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31 enero

नगर निगम क्षेत्रों के बिल्डर एवं रहवासियों की बैठकें 4 फरवरी को

नगर निगम क्षेत्रों के बिल्डर एवं रहवासियों की बैठकें 4 फरवरी को

भोपाल 30 जनवरी 09। आगामी चार फरवरी को प्रदेश के सभी नगर निगम मुख्यालयों पर प्रायवेट कालोनाइजर, बिल्डर तथा इन कालोनियों के रहवासियों की संयुक्त बैठकें बुलाई जा रही है।

       बैठक में बिल्डर, कालोनाइजर्स तथा वे रहवासी मौजूद रहेंगे जिन्होंने बिल्डर अथवा कोलोनाइजर से मकान खरीदा है, लेकिन उक्त कालोनियों में बिल्डर द्वारा वायदे के मुताबिक विकास कार्य नहीं कराये गये है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश पर आयोजित इन बैठकों में संबंधित नगर निगमों के महापौर तथा आयुक्त, कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक अनिवार्य रुप से बैठक में मौजूद रहेंगे। बिल्डर, कालोनाइजर्स एवं रहवासियों की इन संयुक्त बैठकों में रहवासी कालोनियों में विकास के संबंध में अपनी शिकायतें लिखित में दे सकेंगे। जिन पर बिल्डरों से चर्चा कर उनसे बाकी बचे विकास कार्य करवाये जायंगे।

नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 में हाल ही में एक संशोधन किया गया हैं जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि जो कालोनाइजर्स अथवा बिल्डर मकान क्रेता से किये गये वायदे के अनुसार कालोनी में विकास कार्य नहीं करते है उन्हें सजा और अर्थदंड दोनों से दंडित किया जा सकता है। इसके अलावा अनुविभागीय दंडाधिकारियों को यह अधिकार भी दिया गया है कि वे विकास कार्य न कराने वाले बिल्डर के शेष प्लाट जब्त कर उतनी राशि के प्लाट नीलाम द्वारा बेच दें जितनी राशि से संबंधित कालोनी में विकास कार्य कराये जाने हैं।

किन्हीं अपरिहार्य कारणों से यदि किसी नगर निगम में चार फरवरी को उक्त संयुक्त बैठक नहीं हो पा रही हो तो वहां उसके अगले दिन इस तरह की बैठक आयोजित की जायेगी।

 

साइकिल रिक्शा और हाथठेला चालक आज होंगे मुख्यमंत्री के मेहमान

साइकिल रिक्शा और हाथठेला चालक आज होंगे मुख्यमंत्री के मेहमान

भोपाल 30 जनवरी 09। साइकिल रिक्शा और हाथठेला चलाकर अपना जीवन गुजार रहे लाखों मेहनतकश लोग आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मेहमान होंगे। यह सभी आज मुख्यमंत्री से अपनी मुश्किलों और रोजमर्रा की दिक्कतों का बयान करेंगे।

मुख्यमंत्री इस दौरान बारी-बारी से विभिन्न जिलों से आये समाज के इस निर्धन और वंचित वर्ग के लोगों से रूबरू हो उनके जीवन को संवारने के लिये समाधान और नये रास्ते तलाशेंगे। इसके साथ ही इनसे बातचीत के जरिये निकले निष्कर्षों के आधार पर ऐसे कल्याणकारी फैसले भी हाथों-हाथ लिये जायेंगे जो भविष्य में हाथठेला चालकों और रिक्शा वालों के जीवन में बदलाव लायेंगे। साइकिल रिक्शा और हाथठेला चालकों की पंचायत 31 जनवरी को मुख्यमंत्री निवास पर प्रात: 11 बजे से आरंभ होगी।

उल्लेखनीय है कि समाज में बदलाव के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर अब तक विभिन्न वर्गों के लिये 19 पंचायतों और सम्मेलनों का आयोजन हो चुका है। ये आयोजन मुख्यमंत्री निवास पर तथा भोपाल के जंबूरी मैदान पर हुए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों की तकदीर को संवारने तथा राज्य की दिशा और दशा बदलने के इरादे से इन आयोजनों के दौरान लोगों से बातचीत कर विकास की रीतियां और नीतियां तय की हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण की अनेक योजनाएं, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिये लाड़ली लक्ष्मी योजना, निर्धन परिवारों की कन्याओं के विवाह के लिये कन्यादान योजना तथा किसानों को खेती के लिये कम ब्याज दर पर कर्ज जैसी योजनाएं इन्हीं पंचायतों में हुए चिंतन-मंथन का सार्थक परिणाम हैं।

इसी तरह अनुसूचित जातियों और जनजातियों, वनवासियों, मछुआरों, खेतिहर श्रमिकों, शिल्पियों, कोटवारों, हम्माल-तुलावटियों, नि:शक्तजनों और निर्माण श्रमिकों के लिये पंचायतों और सम्मेलनों का आयोजन हुआ है। इसके साथ ही महिला पंचायत, लघु उद्यमी पंचायत तथा खेल पंचायत और मीसाबंदी सम्मेलन के जरिये भी मुख्यमंत्री ने जन-सुझावों के आधार पर प्रदेश के विकास को नई दिशा देने की सार्थक कोशिशें की हैं।

 

आबकारी: मंत्रिपरिषद समिति गठित

आबकारी: मंत्रिपरिषद समिति गठित

भोपाल 30 जनवरी 09। राज्य शासन ने वर्ष 2009-10 के लिए अनुमोदित आबकारी व्यवस्था के अध्ययीन यथोचित अनुषांगिक निर्णय लेने के लिए मंत्रिपरिषद समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री राघवजी हैं।

समिति में वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं टेक्नालॉजी, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, संस्कृति, जनसंपर्क, धार्मिक व्यास एवं धर्मस्व एवं जन शिकायत निवारण मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पशुपालन, मछली पालन, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और सामान्य प्रशासन, नर्मदा घाटी एवं विमानन राज्यमंत्री, श्री कन्हैयालाल अग्रवाल सदस्य है। प्रमुख सचिव, वाणिज्यिक कर इस समिति के सचिव होंगे।

 

 

एमोनियम नाइट्रेट एवं उसका मिश्रण विस्फोटक पदार्थ घोषित

एमोनियम नाइट्रेट एवं उसका मिश्रण विस्फोटक पदार्थ  घोषित

भोपाल 30 जनवरी 09। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा एमोनियम नाइट्रेट या उसके मिश्रण को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत विशेष श्रेणी के विस्फोटक पदार्थ के रूप में घोषित किया गया है। इस संबंध में अधिसूचना का प्रकाशन भी भारत के असाधारण राजपत्र में कर दिया गया है। दुरुपयोग की दृष्टि से इसे अपने कब्जे में रखने वाले को आजीवन कारावास तक दण्ड का प्रावधान है।

       इस अधिसूचना के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है। जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति एमोनियम नाइट्रेट एवं उसका मिश्रण इसके दुरुपयोग करने की मंशा से अपने कब्जे में रखता है तो यह कृत्य अधिनियम के अंतर्गत आजीवन कारावास तक के दण्ड से दण्डनीय होगा। मध्यप्रदेश के गृह विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिला दण्डाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देश भेज दिये गये हैं।

       ज्ञातव्य हो कि कुछ समय से आतंकवादियों द्वारा विस्फोट की घटनाओं में एमोनियम नाइट्रेट अथवा उसके मिश्रण का दुरुपयोग किया जाता रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा एमोनियम नाइट्रेट अथवा उसके मिश्रण को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 (1908 का 6) की धारा 2 के खण्ड (ख) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 'विशेष श्रेणी विस्फोटक पदार्थ के अन्तर्गत लाने के लिए अधिसूचना भारत के राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित कर दी गई है।

 

30 enero

अवैध रूप से एल.पी.जी. सिलेण्डरों से चलने वाले वाहन राजसात करने का प्रावधान हो

अवैध रूप से एल.पी.जी. सिलेण्डरों से चलने वाले वाहन राजसात करने का प्रावधान हो

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में राज्यमंत्री श्री कुशवाह

 

Bhopal:Thursday, January 29

 

परिवहन राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने अवैध रूप से एल.पी.जी. सिलेण्डरों से चलने वाले वाहनों को राजसात करने के लिए कानूनी प्रावधान की मांग सड़क सुरक्षा परिषद से की है। वे कल दिल्ली में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद की 11 वीं बैठक में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

ओवर लोडिंग किये ट्रकों को रोककर उनसे माल उतरवाने और सुरक्षित रखने के लिए बड़ी मात्रा में गोदाम की व्यवस्था करने में व्यवहारिक कठिनाई को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टेशन के प्रारंभिक स्तर पर ही ओवर लोडिंग करने पर रोक लगायी जाना चाहिए। इसके लिए सभी ट्रांसपोर्टर्स को लाइसेंस लेना अनिवार्य किया जाए और जो ट्रांसपोर्टर्स लाइसेंस नहीं लेते उनके विरूध्द कड़ी कार्रवाई की जाए। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री टी.आर.बालू ने विज्ञान भवन में हुई राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता की।

श्री कुशवाह ने बताया कि मध्यप्रदेश में ओवर लोडिंग रोकने के लिए उपाय किये गये हैं। अन्तर्राज्यीय सीमा प्रांत परिवहन जांच चौकियों पर कम्प्यूटराज्ड तौल कांटे स्थापित करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है। एकीकृत जांच चौकियों की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित सबसे बड़ी अंतर प्रान्तीय जांच चौकी सेंधवा को पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत कर दिया गया है। शेष चार जांच चौकियों को कम्प्यूटरीकृत करने का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। श्री कुशवाह ने नेशनल परमिट पर आने वाले ट्रकों से ड्राफ्ट के बजाय ई पेमेंट के माध्यम से इंडियन पोस्ट की सेवा का स्वागत किया है। इसके लिए मध्यप्रदेश शासन ने केन्द्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है जिसे स्टेट बैंक के माध्यम से पूरे देश में लागू किया जा सकता है।

परिवहन राज्य मंत्री ने बैठक में बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं से निपटने के लिए वाहनों में स्पीड गर्वनर लगाने, सड़क के किनारे खड़े वाहनों पर पार्किंग लाइट लगाने और ट्रेक्टर ट्रालियों के पीछे पार्किंग लाइट लगाने का अभियान शुरू किया है। इसी प्रकार नेशनल हाइवे पर चलने वाले वाहनों में भी स्पीड लिमिट अनिवार्य रूप से लागू की जा रही है। प्रदूषण की जांच छह माह में अनिवार्य रूप से किये जाने का प्रावधान किया जा रहा है। इंदौर के आई.टी.आई. में ड्राइविंग प्रशिक्षण केन्द्र के लिए एक करोड़ 18 लाख रूपये की लागत से ड्राइविंग ट्रेक और फील्ड ट्रेक का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है। दुपहिया वाहनों के चालकों के लिए हेलमेट और कारों में सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य किया गया है।

 

सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के कार्यकाल में वृध्दि

सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के कार्यकाल में वृध्दि

राज्य शासन ने सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के कार्यकाल में एक वर्ष की वृध्दि की है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा कल बुधवार को जारी किये गये आदेश में आयोग के कार्यकाल में 28 जनवरी, 2009 से 27 जनवरी, 2010 तक अर्थात एक वर्ष की वृध्दि की गई है।

गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा पूर्व मंत्री श्री बाबूलाल जैन की अध्यक्षता में गत वर्ष 28 जनवरी को राज्य सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया गया था। आयोग का कार्यकाल 27 जनवरी, 2009 तक एक वर्ष के लिये निर्धारित था। अब इसके कार्यकाल में एक वर्ष की वृध्दि की गयी है।

 

 

ऑन लाइन फोन पर मंत्री हाजिर, शिकायत पर तुरन्‍त कार्यवाही से भौंचक्‍क हुये ग्रामीण

ऑन लाइन फोन पर मंत्री हाजिर, शिकायत पर तुरन्‍त कार्यवाही से भौंचक्‍क हुये ग्रामीण

मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन डाक्टरों और पानी अधिकारियों के साथ ग्राम घूरवाड़ा पहुंचे: मौके पर समस्या का निराकरण किया

 

Bhopal:Thursday, January 29

ग्‍वालियर टाइम्‍स की विशेष टीप

शाबास मंत्री

मंत्री श्री गौरी शंकर सिंह बिसेन की इस त्‍वरित कार्यवाही पर ग्‍वालियर टाइम्‍स म.प्र. की जनता की ओर से मंत्री को साधुवाद व धन्‍यवाद देता है । आज के दौर में ऐसी ही सक्रियता व त्‍वरित कार्यवाही की जरूरत है यदि प्रदेश के सभी मंत्री ऐसी प्रक्रिया अपनायें तो वह दिन दूर नहीं होगा जब प्रदेश में वकई सुशासन होगा । वस्‍तुत: अनसुनेपन व कार्यवाही के अभाव से कुशासन व भ्रष्‍टाचार फैलता है तथा सरकार की क्षमता व दक्षता घटकर ऋणात्‍मक हो जाती है, कार्यवाही व सक्रियता त्‍वरित स्‍पष्‍ट व पारदर्शी भी होना चाहिये व कार्यवाही के साक्ष्‍य सार्वजनिक किया जाना चाहिये वरना दिखावटी एवं नकली कार्यवाहीयों या फर्जी जॉच आदि से प्रदेश का कुछ भला नहीं होने वाला । यह तो प्रदेश में वर्षों से होता आ रहा है जिससे सरकार व नेताओं पर से जनता की विश्‍वसनीयता खत्‍म हो गयी है । कार्यवाही भ्रष्‍टों व कुशासन को खत्‍म करने के लिये हो न कि बढ़ाने के लिये । जो छठवां वेतन आयोग मॉंग रहे हैं वे पहले तीसरे वेतन आयोग का भी काम करने लायक तो हों, लगाम जरूरी है । कसिये खींच लगाम, जनता सारी आपके साथ होगी । भ्रष्‍ट व लापरवाहों को बख्शिये मत ।  

''ग्राम घूरवाड़ा विकासखंड लखनादौन जिला सिवनी से कुंवर मनराय बोल रहा हूँ, साहब। हमारे गांव में मीजल्स की बीमारी है और गंदा पानी पीने को मिल रहा है।'' सहकारिता एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन पश्चिम बंगाल यात्रा पर थे तब उनके पास मोबाइल पर उक्त शिकायत पहुंची।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री बिसेन जैसे ही यात्रा से लौटे वे तत्काल पी.एच.ई. के अधिकारियों और चिकित्सकों के साथ ग्राम घूरवाड़ा जा धमके। उन्होंने वहां शिकायतकर्ता कुंवर मनराय और अन्य ग्रामीणों के साथ सब से पहले पानी भरने का स्थान देखा। वहां उन्होंने पाया कि जिस हैंडपम्प से ग्रामीण पानी भरते हैं वहां एक गंदे नाले का भी पानी आकर मिलता हैे। उन्होंने तत्काल पी.एच.ई. के कार्यपालन यंत्री श्री एच.एन.वैद्य को निर्देश दिया कि वे नाले के पानी को तत्काल हैंडपम्प के पास आने से रोके। इसके साथ ही श्री बिसेन ने हैंडपम्प पानी की गुणवता परखने उसकी जांच करने के निर्देश दिए। श्री बिसेन ने इसके साथ ही अपने साथ गए चिकित्सकों से सभी बीमार ग्रामीणों, बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण कराया और उन्हें चिकित्सा उपलब्ध कराई।

लोक स्वास्थ यांत्रिकी मंत्री श्री बिसेन की इस फौरी और औचक कार्यवाही से ग्रामीण हैरान थे। अपने होश में उन्होंने ऐसी काम करने वाली सरकार पहली बार देखी।

 

राज्य शासन द्वारा रोजगार गारंटी मजदूरी में वृध्दि : अब 91 रुपये मिलेंगे

राज्य शासन द्वारा रोजगार गारंटी मजदूरी में वृध्दि : अब 91 रुपये मिलेंगे

राज्य शासन ने रोजगार गारंटी योजना में मजदूरी बढ़ाकर 91 रुपये कर दी है। इस संबंध में शासन द्वारा आदेश जारी किये जा चुके हैं। जनसम्पर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकान्त शर्मा ने बुधवार को विदिशा जिले के लटेरी में जिला स्तरीय लोक कल्याण शिविर को संबोधित करते हुये योजना के अंतर्गत मजदूरों को बढ़ी हुई मजदूरी देना सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

राज्य में रोजगार गारंटी योजना जब लागू की गई थी तब प्रतिदिन मजदूरी 65 रुपये थी। सरकार ने पूर्व में उसे बढ़ाकर 85 रुपये किया था और अब मजदूरों के हित में निर्णय लेते हुये 91 रुपये कर दिया गया है। श्री शर्मा ने कहा कि मजदूरों को मजदूरी मिलने में कोई गड़बड़ी न हो इसलिए मजदूरों के बैंक खातों के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। जनसम्पर्क मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दूरस्थ अंचलों में मोबाइल गाड़ी और बैंक एवं सोसाएटी के माध्यम से खाते खुलवाने के प्रयास किये जायें।

जनसम्पर्क मंत्री ने लोक कल्याण शिविर को संबोधित करते हुये कहा कि जनसमस्याओं का निराकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने जिला मुख्यालय से काफी दूर के विकासखण्डों में समस्याओं के निराकरण के लिये विकासखण्ड मुख्यालयों पर विशेष अमला लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वे अपनी निजी स्थापना के स्टॉफ के दो अधिकारियों की सप्ताह में दो दिन लटेरी मुख्यालय पर समस्याओं के आवेदन प्राप्त करने के लिये व्यवस्था करेंगे।

जनसम्पर्क मंत्री ने शिविर स्थल पर 10 हितग्राहियों को ट्राईसाइकिल, 8 को वैशाखी व दो को श्रवण यंत्र प्रदान किए। श्री शर्मा ने चार बच्चो के अन्नप्राशन, चार का जन्म दिवस और 40 लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों को एनएससी क़ा वितरण किया। शिविर में ही दो हितग्राहियों को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना से भी लाभान्वित किया गया।

लटेरी के जिला स्तरीय लोक कल्याण शिविर में 1260 आवेदन प्राप्त हुए इनमें 85 आवेदन शिकायत के और 1175 आवेदन मांग के थे। जिनमें से 47 शिकायत के आवेदन और 654 मांग के आवेदन, कुल 701 आवेदनो का मौके पर ही निराकरण किया गया। अन्य आवेदनो के लिए समय सीमा निर्धारित की गई।

जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन

शिविर स्थल पर जिला जनसम्पर्क कार्यालय, विदिशा द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा जनता के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का फ्लेक्स के माध्यम से प्रदर्शन किया गया।

लाइट टेप से इल्ली नहीं लगती

शिविर स्थल पर कृषि विभाग द्वारा लाइट टेप का प्रदर्शन किया गया। इस यंत्र का खेत में मात्र दो घंटे के उपयोग से फसलो में इल्ली नही लगती। एक यंत्र 200 मीटर की परिधि को प्रभावित करता है। इसकी कीमत एक हजार रूपयें है। जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान राज्य शासन द्वारा दिया जाता है।

 

सैंतीस महाविद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भूमि आरक्षित करेंगे कलेक्टर

सैंतीस महाविद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भूमि आरक्षित करेंगे कलेक्टर

Bhopal:Thursday, January 29, 2009

राज्य शासन ने प्रदेश के सैंतीस शासकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण के लिए कम से कम 6 एकड़ भूमि आरक्षित कर उसे उच्च शिक्षा विभाग के नाम आवंटित करने का अनुरोध संबंधित जिला कलेक्टरों से किया है। भूमि आरक्षित होने के बाद इन जिलों में महाविद्यालयीन भवन निर्माण की सम्पूर्ण परियोजना बनाकर भारत सरकार को भेजी जायेगी। अभी भूमि उपलब्धता के अभाव में भारत सरकार से राशि प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।

§                     भवनविहीन कॉलेजों के लिए भूमि आरक्षण के निर्देश

§                     दो योजनाओं का क्रियान्वयन

§                     11 शासकीय कॉलेजों हेतु होना है भूमि आरक्षण

§                     30 जिलों में आदर्श महाविद्यालय स्थापित होंगे

§                     26 जिलों से भूमि आरक्षण संबंधी आएगी रिपोर्ट

§                     31 मई तक कार्यवाही करने का अनुरोध

§                     भूमि आवंटन हेतु कलेक्टरों को पत्र

उच्च शिक्षा आयुक्त श्री आशीष उपाध्याय ने संबंधित जिला कलेक्टरों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में दो योजनाओं के अंतर्गत महाविद्यालयीन भवनों का निर्माण किया जा रहा है। शासन द्वारा समय-समय पर अपने स्वयं के मद से खोले गये एवं कार्यरत महाविद्यालयों में से 11 महाविद्यालयों को भूमि उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण भवनों का निर्माण संभव नहीं हो पा रहा है।

दूसरी योजना के अंतर्गत केन्द्र द्वारा 39 जिलों का चयन किया गया है। इस योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट महाविद्यालय स्थापित करने के लिए प्रत्येक जिले को अधोसंरचना मद के अंतर्गत दो करोड़ 66 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। इस योजना के लिए भी राज्य शासन को भूमि उपलब्ध कराना है। चिन्हित इन 39 जिलों में से 13 जिलों में भूमि संबंधी जानकारी प्राप्त हो गई है। शेष 26 जिलों से जानकारी अभी प्राप्त होना शेष है। दोनों कार्यक्रमों के लिए प्रत्येक कॉलेज हेतु न्यूनतम छ: एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाना है। अत: भूमि आवंटन की कार्यवाही जिला कलेक्टर तत्काल कर इसकी जानकारी शासन को भेजें ताकि वहां कॉलेज भवन निर्मित हो सके।

पहली योजना के तहत जिन कॉलेजों के लिए भूमि का आरक्षण होना है, उनमें भोपाल जिले का शासकीय भेल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बेनजीर कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, नवीन कला महाविद्यालय, राज्य स्तरीय विधि महाविद्यालय, शासकीय कन्या महाविद्यालय पिपरिया, जिला होशंगाबाद, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय उज्जैन, शासकीय महाविद्यालय निवाली, जिला बड़वानी, शासकीय महाविद्यालय, जैतवारा जिला सतना, शासकीय कन्या महाविद्यालय भिण्ड, शासकीय महाविद्यालय, रायपुर कचुलियान जिला रीवा, शासकीय महाविद्यालय, बरका जिला सीधी शामिल हैं।

दूसरी योजना के तहत 39 में से 26 ऐसे जिले हैं जहां आदर्श महाविद्यालय खोले जाने हैं। इनसे भी भूमि आवंटन संबंधी जानकारी चाही गई है। इन जिलों में बड़वानी, बैतूल, भिण्ड, छतरपुर, छिन्दवाड़ा, दमोह, दतिया, देवास, डिण्डोरी, हरदा, कटनी, मंडला, मुरैना, नरसिंहपुर, नीमच, पन्ना, रायसेन, सागर, सतना, सीहोर, शहडोल, श्योपुर, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और खरगौन शामिल हैं। आयुक्त ने इन सभी जिलों के कलेक्टर से आगामी 31 मई तक भूमि आवंटन संबंधी जानकारी चाही है।

 

मुम्बई विस्फोटों के बाद सतर्कता और सजगता पर जोर

मुम्बई विस्फोटों के बाद सतर्कता और सजगता पर जोर

किसी समाज का विकास सुनिश्चित करने के लिए निरापद और सुरक्षित वातावरण अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है। समय-समय पर आतंकवादी तत्वों ने अपनी हिंसक कार्यवाइयों के जरिये हमार देश के विभिन्न भागों में शांति भंग करने की कोशिश की है। इस तरह की घटनाओं के कारण निर्दोष लोगों की जाने गईं और सार्वजनिक तथा निजी सम्पत्ति का विनाश हुआ। निरापद और सुरक्षित आंतरिक वातावरण की सर्वोपरि आवश्यकता के महत्त्व को ध्यान में रखते हुए सरकार आतंकवादी तत्वों की विध्वंसकारी गतिविधियों को नियमित करने के लिए सरकार अनेक कदम उठाती रही है । पिछले वर्ष नवम्बर में देश कीवित्तीय राजधानी मुम्बई में कायरतापूर्ण हमलों ने देश को झकझोर दिया । इन हमलों के कारण लोगों में न केवल जागरूकता पैदा हुई अपितु परिणामोन्मुख तरीके से सुरक्षा उपकरणों को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता रेखांकित हुई ।

       नई दिल्ली में हाल ही में आंतरिक सुरक्षा के बारे में आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन मे आतंकवादी खतरे से निबटने की रूपरेखा तैयार की गयी । उन्होंने राष्ट्र के लिए दो लक्ष्य निर्धारित किए । पहला दिनोंदिन बढती ज़ा रही अत्याधुनिक आतंकवादी धमकी से निबटने के लिए तैयारी का स्तर ऊंचा करना और दूसरा, किसी आतंकवादी खतरे या आतंकवादी धमकी की अनुक्रिया की गति या निर्णयात्मकता को और अधिक बढाना । इन दोनों लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मुम्बई की घटनाओं के बाद सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं ।

बहु-माध्यम केन्द्र

          आतंकवाद से संबंधित सभी खुफिया मामलो से निबटने के लिए 2001 में बनाये गये बहु-माध्यम केन्द्र को पुन:स्थापित और सशक्त किया गया । पहली जनवरी, 2009 से इस केन्द्र ने 24ग्7 आधार पर कार्य प्रारम्भ किया और अब राज्यों तथा केन्द्रशासित प्रदेशों की सरकारी की एजेंसियों के साथ खुफिया जानकारी का आपस में आदान-प्रदान करने के लिए वह बाध्य है । इसी प्रकार अन्य सभी एजेंसियां बहु-माध्यम केन्द्र के साथ खुफिया जानकारी का आपस में आदान-प्रदान करने के लिए बाध्य हैं । कई राज्यों में बहु-माध्यम केन्द्र की सहायक शाखाएं भी कायम की गयी हैं । केन्द्र और राज्य स्तरों पर पूर्ण विश्वसनीय सम्पर्क कायम करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गयी है ।

विधायी उपाय

       राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, गैर-कानूनी गतिविधियां (निरोधक( संशोधन अधिनियम तथा आपराधिक दंड - प्रक्रिया (संशोधन( अधिनियम बनाए गए हैं । सरकार ने केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (अधिनियम( अध्यादेश भी जारी किया गया है । यह भी प्रावधान किया गया है कि जहां भी ऐसी कोई गिरपऊतारी या बरामदगी होगी, इस तरह की व्यक्तियोंवस्तुएंदस्तावेजों को जब्त किया जाता है, बगैर देरी किए, ऐसे निकटतम पुलिस थाने में में जमा कर दिया जाए जो कानून के प्रावधानों के अनुसार उस पर कार्रवाई करे। आतंकवादी अधिनियम की परिभाषा व्यापक बनाई गई है और एआरसी की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए इसके तहत अनेक अतिरिक्त विशिष्ट अपराधों को विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय नियमों आदि, आतंकवाद के सिलसिले भर्ती, प्रशिक्षण और आतंकवाद के लिए वित्त उपलब्ध कराने सहित प्रावधानों आदि को शामिल किया गया है।

आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता (संशोधन) अधिनियम 2008

       अन्य बातों के अलावा राज्य सरकारों द्वारा पीड़ितों के लिए क्षतिपूर्ति की एक व्यापक योजना बनाई गई है ताकि ऐसे अपराधों में, जिसमें सात वष तक कारावास दंड दिया जाता है, मामलों के बार-बार स्थगन के कारण मुकदमों के शीघ्र निबटान की कठिनाइयों, श्रब्य-दृश्य माध्यमों के जरिए पुलिस द्वारा अभियुक्त और गवाहों के बयानों की रिकार्डिंग के प्रावधन को उपलब्ध कराने और वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायिक हिरासत में अभियुक्त को और अधिक समय तक रखे रहने जैसी परेशानियों से क्षतिपूर्ति के लिए योजना बनाने का प्रावधान है।

केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (संशोधन) अध्यादेश 2009

       निजी और संयुक्त उद्यम के उद्योगों ने अर्थव्यवस्था की वृध्दि में पर्याप्त योगदान किया है, लेकिन आतंकवादी तत्वों की बढती हुई गतिविधियों के कारण भी सुरक्षा का आश्वासन चाहते हैं। इसलिए सीआईएसएफ अधिनियम 1968 के सम्बध्द अंशों में संशोधन किया गया है जिससे लागत पुनर्भुगतान आधार पर निजी क्षेत्र और संयुक्त उद्यमों को भी सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ को तैनात करने के प्रावधान को लागू किया जा सकता है। इससे धमकी का अनुमान लगाकर उसके अनुसार निजी और संयुक्त क्षेत्र के उद्यमों के लिए सीआईएसएफ की तैनाती का प्रावधान शामिल किया जा सके।

तटवर्ती भागों की सुरक्षा

       मुम्बई में हुए आतंकवादी हमलों ने देश की समुद्री तट रेखा की सुरक्षा व्यवस्था की ओर हमारा ध्यान और अधिक आकृष्ट किया है। जनवरी, 2005 में मंत्रिमंडल समिति ने एक तटवर्ती सुरक्षा स्कीम तैयार करके उसकी स्वीकृति दी थी, उस पर पांच वर्षों से अधिक समय तक 400 करोड़ रुपये का गैर-आवर्ती व्यय तथा ईंधन, जहाजों की मरम्मत एवं रख-रखाव तथा जहाजों की मरम्मत और कार्मिकों के प्रशिक्षण पर 151 करोड़ रुपये की आवर्ती व्यय का प्रावधान किया गया है।

       समुद्रतटीय सुरक्षा स्कीम के अंतर्गत 73 तटीय सुरक्षा स्कीम 73 तटवर्तीय पुलिस थाने, 97 चेक पोस्ट, 58 आउटपोस्ट तथा 30 संरचनात्मक बैरकों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। पुलिस थाने को 204 गश्ती बोट उपलब्ध कराई जाएंगी जो आधुनिक नौवहन तथा समुद्री जहाज और सम्बध्द उपकरणों से सज्जित होगी। 153 जीपों तथा 312 मोटर साइकिलों के लिए भी अनुमोदन कर दिया गया है। प्रत्येक पुलिस के लिए कम्प्यूटरों और अन्य उपकरणों के लिए 10-10 लाख रुपये की एकमुश्त रकम उपलब्ध कराई जाएगी।

       हाल में सम्बध्द राज्यों एवं मंत्रालयोंएजेंसियों के साथ अनेक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें कराई गईं जिनमें समुद्रतटीय सुरक्षा और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने और अंतर्राज्यीय गिरोहों की पहचान करके उन्हें पूरा करने के लिए उनके खिलाफ जरूरी कारवाई करने का निश्चय किया गया। इनमें मछली पकड़ने वाले तथा अन्य जहाजों एवं नौकाओं का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने, मछुआरे के लिए पहचान पत्र जारी करने तथा टोही जहाजों और निगरानी प्रणालियों की व्यवस्था आदि शामिल हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड व्यवस्था

       देश के विभिन्न भागों मे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था कायम करने का केन्द्र सरकार का प्रस्ताव है। कोलकात्ता, मुम्बई, चेन्नई और हैदराबाद में मुख्य केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। कुछ अन्य नगरों में रक्षाबलों द्वारा प्रशिक्षित आतंकवाद -विरोधी बल उपलब्ध कराये जाएंगे। उदाहरणार्थ, बंगलुरू को सेना की विशिष्ट यूनिटों की सुविधा दी जाएगी। राज्य सरकारों से आग्रह किया गया है कि इस मामले में अपने यहां के आतंकवाद- निरोधक बलों का कुछ योगदान करके आवश्यक पूर्ति करें। ऐसे कर्मचारियों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण के मामले में केन्द्र सरकार राज्यों की सहायता करेगी। देश के विभिन्न भागों में 20 उपद्रव-विरोधी तथा आतंक-विरोधी स्कूलों की स्थपना का कार्य प्रगति पर है इनमें राज्य पुलिस बलों की कमांडो यूनिटों को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम चल रहा है।

       सरकार तैयारियों के स्तर में वृध्दि के लिए और उपाय कर रही है और आतंकवाद की चुनौती का सामना करने के लिए और भी आवश्यक कार्रवाई कर रही है। लेकिन इन सभी उपायों का अपेक्षित परिणाम तभी मिल सकेगा जब इस दिशा में मिलजुलकर समग्र प्रयास किया जाए। राज्य सरकारों, गैर-सैनिक सामाजिक संगठनों तथा सभी लोगों को एकजुट होकर यह सुनिश्चित करना होगा कि आतंकवादियों के मंसूबे पूरे न होने पाएं। मुम्बई में हुए आतंकवादी हमलों की प्रतिक्रियास्वरूप हमारी एकजुटता और बढे अौर आतंकवादियों के खिलाफ हमारा मोर्चा अत्यधिक प्रभावशाली हो।

केन्द्रीय गृह सचिव, गृह मंत्रालय

 

श्री अर्जुन सिंह सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षा पर राष्ट्रीय मिशन का शुभारंभ करेंगे

श्री अर्जुन सिंह सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षा पर राष्ट्रीय मिशन का शुभारंभ करेंगे

मानव संसाधन विकास मंत्री श्री अर्जुन सिंह 3 फरवरी, 2009 को तिरूपति स्थित श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय के प्रेक्षाग्रह में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षा का राष्ट्रीय मिशन का शुभारंभ करेंगे । मानव संसाधन विकास मंत्रालय में उच्च शिक्षा सचिव श्री आर पी अग्रवाल ने आज यहां एक प्रेस वार्ता में यह घोषणा की । केन्द्र सरकार ने इस मिशन को इस महीने के पहले सप्ताह मंजूरी प्रदान की थी । शुभारंभ समारोह में मिशन के मुख्य घटकों को प्रदर्शित किया जाएगा ।

 

30 जून तक 5000 डाकघरों को आधुनिक बनाया जाएगा , तीर परियोजना तीसरे चरण में

30 जून तक 5000 डाकघरों को आधुनिक बनाया जाएग , तीर परियोजना तीसरे चरण में

        दूरसंचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज यहां बताया कि भारतीय डाक व्यवस्था के आधुनिकीकरण के मुख्य कार्यक्रम तीर परियोजना के तीसरे चरण का काम जारी है । इस चरण में 22 मंडलों के 4500 डाकघरों का आधुनिकीकरण किया जाएगा । श्री सिंधिया वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से 12 प्रधान  महा डाकपालों के साथ इस परियोजना के कार्यान्वयन की समीक्षा कर रहे थे । इस अवसर पर डाक तार विभाग के सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे ।

       इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक बनाये जाने वाले डाकघरों की संख्या 5000 हो जाएगी ।

 

26 enero

नौजवानों में एक जज्बा है भारत मां की रक्षा का

नौजवानों में एक जज्बा है भारत मां की रक्षा का

सेना मे भर्ती होने आये नौजवानों से बातचीत

ग्वालियर 23 जनवरी 09। भारत मां की रक्षा के लिये वैसे तो देश भर के े हजारों जवान भारत की सीमाओं पर तैनात है किन्तु भारत मां की रक्षा के लिये मुरैना भिण्ड जिले के नौजवानों में आज भी वहीं कुर्वानी का जज्बा है कि वे देश की सीमाओं पर तैनात हों और देश की रक्षा कर सके। यह उनके लिये गर्व की बात है।

       आज ग्वालियर में सेना में भर्ती होने आये कुछ नौजवानों से बातचीत की गई। उनमें शिवपुरी जिले के पिछोर तहसील के सुजावल ग्राम के निवासी बासुदेव कुमार शर्मा का कहना था कि वह देश की सुरक्षा के लिऐ सेना में आर्टिलरी में तोपची बनना चाहता है। उसका चचेरा भाई भी फौज में तैनात है। 22 वर्षीय उमाशंकर कुशवाह शिवपुरी जिले के डाबरदेई गांव का  निवासी है वह क्लर्क बनना चाहता है क्योंकि उसने प्राइवेट क्लर्क के रूप में काम भी किया है।

       20 वर्षीय करैरा तहसील के झण्डा गांव के निवासी सतेन्द्  िंह तोमर का कहना था कि वह ईमानदार रह सके इसलिये फौज में नौकरी करना चाहता है वह मूलत: किसान का बेटा है उसके दो भाई और तीन बहिनें हैं

       ग्वालियर के सेना के मेजवान भर्ती अधिकारी कर्नल अरूण यादव ने बताया कि 19 जनवरी से सेना में भर्ती की जा रही है और 25 जनवरी तक जारी रहेगीै। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए रायपुर से कर्नल गुजराल, भोपाल से कर्नल सत्येन्द्र कौशल जवानों की भर्ती कराने हेतु ग्वालियर आये हैं। भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता का पालन किया जा रहा है।

       कर्नल यादव ने बताया कि 19 जनवरी को नर्सिंग सहायक को छोडकर अन्य तकनीकी ट्रेड में 12 जिलों के नवयुवकों की भर्ती की जा रही है। 19 जनवरी को 1100 नवयुवक शामिल हुए जिनमें 963 युवक दौड़ में शामलि होने योग्य पाये गये। जिनमें से 476 ने सुनिश्चित समय सीमा में दौड़ पूरी की। उनमें से 205 नवयुवकों को मेडीकल जांच के लिए अनुशंसित किया गया।

20 जनवरी को भिण्ड व श्योपुर जिले से 5500 नौजवान भाग लेने आये जिनमें से 4100 नौजवान दौड में शामिल होने योग्य पाये गये। इनमें 546 भिण्ड जिले के व 9 श्योपुर जिले के नवयुवक पास हुए (कुल 555 पास हुए) जिनमें से 319 को मेडिकल परीक्षण हेतु अनुशंसित किया गया। 21 जनवरी को पन्न, छतरपुर व दतिया व दमोह जिलों से 1100 नवयुवक भर्ती में शामिल हुए उनमें से 697 युवक दौड़े जिनमें से 204 युवक पास हो सके तथा इनमें से 130 युवकों को मेडिकल परीक्षण हेतु भेजा गया।

22 जनवरी को मुरैना जिले से 6 हजार युवक सेना में भर्ती होने की तमन्ना लेकर आये जिनमें से 4325 युवकों ने दौड़में भाग लिया उनमें से 586 युवक पास हुए जिनमें से 397 युवको को मेडिकल परीक्षण हेतु भेजा गया। इसी प्रकार 23 जनवरी को टीकमगढ़ , शिवपुरी एवं अशोकनगर जिलों के युवकों की भर्ती की गई। आज 1500 नवयुवक भर्ती होने आये जिनमें से 1074  युवकों को दौड़ के योग्य पाया गया जिनमें से 283 नवयुवक पास हो सके। मेडीकल परीक्षण हेतु भेजे जाने की प्रक्रिया अभी जारी है।

 

Election of 38 Madhya Pradesh legislators challenged

Election of 38 Madhya Pradesh legislators challenged

Bhopal, Jan 23 (IANS) The election of 38 legislators, including former ministers and chairpersons of state-run corporations, in the November 2008 assembly polls has been challenged in the Madhya Pradesh High Court, data compiled from court records show.

Manipulation in the counting of votes polled, both through Electronic Voting Machines (EVMs) and postal ballots, is the major charge against the legislators, apart from their being accused to corrupt practices, booth capturing and terrorising voters.

While 23 petitions have been filed in the Jabalpur bench of the Madhya Pradesh High Court, eight have been filed in the Gwalior bench and seven in the Indore bench.

Among those whose election has been challenged is Neena Verma of the Bharatiya Janata Party (BJP), who beat her Congress rival Bal Mukund Gautam in the Dhar constituency by just one vote. Gautam has alleged irregularities in the counting of postal ballots to ensure her victory.

Congress legislator Brijendra Singh’s election from Prithvipur (Tikamgarh) has also been challenged. BJP candidate Sunil Nayak, a former minister, was killed Nov 27, 2008 soon after polling ended in the constituency. Dinesh Nayak, a close relative of the vicitm, has accused Singh and his supporters of booth capturing and terrorising voters by firing in the air.

Congress leader Munnalal Goyal has challenged the election of Public Health Engineering Minister Anoop Mishra (BJP) from Gwalior (East), alleging manipulation in the counting of postal ballots.

Other petitions include that of Madan Lal (BJP), who has challenged the election of Vijay Laxmi Sadho (Congress) from Maheshwar (Khargone district), and of Rajesh Patel (Congress), who has challenged election of the BJP’s Surendra Patwa from Bhojpur (Raisen district).

This apart, petitions have been filed challenging election of BJP legislators Vishwas Sarang from Narela (Bhopal) and Dhruv Narayan Singh from Bhopal (Central) under the Office of Profit Act.

Sarang and Singh are chairmen of state-run corporations.

Losing contestants from political parties that have little or no base have also knocked on the doors of the court.

Former legislator Rajendra Bharti, whose Bahujan Samaj Party failed to make an impact despite speaking about social engineering on the lines of that in neighbouring Uttar Pradesh, has urged the court to set aside the election of the former minister Narottam Mishra (BJP) from Datia, saying he adopted corrupt practices to influence the outcome.

Mukesh Nayak of Uma Bharati’s Bharatiya Jan Shakti (BJS) party has challenged the election of Brijendra Pratap Singh (BJP) from Pawai (Panna) even though the party fared poorly.

Similarly, Doman Singh Nagpure of the Gondwana Ganatantra Party (GGP) has challenged the election of Pradeep Jaiswal (Congress) from Waraseoni (Balaghat). Nagpure’s party has a nominal presence in the state.

 

22 enero

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विकास योजनाओं का जायजा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विकास योजनाओं का जायजा

समय सीमा में गुणवत्ता पूर्वक कार्य पूरे कराने के दिए निर्देश

ग्वालियर 21 जनवरी 09 । मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज ग्वालियर शहर और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत संचालित विकास योजनाओं का मौके पर जायजा लिया । उन्होंने सभी कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये । प्रदेश के लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं ऊर्जा मंत्री श्री अनूप मिश्रा, सांसद  श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया  सहित अन्य जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी भी इस अवसर पर उनके साथ थे । श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रदेश में दूसरी बार मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरांत यह उनका  प्रथम ग्वालियर प्रवास था । मुख्यमंत्री  ने शहर के विकास हेतु संचालित प्राथमिकता वाली विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया । वह भ्रमण के दौरान सर्वप्रथम विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत ग्वालियर शहर की जलापूर्ति हेतु 150 करोड़ रूपये की लागत वाले प्रोजेक्ट उदय के अन्तर्गत बनाये जा रहे पेयजल आपूर्ति परियोजना निर्माण कार्य का अवलोकन किया । अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना को पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिये । उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है । इस कार्य की सतत मानीटरिंग की जावे । आयुक्त नगर निगम श्री पवन शर्मा ने बताया कि इस परियोजना का निर्माण कार्य ग्वालियर शहर के लिये वर्ष 2039 तक की संभावित मांग को दृष्टिगत तैयार किया जा रहा है । इस परियोजना के अन्तर्गत तिघरा जलाशय पर नवीन जलशोधन संयंत्र का निर्माण, पाइप लाइनों का विस्तार, 15 नवीन टंकियों का निर्माण, मोतीझील स्थित जल शोधन संयंत्र का जीर्णोध्दार तथा बल्क मीटरों की स्थापना का कार्य कराया जायेगा । श्री शर्मा ने कचरा प्रबंधन परियोजना की कार्य प्रणाली के विषय में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया ।

       इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा कराये जा रहे कार्यो के अन्तर्गत आवासीय परिसर, साडा के प्रशासकीय भवन का अवलोकन किया । उन्होंने प्रशासकीय भवन निर्माण की गुणवत्ता पर असंतोष व्यक्त कर उसमें सुधार के निर्देश दिये । मुख्यमंत्री ने साडा क्षेत्र में अन्य औद्योगिक व व्यापारिक समूहों के लिये भूमि आवंटन की स्थिति और उनके द्वारा प्रारंभ किये गये निर्माण कार्यों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की । उन्होंने साडा अध्यक्ष श्री जयसिंह कुशवाह तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार पुरूषोत्तम से  सभी कार्य निर्धारित मापदंड और समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये । मुख्यमंत्री ने एबी रोड स्थित पुरानी छावनी चौराहे से साडा लिंक रोड पर बड़ा प्रवेश द्वारा शीघ्र तैयार करने तथा छोटी रेल्वे लाइन पर फ्लाई ओवर ब्रिज बनाने के निर्देश भी दिये । साडा क्षेत्र में स्थित ग्राम खेरिया के ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया तथा उनकी जमीनों का वाजिब दाम दिलाये जाने की मांग भी मुख्यमंत्री से की जिस पर मुख्यमंत्री ने सहानुभूति पूर्ण विचार करने का आश्वासन दिया ।

      मुख्यमंत्री ने श्री चौहान ने पुरानी छावनी क्षेत्र में तैयार किये जा रहे स्टोन पार्क का अवलोकन भी किया । उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा चार शहर का नाका पर 9 करोड़ 9 लाख रूपये लागत से नवनिर्मित 90 एमएलडी क्षमता के पम्ंपिग स्टेशन एवं विद्युत उपकेन्द्र का लोकार्पण भी किया । मुख्यमंत्री ने साफ्टवेयर पार्क के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया । इस भवन का निर्माण कार्य म.प्र. हाउसिंग बोर्ड द्वारा किया जा रहा है ।

      इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने हुरावली लिंक रोड पर हुडको योजनान्तर्गत सड़क चौड़ीकरण के कार्य तथा ग्राम ओहदपुर में नवीन कलेक्ट्रेट भवन निर्माण कार्य का जायजा भी लिया । श्री चौहान ने फूलबाग गुरूद्वारा के समीप बनाये जा रहे पुल व सड़क चौड़ीकरण कार्य का जायजा लिया तथा फूलबाग में परिसर में निर्माणाधीन हॉट बाजार का भी अवलोकन किया।

      मुख्यमंत्री के साथ प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री राघव चंद्रा, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री एस.पी. परिहार, संभागायुक्त डा. कोमल सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री देवेन्द्र सेंगर, उप महानिरीक्षक श्री आदर्श कटियार, कलेक्टर श्री आकाश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री व्ही के सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे ।

 

श्रीमती अर्चना चिटनीस ने बनाई किसान के घर पूड़ी-सब्जी

श्रीमती अर्चना चिटनीस ने बनाई किसान के घर पूड़ी-सब्जी

म.प्र. की शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस ने आज शाजापुर के गांव रनायल में एक किसान के घर पूड़ी-सब्जी बनाई। श्रीमती अर्चना चिटनीस इस गांव के हाईस्कूल में सामूहिक सूर्य नमस्कार में भाग लेने पहुंची थीं। गांव के कृषक मनोहर सिंह चन्द्रवंशी के अनुरोध पर वे उनके घर भोजन के लिये पहुंचीं , जहां उन्होंने अपनी सादगी का परिचय देते हुए घर की अन्य महिलाओं के साथ चौके में पहुंचकर पूड़ी-सब्जी बनाई। बाद में उन्होंने सबके साथ भोजन किया और भोपाल के लिये रवाना हुई। श्रीमती चिटनीस को कुकिंग में विशेष रुचि है। ग्रामीण परिवेश में भी उन्होंने अपने इस शौक को पूरा किया। इस बीच मोबाइल फोन पर वे जिलों में सूर्य नमस्कार के आयोजन के बारे में अधिकारियों से जानकारी लेती रहीं।

 

कमिश्नर और कलेक्टर कांफ्रेन्स का आयोजन 23 जनवरी को

कमिश्नर और कलेक्टर कांफ्रेन्स का आयोजन 23 जनवरी को

बीस विभागों के 56 कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा

 

Bhopal:Wednesday, January 21, 2009

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कमिश्नर और कलेक्टर कांफ्रेन्स में शासन के 20 विभागों की 56 योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की जायेगी। कान्फ्रेंस 23 जनवरी की सुबह 10 बजे नर्मदा भवन में आयोजित की गई है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में प्रदेश के समस्त संभागायुक्तों और जिला कलेक्टर्स को आयोजन की सूचना के साथ ही कान्फ्रेंस का एजेण्डा भेज दिया गया था। मुख्यमंत्री श्री चौहान कान्फ्रेंस में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों के जिलेवार क्रियान्वयन की स्थिति और प्रगति की समीक्षा करेंगे।

कमिश्नर और कलेक्टर कान्फ्रेंस के एजेण्डा में विभिन्न विभागों से संबंधित प्रमुख बिन्दुओं में राजस्व अधिकारियों के विभिन्न स्तरों पर राजस्व प्रकरणों का निराकरण, जिले की राजस्व वसूली, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, ऋण पुस्तिकाओं का वितरण, राजस्व तथा वनभूमि के विवादों का निराकरण, सिन्धी विस्थापितों के पट्टों का प्रदाय, भूअर्जन के मुआवजा प्रकरणों की स्थिति, अनुकम्पा नियुक्ति, विभागीय जाँच एवं पेंशन प्रकरणों की स्थिति, अवैध उत्खनन प्रकरणों का निराकरण और जुर्माना एवं वसूली की स्थिति विभिन्न ऊर्जा कम्पनियों द्वारा मांग की गई भूमि संबंधी विवरण, आश्रम छात्रावास एवं शाला भवन निर्माण, अजा, अजजा विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण, वन पट्टों के वितरण की स्थिति, उच्च शिक्षा के अंतर्गत अजा-अजजा, अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण, शिक्षकों की व्यवस्था, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति, बीपीएल कार्ड वितरण की स्थिति, बीपीएल एवं अन्त्योदय योजना में खाद्यान्न उपलब्धता की स्थिति, मछली पालन के लिये तालाबों को पट्टे दिये जाने की स्थिति, वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने की तैयारी, बीज उर्वरक का भण्डारण, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीयन और दी गई सहायता के प्रकरणों की स्थिति शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान इस बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली जिन योजनाओं की जिलेवार प्रगति की समीक्षा करेंगे, उनमें प्रमुख हैं - लोक कल्याण शिविर, समाधान एक दिन में, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना, जलाभिषेक अभियान, खेत-तालाब योजना, बलराम तालाब योजना, सर्वशिक्षा अभियान, स्कूल चले हम, गांव की बेटी योजना, लाडली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, उत्थान अभियान, जनश्री बीमा योजना, मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना, उद्यानिकी मिशन, जननी सुरक्षा योजना एवं संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार कल्याण, दीनदयाल अन्त्योदय उपचार योजना।

बैठक में पेयजल योजनाओं और निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं की समीक्षा भी की जायेगी।

 

लोक कल्याण शिविर में मुख्यमंत्री ने बांटे 16 करोड़ रुपये के ऋण एवं अनुदान

लोक कल्याण शिविर में मुख्यमंत्री ने बांटे 16 करोड़ रुपये के ऋण एवं अनुदान

40 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, ग्वालियर में 217 करोड़ रुपये के विकास कार्य जारी

 

Gwalior:Wednesday, January 21, 2009

 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में जो विकास कार्य हुये हैं, उनकी गति और अधिक बढ़ाई जायेगी। सिर्फ ग्वालियर में ही विभिन्न योजनाओं के तहत 217 करोड़ के कार्य किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश को विकसित एवं समृध्द राज्य बनाने के लिये सात संकल्पों के साथ प्रदेश सरकार ने कार्य प्रारंभ किया है, जिसमें सड़क, बिजली, और पानी को पहली प्राथमिकता में लिया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज ग्वालियर जिला मुख्यालय पर आयोजित लोक कल्याण शिविर में आमजनता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ग्वालियर जिले के विकास के लिये जनहित की 40 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं का लोकर्पण एवं शिलान्यास भी किया और विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 16 करोड़ रूपये के ऋण एवं अनुदान हितग्राहियों को वितरित किये।

प्रदेश में विद्युत संकट के लिये केन्द्र सरकार के पक्षपात रवैये को जिम्मेदार ठहराते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के हिस्से वाली बिजली केन्द्र सरकार ने देना बंद कर दी है। साथ ही 15 लाख मेट्रिक टन कोयले के स्थान पर सिर्फ 10 लाख मेट्रिक टन कोयला प्रदेश को दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अल्प वर्षा के कारण प्रदेश में भी विद्युत उत्पादन में काफी कमी आई है। इन विपरीत परिस्थितियों के चलते भी हमने जनता को पर्याप्त विद्युत प्रदाय करने के कारगर कदम उठाये हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में विद्युत उत्पादन को बढ़ाने के कार्यों से आगामी 4 वर्षों में मध्यप्रदेश बिजली के मामले में आत्म निर्भर हो जायेगा। शीघ्र ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिये अलग-अलग फीडर बनाये जाकर पर्याप्त विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जनहित एवं विकास के लिये प्रदेश सरकार ने जितनी योजनायें संचालित की है उनका सफल क्रियान्वयन कर आमजनता को लाभान्वित किया गया है। खेती को लाभ धंधा बनाने के लिये किसानों को अनेको सहूलियतें दी गई। अब शीघ्र ही खाद और बीज के लिये किसानों को 3 प्रतिशत पर ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि पोषण आहार योजनाओं में शीघ्र ही ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर पोषण आहार को और अधिक रूचिकर एवं गुणवत्ता पूर्ण बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शासकीय सेवकों को शीघ्र ही उन्हें छठवें वेतन आयोग का लाभ दिया जायेगा। अत: अधिकारी कर्मचारी भी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करते हुये जन कल्याण के लिये कार्य करें।

शिविर में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं ऊर्जा मंत्री श्री अनूप मिश्रा, क्षेत्रीय सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, गृह राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, ग्वालियर महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती धन्नोबाई,साडा अध्यक्ष श्री जयसिंह कुशवाह, मध्यप्रदेश बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह यादव सहित जनप्रतिनिधि अधिकारी व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण एवं शिलान्यास

·                     12 करोड़ 90 लाख की लागत से निर्मित 90 एमएलडी क्षमता का सीवेज पम्ंपिग स्टेशन का लोकार्पण।

·                     4 करोड़ 52 लाख की लागत वाले स्टोन पार्क का लोकार्पण।

·                     35 लाख रूपये की लागत वाले तहसील टप्पा का लोकार्पण।

·                     4 करोड़ 37 लाख की लागत वाली प्रधानमंत्री सड़क एबी रोड से बसौटा मार्ग का भूमि पूजन।

·                     12 करोड़ की लागत वाले आईटी पार्क में प्रशासनिक भवन का भूमिपूजन।

·                     2 करोड़ 43 लाख लागत वाले डीएफआईडी योजना के तहत बस्तियों के विकास का भूमिपूजन।

·             2 करोड़ 85 लाख की लागत वाले हुडको सिटी सेंटर से हुरावली मार्ग का भूमिपूजन।

 

अगले सत्र से सभी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन सूर्य नमस्कार का पीरियड होगा

अगले सत्र से सभी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन सूर्य नमस्कार का पीरियड होगा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सूर्य नमस्कार में जारी अपने संदेश में की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा सूर्य नमस्कार भारतीय योग पंरपरा का अदभुत उपहार

मध्यप्रदेश में अगले शिक्षण सत्र से सभी शासकीय विद्यालयों में कक्षा पांचवीं से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं के लिये प्रत्येक सप्ताह के अंतिम कार्य दिवस के प्रथम काल खंड में सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास कराया जायेगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रदेश के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में हुये सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन के अवसर पर आकाशवाणी से प्रसारित अपने संदेश में की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सूर्य नमस्कार के सामूहिक आयोजन से विद्यार्थियों और आम आदमियों में योग के प्रति उत्सुकता और आकर्षण बढ़ा है। लेकिन साल में सिर्फ एक बार आयोजन होने से योग नीति के उद्देश्यों की समग्र प्राप्ति संभव नहीं है। इसलिये सरकार ने निर्णय लिया है कि अगले शिक्षण सत्र से प्रदेश के सभी स्कूलों में सूर्य नमस्कार के लिये हर सप्ताह एक कालखंड निर्धारित किया जाये। उन्होंने बताया कि सरकार ने पाठयक्रम में भी योग को सम्मिलित कर प्रदेश की योग नीति के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। कक्षा छटवीं के लिये निर्धारित सहायक वाचन की पुस्तक में योग को भी शामिल किया गया है।

योग नीति की चर्चा करते हुये उन्होंने कहा कि इसके तहत जो संकल्प सरकार ने लिये हैं उसके तहत प्रदेश में योग परिषद का गठन किया जायेगा। योग को शिक्षण संस्थाओं के शारीरिक शिक्षा के पाठयक्रम में सम्मिलित किया जायेगा। योग के प्रभावी प्रशिक्षण के लिये प्रशिक्षकों का चयन एवं उनके प्रशिक्षण की समयबध्द व्यवस्था की जायेगी। योग को लोकप्रिय बनाने के लिये प्रदेश में नियमित रुप से वृहद आयोजन किये जायेंगे। इसके साथ ही योग के प्रचार-प्रसार एवं प्रशिक्षण में लगी ख्यातिलब्ध संस्थाओं को प्रदेश में योग केन्द्र स्थापित करने के लिये आवश्यक सुविधायें दी जायेंगी। इन संस्थाओं का शासन द्वारा योग के प्रचार-प्रसार के प्रयासों में सहयोग लिया जायेगा। योग को लोकप्रिय बनाने तथा उसके व्यापक प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिये राज्य स्तर पर एक लाख रुपये के पुरस्कार की स्थापना की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्य नमस्कार भारतीय योग पंरपरा का अदभुत उपहार है। यह विभिन्न आसनों एवं व्यायाम का समन्वय है, जिससे शरीर के सभी अंगों-उपांगों का पूरा व्यायाम हो जाता है। उन्होने अपने संदेश में छात्र-छात्राओं से कहा कि प्रदेश का भविष्य गढ़ने वाली नई पीढ़ी के नौनिहालों के साथ योग करके वे स्वयं को ऊर्जावान महसूस कर रहे हैं। श्री चौहान ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उनके मंत्रि परिषद के सदस्य, सांसद-विधायक, महापौर तथा अन्य जनप्रतिनिधिगण भी प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में सूर्य नमस्कार के आयोजनों में सम्मिलित हुये हैं।

 

मध्यप्रदेश में एक करोड़ से अधिक बच्चों ने किया सूर्य नमस्कार

मध्यप्रदेश में एक करोड़ से अधिक बच्चों ने किया सूर्य नमस्कार

डेढ़ लाख शिक्षण संस्थाओं की रही भागीदारी, स्कूलों में भारी उत्साह

Bhopal:Wednesday, January 21, 2009

 

मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख शासकीय स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थाओं में आज हुए सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम में एक करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जहां ग्वालियर के मुरार स्थित उत्कृष्ट विद्यालय में सूर्य नमस्कार में शामिल हुए तो वहीं शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस ने शाजापुर जिले के कालापीपल विकासखण्ड के ग्राम रनायल स्थित हाईस्कूल में छात्र-छात्राओं के साथ सूर्य नमस्कार किया। सूर्य नमस्कार के आयोजन को लेकर आज सभी शासकीय स्कूलों और महाविद्यालयों में भारी उत्साह का वातावरण था। छात्र-छात्राएं सबेरे पौने आठ बजे से ही स्कूलों में पहुंचने लगे थे। जिन स्कूलों के पास स्वयं के खेल मैदान नहीं थे उन्होंने समीप के मैदान में सामूहिक सूर्य नमस्कार किया।

शिक्षा मंत्री श्रीमती चिटनीस के एक छोटे गांव रनायल पहुंचने की खबर पाकर स्कूली छात्र-छात्राएं एक दिन पूर्व से ही उत्साहित थे। श्रीमती चिटनीस आज सबेरे भोपाल से रवाना होकर सीधे रनायल गांव पहुंचीं, जहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों और छात्रों के साथ सूर्य नमस्कार किया। श्रीमती चिटनीस ने भोपाल से दूर शाजापुर जिले के इस गांव को इसीलिए चुना कि वे जान सके कि राज्य सरकार के इस नवाचार को ग्रामीण क्षेत्र में किस तरह आयोजित किया जा रहा है। क्योंकि इसके पूर्व जिला मुख्यालय स्तर पर सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन होता था।

प्रदेश में हुए सामूहिक सूर्य नमस्कार में जिलों के प्रभारी मंत्री, सांसदों, विधायकों, महापौरों, जिला पंचायतों के अध्यक्षों, नगरीय व स्थानीय निकाय के पदाधिकारियों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने हल्की ठंड के बावजूद स्कूली बच्चों के साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार में हिस्सा लिया। प्रदेश लगातार तीसरे साल हुए इस महा आयोजन में स्कूली छात्र-छात्राएं निर्धारित गणवेश में शामिल हुए। प्रदेश के सभी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं ने अपने प्रशिक्षित शिक्षक के निर्देशन में सामूहिक सूर्य नमस्कार किया। श्रीमती अर्चना चिटनीस की पहल पर योग के इस बार इस अभियान में पालक शिक्षक संघों, गायत्री परिवार, रामकृष्ण मिशन, खेल क्लबों, विवेकानन्द केन्द्र, योग प्रशिक्षण संस्थाओं आदि संस्थाओं ने भी अपनी भागीदारी निभाई।

भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में हुए सामूहिक सूर्य नमस्कार के आयोजन में योग परिषद के सदस्य श्री अनिल दवे, विधायक श्री ध्रुव नारायण सिंह, आयुक्त लोक शिक्षण श्री बी.आर. नायडू, भोपाल कमिश्नर श्री पुखराज मारू सहित लगभग बारह सौ छात्रों ने भाग लिया। राज्य शिक्षा केन्द्र के आयुक्त मनोज झालानी ने शिवाजी नगर स्थित सरोजिनी नायडू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्राओं के साथ सूर्य नमस्कार किया। इसी केन्द्र के दो अपर मिशन संचालक सर्वश्री चंद्रहास दुबे व रमेश भण्डारी ने संजय गांधी माध्यमिक शाला में छात्र-छात्राओं के साथ सूर्य नमस्कार किया। प्रभारी मंत्रीगण भी अपने-अपने जिलों में आयोजित सूर्य नमस्कार व प्राणायाम के आयोजन में शामिल हुए।

हरदा

हरदा जिले के प्रभारी एवं संस्कृति, जनसंपर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकान्त शर्मा ने कहा कि योग स्वास्थ्य व ऊर्जावान रहने की श्रेष्ठतम भारतीय पध्दति है। इसे समूचे विश्व ने अपनाया है, हम सबको योग अपनाने के प्रति जागरूक होना चाहिये। वे जिले के ग्राम उड़ा में आयोजित सूर्य नमस्कार कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ सूर्य नमस्कार की द्वादश मुद्राएं भी सम्पन्न कीं।

श्री शर्मा ने कहा कि सूर्य नमस्कार एक सर्वांग व्यायाम है। इसके करने से शरीर एवं मन स्वस्थ रहता तथा बुध्दि का विकास होता है, प्रत्येक विद्यार्थी को इसको हर दिन करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ताकीद किया कि स्कूलों में सूर्य नमस्कार रस्म अदायगी न होकर इसको नियमित रूप से कराया जाए। श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि हालाकि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए स्वैच्छिक है परन्तु स्वयं को ऊर्जावान एवं स्वस्थ्य रखने के लिये प्रत्येक विद्यार्थी को इसे करना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने राष्ट्रीय गीत प्रस्तुति दी। स्कूल की योग शिक्षक सुश्री शोभा बाजपेयी ने बच्चों को सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम करवाया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती पुष्पलता सिंह, श्री रमेश पटेल, कृषि उपज मंडी अध्यक्ष श्री प्रहलाद पटेल, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्री प्रवीण जैसानी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

डिण्डौरी

लोक निर्माण एवं डिण्डौरी जिले के प्रभारी मंत्री श्री नागेन्द्र सिंह उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए। सूर्य नमस्कार के 12 आसन के साथ भ्रामरी एवं अनुलोम-विलोम प्राणायाम भी किया गया। प्रभारी मंत्री श्री सिंह, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति प्रकाश धुर्वे ने भी सूर्य नमस्कार किया। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने समस्त स्कूलों में सूर्य नमस्कार इसीलिए प्रारंभ किया कि बच्चों में अच्छे संस्कार पड़ें और वे स्वस्थ्य एवं निरोगी जीवन जियें। उन्होंने कहा कि इस समय सारा विश्व योग की महत्ता को स्वीकार कर चुका है।

सतना

सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम सतना जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं में सम्पन्न हुआ। प्रदेश के वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला मुख्यालय से 40 कि.मी. दूर रीवा रोड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेला के प्रांगण में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में भाग लिया। श्री शुक्ल एवं आमंत्रित अतिथियों तथा छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक सूर्य नमस्कार की 12 स्थितियों को तीन चरणों में और अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका और भ्रामरी प्राणायाम की आवृत्ति को पांच-पांच बार दोहराई गई। इस आयोजन में कलेक्टर सुखबीर सिंह, पुलिस अधीक्षक के.डी. पाराशर सहित गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन तथा लगभग 1400 छात्र-छात्राओं ने सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम किया।

दमोह

प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करें और ऊर्जा अर्जित कर शरीर में आत्मसात करें, सूर्य किरण में जो ऊर्जा, ऊष्मा होती है वह शरीर को स्वस्थ रखती है, स्मरण शक्ति बढ़ाती है। ये विचार पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री और दमोह जिले के प्रभारी श्री गोपाल भार्गव ने जिले के पथरिया जनपद के ग्राम झागर में आयोजित सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में व्यक्त किये। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री आर.ए. खण्डेलवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अखिलेश श्रीवास्तव, अधिकारियों और ग्राम स्थित शालाओं के छात्र-छात्राओं ने प्रात: 9 बजे से एक साथ, एक समय, एक ही संकेत पर तीन बार सूर्य नमस्कार तथा प्राणायाम किया। प्रारंभ में प्रभारी मंत्री ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित किया। स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा वंदे मातरम गीत प्रस्तुत किया गया। प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों से रूबरू चर्चा कर उनकी समस्याओं की जानकारी तथा उनके निराकरण के लिये उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया।

आकाशवाणी भोपाल से रेडियो पर संकेत मिलते ही सूर्य नमस्कार प्रारंभ हुआ, स्वास्थ्य कारणों से प्रभारी मंत्री ने सूर्य नमस्कार और प्राणायाम स्वयं नहीं किया किन्तु पूरे समय कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

इंदौर

इंदौर जिले के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के स्कूलों में आज करीब एक लाख से अधिक बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ सूर्य नमस्कार किया । सूर्य नमस्कार का यह कार्यक्रम जिले की सभी शालाओं में प्रात: 9 बजे से जन प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में एक साथ प्रारंभ हुआ ।

इंदौर की महापौर डॉ.उमा शशि शर्मा स्वामी विवेकानंद हायर सेकेण्डरी स्कूल पहुंचकर सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में शामिल हुईं ।

जिले की अन्य सभी शालाओं में भी जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में सूर्य नमस्कार किया गया। राऊ के र्गल्स हायर सेकेन्ड्री स्कूल में विधायक श्री जीतू जिराती और नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज सुले, इंदौर के नेहरू नगर हायर सेकेण्डरी स्कूल में विधायक श्री रमेश मेन्दोला, मालवा कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल में विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ और गोविन्द मालू की उपस्थिति में सूर्य नमस्कार सम्पन्न हुआ।

इसी प्रकार गांधी नगर हायर सेकेण्डरी स्कूल में विधायक श्री सत्यनारायण पटेल और सरपंच श्री भगवान सिंह, उत्कृष्ट विद्यालय सांवेर में विधायक श्री तुलसी सिलावट, बाल विनय मंदिर उत्कृष्ट विद्यालय में श्री कृष्ण कुमार अष्ठाना और संयुक्त संचालक शिक्षा श्री एस.बी.सिंह, अहिल्या आश्रम क्रमांक 2 में जनपद अध्यक्ष सांवेर श्री विष्णु प्रसाद शुक्ला और श्री रवि अतरोलिया तथा पागनीस पागा हाईस्कूल में नगर निगम के सभापति श्री शंकर लालवानी की उपस्थिति में सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

धार

धार जिले के लगभग एक लाख 50 हजार छात्र-छात्राओं ने योगासन की 12 मुद्राओं में तीन चक्रों में सूर्य नमस्कार किया। जिला मुख्यालय के किला मैदान पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वाणिज्य एवं उद्योग तथा जिलेके प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ नगर के सभी शासकीय, अशासकीय विद्यालयों के लगभग 5 हजार बच्चों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सावित्री ठाकुर, पूर्व विधायक श्री जसवन्तसिंह राठौर, कलेक्टर श्री राजकुमार पाठक, नगर पालिका अध्यक्ष श्री सीताराम शर्मा, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि मानव जीवन में योगासन का विशेष महत्व है तथा सूर्य नमस्कार से शरीर के सभी अंगों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिये इसका और अधिक महत्व है, यदि विद्यार्थी नियमित रूप से योगा करें, तो उसका तन और मन स्वस्थ रहेगा तथा भविष्य के लिये लाभदायक होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सूर्य नमस्कार भी नियमित करना चाहिये। इसलिये विद्यार्थी नियमित रूप से इस क्रिया को करते रहें।

प्रभारी मंत्री श्री विजयवर्गीय द्वारा इस अवसर पर वन अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत धार जिले के आदिवासी विकासखण्डों के 1021 पात्र हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र भी वितरित किये गये।

कम वर्षा होने के कारण धार नगर एवं सम्पूर्ण जिले में आने वाली पेयजल समस्या से निपटने के लिये सम्पूर्ण जिले का मास्टर प्लान तैयार होगा तथा ऐसे ग्रामों को चिन्हित किया जाये, जहां कि आगामी मार्च-अप्रैल, मई माह में पेयजल परिवहन द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा, को चिन्हांकित कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश श्री कैलाश विजयवर्गीय ने जिला योजना समिति की आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिये। उन्होंने जिलेमें जनभागीदारी से किये जाने वाले कार्यों का अभियान चलाने का अनुरोध किया।