर और अपनी विजय पताका लहरा सकती थी। बहरहाल चौटाला तो कांग्रेस पार्टी का सूपड़ा âæफ नहीं कर सके। परंतु अपना सूपड़ा अवश्य बचा ले गए तथा एक मंजबूत व शानदार विपक्ष के रूप में हरियाणा विधानसभा में अपनीं जबरदस्त उपस्थिति दर्ज करा दी। परंतु ऐसा भी नहीं है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में किसी का सूपड़ा ही âæफ नहीं हुआ हो। राज्य में सत्ता के सपने देखने वाली बहूजन समाज पार्टी,भारतीय जनता पार्टी तथा हरियाणा जनहित कांग्रेस को उनकी उम्मीदों से कहीं कम सीटें प्राप्त हुईं। बहुजन समाज पार्टी प्रत्याशी के रूप में जगाधरी से चुनाव जीते अकरम ंखान बसपा के एकमात्र विजयी प्रत्याशी हैं। अकरम खान पुराने कांग्रेसी परिवार से सम्बद्ध होने के अलावा पहले भी कई बार दूसरे क्षेत्रों से विधायक व मंत्री रह चुके हैं। उनकी जीत भी पार्टी की जीत कम उन के अपने व्यक्तित्व व जनाधार की जीत अधिक है। अत:देखना यह है कि अकरम खान बसपा में बने रहते हैं अथवा किसी भी समय बसपा की तन्हाई छोड़कर वे भी घर वापसी की राह पकड़ सकते हैं। अत: राज्य में बसपा का तो सूपड़ा âæफ ही समझना चाहिए । भारतीय जनता पाटी भी राज्य में कभी अपना मुख्यमंत्री बनाने तो कभी सत्ता में किंग मेकर की Öêमिका अदा करने के सपने सÁæए बैठी थी। परंतु मात्र 4 सीटें जीत कर भाजपा को अपनी हैसियत का बखूबी अंदांजा हो गया। इन चार सीटों में एक सीट जहां पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण पाल गुर्जर ने जीती है वहीं अंबाला छावनी की सीट पर अनिल विज विजयी हुए है जिनका अंबाला छावनी में स्वयं का अच्छा जनाधार है तथा वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी दो बार विधायक रह चुके हैं। उधर नवगठित हरियाणा जनहित कांग्रेस के सिर पर से भी इस बात का भूत पूरी तरह उतर गया होगा कि राज्य में कांग्रेस पार्टी चौधरी भजन लाल के दम पर ही चला करती थी। हजकां ने प्रदेश में मात्र 6 सीटें जीती हैं। जिनमें जहां एक सीट स्वयं हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्ोई ने जीती है वहीं वे अपनी माताश्री जस्मां देवी तक को जीत नहीं दिलवा सके। लिहांजा इनका भी सूपड़ा साफ ही समझा जाना चाहिए। अब अपनी राजनैतिक हैसियत को आंकने के बाद कुलदीप बिश्ोइ अपने व अपनी राजनैतिक पार्टी के विषय में क्या फैसला लेते हैं इस पर भी हरियाणा की राजनीति पर नंजर रखने वालों की निगाहें टिकी हुई हैं। उधर महाराष्ट्र में भी कई राजनैतिक घटना क्रम इस ताजातरीन विधान सभा चुनाव के मध्य ऐसे देखने को मिले जिनके बारे में सर्वत्र यही कहा जा रहा है कि- ऐसा पहली बार हुआ है। राज्य में इस बार पहली बार शिवसेना को सबसे कम सीटों अर्थात ्44 के अंक पर ही संतोष करना पड़ा है। सत्ता पर अपना दावा ठोकने वाली शिवसेना पहली बार इतनी कम संख्या तक पहुंची है। उधर कांग्रेस पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता पर अपना ंकब्ंजा जमाने जा रही है। ऐसा भी पहली बार होने जा रहा है। वहीं महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी की भी बुरी तरह हवा निकल गई है। भाजपा-शिवसेना गठबंधनको महाराष्ट्र की जनता ने ंखारिज कर साम्प्रदायिकता की विचारधारा रखने वाले दलों को पूरी तरह नंजर अंदांज कर दिया है। बजाए इसके महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना नामक नए राजनैतिक दल ने राज्य में पहली बार 13 सीटें जीतकर न केवल महाराष्ट्र विधानसभा में अपनी मंजबूत उपस्थिति दर्र्ज कराई है बल्कि शिवसेना के अरमानों पर पानी Ȥेरने का बखूबी काम किया है। वहीं अरूणाचल प्रदेश में लगातार दूसरी बार दो तिहाई बहुमत से विधान सभा चुनाव जीतकर कांग्रेस पार्टी ने अन्य सभी विपक्षी दलों का पूरी तरह से सफ़ाया कर दिया है। प्रश् यह है कि इन तीनों राज्यों के ताज़ातरीन चुनाव परिणाम हमें क्या संदेश दे रहे हैं। इन विधान सभा चुनावों में विपक्ष के पास कांग्रेस के विरूद्ध ले दे कर एक ही सशक्त मुददा था और वह था केवल मंहगाई का मुददा। तीनों राज्यों में न कहीं भ्रष्टाचार मुददा बना न तो अराजकता या आतंकवाद। मुददा बनी तो केवल और केवल मंहगाई और वह भी कमरतोड़ मंहगाई। ऐसी मंहगाई जोकि क्या पक्ष क्या विपक्ष क्या कांग्रेसी तो क्या ंगैर कांग्रेसी सभी को अर्थात् आम नागरिकों को झेलनी पड़ रही है। निश्चित रूप से मंहगाई के इस दानव को प्रचारित व जीवंत करने के लिए विपक्षी दलों ने सैकड़ों करोड़ रुपये इस मुददे के प्र्रचार व विज्ञापन में लगा दिए। इन सब के बावजूद कांग्रेस को हरियाणा में 27 सीटें कम होने जैसा बड़ा झटका ंजरूर लगा परंतु विपक्ष उसे सत्ताा से दूर फिर भी नहीं ले जा सका। इसका अर्थ क्या निकाला जाना चाहिए। दरअसल जनता जहां एक ओर मंहगाई को लेकर कांग्रेस पार्टी से कुछ हद तक नारांज थी वहीं यही जनता यह भी बंखूबी समझती रही कि मंहगाई का ढोल पीटने वालों का मंकसद केवल सत्ता पर कब्ंजा जमाना है। मंहगाई दूर करना तो इनके वश की भी बात हरगिंज नहीं है। हां यह चुनाव परिणाम यह सवाल ंजरूर छोड़ गए हैं कि यदि इतनी अधिक मंहगाई न बढ़ी होती तो विपक्ष के पास जनता के पास जाने के लिए क्या मुददा रह जाता और ऐसे में फिर वास्तव में यह देखने वाली बात होती कि किस का सूपड़ा बचा और किस का साफ हुआ। फिलहाल तो वर्तमान चुनाव नतीजे कई राजनैतिक घटनाक्रमों को लेकर यही प्रदर्शित कर रहें हैं,गोया-ऐसा पहली बार हुआ है। निर्मल रानी
23 octubre दीपावली शुभकामनाओं के लिये धन्यवाद- Gwalior Timesदीपावली शुभकामनाओं के लिये धन्यवाद- Gwalior Times आप सभी को दीपावली की शुभकामनायें देने के लिये धन्यवाद, मेरी ओर से सभी को यह पर्व नवसंचार, मंगलमय और समृद्धिदायी हो । मुझे दुख है अबकी बार बहुत अधिक व्यक्तिगत शुभकमामनायें आ जाने से मैं सबको व्यक्तिगत शुभकामनायें नहीं दे सका, हजारों शुभकामना दाताओं को मेरी शुभकामनायें, आपकी शुभकामनाओं से हमारे सारे ई मेल बाक्स फुल हो गये और ग्वालियर टाइम्स वेबसाइट अपडेशन तीन चार दिन तक ठप्प हो गया यह आपका प्यार और उत्साहवर्धन हमें अच्छे काम करने की प्रेरणा देता है हमारे काम को श्रेष्ठ बना कर गति देता है - बड़े प्यार के साथ - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द'' प्रधान संपादक , ग्वालियर टाइम्स वेब समूह भारतीय प्रशासनिक सेवा के सात अधिकारियों की पदस्थापनाएंभारतीय प्रशासनिक सेवा के सात अधिकारियों की पदस्थापनाएं ग्वालियर नगर निगम आयुक्त श्री शर्मा सागर कलेक्टर बने Bhopal:Thursday, October 22, 2009 राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के सात अधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए उनकी नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किये हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज जारी किये आदेश के अनुसार इन अधिकारियों के नाम, वर्तमान पदस्थापना और नवीन पदस्थापना इस प्रकार है-
राज्य शासन द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार श्रीमती लवलीन कक्कड़ द्वारा सामाजिक न्याय विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती टीनू जोशी इस विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगी। श्री सेवाराम द्वारा श्रम विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री के.पी. सिंह इस विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे। श्री अरुण तिवारी द्वारा आयुक्त कोष एवं लेखा का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अश्विनी कुमार राय इस पद के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे। इसी आदेश में मध्यप्रदेश राज्य भंडार गृह निगम के प्रबंध संचालक श्री अनिल श्रीवास्तव को अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ प्रमुख सचिव ग्रामोद्योग तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
22 octubre तीन राज्यों में कांग्रेस की शानदार जीत साम्प्रदायिक सदभाव की जीत :अशोक सिंहतीन राज्यों में कांग्रेस की शानदार जीत साम्प्रदायिक सदभाव की जीत :अशोक सिंह ग्वालियर २१ अक्टूबर .मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अशोक सिंह ने महाराष्ट्र ,हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश में लगातार कांग्रेस की शानदार जीत पर प्रसन्नता जताते हुए इस निर्णय के लिए जनता को बधाई देते हुए इसका श्रेय पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी ,प्रधान मंत्री डॉक्टर मन मोहन सिंह और राहुल गाँधी को दिया है .सिंह ने कहा की इन परिणामों ने एक और साम्प्रदायिक और क्षेत्रवादी ताकतों को नाकारा है वहीँ कांग्रेस की राष्ट्रीयता की नीति और आम आदमी ,किसान और मजदूरों के लिए लागू की गयी योजनाओं का साथ दिया है .
Helping Your Child Control Anger-SUSHEEL GOELHelping Your Child Control Anger SUSHEEL GOEL You're hoping for a nice, quiet afternoon. Your toddler finally settled down for a nap and your oldest is happily attending first standard. However, you receive a phone call from the school. "So much for happily attending school," you sigh after hearing the news. Your child was just sent in from recess for fighting. When you pick him up, he explains that he just couldn't help it. He got mad because Rohit said he was ugly. You've taught him that fighting is wrong, but you've also taught him that it is wrong to call other people names or to do things that would make them feel bad. But what if someone does something to make him feel bad? How should he handle his anger? Answering that question may seem
difficult for a parent. Your child is bombarded with messages teaching
violence as the way to handle anger,
but you want him to be better than that. Fighting is not the way to express
displeasure. When teaching him how to handle anger, it is vital that you don't
unconsciously teach him that anger
is wrong. Your child must learn that all of his feelings are normal,
acceptable, and
universally experienced. Even anger. He may think that because he is angry, he is a bad
person. Feeling a certain way does not make him good or bad. The only thing
that will make your child's emotions good or bad is the way they are handled. Children Expressing Anger Anger is the most difficult emotion to handle, especially for young children. Your child is just beginning to understand and label the way she is feeling inside. Children express anger when they are frustrated with something or get their feelings hurt by another. Children cannot distinguish feelings from actions, so when they are upset, they bite, hit, kick, or scream. In order for your child to calm down, you must express empathy, warmth, and support. As your child grows, he will begin to link cause and effect to his emotions. She may still want to hit and kick when you won't let her have a cookie before dinner, but she also knows that if she follows through with these feelings, she will not be allowed to watch TV. So, instead, she uses her verbal skills to cry out, "I hate you!" As a parent, you want your child to be
comfortable with what she is feeling, and also to express those feelings
properly. Anger
is not acceptable when it is expressed violently. Therefore, you must teach
your child how to express such an intense emotion in a more acceptable manner.
As a parent, it is your responsibility to teach your child that while it is OK
to be mad, it is definitely not OK to be mean.
Causes of Anger There are many potential causes of anger and aggression. Victims: Some children who are too aggressive have been the victims of aggressive behavior. Abusive parents, siblings, or peers can be imitated by the abused. Children who are "picked on" or abused by others surely do pick on other children. However, it is dangerous to assume that all aggressive children are abused themselves. Overindulgence: If children are accustomed to get what they want when they want it, they may become verbally or physically aggressive with other children when their wish is not immediately granted. They may even bully their parents and siblings. Roughhousing: Aggressive behaviors may also be imitations of play for some children. Rough housing and fun teasing may be defined as love for children, and hitting and touching become an automatic way of interacting. They may not understand they are being aggressive. If this is so, curtail aggressive play. TV and Video Games: Sometimes children's programs involve as much aggressive behavior as adult ones! Parent Sabotage: Another important source of aggressive behaviors is parents who are not parenting as a team. If a parent takes the child's side against the other parent, aggressive and manipulative behavior is often the result. This is because the child is given more power than the other parent. This especially happens during or after a divorce. Inner Anger: Sometimes children have inner anger because of something that has gone wrong in their childhood that they do not understand. Adopted or foster children, who have been neglected as infants, children involved in predivorce arguments, children whose parents have serious medical problems, all could be acting out their unconscious unhappiness and frustrations. Illness: Hearing, visual, or intellectual deficits that children cannot explain to parents can cause frustration and lack of understanding that result in angry and aggressive behavior.
Strategies to Control Anger 1. Acceptable Ways To Express Anger: In the long run, you want your child to be able to verbalize his anger in a calm but assertive way. Encourage your child to come to you when he's angry and to talk about it until he feels better. Teach your child to stop and count to 10 before doing anything about his anger. Help him learn to walk away from a bad situation. a. THE TURTLE TRICK: When your child is upset, have her do the turtle trick. (It is best to practice this at a time when she is not angry.) Explain to her that rather than hitting or calling someone names, she may pretend that she is a turtle. When a turtle gets scared or mad, he goes inside his shell where it is safe. The shell gives the turtle a chance to calm down because it is protecting him from others. If she goes into her "shell" it will protect her because she won't get into trouble for hitting a playmate. This is generally effective with young elementary children who enjoy "pretend" playing although it may take awhile for them to become proficient. b. TALK TO YOURSELF: This can be a second step to the turtle trick or it can be used alone. When your child is mad, have him talk to himself. Have him say, out loud, "Take a deep breathe and relax." Then have him say it quietly to himself. Practice other sentences such as, "I can control my temper," or "I'll think of a way to solve this problem." Link them all together and have your child repeat them over in his head. Sometimes, just telling yourself you are calm will help you become that way. c. USE YOUR POCKETS: Explain to your child that it is okay to be upset, but it is not okay to hit or break things. When she is angry, have her put her hands in her pockets or hold them behind her back. This will help control the urge to hit. While her hands are in her pockets, have her tell the person how she is feeling and why. This also encourages effective communication skills. d. SAY IT NICELY: When you are angry, it is difficult to be polite. Practice with your child ways to say you are mad that do not hurt others. Some examples include, "That bothers me," "Stop bugging me," "I don't like that," "That makes me angry," and "Leave me alone." Notice that all of these statements avoid starting with "you." When you say, "You are bugging me," it only makes the person defensive and they will annoy you more. e. WRITE
DOWN YOUR FEELINGS: Buy your older child a diary where he can write
down his feelings. Or, have him write a letter to the person that made him
upset. Pretend that he is going to give this note to that person. Tell that
person exactly how she made him feel and why he is feeling that way. If your
child can't write, have him dictate a letter to you. Keep the note for awhile,
and when your child is no longer angry, have him tear up the letter and throw
it away. 2. Set
a Good example: Show self-control and verbal problem solving you.
Never hit your child for hitting someone else. Hitting your child only teaches
that it is fine to hit if you are bigger. If your child tends to be aggressive,
it is critical to eliminate all physical punishment (such as spanking). You can
use many other consequences (such as a time-out) to teach your child right from
wrong. Sometimes you will need to make a stronger statement, such as taking
away a party or a play date with a friend. Your disappointment
in his behavior can be a powerful deterrent. A statement like "You must
never, you hear me, absolutely never hit a child again." will be a clear
and appropriate message to an aggressive child. 3. Good,
consistent parenting: A combination of lax discipline and hostile
attitudes by parents can produce very aggressive and poorly controlled
children. If you indulge or neglect your child, and then punish excessively,
your parenting will cause your child to be aggressive, rebellious, and
irresponsible. 4. Reward
Your Child for Friendly Behavior: Praise him for being nice to
people, for playing with age mates in a friendly way, for sharing things and
for helping other children who have gotten into a hitting pattern. If your
child has a problem with hitting her brother, praise her for giving him a hug
or pat. Every time he plays with his friends or siblings without fighting,
praise him for playing co-operatively. Some children respond to a system of
receiving a treat or star chart for each day they go without any
"hitting"-type behavior. 5. Establish
A Rule: "Do not hit, because it hurts.
We do not hurt people." 6. Say
it with words: Teach him how to negotiate (ask for) what he wants,
rather than taking it. This will be a lesson for life. Teach him how to take
turns or how to trade one of his toys to gain use of another child's toy. 7. Supervision
by parents: Young children are calmed by the presence of an adult.
Show interest in their activities, and be ready to become involved in time to
head off trouble. If you notice two children getting irritated with each other,
suggest a new game, or give them separate activities for a little while. 8. Inactivity
may also lead to aggressive behavior: Your child needs plenty of
opportunities for strenuous outdoor play and exercise. This will help him get
rid of tension and extra energy. 9. Time-Out: Make it perfectly clear to your child that aggressive acts are not acceptable and will not be tolerated. Explain why you disapprove. Set the rules, and consistently enforce them. Use the "time-out" penalty. This means that for a specific amount of time the child must be isolated from social contact. After an aggressive act, explain what she did wrong, and walk with her to the "time-out" area. Explain that because of what she did (slapping your leg, pinching her sister, etc.) she will have two minutes of time-out. Set a timer for two minutes and let her know the time-out is over when it rings. Being in a time-out helps a child learn to cool down (rather than blow up) when he is angry. Giving your child a time-out is one way of teaching him to walk away from anger. Younger children with limited expressive language (less than three or four years old) need time to develop these skills. When they are in a time-out, don't be surprised if they pout, mutter to themselves, yell in their room or pound on their door. If these physical outlets for anger are blocked, a more aggressive outburst may occur. As long as the behavior is not destructive, ignore it. After putting your child in a
time-out, pick up the child who has been injured and give him extra sympathy
and attention. It is especially helpful if you can rescue the victim before he
is hurt. In your child's mind, the attention he wanted is now being given to
the other person, and that should give him some "food for thought."
If fighting is a pattern with certain playmates or siblings, be sure the "victim"
is not "setting up" the "perpetrator" to gain attention. If
a time-out does not seem to be effective, take away your child's favorite
toy or television time for the remainder of the day.
10. Non exposure to violence in Television and movies: Studies have shown that the more violent the programs preferred by children, the more aggressive their behaviour. Aggressiveness is a normal reaction in
children. They let out their angry emotions when they feel they need to protect
their safety or happiness. As parents it is our responsibility to help them
express their anger and -- 18 octubre केन्द्रीय विद्यालयों में विकलांग बच्चों के लिए शुल्क माफीकेन्द्रीय विद्यालयों में विकलांग बच्चों के लिए शुल्क माफी नई दिल्ली 15 अक्टूबर 09 सरकार ने केन्द्रीय विद्यालयों में पढने वाले विकलांग बच्चों के लिए आज महत्वपूर्ण घोषणा की । इसके तहत ऐसे बच्चों को शुल्क से छूट दे दी गई है जो पहली अक्तूबर, 2009 से लागू होगी । इन बच्चों को विद्यालय विकास निधि और टयूशन फीस के भुगतान से छूट दी जाएगी । केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री कपिल सिब्बल ने केन्द्रीय विद्यालय संगठन के अध्यक्ष के नाते यह निर्णय लिया, जिसके बाद आज संगठन ने इस संबंध में आदेश को अधिसूचित कर दिया । इस निर्णय के तहत विकलांग या अक्षम व्यक्ति का तात्पर्य किसी भी तरह की अक्षमता से, 40 प्रतिशत से अधिक पीड़ित व्यक्ति से है, जिसे सरकारी अस्पताल के चिकित्सा बोर्ड ने प्रमाणित किया हो । इस निर्णय से 2500 बच्चों के लाभान्वित होने की आशा है ।
भारत-अमरीका शिक्षा परिषद गठित करने का प्रस्तावभारत-अमरीका शिक्षा परिषद गठित करने का प्रस्ताव श्री कपिल सिब्बल और अमरीकी उपमंत्री विलियम बर्न्स की मुलाकात
नई दिल्ली 15 अक्टूबर 09 भारत और अमरीका ने भारत अमरीका शिक्षा परिषद गठित करने का प्रस्ताव किया है । इस परिषद में उद्योग एवं शिक्षा क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे । यह परिषद दोनों देशों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को बढावा देने में समन्वय करेगी । केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री कपिल सिब्बल और अमरीका के राजनीतिक मामलों के उपमंत्री श्री विलियम बर्न्स की मुलाकात में आज यहां इस बात पर चर्चा हुई। नवम्बर में प्रधानमंत्री की तथा अक्तूबर के अंत में श्री कपिल सिब्बल की अमरीका यात्रा की पृष्ठभूमि में यह बैठक हुई । अमरीकी शिष्टमंडल ने बताया कि अमरीका में अनेक विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में भारत की योजना और प्रगति के बारे में जानने को उत्सुक हैं । दोनों देश शोध, पत्राचार के माध्यम से शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, दक्षता विकास, संकाय के आदान-प्रदान, सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावना तलाश रहे हैं ।
15 octubre CBI files charge sheet against two officials of Canara Bank and others in a fraud case of Rs. 1.17 croresCBI files charge sheet against two officials of Canara Bank and others in a fraud case of Rs. 1.17 crores New Delhi, 15-10-2009 The Central Bureau of Investigation has filed a charge sheet u/s.120-B r/w 420, 468, & 471 of IPC and Sec. 13 (2) r/w 13 (1) (d) of the Prevention of Corruption Act, 1988 before the XXI Addl. City Civil and Sessions (Special) Judge, Bangalore against the then Branch Manager, an officer (Advances Department), both of Canara Bank, Corporate Consumer Finance Branch, Infantry Road, Bangalore; an Assistant Grade-II & an Ancillary Labour, both of M/s Food Corporation of India, Bangalore and an owner of a Bangalore based Hotel for causing loss of Rs. 117 lakhs (approx.) to the Bank. Investigation had revealed that the owner of a Bangalore based Hotel near M/s. Food Corporation of India, Bangalore during the year 2000-01 had come in contact with Assistant Grade.II & Ancillary Labour, both of M/s. Food Corporation of India, Bangalore and others. They had entered into a criminal conspiracy with Sr. Manager & Officer (Advances Department), both of Canara Bank, Corporate Consumer Finance Branch, Infantry Road, Bangalore in the matter of availing loan under Canjewel Budget Scheme. In furtherance of the conspiracy they had submitted applications in the name of employees of M/s. Food Corporation of India along with forged/inflated salary slips to Canara Bank, Corporate Consumer Finance Branch, Infantry Road, Bangalore. The applications were processed by the two officers of Bank and 95 loans total amounting to Rs.117.79 lakhs (approx.) were sanctioned in the name of 95 employees of M/s. Food Corporation of India during 2000-02. These borrowers were daily paid service labourers and were not the regular employees of M/s. Food Corporation of India. They were also not entitled for loan under the Can Budget Loan Scheme. It was also revealed some of the borrowers were not on the pay rolls of M/s. Food Corporation of India. The Assistant Grade-II of M/s Food Corporation of India was not authorised to issue the salary certificates/salary mandates in the name of individual borrowers. However, he had issued fake salary slips/salary mandates by claiming to be Asst. Manager (Labour Cell), M/s. Food Corporation of India, Bangalore with the help of other two conspirators. The bank officials had sanctioned the loan without causing verification in to the bonafides of the borrowers and the documents submitted by them. Thus the bank has suffered a loss of Rs.117.79 lakhs (approx.) in these transactions.
Kids Missing:/] Kids Missing Alert - 15 October 2009
Kids Missing Alert 15th October 2009
NHRC organizes one-day Workshop on Human Rights Defender to mark its Foundation DayNHRC organizes one-day Workshop on Human Rights Defender to mark its Foundation Day
New Delhi, October 12, 2009
मुरैना के बिजली अधिकारीयों के खिलाफ जालसाजी और कूटरचित बिल बनाने के और मामले दर्जमुरैना के बिजली अधिकारीयों के खिलाफ जालसाजी और कूटरचित बिल बनाने के और मामले दर्ज मुरैना 14 अक्टूबर 09, मुरैना विद्युत वितरण कम्पनी के और भी कई आला अधिकारीयों के खिलाफ जालसाजी कर कूट रचित विद्युत बिल दिये जाने के और भी कई गंभीर मामले भारत सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय के तहत कार्यरत कोर सेण्टर एवं पुलिस को दर्ज कराने हेतु प्राप्त हुये हैं , प्रकरण प्रथम दृष्टया सही पाये जाने से इन्हें दर्ज करने की कार्यवाही की जा रही है फिलहाल इनका इन्वेस्टीगेशन भी एडवोकेट नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा तैयार करके रिपोर्ट तैयार की गयी है । यह रिपोर्ट भी सी.बी.आई. एवं आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो की ओर वरिष्ठ अभिभाषक पदम चन्द गुप्ता के प्रकरण के साथ भेजी जा रही है । प्रकरण की शिकायत ऑनलाइन महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रशासनिक सुधार मंत्रालय को भी की जा रही है । ग्वालियर टाइम्स द्वारा खबर लिखे जाने तक मुरैना विद्युत वितरण कम्पनी के एस.ई. एस.के.सचदेवा, डी.ई. आर.के.गुप्ता, ए.ई. पी.के.शर्मा के कार्यालयीन फोनों पर तथा मोबाइल फोनों पर कई फोन लगाये गये लेकिन अधिकारीयों के फोन नाट रिस्पाण्डिंग आ रहे थे ।
14 octubre केन्द्रीय सूचना आयोग के चतुर्थ वार्षिक सम्मेलन में उप-राष्ट्रपति का समापन संबोधनकेन्द्रीय सूचना आयोग के चतुर्थ वार्षिक सम्मेलन में उप-राष्ट्रपति का समापन संबोधन नई दिल्ली 13 अक्टूबर 09, भारत के उपराष्ट्रपति मो.हामिद अंसारी ने कहा है कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज के नागरिकों के बीच अपनी सरकार के प्रति असंतोष के स्तर पर ध्यान दिया जाना चाहिए। केन्द्रीय सूचना आयोग के चौथे वार्षिक सम्मेलन में अपने संबोधन में आज उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस तरह के असंतोष ही प्रशासनिक प्रक्रिया की लापरवाही को दूर करते हुए सरकार पर अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का दबाब बनाते हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और समानुभूति का व्यवहार रखते हुए यथार्थ आबंटन और उनका सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है कि इस प्रवृत्ति में सूचना का अधिकार अधिनियम कोई अपवाद नहीं है। जब 2005 में यह पारित हुआ था, तब इसका यह कहकर स्वागत किया गया था कि यह सरकार और नागरिकों के बीच सत्ता के संतुलन में बुनियादी बदलाव के उदेश्य से उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है। लेकिन तब चार वर्षो में, इस कानून से भी असंतोष देखने में आया है।
उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा कि पर्याप्त कार्यान्वयन को देखते हुए, सूचना आयुक्तों के सम्मेलन में गंभीर और सक्रिय विचार-विमर्श होना चाहिए।
उपराष्ट्रपति मौ.हामिद अंसारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आरटीआई अधिनियम पर सूचना के साथ अधिनियम का अनुवाद हमारे संविधान की 8वीं सूची में परिगणित 22 भाषाओं में उपलब्ध नहीं है। कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन मंत्रालय की वेबसाईट पर सिर्फ 11 भाषाओं में ही आरटीआई उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सूचना आयोग की सूचना के प्रसार के लिए हिन्दी वेबसाईट नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यों के सूचना आयोगों की वेबसाईटों पर ना तो आरटीआई अधिनियम और ना ही ऑंकड़ें उपलब्ध हैं। इस मुददे को शीघ्रातिशीघ्र हल किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सशक्तीकरण अर्थहीन होगा यदि इसे उस भाषा में उपलब्ध कराया जाए जो नागरिक की समझ से परे हो।
कपिल सिब्बल ने नए केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एक समान प्रवेश परीक्षा का आह्वान कियाकपिल सिब्बल ने नए केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एक समान प्रवेश परीक्षा का आह्वान किया नई दिल्ली 13 अक्टूबर 09, नए केन्द्रीय विश्वविद्यालयों को अपने पाठयक्रमों में प्रवेश के लिए एक समान प्रवेश परीक्षा के आयोजन पर विचार करना चाहिए ताकि छात्रों और उनके परिवारों को परीक्षाओं और विचार-विमर्श के लिए विभिन्न गंतव्यों पर जाने की परेशानी से निजात मिल सके। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री कपिल सिब्बल ने आज नए केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के उप-कुलपतियों की बैठक के दौरान यह विचार व्यक्त किए। उपकुलपतियों को संबोधित करते हुए श्री सिब्बल ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालयों को देश में अकादमिक दक्षता में उदाहरण के तौर पर पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन विश्वविद्यालयों को अपने राज्यों में उच्च गुणवत्तायुक्त अनुसंधान और परिकल्पित अकादमिक पाठयक्रमों के साथ एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाना चाहिए जो राज्य में रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। श्री सिब्बल ने कहा कि यूजीसी को इन उपकुलपतियों के सहयोग से एक पैनल बनाने को कहा गया है ताकि इनमें कम से कम समान पाठयक्रम हो सकें। बैठक के दौरान, बिहार, गुजरात, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, सिकिम्म, तमिलनाडु और केन्द्रीय विश्वविद्यालयों का दर्जा पा चुके तीन पुराने राज्य विश्वविद्यालय छत्तीसगढ, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश के उपकुलपतियों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। उच्चतर शिक्षा के सचिव श्री आर.पी.अग्रवाल और यूजीसी के अध्यक्ष श्री सुखदेव थोरट ने भी बैठक के दौरान अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए।
13 octubre सूचना और प्रसारण मंत्रालय का प्रकाशन: स्प्रेडिंग द मैसेजसूचना और प्रसारण मंत्रालय का प्रकाशन: स्प्रेडिंग द मैसेज नई दिल्ली 12 अक्टूबर 09, सूचना, प्रसारण और फिल्म क्षेत्र में सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों और नीतियों के संदर्भ में सूचना के प्रसार के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पहली बार न्न स्प्रेडिंग द मैसेज न्न का प्रकाशन किया है। इस पुस्तक का उदेश्य मीडिया और मनोरंजन उद्योग की बदलती पृष्ठभूमि में मंत्रालय द्वारा की गई नीतिगत पहलों को समझाने का व्यापक प्रयास करना है। यह प्रकाशन सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रमुख दायित्वों और संगठन को दर्शाता है। यह मंत्रालय की विभिन्न मीडिया इकाईयों के सदर्भ में नीतिगत पहलों का विवरण है
इसके संदर्भ में केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री श्रीमती अंबिका सोनी ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में लोगों को सही और समय पर वृध्दि और विकासपरक जानकारी देने में सूचना और प्रसारण मंत्रालय की अहम भूमिका है। श्रीमती अंबिका सोनी ने कहा कि लोगों को जानकारी देने के सरकारी प्रयासों में मंत्रालय की भूमिका और दायित्वों को समझने के लिए पणधारकों के लिए यह प्रकाशन उपयोगी होगा।
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